2025 की दिवाली क्यों है खास : जानें शुभ मुहूर्त, तिथि का महत्व और इस बार के खास योग

दिवाली

रोशनी का महापर्व, दीपावली, 2025 में एक विशेष तिथि पर पड़ रहा है, जिसने इसे ज्योतिषीय और धार्मिक दोनों दृष्टियों से खास बना दिया है। इस साल दिवाली 20 अक्टूबर, सोमवार को मनाई जाएगी। पंचांग की गणना के अनुसार, इस दिन बन रहे शुभ योग और पूजन के लिए प्रदोष काल व्यापिनी अमावस्या का होना इसे अत्यंत पुण्यकारी बना रहा है।

तिथि को लेकर संशय दूर: 20 अक्टूबर को ही लक्ष्मी पूजा

हर साल की तरह 2025 में भी कार्तिक अमावस्या की तिथि को लेकर थोड़ा संशय था, क्योंकि अमावस्या तिथि दो दिन स्पर्श कर रही है।

  •  अमावस्या तिथि का आरंभ: 20 अक्टूबर 2025, दोपहर लगभग 03:44 बजे।
  •  अमावस्या तिथि का समापन: 21 अक्टूबर 2025, शाम लगभग 05:54 बजे।

चूंकि लक्ष्मी पूजन सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में किया जाता है और 20 अक्टूबर को अमावस्या तिथि प्रदोष काल में व्याप्त रहेगी, इसलिए ज्योतिषविदों ने सर्वसम्मति से 20 अक्टूबर (सोमवार) को ही दिवाली मनाना और लक्ष्मी-गणेश का पूजन करना शास्त्र सम्मत माना है। 21 अक्टूबर को अमावस्या का स्नान और दान किया जाएगा।

दिवाली

लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त

इस बार की दिवाली स्थिर लग्न और शुभ चौघड़िया के साथ आ रही है, जो धन-धान्य और समृद्धि के लिए अत्यंत फलदायी है।

  •  लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त: 20 अक्टूबर, शाम 07:08 बजे से रात 08:18 बजे तक। (अवधि: लगभग 1 घंटा 10 मिनट)
  •  प्रदोष काल: शाम 05:46 बजे से रात 08:18 बजे तक।
  •  वृष लग्न (स्थिर लग्न): कई पंचांगों के अनुसार लक्ष्मी पूजा का यह समय वृष स्थिर लग्न के साथ भी ओवरलैप करेगा, जो माँ लक्ष्मी की आराधना के लिए सर्वोत्तम माना जाता है।

पांच दिवसीय दीपोत्सव का कैलेंडर

इस साल 2025 का दीपोत्सव (Diwali) पूरे 5 दिनों तक चलेगा :

  •   धनतेरस (धन त्रयोदशी): 18 अक्टूबर (शनिवार)
  •   नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली/काली चौदस): 20 अक्टूबर (सोमवार) – इस दिन सुबह नरक चतुर्दशी और शाम को लक्ष्मी पूजा होगी।
  •   दीपावली (लक्ष्मी पूजा): 20 अक्टूबर (सोमवार)
  •   गोवर्धन पूजा / अन्नकूट: 22 अक्टूबर (बुधवार)
  •   भाई दूज (यमा द्वितीया): 23 अक्टूबर (गुरुवार)

2025 की यह दिवाली तिथि और शुभ मुहूर्त के सही तालमेल के कारण विशेष है, जब भक्तगण मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा कर जीवन में सुख, समृद्धि और प्रकाश का आह्वान करेंगे।

Read more

अयोध्या दीपोत्सव 2025 : 29 लाख दीयों से जगमगाएगी रामनगरी, सीएम योगी करेंगे प्रभु श्रीराम का राजतिलक

अयोध्या

मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की नगरी अयोध्या एक बार फिर रोशनी, भक्ति और आस्था के संगम में डूबी हुई है। दीपोत्सव 2025 का आगाज़ हो चुका है और पूरी अयोध्या राममय हो उठी है। इस बार का दीपोत्सव अब तक का सबसे भव्य आयोजन बताया जा रहा है — सरयू नदी के किनारे 29 लाख से अधिक दीये जलाकर एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है।

सीएम योगी करेंगे प्रभु श्रीराम का राजतिलक

इस दीपोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण होगा रामकथा पार्क में प्रभु श्रीराम का राजतिलक समारोह। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान के स्वरूपों की अगवानी करेंगे — जो पुष्पक विमान रूपी हेलीकॉप्टर से पधारेंगे।

सीएम योगी विधि-विधान से प्रभु श्रीराम का राज्याभिषेक करेंगे। इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उप मुख्यमंत्री, और राज्य सरकार के कई मंत्री भी मौजूद रहेंगे। रामकथा पार्क को राजमहल की तरह सजाया गया है और पूरा क्षेत्र “जय श्रीराम” के नारों से गूंज उठा है।

लाखों दीपों से जगमगाएगी राम की पैड़ी

सरयू तट पर 56 घाटों पर इस बार 26 से 29 लाख दीये जलाए जाएंगे। इसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने की तैयारी है।

दीयों को सजाने, उनमें तेल और बाती डालने का काम अवध विश्वविद्यालय के 30,000 से अधिक स्वयंसेवकों द्वारा किया जा रहा है। पूरा शहर सुनहरी रोशनी में नहाया हुआ है — हर गली, मंदिर, और घाट पर दीपों की कतारें भक्ति का अद्भुत दृश्य बना रही हैं।

अयोध्या

संस्कृति और श्रद्धा का संगम

दीपोत्सव की शुरुआत भव्य शोभायात्रा से हुई, जिसमें देशभर की संस्कृतियों को दर्शाती 22 झांकियां निकाली गईं। इसके अलावा रामलीला मंडलियों ने देश और विदेश से आकर रामायण के प्रसंगों को मंचित किया। शाम को सरयू तट पर 2100 वेदाचार्य एक साथ महाआरती करेंगे, जिसके बाद लेज़र शो, ड्रोन शो और आतिशबाज़ी से पूरा आसमान रोशनी से भर जाएगा।

हर साल और भव्य होता जा रहा दीपोत्सव

2017 में जब सीएम योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव की शुरुआत की थी, तब सिर्फ 1.71 लाख दीपक जलाए गए थे। आज, नौवें दीपोत्सव में यह संख्या करीब 29 लाख तक पहुंच गई है — यानी 15 गुना से ज्यादा वृद्धि। यह आयोजन न केवल आस्था का प्रतीक बन चुका है, बल्कि अयोध्या को विश्व पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान भी दे रहा है।

अयोध्या में श्रद्धालुओं की बाढ़

दीपोत्सव को देखने के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे हैं। इस साल अब तक 23 करोड़ से अधिक श्रद्धालु श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं — जो एक नया रिकॉर्ड है। शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, 5,000 से अधिक पुलिसकर्मी और 200 ड्रोन निगरानी में तैनात हैं।

सीएम योगी का संदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को दीपोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा — “अयोध्या की यह दिव्यता और भव्यता पूरे विश्व में रामराज्य की भावना को जगाएगी। यह आयोजन सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक चेतना का उत्सव है।”

अयोध्या का दीपोत्सव अब सिर्फ एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं रहा — यह भारत की संस्कृति, एकता और आस्था का जीवंत प्रतीक बन चुका है। जब सरयू किनारे लाखों दीप एक साथ जलेंगे, तो पूरी दुनिया फिर से गूंज उठेगी — “दीप जलें हजारों, फिर भी कम लगें राम तुम्हारे नाम के आगे।”

क्या चाहो तो मैं इस खबर के लिए एक पोस्टर (9:16 फॉर्मेट) भी बना दूँ — जिसमें “अयोध्या दीपोत्सव 2025” का खूबसूरत विजुअल हो?

Read more

Indian ऑटो सेक्टर का जलवा : दूसरी तिमाही में वाहन निर्यात ने बनाया नया रिकॉर्ड, ‘मेड इन इंडिया’ वाहनों की बढ़ी विश्वभर में मांग

ऑटो

भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग ने इतिहास रच दिया है। वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में भारत से यात्री वाहनों और दोपहिया वाहनों का निर्यात अब तक के सबसे ऊँचे स्तर पर पहुँच गया है। SIAM (सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, इस तिमाही में भारत के कुल वाहन निर्यात में 26% की जबरदस्त बढ़त दर्ज की गई है। कुल 16.85 लाख यूनिट्स वाहनों का निर्यात हुआ, जो पिछले साल की तुलना में एक नया रिकॉर्ड है।

यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि भारत अब केवल एक बड़ा उपभोक्ता बाजार नहीं रहा, बल्कि वह वैश्विक वाहन निर्माण और निर्यात केंद्र (export hub) के रूप में उभर रहा है।

हर सेगमेंट में दिखी शानदार वृद्धि

निर्यात में आई तेजी किसी एक श्रेणी तक सीमित नहीं रही, बल्कि सभी वाहन सेगमेंट्स ने शानदार प्रदर्शन किया है।

  • यात्री वाहन (Passenger Vehicles): इस श्रेणी ने अपनी अब तक की सबसे मजबूत दूसरी तिमाही दर्ज की। यात्री वाहन निर्यात 23% बढ़कर 2,41,554 यूनिट्स तक पहुँच गया। इसमें कारों के निर्यात में 20.5% और यूटिलिटी व्हीकल्स (SUVs) में 26% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस सेगमेंट में Maruti Suzuki, Hyundai Motor India, और Tata Motors जैसी कंपनियाँ अग्रणी रहीं।
  • दोपहिया वाहन (Two-Wheelers): दोपहिया वाहन निर्यात ने भी नया रिकॉर्ड बनाया। इस श्रेणी में 25% की वृद्धि के साथ कुल 12,95,468 यूनिट्स विदेश भेजे गए। मोटरसाइकिलों का निर्यात 27% बढ़ा, जबकि स्कूटर सेगमेंट में 12% की वृद्धि रही।
  • तीनपहिया वाहन (Three-Wheelers): इस श्रेणी में निर्यात में सबसे ज्यादा 51% की छलांग लगी — यह पिछले छह वर्षों में सबसे ऊँचा स्तर है। कुल 1,23,480 यूनिट्स निर्यात किए गए।
  • वाणिज्यिक वाहन (Commercial Vehicles): ट्रक और अन्य व्यावसायिक वाहनों के निर्यात में भी 22% की बढ़त रही, जो 24,011 यूनिट्स तक पहुँचा।

कुल मिलाकर, अप्रैल से सितंबर 2025 के बीच भारत ने 30.99 लाख वाहन विदेशों में भेजे — जो पिछले साल की तुलना में 24.4% अधिक है।

ऑटो

क्यों बढ़ रही है ‘मेड इन इंडिया’ वाहनों की मांग

भारत के निर्यात में यह उछाल कई कारणों से संभव हुआ है —

  • भारतीय कंपनियों की किफायती निर्माण क्षमता और उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादन मानक ने विश्व बाजार में भरोसा जीता है।
  • विदेशी ऑटोमोबाइल कंपनियाँ भारत में बड़े पैमाने पर निवेश कर रही हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता बढ़ी है।
  • केंद्र सरकार की ‘Make in India’ नीति और निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं ने भी उद्योग को बड़ी मदद दी है।
  • भारतीय वाहन अब अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, मध्य पूर्व और दक्षिण-पूर्व एशिया जैसे बाजारों में तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।

आर्थिक और रोजगार पर सकारात्मक असर

ऑटो निर्यात में इस अभूतपूर्व वृद्धि से भारत की अर्थव्यवस्था को बड़ा बल मिलेगा।

  • यह रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा।
  • स्थानीय निर्माण इकाइयों और सप्लाई चेन नेटवर्क को मजबूती मिलेगी।
  • और सबसे अहम, यह भारत को वैश्विक ऑटो हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

ऑटो

SIAM के अध्यक्ष शैलेश चंद्रा ने कहा —“सभी सेगमेंट में आई वृद्धि दिखाती है कि भारतीय वाहनों की ब्रांड वैल्यू और गुणवत्ता को अब विश्व स्तर पर पहचान मिल रही है।”

भारत का ऑटो उद्योग अब सिर्फ घरेलू बाजार पर निर्भर नहीं है। “Made in India” वाहनों की वैश्विक मांग बढ़ने से भारत विश्व के शीर्ष वाहन निर्यातकों की सूची में शामिल होने की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है। यह न केवल देश की औद्योगिक क्षमता को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि भारत आने वाले वर्षों में वैश्विक ऑटोमोबाइल शक्ति (Global Automotive Power) बनने की राह पर है।

Read more

बारिश से प्रभावित मैच में दक्षिण अफ्रीका ने श्रीलंका को 10 विकेट से हराया, सेमीफाइनल की राह हुई पक्की

दक्षिण अफ्रीका

आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 में सह-मेजबान श्रीलंका का हार का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए बारिश से बाधित मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने श्रीलंका को 10 विकेट से हराकर सेमीफाइनल की अपनी राह लगभग पक्की कर ली है।

बारिश के कारण यह मुकाबला डकवर्थ-लुईस (DLS) प्रणाली के तहत खेला गया। पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका की टीम मात्र 102 रन पर ऑल आउट हो गई। जवाब में दक्षिण अफ्रीका ने लक्ष्य को बिना कोई विकेट खोए आसानी से हासिल कर लिया और टूर्नामेंट में अपनी चौथी जीत दर्ज की।

मैच की प्रमुख बातें:

  • मैच बारिश से प्रभावित रहा और DLS नियम लागू किया गया।

  • श्रीलंका की पूरी टीम 102 रन पर सिमट गई।

  • दक्षिण अफ्रीका ने बिना कोई विकेट खोए लक्ष्य हासिल कर लिया।

  • जीत के साथ दक्षिण अफ्रीका 8 अंकों के साथ अंक तालिका में दूसरे स्थान पर पहुँच गई।

  • इस हार से श्रीलंका की सेमीफाइनल की उम्मीदें समाप्त हो गईं।

दक्षिण अफ्रीका की मजबूत स्थिति

यह दक्षिण अफ्रीका का टूर्नामेंट का पांचवां मुकाबला था, जिसमें टीम ने चार जीत हासिल कर ली हैं। इस प्रदर्शन के साथ दक्षिण अफ्रीका का सेमीफाइनल में पहुंचना लगभग तय माना जा रहा है।

दक्षिण अफ्रीका

श्रीलंका की निराशाजनक प्रदर्शन

सह-मेजबान होने के बावजूद श्रीलंका टीम लगातार कमजोर प्रदर्शन कर रही है। इस हार के बाद टीम पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ उन देशों की सूची में शामिल हो गई है, जिनकी सेमीफाइनल की दौड़ समाप्त हो चुकी है।

पिछली भिड़ंत

गौरतलब है कि इससे पहले, 2 मई 2025 को खेले गए ट्राई सीरीज़ के मैच में श्रीलंका ने दक्षिण अफ्रीका को 5 विकेट से हराया था। उस मैच में हर्षिता ने शानदार 77 रनों की पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई थी। लेकिन विश्व कप के इस अहम मुकाबले में श्रीलंका उसी लय को दोहरा नहीं सका।

निष्कर्ष

बारिश से प्रभावित इस मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने अपने हरफनमौला प्रदर्शन से यह साबित कर दिया कि वह इस विश्व कप की सबसे संतुलित टीमों में से एक है। वहीं श्रीलंका के लिए यह हार टूर्नामेंट से बाहर होने का संकेत बन गई।

Read more

बेंगलुरु कॉलेज में सनसनीखेज वारदात : जूनियर छात्र ने सीनियर के साथ वॉशरूम में किया बलात्कार, पुलिस ने की गिरफ्तारी

बेंगलुरु

बेंगलुरु के एक प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेज में घटी एक भयावह घटना ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया है। यहां 21 वर्षीय छात्र जीवन गौड़ा को अपनी सीनियर छात्रा के साथ कॉलेज के पुरुष वॉशरूम में बलात्कार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह घटना 10 अक्टूबर 2025 को कॉलेज कैंपस में हुई थी, जबकि शिकायत 15 अक्टूबर को दर्ज की गई।

घटना कैसे हुई – पूरा घटनाक्रम

पुलिस और पीड़िता के बयान के अनुसार, आरोपी और पीड़िता एक-दूसरे को पहले से जानते थे। दोनों एक ही बैच के छात्र थे, लेकिन आरोपी कुछ विषयों में बैकलॉग आने के कारण जूनियर रह गया था। 10 अक्टूबर की दोपहर, लंच ब्रेक के दौरान आरोपी ने पीड़िता को फोन कर कहा कि वह उससे कुछ सामान — खासकर उसकी जैकेट — लौटाना चाहता है। पीड़िता जब कॉलेज के आर्किटेक्चर ब्लॉक में उससे मिलने पहुंची, तो आरोपी ने अचानक उसे जबर्दस्ती चूम लिया। पीड़िता ने तुरंत खुद को छुड़ाया और लिफ्ट से नीचे जाने लगी, लेकिन आरोपी ने उसका पीछा किया।

नीचे पहुंचकर आरोपी ने उसे छठी मंजिल पर पुरुषों के वॉशरूम में खींच लिया, दरवाज़ा बंद किया और उसके साथ बलात्कार किया। घटना के दौरान पीड़िता का एक दोस्त उसे फोन कर रहा था, मगर आरोपी ने उसका फोन छीन लिया ताकि वह मदद न मांग सके। इस भयावह कृत्य के बाद आरोपी ने उसी शाम पीड़िता को फोन करके पूछा — “क्या तुम्हें गोली चाहिए?” (गर्भनिरोधक गोली के संदर्भ में)।

पीड़िता ने यह बात अपने कुछ दोस्तों से साझा की, जिन्होंने उसे पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। हालांकि, वह शुरुआत में अपने माता-पिता की प्रतिक्रिया से डरकर कुछ दिन चुप रही। अंततः 15 अक्टूबर को उसने अपने माता-पिता को सब कुछ बताया और फिर हनुमंतनगर पुलिस स्टेशन जाकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।

बेंगलुरु

पुलिस की कार्रवाई और जांच

शिकायत दर्ज होते ही पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की। आरोपी जीवन गौड़ा को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64 (बलात्कार) के तहत मामला दर्ज किया गया। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। दोनों का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और पुलिस ने आरोपी को अपराध स्थल पर ले जाकर नाट्य रूपांतरण (spot mahazar) करवाया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने अपना बचाव करते हुए कहा है कि संबंध सहमति से बने थे, जबकि पीड़िता ने साफ कहा है कि यह जबरन बलात्कार था। पुलिस ने कहा है कि वे दोनों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर निष्कर्ष निकालेंगे।

सीसीटीवी और जांच की चुनौती

इस मामले में जांच को एक बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है — जिस मंजिल पर यह वारदात हुई, वहां कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं था। इस वजह से घटना का वीडियो सबूत मौजूद नहीं है। हालांकि, पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन और कॉल रिकॉर्ड्स जब्त कर लिए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना के बाद आरोपी ने पीड़िता से क्या बातचीत की थी।

बेंगलुरु

कॉलेज प्रशासन की प्रतिक्रिया

कॉलेज प्रशासन ने इस मामले पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए आरोपी छात्र को तत्काल निलंबित कर दिया है। साथ ही, कॉलेज ने आंतरिक जांच समिति (Internal Inquiry Committee) का गठन किया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई। कॉलेज ने छात्रों को सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए कहा कि “ऐसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी, और यदि किसी छात्रा या छात्र को कोई असुरक्षा महसूस हो, तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें।”

वर्तमान स्थिति

पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है। आरोपी वर्तमान में न्यायिक हिरासत में है और पुलिस ने अदालत से फॉरेंसिक रिपोर्ट और डिजिटल सबूतों के लिए समय मांगा है। यह मामला न सिर्फ कॉलेज प्रशासन, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र के लिए सुरक्षा और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है — खासकर उन जगहों पर जहां छात्रों को सबसे सुरक्षित महसूस करना चाहिए था।

Read more

Ed Sheeran ने गाया पंजाबी गाना : करण औजला संग नया ट्रैक “Symmetry” ने तोड़ दिए सारे रिकॉर्ड

Ed Sheeran

दुनिया के मशहूर इंग्लिश सिंगर  Ed Sheeran अब भारत में भी ट्रेंड कर रहे हैं — और वजह है उनका नया गाना “Symmetry”, जिसमें उन्होंने पहली बार पंजाबी में गाया है| इस गाने में एड के साथ जुड़े हैं भारत के सुपरहिट पंजाबी सिंगर-रैपर करण औजला (Karan Aujla)। रिलीज़ के कुछ घंटों में ही ये गाना सोशल मीडिया पर छा गया और हर तरफ बस एक ही बात — “एड शीरन बोल पड़ा पंजाबी में”

गाना “Symmetry” क्यों है इतना खास?

“Symmetry” एड शीरन के नए प्रोजेक्ट ‘Play – The Remixes EP’ का लीड ट्रैक है। इस EP में एड ने भारत और साउथ एशिया के कई बड़े आर्टिस्ट्स के साथ कोलैब किया है। गाने का वीडियो ब्लैक-एंड-व्हाइट थीम में शूट किया गया है और इसमें एड, करण और मशहूर डांस ग्रुप The Quick Style ने जबरदस्त परफॉर्म किया है। बीट्स इंग्लिश हैं लेकिन फ्लो देसी — यानी एक परफेक्ट फ्यूज़न जो दुनिया भर के म्यूज़िक लवर्स को जोड़ रहा है।

Ed Sheeran बोले – “करण ने सिखाई मुझे पंजाबी”

गाने की रिलीज़ के बाद एड शीरन ने सोशल मीडिया पर लिखा – “करण औजला एक कल्चर हैं! उन्होंने मुझे इस गाने के पंजाबी हिस्से सिखाए। ये बस हमारी म्यूज़िक जर्नी की शुरुआत है, आगे और धमाकेदार गाने आएंगे।”

उनके इस बयान के बाद इंटरनेट पर बाढ़ सी आ गई — फैंस ने कहा, “एड शीरन पंजाबी में गा रहे हैं? अब तो दुनिया देसी बीट्स पर नाचने वाली है!”

 Ed Sheeran

भारत से जुड़ाव –Ed Sheeran का देसी सफर

एड शीरन ने बताया कि उन्होंने Play एल्बम का काम भारत में पूरा किया था। यहाँ के कलाकारों और कल्चर से उन्हें गहरा लगाव है।

“Symmetry” के अलावा उनकी EP में और भी शानदार कोलैब हैं —

  •  ‘Sapphire’ – एड शीरन & अरिजीत सिंह
  •  ‘Heaven’ – एड शीरन & जोनिता गांधी (उनका पहला हिंदी गाना)
  •  ‘Don’t Look Down’ – एड, हनुमानकाइंड, धी और संतोष नारायणन (तमिल टच के साथ)
  • करण औजला बोले – “ये सिर्फ गाना नहीं, कल्चर है”

करण औजला ने कहा – “एड शीरन जैसा इंटरनेशनल आर्टिस्ट जब पंजाबी में गाता है, तो ये हमारे कल्चर की जीत है। ये सिर्फ म्यूज़िक नहीं, एक ब्रिज है जो दुनियाओं को जोड़ रहा है।”

क्यों ट्रेंड कर रहा है यह गाना?

  • पहली बार किसी इंग्लिश पॉप स्टार ने पंजाबी में गाया
  • इंडियन और वेस्टर्न बीट्स का यूनिक मिक्स
  • Ed शीरन और करण औजला दोनों की फैन-फॉलोइंग मिलकर बना रही है ग्लोबल ट्रेंड
  • YouTube पर गाने को लाखों व्यूज़ मिल चुके हैं और सोशल मीडिया पर #Symmetry ट्रेंड कर रहा है।

एड शीरन और करण औजला का “Symmetry” सिर्फ एक गाना नहीं, यह एक सबूत है कि म्यूज़िक की कोई भाषा नहीं होती। जब दिल से बनाया जाए तो हर देश, हर कल्चर उसे महसूस कर सकता है।

Read more

‘कांतारा: चैप्टर 1’ की सफलता के बाद ऋषभ शेट्टी ने मुंडेश्वरी मंदिर में मां से मांगी आशीर्वाद

ऋषभ शेट्टी

अपने फिल्म ‘कांतारा: चैप्टर 1’ की शानदार सफलता के बाद अभिनेता और निर्देशक ऋषभ शेट्टी ने अपनी खुशी और कृतज्ञता को आध्यात्मिक रूप से व्यक्त किया। वह बिहार के कैमूर जिले में स्थित प्राचीन मुंडेश्वरी मंदिर पहुंचे और मां मुंडेश्वरी के दर्शन किए।

मुंडेश्वरी मंदिर : दुनिया का सबसे पुराना सक्रिय मंदिर

मुंडेश्वरी मंदिर दुनिया के सबसे पुराने सक्रिय हिंदू मंदिरों में से एक है और यहाँ देवी दुर्गा और भगवान शिव की पूजा होती है। ऋषभ ने मंदिर में आरती और अभिषेक में हिस्सा लिया। सफेद शर्ट और पारंपरिक वेष्टी में सजे वह पूरी श्रद्धा के साथ पूजा करते नजर आए।

फिल्म की सफलता पर आभार व्यक्त किया

सूत्रों के अनुसार, फिल्म की सफलता और उसकी कथाओं में धार्मिक तत्व होने के कारण उन्होंने मां से आशीर्वाद लेने का निर्णय लिया। उन्होंने मंदिर में अपना आभार व्यक्त किया और दर्शकों के लिए आभार की भावना भी साझा की।

ऋषभ शेट्टी

‘कांतारा: चैप्टर 1’ का बॉक्स ऑफिस धमाका

फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता पाई। फिल्म की कमाई ₹700 करोड़ से भी अधिक बताई जा रही है। यह फिल्म 7 भाषाओं में रिलीज़ हुई और दर्शकों तथा क्रिटिक्स दोनों की प्रशंसा हासिल की।

ऋषभ शेट्टी की आध्यात्मिक यात्राएँ

ऋषभ शेट्टी ने इससे पहले वाराणसी में गंगा आरती की और काशी विश्वनाथ मंदिर, चामुंडेश्वरी मंदिर और श्रीकंतेश्वर मंदिर में भी दर्शन किए। उनका कहना है कि सफलता का असली श्रेय भगवान और दर्शकों को जाता है।

Read more

Bhagwat Chapter 1 : `राक्षस’ रिव्यू — जबरदस्त शुरुआत, लेकिन आखिर में फीका पड़ा सस्पेंस थ्रिलर

Bhagwat Chapter 1

ZEE5 पर 17 अक्टूबर 2025 को रिलीज़ हुई क्राइम थ्रिलर फिल्म ‘भागवत चैप्टर वन: राक्षस’ (Bhagwat Chapter 1 : Raakshas) दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। इस फिल्म में अरशद वारसी और जितेंद्र कुमार ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं, जबकि निर्देशन किया है अक्षय शेर ने। फिल्म की शुरुआत जितनी रोमांचक है, उतना ही इसका दूसरा हिस्सा कहानी की पकड़ ढीली कर देता है।

कहानी : एक लापता लड़की का केस बनता है डरावना सच

फिल्म की कहानी एसीपी विश्वास भागवत (अरशद वारसी) के इर्द-गिर्द घूमती है, जिन्हें हाल ही में रॉबर्ट्सगंज में ट्रांसफर किया गया है। उन्हें एक साधारण-सा केस मिलता है — पूनम मिश्रा नाम की एक लड़की लापता हो गई है। जांच शुरू होती है और धीरे-धीरे भागवत को एहसास होता है कि यह कोई एक केस नहीं, बल्कि पिछले कई सालों से लड़कियों के गायब होने की एक खौफनाक कड़ी है। इस कड़ी में एक नाम उभरकर सामने आता है — समीर (जितेंद्र कुमार), जो पेशे से एक स्कूल टीचर है और खुद को “प्रोफेसर” कहता है।

फिल्म दो समानांतर ट्रैकों पर चलती है

एक तरफ है भागवत की सस्पेंस से भरी पुलिस जांच, और दूसरी तरफ समीर की प्रेम कहानी, जो धीरे-धीरे एक डरावनी दीवानगी में बदल जाती है। कहानी का मुख्य सवाल यही है — क्या एसीपी भागवत इस राक्षस को पकड़ पाएगा और लापता लड़कियों को न्याय दिला पाएगा?

 

अभिनय: अरशद और जितेंद्र ने फिल्म को संभाला

फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है इसके लीड एक्टर्स का शानदार अभिनय।

जितेंद्र कुमार, जो ‘पंचायत’ और ‘कोटा फैक्ट्री’ जैसे हल्के-फुल्के किरदारों के लिए जाने जाते हैं, यहाँ पूरी तरह से एक नए रूप में नजर आते हैं। उनका किरदार रहस्यमय, ठंडा और डरावना है — और यह रोल शायद उनके करियर का सबसे अलग और दमदार काम है। अरशद वारसी ने भी एसीपी भागवत के रूप में एक सधा हुआ, गंभीर और भावनात्मक किरदार निभाया है। उनकी स्क्रीन उपस्थिति कहानी को असलियत देती है और वही फिल्म को जमीन से जोड़े रखती है। दोनों के बीच के सीन फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी हैं — हर टकराव और हर संवाद में एक मनोवैज्ञानिक तनाव महसूस होता है।

निर्देशन और लेखन

मजबूत शुरुआत, कमजोर अंत अक्षय शेर का निर्देशन फिल्म के पहले हाफ में बेहद प्रभावशाली लगता है। केस की जांच, सस्पेंस का माहौल और शहर का ग्रे टोन कहानी को यथार्थ के करीब लाते हैं। लेकिन इंटरवल के बाद फिल्म अपनी पकड़ खो देती है। प्लॉट धीरे-धीरे प्रेडिक्टेबल हो जाता है और क्लाइमेक्स उम्मीद से कहीं कमजोर पड़ता है। कोर्टरूम सीन में कहानी का टेंशन खत्म-सा महसूस होता है। हालांकि फिल्म की थीम और बेस मजबूत है, लेकिन स्क्रीनप्ले में गहराई की कमी और एंटागोनिस्ट के मानसिक पक्ष की अधूरी पड़ताल इसे और बेहतर बनने से रोकती है।

क्या है खास और क्या है कमजोर

जो काम करता है:

  •  अरशद वारसी और जितेंद्र कुमार का दमदार अभिनय
  •  पहले हाफ का रोमांचक इन्वेस्टिगेशन और सस्पेंस
  •  असल घटनाओं से प्रेरित कहानी का मजबूत आधार

जो नहीं जमता:

  •  दूसरे हाफ में कमजोर पटकथा और धीमी गति
  •  क्लाइमेक्स का प्रभावहीन और अचानक अंत
  •  कहानी में गहराई और भावनात्मक जुड़ाव की कमी

‘भागवत चैप्टर वन: राक्षस’ एक देखने लायक क्राइम थ्रिलर है — खासकर उन दर्शकों के लिए जो मजबूत एक्टिंग और डार्क स्टोरीलाइन पसंद करते हैं।हालांकि फिल्म की पटकथा कुछ जगहों पर ढीली पड़ती है, लेकिन अरशद वारसी और जितेंद्र कुमार की परफॉर्मेंस इसे औसत से ऊपर उठा देती है।

रेटिंग: ⭐⭐⭐ (3/5)

अगर आप सस्पेंस, इन्वेस्टिगेशन और सायकोलॉजिकल थ्रिलर्स के शौकीन हैं, तो ‘भागवत चैप्टर वन: राक्षस’ जरूर एक बार देखने लायक है।

Read more

आयुष्मान खुराना की नई रोमांटिक कॉमेडी — “पति पत्नी और वो 2” में दिखेगा नया अंदाज़!

आयुष्मान खुराना

बॉलीवुड के टैलेंटेड और नेशनल अवॉर्ड विनिंग एक्टर आयुष्मान खुराना एक बार फिर दर्शकों को हंसी और प्यार से भरपूर कहानी देने के लिए तैयार हैं। उन्हें लेकर फिल्ममेकर मुदस्सर अज़ीज़ ने अपनी अगली रोमांटिक कॉमेडी “पति पत्नी और वो दो” की आधिकारिक घोषणा कर दी है। फिल्म का निर्माण भूषण कुमार (टी-सीरीज़) और जूनो चोपड़ा (बी.आर. स्टूडियोज़) मिलकर कर रहे हैं।

यह फिल्म 2019 में आई पति पत्नी और वो की अगली कड़ी मानी जा रही है, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया था। वहीं अब इस नए पार्ट में आयुष्मान खुराना का आना दर्शकों की उम्मीदें और भी बढ़ा रहा है।

मुदस्सर अज़ीज़ और आयुष्मान की जोड़ी

निर्देशक मुदस्सर अज़ीज़ रोमांटिक कॉमेडी के माहिर माने जाते हैं। पति पत्नी और वो (2019) में उन्होंने कार्तिक आर्यन, भूमि पेडनेकर और अनन्या पांडे को लेकर हंसी और रिश्तों का मज़ेदार ताना-बाना बुना था, जो बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई थी। इससे पहले उन्होंने हैप्पी भाग जाएगी और दुल्हा मिल गया जैसी हल्की-फुल्की, एंटरटेनिंग फिल्में भी दी हैं। अब जब उनके साथ आयुष्मान खुराना जैसे परफॉर्मर जुड़ रहे हैं, तो यह जोड़ी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने के लिए पूरी तरह तैयार लग रही है।

आयुष्मान खुराना

आयुष्मान का नया मोड़ – ऑफबीट से कमर्शियल की ओर

आयुष्मान खुराना हमेशा से अपने अनोखे किरदारों और सामाजिक मुद्दों पर आधारित फिल्मों के लिए जाने जाते हैं — चाहे वो आर्टिकल 15 हो, बधाई हो, ड्रीम गर्ल या शुभ मंगल ज़्यादा सावधान। लेकिन पति पत्नी और वो दो उनके करियर में एक दिलचस्प मोड़ साबित हो सकता है क्योंकि यह एक ज्यादा “कमर्शियल” और मासी रोमांटिक कॉमेडी है। फैंस के बीच उत्सुकता इस बात की है कि आयुष्मान अपनी स्वाभाविक एक्टिंग और ह्यूमर को इस हल्के-फुल्के रोमांटिक सेटअप में कैसे ढालेंगे।

कहानी और कास्ट को लेकर बढ़ी उत्सुकता

फिल्म के बाकी कास्ट और फीमेल लीड्स का अभी खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन खबर है कि मेकर्स जल्द ही इसकी घोषणा करने वाले हैं। यह भी बताया जा रहा है कि फिल्म में रिश्तों की उलझनों और मज़ेदार स्थितियों को नए जमाने के ट्विस्ट के साथ पेश किया जाएगा। फिल्म की शूटिंग 2026 की शुरुआत में शुरू होने की उम्मीद है और इसे अगले साल के आखिर तक रिलीज़ किया जा सकता है।

क्यों है यह फिल्म खास

  • मुदस्सर अज़ीज़ की हास्य और रिश्तों पर पकड़
  • आयुष्मान खुराना का पहला “फ्रैंचाइज़ी” रोमांटिक कॉमेडी प्रोजेक्ट
  • टी-सीरीज़ और बी.आर. स्टूडियोज़ जैसे बड़े बैनर्स का सहयोग
  • दर्शकों को “प्यार, झगड़ा और हंसी” का पूरा तड़का मिलने की उम्मीद

“पति पत्नी और वो दो” आयुष्मान खुराना के करियर का एक नया अध्याय खोलने जा रही है — एक ऐसा रोल जो शायद उनके फैंस ने पहले कभी नहीं देखा होगा। मनोरंजन, रोमांस और कॉमेडी के इस कॉम्बो के साथ, यह फिल्म 2026 की सबसे चर्चित रिलीज़ में से एक बन सकती है।

Read more

भारत का अपना स्पेस स्टेशन : 2035 तक ‘भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन’ बनेगा हकीकत, पहला मॉड्यूल 2028 में लॉन्च होगा

स्पेस स्टेशन

भारत अब अंतरिक्ष की दुनिया में एक नई ऊंचाई छूने जा रहा है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने ऐलान किया है कि भारत 2035 तक अपना खुद का स्पेस स्टेशन बनाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का नाम होगा भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (Bharatiya Antariksh Station – BAS)। इसरो के अध्यक्ष डॉ. वी. नारायणन ने बताया कि इस स्पेस स्टेशन का पहला मॉड्यूल 2028 तक अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। यह मिशन भारत के लिए वैसा ही ऐतिहासिक कदम है, जैसा अमेरिका के लिए International Space Station (ISS) था या चीन के लिए Tiangong Station है। इससे भारत उन कुछ चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो जाएगा, जिनके पास अपना मानवयुक्त स्पेस स्टेशन होगा।

कैसा होगा भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS)?

भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन पूरी तरह से मॉड्यूलर डिजाइन पर आधारित होगा — यानी इसे कई हिस्सों में बनाया जाएगा और चरणबद्ध तरीके से अंतरिक्ष में भेजा जाएगा।
पहला मॉड्यूल : इसका पहला हिस्सा, जिसे “प्रारंभिक मॉड्यूल” कहा जा रहा है, लगभग 10 टन वजनी होगा। इसे 2028 में लॉन्च किया जाएगा।
पूरा स्टेशन : जब सभी मॉड्यूल जुड़ जाएंगे, तब स्टेशन का कुल वजन 52 टन होगा और इसमें पांच मुख्य मॉड्यूल होंगे।
स्थिति (Orbit) : BAS को पृथ्वी की Low Earth Orbit (LEO) में, लगभग 450 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थापित किया जाएगा।

स्पेस स्टेशन

यह स्टेशन ऐसा डिज़ाइन किया जा रहा है कि भविष्य में इसमें और भी मॉड्यूल जोड़े जा सकें। यह कई वर्षों तक अंतरिक्ष में काम करेगा और वैज्ञानिकों को सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण (Microgravity) में शोध करने की सुविधा देगा। भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन और प्रशिक्षित अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने मज़ाकिया अंदाज़ में कहा कि “भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन एक तरह का ‘6 BHK अपार्टमेंट इन ऑर्बिट’ होगा, जहाँ अंतरिक्ष यात्री लंबे समय तक रह सकेंगे और प्रयोग कर पाएँगे।”

मिशन का मकसद क्या है?

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य है भारत की स्पेस साइंस, मेडिसिन, और टेक्नोलॉजी रिसर्च को अगले स्तर तक ले जाना।
यह स्टेशन एक राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रयोगशाला की तरह काम करेगा, जहाँ देश-विदेश के वैज्ञानिक माइक्रोग्रैविटी में प्रयोग कर सकेंगे।

BAS में कई उन्नत तकनीकें शामिल होंगी:

  • डॉकिंग सिस्टम : जिससे अलग-अलग मॉड्यूल जुड़ सकेंगे।
  • लाइफ सपोर्ट सिस्टम : जो अंतरिक्ष यात्रियों को ऑक्सीजन, तापमान नियंत्रण और पानी उपलब्ध कराएगा।
  • कम्युनिकेशन और एनर्जी सिस्टम : ताकि स्टेशन पृथ्वी से निरंतर जुड़ा रहे।
  • माइक्रोग्रैविटी लैब : जहाँ भौतिकी, जीवविज्ञान, औषधि निर्माण और सामग्री विज्ञान पर प्रयोग होंगे।

इस स्टेशन की मदद से भारत दीर्घकालिक अंतरिक्ष मिशन चलाने की क्षमता हासिल करेगा, जिससे भविष्य में चंद्रमा और मंगल ग्रह पर भी मानव मिशन की राह आसान होगी।

स्पेस स्टेशन

गगनयान मिशन से जुड़ा अगला कदम

भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन का सपना सीधे तौर पर गगनयान मिशन से जुड़ा है। गगनयान भारत का पहला मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन है, जिसे 2027 में लॉन्च किए जाने की योजना है। इस मिशन में भारत के चार टेस्ट पायलटों को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा, जो पहले से रूस और भारत में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।गगनयान की तकनीकें — जैसे क्रू मॉड्यूल, लाइफ सपोर्ट सिस्टम और सेफ रिएंट्री टेक्नोलॉजी — BAS के लिए आधार बनेंगी। इस तरह, गगनयान की सफलता भारत के स्पेस स्टेशन की दिशा में पहला ठोस कदम साबित होगी।

अगला लक्ष्य: 2040 तक चाँद पर भारतीय

इसरो प्रमुख वी. नारायणन ने बताया कि भारत का अगला बड़ा मिशन होगा —
2040 तक एक भारतीय को चाँद पर भेजना और सुरक्षित वापसी कराना। इसके लिए इसरो भविष्य में नए भारी रॉकेट इंजन, डीप स्पेस मिशन तकनीक, और लंबे समय तक मानव मिशन की तैयारी कर रहा है। भारत पहले ही चंद्रयान और मंगलयान मिशनों से यह साबित कर चुका है कि वह अंतरिक्ष अनुसंधान में आत्मनिर्भर और नवाचारी देश है।

भारत के लिए गौरव का क्षण

भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS) की योजना केवल एक वैज्ञानिक उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह भारत की वैश्विक अंतरिक्ष शक्ति बनने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। जब यह स्टेशन 2035 में पूरी तरह सक्रिय होगा, तब भारत उन देशों की कतार में होगा, जिनके पास स्वतंत्र मानवयुक्त स्पेस स्टेशन चलाने की क्षमता है — जैसे अमेरिका, रूस और चीन। यह परियोजना भारत की “विकसित भारत 2047” की दृष्टि से भी जुड़ी है, जिसमें देश विज्ञान, तकनीक और अनुसंधान के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर है।

संक्षेप में

  • भारत का अपना स्पेस स्टेशन 2035 तक तैयार होगा।
  • पहला मॉड्यूल 2028 में लॉन्च होगा।
  • स्टेशन 450 किलोमीटर ऊँचाई पर पृथ्वी की कक्षा में रहेगा।
  • इसका मुख्य लक्ष्य वैज्ञानिक रिसर्च और लंबे समय तक मानव मिशन की तैयारी है।
  • 2040 तक भारत चाँद पर मानव भेजने का लक्ष्य भी रखता है।

भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS) न केवल भारत के अंतरिक्ष इतिहास का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट होगा, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा भी बनेगा।
इस मिशन के साथ भारत यह साबित कर देगा कि वह अब सिर्फ अंतरिक्ष की खोज नहीं कर रहा, बल्कि वहाँ अपना ठिकाना बनाने की तैयारी में है।

Read more