जय माता दी! अगर आप इन दिनों टीवी पर न्यूज़ देख रहे हैं, तो माता वैष्णो देवी की यात्रा को लेकर आपका दिमाग भी चकरा गया होगा। कोई न्यूज़ चैनल बड़े-बड़े अक्षरों में दिखा रहा है कि “वैष्णो देवी यात्रा बंद”, तो कोई दूसरा चैनल सुबह-सुबह फ्लैश कर रहा है कि “यात्रा फिर से शुरू हो गई है।”
ऐसे में वो लाखों श्रद्धालु जो कटरा पहुंचने वाले हैं या अपना टिकट बुक कर चुके हैं, वे भारी कन्फ्यूजन में हैं कि आखिर सच क्या है? आज Apni Vani आपके लिए कटरा से सीधे एकदम सटीक और असली ग्राउंड रिपोर्ट लेकर आया है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि पहाड़ों पर इस वक्त चल क्या रहा है।
टीवी चैनलों के दावों का असली सच क्या है?
सबसे पहले इस भ्रम को दूर कर लीजिए कि यात्रा पूरी तरह से ठप हो गई है। ऐसा बिल्कुल नहीं है। दरअसल, यह सारा कन्फ्यूजन न्यूज़ चैनलों के खबर दिखाने के तरीके से पैदा हुआ है।
लगातार भारी बारिश के कारण, प्रशासन ने कटरा से होने वाले ‘नए रजिस्ट्रेशन’ पर रोक लगा दी है। जब रेडियो पर यह खबर आई कि नए आरएफआईडी (RFID) कार्ड नहीं बन रहे हैं, तो उन्होंने इसे “यात्रा स्थगित” का नाम दे दिया। वहीं दूसरी तरफ, जो ‘फिर से शुरू’ होने की खबर दिखाई, वह उन यात्रियों के लिए थी जो पहले से ही पहाड़ों पर मौजूद हैं। यानी दोनों अपनी जगह सही हैं, बस बात को बताने का तरीका अलग है।
कटरा बेस कैंप का ताज़ा हाल: नए यात्रियों के लिए अलर्ट
अगर आप अभी ट्रेन या बस से कटरा पहुँचने वाले हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बहुत ज़रूरी है। त्रिकुटा पहाड़ियों और कटरा में बारिश का दौर अभी भी जारी है।
इसी खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने नए रजिस्ट्रेशन काउंटरों पर फिलहाल ‘अस्थायी होल्ड’ लगा दिया है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि नीचे कटरा में भीड़ बेकाबू न हो जाए और किसी तरह की भगदड़ या परेशानी न फैले। जब तक मौसम पूरी तरह साफ नहीं हो जाता और ऊपर से हरी झंडी नहीं मिलती, तब तक नए यात्रियों को पर्ची या कार्ड जारी नहीं किए जाएंगे।
जो भक्त रास्ते में हैं, उनके दर्शन का क्या हो रहा है?
अब बात करते हैं उन भाग्यशाली भक्तों की जो बारिश शुरू होने से पहले ही ऊपर ट्रैक पर निकल चुके थे। ग्राउंड रियलिटी यह है कि जो श्रद्धालु पहले से ही अर्धकुंवारी या मुख्य भवन के आसपास रुके हुए हैं, उनके दर्शन नहीं रोके गए हैं।
जैसे ही मौसम थोड़ा सा भी ठीक होता है, प्रशासन उन यात्रियों को पूरे सुरक्षा घेरे में दर्शन के लिए आगे बढ़ने दे रहा है। जिन लोगों के पास पहले से वैध कार्ड है, वे अपनी यात्रा कर रहे हैं। बस फर्क इतना है कि उन्हें एक साथ भीड़ में नहीं, बल्कि टुकड़ों में और सुरक्षित रास्तों से भेजा जा रहा है।

सांझीछत और हिमकोटी मार्ग पर भूस्खलन का खतरा
पहाड़ों पर जब मूसलाधार बारिश होती है, तो सबसे बड़ा डर पत्थरों के खिसकने का होता है। फिलहाल श्राइन बोर्ड (SMVDSB) की पैनी नज़र सांझीछत और हिमकोटी वाले रास्तों पर है।
इन इलाकों में फिसलन और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। इसलिए, यात्रियों की जान की हिफाजत के लिए केवल उन्हीं चुनिंदा रास्तों को खोला गया है जो पूरी तरह से पक्के और सुरक्षित हैं। सुरक्षा बल पल-पल ट्रैक की निगरानी कर रहे हैं।
Apnivani की बात
संक्षेप में कहें तो दर्शन चल रहे हैं, लेकिन मौसम की मार की वजह से कटरा से नई एंट्री को कुछ समय के लिए रोक दिया गया है। Apni Vani की आपको यही सलाह है कि अफवाहों या आधी-अधूरी टीवी हेडलाइंस पर ध्यान न दें। अपना बैग पैक करने से पहले हमेशा श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट चेक करें या वहां के मौसम का लाइव अपडेट ज़रूर लें।
क्या आप भी बारिश के मौसम में कभी वैष्णो देवी गए हैं? अपना अनुभव नीचे कमेंट्स में हमारे साथ ज़रूर शेयर करें!

