उत्तर प्रदेश की राजनीति और समाजवादी पार्टी (SP) के संस्थापक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के परिवार से एक बेहद दुखद और रुला देने वाली खबर सामने आई है। मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सौतेले भाई, प्रतीक यादव ने इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया है।
महज 38 साल की उम्र में प्रतीक के यूं अचानक चले जाने से न सिर्फ यादव परिवार बल्कि पूरा प्रदेश गहरे सदमे में है। पत्नी और भाजपा नेत्री अपर्णा यादव के लिए यह ऐसा दुख है जिसे शब्दों में पिरोया नहीं जा सकता। आइए इस मुश्किल घड़ी में प्रतीक यादव को श्रद्धांजलि देते हुए उनके जीवन, उनके संघर्ष और उनकी उस खूबसूरत लव स्टोरी को याद करते हैं, जिसकी आज हर तरफ चर्चा हो रही है।
मेदांता से सिविल अस्पताल तक का सफर: बीमारी से हारी जंग
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, प्रतीक यादव पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे थे। उनकी बिगड़ती तबीयत को देखते हुए कुछ दिनों पहले ही उन्हें लखनऊ के ‘मेदांता अस्पताल’ (Medanta Hospital) में भर्ती कराया गया था।
बताया जा रहा है कि वहां से छुट्टी मिलने के बाद भी उनकी सेहत में पूरी तरह सुधार नहीं हुआ था। बुधवार तड़के अचानक उनकी हालत फिर से बेहद गंभीर हो गई, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में लखनऊ के सिविल अस्पताल ले जाया गया। वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती तौर पर उनकी मृत्यु का कारण हार्ट अटैक या ब्रेन हेमरेज बताया जा रहा है।
2001 की वो पहली मुलाकात: हाईस्कूल में शुरू हुई थी अपर्णा संग लव स्टोरी
प्रतीक यादव के निधन के बाद उनकी और अपर्णा यादव की लव लाइफ की खूब चर्चा हो रही है। यह कोई साधारण रिश्ता नहीं था, बल्कि स्कूल के दिनों का वो मासूम प्यार था जिसने एक खूबसूरत शादी का रूप लिया था।
- म्यूचुअल फ्रेंड बना था जरिया: अपर्णा और प्रतीक की पहली मुलाकात साल 2001 में एक म्यूचुअल फ्रेंड के जरिए हुई थी। उस वक्त दोनों हाईस्कूल (10वीं कक्षा) के छात्र थे।
- दोस्ती से प्यार तक का सफर: यह वो दौर था जब दोनों किशोर अवस्था में थे। स्कूल की वो सामान्य सी दोस्ती धीरे-धीरे गहरे प्यार में बदल गई। दोनों के पारिवारिक बैकग्राउंड काफी अलग थे, लेकिन उन्होंने कभी इस बात को अपने रिश्ते के आड़े नहीं आने दिया।
- 8 साल डेटिंग और फिर शादी: दोनों ने करीब 8 से 9 साल तक एक-दूसरे को डेट किया। साल 2011 में उनकी सगाई हुई और फिर 2012 में सैफई में बड़ी धूमधाम से उनकी शादी संपन्न हुई। अपर्णा ने हमेशा प्रतीक को अपना सबसे बड़ा मार्गदर्शक और सपोर्ट सिस्टम माना था।
सियासत की चकाचौंध से दूर, बनाई अपनी अलग पहचान
मुलायम सिंह यादव जैसे दिग्गज नेता का बेटा होने के बावजूद, प्रतीक ने कभी भी राजनीति को अपना करियर नहीं चुना। उनके बड़े भाई अखिलेश यादव और पूरा कुनबा जहां सियासत में रसूख रखता था, वहीं प्रतीक ने एक अलग रास्ता चुना।
उन्होंने ब्रिटेन की प्रतिष्ठित ‘यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स’ (University of Leeds) से अपनी पढ़ाई पूरी की और एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की। स्वदेश लौटने के बाद उन्होंने राजनीति की जगह बिजनेस की दुनिया में कदम रखा।
रियल एस्टेट और फिटनेस वर्ल्ड के ‘किंग’
प्रतीक यादव को फिटनेस का जबरदस्त शौक था। उन्होंने अपने इसी शौक को अपना प्रोफेशन बनाया। लखनऊ में उन्होंने ‘द फिटनेस प्लानेट’ और ‘Iron Core Fit’ जैसे कई प्रीमियम और लग्जरी जिम की चेन शुरू की।
उनकी फिटनेस का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि साल 2012 में उन्हें इंटरनेशनल लेवल पर ‘ट्रांसफॉर्मेशन ऑफ द मंथ’ का खिताब भी मिला था। इसके अलावा, उन्होंने रियल एस्टेट और प्रॉपर्टी निवेश के क्षेत्र में भी एक बड़ा मुकाम हासिल किया था।

एक सपोर्टिव पति और शांत स्वभाव वाले इंसान
भले ही परिवार समाजवादी पार्टी का झंडाबरदार रहा हो, लेकिन जब उनकी पत्नी अपर्णा यादव ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने का फैसला किया, तो प्रतीक एक मजबूत ढाल बनकर उनके साथ खड़े रहे। उन्होंने हमेशा अपनी पत्नी के राजनीतिक और सामाजिक फैसलों का सम्मान किया। दोस्तों और करीबियों के बीच प्रतीक अपने शांत, सौम्य और बेहद मिलनसार स्वभाव के लिए जाने जाते थे।
विनम्र श्रद्धांजलि
प्रतीक यादव का यूं चले जाना इस बात का एहसास कराता है कि जिंदगी कितनी अनिश्चित और छोटी है। माता साधना गुप्ता और पिता मुलायम सिंह यादव के निधन के कुछ ही समय बाद, प्रतीक का जाना इस परिवार के लिए एक ऐसा घाव है जो शायद ही कभी भर पाए।
आज पूरा प्रदेश इस दुख की घड़ी में यादव परिवार के साथ खड़ा है। ईश्वर से यही प्रार्थना है कि वह दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और पत्नी अपर्णा यादव, उनकी बेटी प्रथमा और पूरे शोक संतप्त परिवार को यह असहनीय दुख सहने की शक्ति प्रदान करें। अलविदा प्रतीक यादव, विनम्र श्रद्धांजलि! ओम शांति!
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