J.C BOSE की जयंती (30 नवंबर) पर भारत ने याद किया असली रेडियो आविष्कारक :- “The Pioneer of Wireless Science!”

J.C BOSE

आज, 30 नवंबर 2025, भारत के महान वैज्ञानिक J.C BOSE की जयंती मना रहा है। वे वैज्ञानिक, अविष्कारक और पॉलीमैथ जिन्हें आधुनिक वायरलेस टेक्नोलॉजी का असली Pioneer माना जाता है। J.C BOSE 30 नवंबर 1858, मुंशीगंज (तत्कालीन बंगाल प्रेसीडेंसी, वर्तमान बांग्लादेश) में जन्मे बोस बचपन से ही जिज्ञासा, प्रयोग और विज्ञान की ओर आकर्षित थे। J.C BOSE उन्होंने कलकत्ता, कैंब्रिज और लंदन में उच्च अध्ययन कर विज्ञान की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई।

Wireless Communication में क्रांति: Radio Scientist का असली जन्मदाता

19वीं सदी के अंत में Bose ने विद्युत चुम्बकीय तरंगों पर अद्भुत प्रयोग किए, जिनसे यह सिद्ध हुआ कि तार के बिना भी तरंगों के जरिये सिग्नल भेजे जा सकते हैं। उन्होंने wireless telegraphy की नींव रखी—वह भी उस समय, जब दुनिया “रेडियो” शब्द से भी परिचित नहीं थी। अपने शोध को पेटेंट करने की बजाय बोस ने मानवता के लिए मुक्त रखा—यही उन्हें एक वैज्ञानिक से ऊपर उठकर एक “दूरदर्शी दाता” बनाता है।

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विज्ञान की सीमाओं से परे—Plant Physiology में चौंकाने वाली खोजें

Bose सिर्फ भौतिक विज्ञानी नहीं थे; उन्होंने जीव विज्ञान में भी ऐसी खोजें कीं जिन्होंने दुनिया को चकित कर दिया। उनका आविष्कार Crescograph—एक ऐसा यंत्र जो पौधों की सूक्ष्मतम वृद्धि और संवेदनाओं को माप सकता था, ने साबित किया कि पौधे भी stimuli पर प्रतिक्रिया देते हैं। इसने विज्ञान में एक नया अध्याय खोला, जहां भौतिकी + जीव विज्ञान की अद्भुत संगति दिखाई दी।

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वैश्विक सम्मान: भारत के पहले Royal Society Fellow

J.C. Bose पहले भारतीय वैज्ञानिक बने जिन्हें Royal Society London की फेलोशिप मिली जो किसी वैज्ञानिक का विश्व-स्तरीय सम्मान होता है। उन्होंने अपने अधिकतर प्रयोग स्वदेशी उपकरणों से किए, और शोध को पेटेंट की सीमाओं में बांधने से हमेशा इंकार किया।उनकी लैब, उपकरण और पांडुलिपियां आज भी कोलकाता और बेंगलुरु के संग्रहालयों में संरक्षित हैं।

राष्ट्र की श्रद्धांजलि: विज्ञान दिवस जैसा उत्सव

जयंती पर आज देशभर में सेमिनार, विज्ञान प्रदर्शनी, शोध-कार्यशालाएँ, और शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सोशल मीडिया और संस्थान आज Bose की विरासत, विज्ञान के प्रति उनकी निष्ठा और आधुनिक वायरलेस टेक्नोलॉजी की नींव रखने वाले योगदान को सम्मान दे रहे हैं।

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बोस की विरासत: जिज्ञासा, नवाचार और राष्ट्र-निर्माण की प्रेरणा J.C. Bose सिर्फ एक वैज्ञानिक नहीं, बल्कि भारत की वैज्ञानिक चेतना के जनक थे।

उनकी सोच थी की विज्ञान समाज से जुड़कर ही महान बनता है। आज भी हर युवा वैज्ञानिक, शोधकर्ता और विद्यार्थी को प्रेरित करती है। भारत उनकी जयंती पर सिर्फ उन्हें याद नहीं कर रहा बल्कि Scientific Excellence की राह पर आगे बढ़ने का संकल्प भी दोहरा रहा है।

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