उज्जैन(Ujjain) के तराना में भारी हिंसा: मामूली विवाद ने लिया साम्प्रदायिक रूप, बसें फूंकीं और घरों पर पथराव

उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले का तराना कस्बा पिछले दो दिनों से साम्प्रदायिक हिंसा की आग में झुलस रहा है। गुरुवार शाम को शुरू हुआ एक मामूली विवाद शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद बड़े उपद्रव में बदल गया। भीड़ ने न केवल यात्री बसों को आग के हवाले कर दिया, बल्कि रिहायशी इलाकों में जमकर पत्थरबाजी भी की। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है और इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं।

विवाद की शुरुआत: एक मामूली कहासुनी और हमला

हिंसा की शुरुआत गुरुवार शाम करीब 7:30 बजे हुई। बताया जा रहा है कि तराना के बड़े राम मंदिर के पास स्थित सुखला गली में विश्व हिंदू परिषद (VHP) के नगर मंत्री सोहेल ठाकुर और उनके साथी रजत ठाकुर खड़े थे। इसी दौरान ईशान मिर्जा नामक युवक अपने कुछ साथियों के साथ वहां पहुंचा। किसी बात को लेकर दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। आरोप है कि पीछे से आए कुछ युवकों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से सोहेल और रजत पर हमला कर दिया। इस हमले में दोनों के सिर पर गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए उज्जैन रेफर किया गया।

Police action in Ujjain

गुरुवार रात का तांडव: 11 बसों में तोड़फोड़ और आगजनी

जैसे ही हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं पर हमले की खबर कस्बे में फैली, गुस्साए लोग सड़कों पर उतर आए। आक्रोशित भीड़ ने बस स्टैंड का रुख किया और वहां खड़ी लगभग 11 यात्री बसों पर पथराव कर दिया। उपद्रवियों ने बसों के कांच फोड़ दिए और कुछ वाहनों में आग लगा दी। घटना के बाद हिंदू संगठनों ने तराना थाने का घेराव किया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर नारेबाजी की। हालांकि पुलिस ने उस वक्त मामला शांत कराने की कोशिश की, लेकिन तनाव कम नहीं हुआ।

जुमे की नमाज के बाद फिर भड़की हिंसा

शुक्रवार को स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब जुमे की नमाज के बाद नयापुरा इलाके में एक बार फिर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। नमाज खत्म होते ही भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान घरों की छतों से पत्थर फेंके गए और गलियों में तलवारें लहराते युवक देखे गए। उपद्रवियों ने एक और बस को आग लगा दी और पूर्व पार्षद आजाद खान की स्क्रैप की दुकान में भी आगजनी की गई। बाजार में दहशत का माहौल बन गया और व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं।

Ujjain religion dispute

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

बिगड़ते हालात को देखते हुए उज्जैन कलेक्टर और एसपी स्वयं मौके पर पहुंचे। कस्बे में बीएनएस की धारा 163 (पुरानी धारा 144) लागू कर दी गई है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 300 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है। पुलिस ने अब तक मुख्य हमलावरों में से 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक मुख्य आरोपी अभी भी फरार है। सोशल मीडिया पर अफवाहों को रोकने के लिए क्षेत्र में इंटरनेट सेवा अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है।

आम जनजीवन अस्त-व्यस्त

इस हिंसा के कारण तराना कस्बे में दहशत का सन्नाटा पसरा हुआ है। स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं और बसें जलने के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक छोटी सी आपसी रंजिश को कुछ शरारती तत्वों ने साम्प्रदायिक रंग दे दिया, जिससे पूरे कस्बे की शांति भंग हो गई।

फिलहाल, पुलिस ड्रोन कैमरों की मदद से उपद्रवियों की पहचान कर रही है। प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति शांति व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस रात भर गश्त कर रही है और पूरे कस्बे पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

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