इस्लामाबाद कोर्ट के पास आत्मघाती हमला, 12 लोगों की मौत, कई घायल

इस्लामाबाद

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में मंगलवार दोपहर एक भीषण आत्मघाती धमाका हुआ, जिसमें कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए। यह धमाका G-11 इलाके में स्थित डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस कोर्ट के मुख्य गेट के पास हुआ — जहां आम दिनों में वकील, मुवक्किल और राहगीरों की भारी भीड़ रहती है।

धमाका कैसे हुआ?

स्थानीय पुलिस के अनुसार, विस्फोट एक कार बम से हुआ, जिसे कोर्ट परिसर के बाहर पार्क किया गया था। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह आत्मघाती हमला था — क्योंकि घटनास्थल से हमलावर का सिर बरामद किया गया है। धमाका इतना शक्तिशाली था कि उसकी आवाज़ लगभग 6 किलोमीटर तक सुनाई दी। पास खड़ी कई कारें और मोटरसाइकिलें पूरी तरह जलकर राख हो गईं, और आसपास की दुकानों के शीशे टूट गए।

एक चश्मदीद ने बताया, “मैं कोर्ट जा रहा था तभी जोरदार धमाका हुआ। धुआं हर तरफ फैल गया, लोग चीख-पुकार मचाते हुए भागने लगे।”

इस्लामाबाद

राहत और बचाव अभियान

धमाके के तुरंत बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ते और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंचीं। घायलों को PIMS (Pakistan Institute of Medical Sciences) अस्पताल ले जाया गया, जहां कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। अस्पताल प्रशासन ने आपात स्थिति घोषित कर दी है और खून की आपूर्ति बढ़ा दी गई है।

मृतकों में ज्यादातर राहगीर, वकील और आम नागरिक शामिल बताए जा रहे हैं जो कोर्ट की सुनवाई के लिए आए थे।

जांच और सुरक्षा स्थिति

धमाके के बाद पूरे इलाके को सील कर दिया गया। फॉरेंसिक टीमों ने घटनास्थल से सबूत जुटाने शुरू कर दिए हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह जांच की जा रही है कि विस्फोटक वाहन में रखा गया था या किसी व्यक्ति ने खुद को उड़ाया। अभी तक किसी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां शक कर रही हैं कि इसके पीछे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) या उसके किसी सहयोगी गुट का हाथ हो सकता है।

इस्लामाबाद

पूरे शहर में हाई अलर्ट

हमले के बाद इस्लामाबाद और रावलपिंडी में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। सरकारी दफ्तरों, न्यायालयों और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस ने सभी प्रवेश बिंदुओं पर नाकेबंदी कर दी है और संदिग्ध वाहनों की जांच की जा रही है।

हाल की अन्य आतंकी घटनाएं

  • यह धमाका ऐसे समय हुआ है जब पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियां फिर से बढ़ रही हैं।
  • सोमवार शाम, खैबर पख्तूनख्वा के वाना शहर में सेना द्वारा संचालित कैडेट कॉलेज पर आतंकी हमले की कोशिश नाकाम की गई थी, जिसमें 5 आतंकी मारे गए।
  • उसी दिन डेरा इस्माइल खान में IED विस्फोट में 16 सुरक्षाकर्मी घायल हुए थे।
  • अब राजधानी इस्लामाबाद में यह हमला, सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है

अभी तक किसी देश की आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने इस हमले को पाकिस्तान में “बढ़ती अस्थिरता” का संकेत बताया है। इस्लामाबाद कोर्ट के पास हुआ यह आत्मघाती हमला पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल खड़ा करता है। राजधानी जैसे सुरक्षित क्षेत्र में इतने बड़े धमाके ने सरकार और सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है।

जांच जारी है और पुलिस ने कहा है कि “हम इस हमले के पीछे के दोषियों को जल्द बेनकाब करेंगे।”

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बांग्लादेश हिंसा : ग्रामीण बैंक मुख्यालय पर बम हमला, ढाका में तनाव बढ़ा

ढाका

ढाका में नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस द्वारा स्थापित ग्रामीण बैंक के मुख्यालय पर बम से हमला किया गया है। इस हमले के बाद राजधानी ढाका में पहले से जारी हिंसा और तनाव की स्थिति और भी गंभीर हो गई है।

ढाका

रिपोर्ट्स के अनुसार, अज्ञात हमलावरों ने मीरपुर स्थित ग्रामीण बैंक की इमारत पर कई बम फेंके, जिससे इमारत को मामूली नुकसान पहुंचा। इस घटना के बाद सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और इलाके में तनाव का माहौल है। यह हमला बांग्लादेश में चल रहे राजनीतिक उथल-पुथल के बीच हुआ है, जिससे देश भर में चिंता बढ़ गई है। अभी तक किसी भी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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मशहूर अभिनेता प्रेम चोपड़ा हुए अस्पताल में भर्ती – डॉक्टरों ने कहा घबराने की कोई बात नहीं

प्रेम चोपड़ा

बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता प्रेम चोपड़ा को हाल ही में मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार उन्हें छाती में जकड़न और वायरल संक्रमण हुआ है, जो मुख्यतः उम्र-संबंधी स्वास्थ्य समस्या की ओर इशारा करता है। उनके उपचार में डॉक्टर नितिन गोखले और डॉक्टर जलील पारकर की टीम शामिल है। स्थिति को स्थिर बताया गया है और वे ICU में नहीं हैं — डॉक्टरों का कहना है कि 2-3 दिनों में डिस्चार्ज संभव हो सकता है।

परिवार ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि “कोई घबराने योग्य बात नहीं है” और सभी को अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।

करियर, पर अब प्राथमिकता स्वास्थ्य

प्रेम चोपड़ा की फिल्मी यात्रा लगभग छह दशकों से अधिक समय की है, जिसमें उन्होंने कई यादगार किरदार निभाए।इस लंबे सफर में यह पहला अवसर रहा है जब उनकी तबीयत को लेकर इतनी व्यापक चिंता फैली हो। ऐसे में फैंस-समाज की निगाहें अब उनके जल्द स्वस्थ होने पर टिक गई हैं — और उनका परिवार व डॉक्टर मिल-जुलकर यह भरोसा दिला रहे हैं कि जल्दी ही वे स्वस्थ होकर लौटेंगे।

प्रेम चोपड़ा

ज़िम्मेदारी- फैन्स की

जहाँ एक ओर प्रेम चोपड़ा का अस्पताल में उपचार चल रहा है, वहीं यह हमें याद दिलाता है कि सेलिब्रिटी भी स्वास्थ्य के प्रति पूरी तरह सुरक्षित नहीं होते। उन्हें हील-अप का समय देना अब सभी का फर्ज-बन गया है। आइए हम उनके लिए शुभकामना करें की वे जल्दी ठीक हों।उनके फैन्स को ये सोचना चाहिए की इस वक्त उन्हें मानसिक शांति देने की जिम्मेदारी निभाएं।

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ईशा देओल बोलीं – पापा धर्मेंद्र ज़िंदा हैं और तेजी से ठीक हो रहे हैं

ईशा देओल

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के निधन की झूठी अफवाहों पर उनकी बेटी ईशा देओल ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। मंगलवार सुबह ईशा ने सोशल मीडिया पर एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए साफ कहा कि, “मेरे पापा ज़िंदा हैं, स्थिर हैं और तेजी से रिकवरी कर रहे हैं। झूठी खबरें फैलाना बंद करें।”

धर्मेंद्र को हाल ही में सांस लेने में तकलीफ के कारण मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है, लेकिन अब उनकी हालत में काफी सुधार है।

ईशा ने सभी से अपील की है कि वे उनके परिवार को प्राइवेसी दें और धर्मेंद्र के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करें। वहीं, उनकी पत्नी हेमा मालिनी और बेटे सनी देओल की टीम ने भी अफवाहों को पूरी तरह गलत बताया है।

ईशा देओल

धर्मेंद्र की तबीयत की खबर सुनकर शाहरुख खान, सलमान खान, गोविंदा और अमीषा पटेल जैसे कई सितारे उन्हें देखने अस्पताल पहुंचे।

अफवाहें इतनी तेजी से फैलीं कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गीतकार जावेद अख्तर जैसे कुछ लोगों ने भी गलती से शोक संदेश ट्वीट कर दिए, जिन्हें बाद में हटा लिया गया।

ईशा के बयान के बाद धर्मेंद्र के लाखों फैंस ने राहत की सांस ली और सोशल मीडिया पर उनके लिए “Get Well Soon Dharam Ji” ट्रेंड कर रहा है।

धर्मेंद्र इस वक्त डॉक्टरों की निगरानी में हैं और उनकी सेहत में लगातार सुधार हो रहा है।

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भारत की मदद से मालदीव में नया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा शुरू — पर्यटन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

मालदीव

मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ू ने सोमवार को हनीमाधू इंटरनेशनल एयरपोर्ट का भव्य उद्घाटन किया। यह हवाई अड्डा भारत सरकार की लाइन ऑफ क्रेडिट (Line of Credit) के तहत तैयार किया गया है। इस प्रोजेक्ट को भारत के एक्सिम बैंक (Exim Bank) ने वित्तीय सहायता दी है।

यह आधुनिक हवाई अड्डा मालदीव के उत्तरी क्षेत्र के लिए बेहद खास माना जा रहा है, क्योंकि अब यहां बड़े-बड़े विमान जैसे एयरबस A320 और बोइंग 737 भी आसानी से उतर सकेंगे।

मालदीव

परियोजना की खास बातें:

  • 2.43 किलोमीटर लंबा नया रनवे बनाया गया है।
  • अत्याधुनिक टर्मिनल बिल्डिंग की क्षमता सालाना 1.3 मिलियन यात्रियों की है।
  • साथ ही कार्गो टर्मिनल, ईंधन भंडारण केंद्र (Fuel Farm) और फायर स्टेशन जैसी सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं।

राष्ट्रपति मुइज़्ज़ू ने कहा कि यह प्रोजेक्ट मालदीव के उत्तरी इलाकों में पर्यटन और आर्थिक विकास को नई दिशा देगा। इस हवाई अड्डे के जरिए देश के लोगों को बेहतर रोजगार और व्यापारिक अवसर मिलेंगे। यह परियोजना भारत और मालदीव के बीच मजबूत साझेदारी और सहयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

हनीमाधू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा सिर्फ एक इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि भारत-मालदीव दोस्ती की उड़ान है — जो आने वाले समय में दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत बनाएगी।

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सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता, कहा – संसद में महिलाओं की मौजूदगी लगातार घट रही है

सुप्रीम कोर्ट

देश की सर्वोच्च अदालत ने संसद में महिलाओं की घटती भागीदारी पर गंभीर चिंता जताई है। सुप्रीम कोर्ट की दो-न्यायाधीशों वाली बेंच, जिसकी अध्यक्षता न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना कर रही थीं, ने सुनवाई के दौरान कहा कि महिलाओं को भारत का “सबसे बड़ा अल्पसंख्यक” कहा जा सकता है, क्योंकि उनकी उपस्थिति संसद में लगातार घट रही है।

जस्टिस नागरत्ना, जो वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट की एकमात्र महिला न्यायाधीश हैं, ने सख्त शब्दों में कहा, “जब महिलाएं देश की आधी आबादी हैं, तो उन्हें संसद में प्रतिनिधित्व देने के लिए सिर्फ आरक्षण का इंतज़ार क्यों किया जाए? बिना आरक्षण के भी राजनीतिक दल महिलाओं को टिकट क्यों नहीं देते?”

सुप्रीम कोर्ट

उन्होंने यह भी कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी केवल “संख्यात्मक प्रतिनिधित्व” का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह भारत के लोकतंत्र की गुणवत्ता और संतुलन से जुड़ा हुआ प्रश्न है।

सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी उस समय आई है जब देश में महिला आरक्षण विधेयक (जिसे नारी शक्ति वंदन अधिनियम कहा जाता है) के लागू होने की प्रक्रिया अभी प्रारंभिक चरण में है। संसद में महिलाओं की हिस्सेदारी फिलहाल 15% से भी कम है, जबकि स्थानीय निकायों में यह संख्या कहीं अधिक है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी राजनीतिक दलों पर दबाव बनाएगी कि वे स्वेच्छा से महिला उम्मीदवारों की संख्या बढ़ाएं, ताकि संसद में महिलाओं की आवाज़ और मज़बूत हो सके। यह टिप्पणी न केवल न्यायिक चेतावनी है, बल्कि भारतीय राजनीति में लैंगिक समानता की दिशा में एक अहम संदेश भी मानी जा रही है।

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दिल्ली में जब हवा हुई जहरीली- (आया Breath Rights)

दिल्ली

प्रदूषण की तबाही: दिल्ली की आबो हवा में घुटन रविवार को राजधानी India Gate में हजारों युवा, माता-पिता और पर्यावरण कार्यकर्ता एक साथ जमा हुए, क्योंकि दिल्ली में वायु गुणवत्ता चरम स्तर पर पहुँच चुकी है। AQI कई इलाकों में 400 के ऊपर दर्ज हुआ, जिससे लोगों ने यह सवाल उठाया—“हमें साँस लेने का हक़ क्यों नहीं मिला?”
भीषण स्मॉग में बच्चों, बुज़ुर्गों और रास्ते-पर काम करने वालों को सबसे ज़्यादा ख़तरा बताया गया, और प्रदर्शनकारियों ने सरकार से “कार्रवाई की लड़ाई” मांगी, सिर्फ बयान नहीं।

गुस्सा, गिरफ्तारी और प्रश्न

दिल्ली

प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन पुलिस ने “अनधिकृत सभा” के आधार पर कई लोगों को हिरासत में लिया।
नफे-नुकसान का खेल यहाँ सिर्फ गाड़ियों और पटाखों का नहीं—बल्कि निर्माण-धूल, ठेका-काम, वेस्ट-जलाना और प्रशासन की निष्क्रियता का भी है। सवाल उठता है: क्या सिर्फ सरकार दोषी है, या हम खुद अपनी भूमिका निभा पाए हैं?

हवा को जवाब देने की देर

यह धरना सिर्फ एक आंदोलन नहीं—यह चेतावनी है कि दिल्ली जब तक “साँस लेने-का अधिकार” नहीं देगा, सामाजिक स्वास्थ्य संकट गहराता रहेगा। अब वक्त है सरकार और नागरिक दोनों की सहभागिता की—क्या इसे सिर्फ अगले सर्दियों का मौसम कहकर टाल देंगे या इस बार परिवर्तन की दिशा चुनेंगे?

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Samsung Galaxy S26 Ultra ने सबको पीछे छोड़ा? इस बार Ultra में क्या नया है?

Samsung Galaxy

गैलेक्सी S-सीरीज़ के Fans Samsung Galaxy S26 Ultra का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं—क्योंकि लीक्स और रिपोर्ट्स के अनुसार यह फोन अगले स्तर का फ्लैगशिप होने जा रहा है। इंडियन मार्केट में इसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹1,59,990 बताई जा रही है।

कैमरा, डिस्प्ले और परफ़ॉर्मेंस: हाई-एंड अपग्रेड

लीक्स बताते हैं कि S26 Ultra में पीछे 4-कैमरा सेटअप होगा जिसमें 200MP मुख्य सेंसर, 50MP अल्ट्रा-वाइड और 50MP पेरिस्कोप टेलीफोटो शामिल होंगे। डिस्प्ले अनुमानतः 6.9-इंच QHD+ OLED होगी 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ, ब्राइटनेस लगभग 3000 निट्स तक। परफॉर्मेंस के लिए Qualcomm का Snapdragon 8 Elite या 3nm प्रोसेसर स्नैपड्रैगन 8 एलिट 2 नाम संभावित है।

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बैटरी, डिजाइन और सवाल

बैटरी में सुनिश्चित उछाल रिपोर्ट्स में कम दिखा—कुछ लीक बताते हैं 5,500mAh बैटरी और 60W चार्जिंग सपोर्ट। डिज़ाइन में कैमरा मॉड्यूल में बदलाव की बातें हो रही हैं—बेज़ल्स पतले होंगे और बैक में फ्लैट लुक की संभावना है।

  • लेकिन एक सवाल खड़ा है: क्या ये सब अपग्रेड इस कीमत के लायक हैं?
  • क्या Ultra-फ्लैगशिप में अब कोई पूरी क्रांति लाना संभव है?
  • क्या S26 Ultra वाकई उम्मीद से आगे होगा या सिर्फ प्रीमियम टैग में वृद्धि होगी?

क्या S26 बन पायेगा श्रेष्ठ फ्लैगशिप ?

Samsung ने S26 Ultra में “ऑल-इन” अपग्रेड्स का वादा किया है—कैमरा, डिस्प्ले, परफॉर्मेंस और डिजाइन—लेकिन असली परीक्षा लॉन्च के बाद होगी। अगर ये फीचर्स एक्टुअल में उतने प्रभावशाली निकलते हैं जितने लीक्स में दिख रहे हैं, तो यह 2026 का बेस्ट फ्लैगशिप बन सकता है। पर अगर कई अपग्रेड सिर्फ नाम के लिए रहे, तो फैंस को शायद वही पुराने मॉडल से संतोष करना पड़ सकता है।

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HTET 2025 Shocking Results: केवल 14% Aspirants ने पास किया — क्या Teacher बनने की राह बन रही और मुश्किल? 

HTET

हरियाणा के HTET 2025 (Haryana Teacher Eligibility Test) के नतीजे जबरदस्त इंतजार के बाद घोषित हो गए हैं। Board of School Education Haryana (BSEH) की वेबसाइट – bseh.org.in – पर PRT (प्राथमिक शिक्षक), TGT (प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक) और PGT (पोस्ट ग्रेजुएट शिक्षक) स्तर के लिए अलग-अलग मेरिट लिस्ट तथा स्कोर-कार्ड उपलब्ध कराए गए हैं। इस अप्रैल-मई सत्र की परीक्षा में सिर्फ लगभग 14% ही उम्मीदवार सफल हो पाए हैं, जो बताते हैं कि क्वालिफाई करना अब पहले से भी कठिन हो गया है।

कटऑफ, वैधता और आगे की राह

इस बार सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम अंक 150 में से 90 अंक (60%) तय किए गए थे, जबकि हरियाणा-डोमिसाइल आरक्षित श्रेणी के लिए सिर्फ 82 अंक (55%) पर्याप्त थे।

HTET

HTET प्रमाणपत्र अब आजीवन वैध होगा, यानी पास-उम्मीदवारों को बार-बार परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं होगी। लेकिन इस सफलता के बावजूद, बाकी ≈ 86% उम्मीदवारों के सामने अब नए अवसर तलाशने की चुनौतियाँ हैं।

भविष्य के लिए निर्णय

अगर आप सफल हुए हैं तो बधाई — अब सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने की संभावना खुलती है, लेकिन यह सिर्फ शुरुआत है। यदि आप नहीं पास हो पाए तो मुस्कुरा-कर हार मानने की जगह इसे आने वाले सिलेबस, तैयारी-स्टाइल और टाइम-मैनेजमेंट सुधारने का मौका जानिए।

क्या HTET के इतने कम पास प्रतिशत ने संकेत दिया है कि शिक्षक पात्रता की परीक्षा बहुत सख्त हो गई है? या यह संकेत है कि आवेदकों को तैयारी-मानक और शिक्षा-क्षेत्र में सुधार लाना होगा? आपका अगला कदम ही तय करेगा कि आप इस चुनौती को सफलता की सीढ़ी बनाते हैं या छोड़ देते हैं।

अब लॉग-इन करें, अपना स्कोर-कार्ड डाउनलोड करें और आगे की तैयारी-रणनीति तय करें — क्योंकि अब शिक्षक बनने का सपना फिर से अपनी सीट पक्का कर सकता है।

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Groww IPO Allotment Today : जानिए कब और कैसे चेक करें स्टेटस, GMP में गिरावट से लिस्टिंग गेन पर सस्पेंस

Groww

फिनटेक प्लेटफॉर्म Groww (Billionbrains Garage Ventures Ltd) का बहुप्रतीक्षित ₹6,632 करोड़ का IPO अब अलॉटमेंट के फाइनल स्टेज में पहुंच चुका है। आज यानी 10 नवंबर 2025 को इसका IPO allotment status फाइनल होने की संभावना है। निवेशक बीएसई (BSE), एनएसई (NSE), या रजिस्ट्रार की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन अपने शेयर अलॉटमेंट की स्थिति चेक कर सकते हैं।

Groww IPO का ओवरव्यू

  • Groww का IPO 4 नवंबर से 7 नवंबर 2025 तक खुला था।
  • कंपनी ने ₹95 से ₹100 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था।
  • इसमें ₹1,060 करोड़ के नए शेयर और ₹5,572.30 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल था।
  • IPO को निवेशकों से शानदार रिस्पॉन्स मिला — यह कुल 17.60 गुना सब्सक्राइब हुआ।
  • QIB (Qualified Institutional Buyers): 22.02 गुना
  • NII (Non-Institutional Investors): 14.20 गुना
  • Retail Investors: 9.43 गुना

यह आंकड़े बताते हैं कि निवेशकों का भरोसा Groww के बिज़नेस मॉडल और ग्रोथ पोटेंशियल पर मजबूत है।

GMP में तेज गिरावट, घटा लिस्टिंग गेन का जोश

Groww

जब IPO खुला था, तब Groww का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) लगभग ₹16-17 प्रति शेयर था — यानी करीब 16-17% का संभावित लिस्टिंग गेन दिखा रहा था। हालांकि अब हालात बदल गए हैं। मार्केट रिपोर्ट्स के मुताबिक, GMP गिरकर अब सिर्फ ₹4-5 प्रति शेयर रह गया है। इसका मतलब है कि ₹100 के अपर प्राइस बैंड पर अब निवेशकों को सिर्फ 4-5% का मामूली लाभ मिल सकता है। GMP में यह गिरावट मार्केट की ठंडी सेंटीमेंट और हालिया IPOs के मिश्रित प्रदर्शन को दर्शाती है।

IPO अलॉटमेंट स्टेटस ऐसे करें चेक

निवेशक अपने Groww IPO अलॉटमेंट की स्थिति नीचे बताए गए किसी भी माध्यम से चेक कर सकते हैं:

🔹 BSE वेबसाइट पर:

  1. bseindia.com/investors/appli_check.aspx पर जाएं
  2. “Equity” चुनें और लिस्ट में से “Groww” चुनें
  3. एप्लिकेशन नंबर और पैन दर्ज करें
  4. “Search” पर क्लिक करें

NSE वेबसाइट पर:

  1. nseindia.com पर जाएं
  2. “Groww” का चयन करें
  3. एप्लिकेशन नंबर या पैन डालकर सर्च करें

Registrar वेबसाइट पर (MUFG Intime India / KFin Technologies): इनकी वेबसाइट पर जाकर “IPO Allotment Status” सेक्शन में Groww चुनें और एप्लिकेशन डिटेल्स डालें।

Groww App या Broker Platform:

अगर आपने Groww या किसी अन्य ब्रोकिंग ऐप से आवेदन किया है, तो वहीं पर भी अलॉटमेंट की जानकारी मिल जाएगी।

आगे की डेट्स: लिस्टिंग और रिफंड

  • Allotment Finalization: 10 नवंबर 2025
  • Refund Process शुरू: 11 नवंबर 2025
  • Groww शेयर लिस्टिंग: 12 नवंबर 2025 (BSE और NSE दोनों पर)

निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है यह अलॉटमेंट

Groww IPO की जबरदस्त सब्सक्रिप्शन ने कंपनी की मार्केट में मजबूत एंट्री की उम्मीदें बढ़ाई थीं, लेकिन GMP की गिरावट ने लिस्टिंग डे पर अनिश्चितता पैदा कर दी है। जो निवेशक लंबी अवधि के नजरिए से निवेश कर रहे हैं, वे कंपनी के डिजिटल फाइनेंस और इन्वेस्टमेंट टेक्नोलॉजी सेक्टर में ग्रोथ पोटेंशियल को लेकर अभी भी आशावादी हैं।

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