यूपी में ‘Aadhaar Card’ अब जन्म-तिथि प्रमाण नहीं, नया आदेश क्या है जानिए

Aadhaar Card

उत्तर प्रदेश सरकार ने 28 नवंबर 2025 को एक बड़ा फैसला लिया है — अब Aadhaar Card को जन्म प्रमाण पत्र या “डेट ऑफ बर्थ (DOB)” के आधिकारिक प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस फैसले के तहत, राज्य के तमाम विभागों को सूचित किया गया है कि आधार कार्ड को जन्मतिथि प्रमाण के रूप में इस्तेमाल करना बंद करें।

➤ नया आदेश क्या कहता है

आदेश के अनुसार, Aadhaar Card में दर्ज जन्मतिथि को DOB के प्रमाण के रूप में नहीं माना जाएगा। इस बदलाव के पीछे कारण यह बताया गया है कि आधार बनवाते समय जन्म प्रमाण-पत्र, अस्पताल रिकॉर्ड या स्कूल-दर्ज किए दस्तावेज़ अनिवार्य नहीं होते। आमतौर पर जन्मतिथि व्यक्ति द्वारा स्वयं दर्ज कराई जाती है। इसलिए, आधार की DOB जानकारी पर भरोसा करना सुरक्षित नहीं माना गया। राज्य का निर्देश है कि सरकारी या अर्द्ध-सरकारी किसी भी प्रक्रिया — जैसे भर्ती, पेंशन, सेवाओं में आवेदन, प्रमाणीकरण आदि — में आधार कार्ड को DOB प्रमाण की तरह नहीं माना जाए।

➤ अब कौन-कौन से दस्तावेज मान्य होंगे

  • अगर किसी नागरिक को अपनी जन्मतिथि साबित करनी है, तो अब उन्हें इनमें से कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा:
  • नगरपालिका, नगर निकाय, ग्राम पंचायत आदि द्वारा जारी किया गया जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate)
  • अस्पताल या स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी जन्म संबंधी रिकॉर्ड
  • स्कूल या कॉलेज प्रमाण पत्र / प्रवेश प्रमाण पत्र / हाई-स्कूल या माध्यमिक विद्यालय की अंकतालिका जिसमें जन्मतिथि हो दर्ज
  • पासपोर्ट (जहाँ लागू हो)
  • इन दस्तावेजों को ही अब जन्मतिथि प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाएगा; Aadhaar Card नहीं।

Aadhaar Card

➤ सरकार ने ऐसा क्यों किया?

कारण : Aadhaar Card बनवाते समय DOB की पुष्टि के लिए कोई मान्य दस्तावेज — जैसे जन्म प्रमाण पत्र या अस्पताल/स्कूल से जारी रिकॉर्ड — दिखाना अनिवार्य नहीं होता। इसलिए DOB अक्सर “स्व-घोषित” (self-declared) या अनुमानित होती है।

सरकार का कहना है कि इस तरह के दस्तावेजों की स्वीकार्यता से दस्तावेज़ी गलतियाँ या धोखाधड़ी (fraud) की संभावना कम होगी।

➤ इस फैसले का असर

  • जिन लोगों के पास पहले सिर्फ Aadhaar Card था और कोई अन्य जन्म प्रमाण नहीं — उन्हें अब सरकारी नौकरियों, पेंशन, योजनाओं या अन्य सेवाओं के लिए आवेदन में परेशानी हो सकती है। उन्हें वैध जन्म प्रमाण पत्र बनवाना पड़ेगा।
  • स्कूल-कॉलेज दाखिले, पहचान वेरिफिकेशन, सरकारी लाइसेंस या लेखा-जोखा आदि के समय अब DOB प्रमाण के लिए वही दस्तावेज मान्य होंगे।
  • विभागों, पंचायतों, नगरपालिका आदि सभी स्तरों पर इस नए आदेश का कड़ाई से पालन अनिवार्य होगा।

➤ क्या बदलाव केवल यूपी तक सीमित है?

नहीं — साथ ही Maharashtra Government ने भी ऐसा ही आदेश जारी किया है, जहाँ आधार कार्ड को जन्म प्रमाण पत्र नहीं माना जाएगा और आधार-आधारित “Delayed Birth Certificate” को रद्द किया जा रहा है।

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Big Education Reform! | KGBV Wardens के लिए नया “Training Handbook” Launch —लड़कियों की शिक्षा को मिलेगी नई ताकत

Education

27 नवंबर 2025 को नई दिल्ली स्थित शिक्षा मंत्रालय के शास्त्री भवन में Department of School Education & Literacy (DoSEL) की एक महत्वपूर्ण हाइब्रिड मीटिंग आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता विभाग के सचिव श्री संजय जाविन ने की, जहाँ उन्होंने “Training Handbook for Empowerment of KGBV Wardens” को आधिकारिक रूप से रिलीज़ किया।

अपने सम्बोधन में उन्होंने कहा कि—

“Wardens और Teachers के लिए structured training बेहद आवश्यक है, ताकि KGBVs में संस्थागत सपोर्ट सिस्टम और लड़कियों का सशक्तिकरण मजबूत हो।”

डिजिटल प्रशिक्षण वेबसाइट का प्रदर्शन — वार्डन्स के लिए बड़ा बदलाव

Education

बैठक के दौरान अधिकारियों ने KGBV वार्डन्स को empower करने हेतु तैयार की गई dedicated training website का लाइव डेमो भी प्रस्तुत किया। इस प्लेटफॉर्म में, विस्तृत Training Modules, Digital Learning Resources, Capacity Building Tools और mobile-friendly access शामिल हैं।

यह वेबसाइट देशभर के वार्डन्स के लिए सीखने को सरल, व्यवस्थित और accessible बनाने में बड़ी भूमिका निभाएगी। KGBV System के लिए बड़ा कदम — लड़कियों की शिक्षा को नया आधार यह पहल कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय नेटवर्क में क्षमता निर्माण (capacity building) को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

वार्डन्स और शिक्षकों को नए कौशल, दृष्टिकोण और आधुनिक शैक्षणिक समझ से लैस करके सरकार का लक्ष्य है:

~लड़कियों के लिए सुरक्षित, सहयोगी और प्रेरक वातावरण बनाना

~शिक्षण-प्रबंधन को professional और efficient बनाना

~Gender equity और सीखने के outcomes में सुधार लाना

यह मिशन राष्ट्रीय शिक्षा नीति और भारत की लड़कियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के व्यापक विज़न को मजबूती देता है।

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दो कोच पटरी से उतरे ,रेलगाड़ी….Big Breaking! Dumka Train Derailment — Rampurhat–Jasidih Passenger

रेलगाड़ी

स्टेशन में एंट्री से ठीक पहले डिरेलमेंट आज 27 नवंबर 2025, गुरुवार दोपहर 2:10 बजे, झारखंड के दुमका रेलवे स्टेशन के नज़दीक Rampurhat–Jasidih (63081) Passenger रेलगाड़ी के दो कोच पटरी से उतर गए। ट्रेन स्टेशन में धीमी गति से प्रवेश कर रही थी, इसी दौरान अचानक पीछे के दो कोच डिरेल हो गए। राहत की बात ये है की कोई जनहानि नहीं हुई। लेकिन 2–3 यात्रियों को हल्की चोटें आईं और उन्हें तुरंत फुलो झानो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाकर इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई।

ट्रेन का रूट और डिरेलमेंट का असर

ट्रेन आज दोपहर 12:50 PM पर पश्चिम बंगाल के रामपुरहाट (बीरभूम) से रवाना हुई थी और झारखंड के Jasidih (देवघर) की ओर जा रही थी। हादसे में दो ओवरहेड इलेक्ट्रिक पोल (OHE) क्षतिग्रस्त हुई, रूट पर कई घंटों तक ट्रेनों की आवाजाही बाधित रही। यह व्यस्त रूट होने के कारण कई लोकल व पैसेंजर ट्रेनें रोकनी पड़ीं।

रेलगाड़ी

रेलवे की त्वरित कार्रवाई—बड़ी दुर्घटना टली

Eastern Railway और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाला, पटरी से उतरे कोचों को स्थिर किया और ट्रैक क्लियरेंस और उपकरणों की मरम्मत भी शुरू की।

Eastern Railway के CPRO ने पुष्टि की: “ट्रेन की स्पीड कम होने की वजह से बड़ा हादसा टल गया।”

जांच शुरू—क्यों उतरे कोच?

रेलवे अधिकारियों के अनुसार डिरेलमेंट के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। Track alignment और OHE damage की तकनीकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा भी होगी।

यह घटना दिखाती है कि सतर्कता, त्वरित प्रतिक्रिया और लो-स्पीड एंट्री ने आज एक बड़ी रेल दुर्घटना को होने से बचा लिया।

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6 साल की बच्ची पर हमला, मुख्य आरोपी अभी …. सड़कों पर फूटा….| MP Horror in Raisen!

बच्ची

मध्य प्रदेश के रायसेन ज़िले में छह साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म ने पूरे इलाके को हिला के रख दिया है। 21 नवंबर की शाम गौहरगंज क्षेत्र के एक गांव में आरोपी सलमान खान उर्फ़ नज़र (उम्र 23) ने बच्ची को चॉकलेट देने का झांसा देकर जंगल की ओर ले गया और वहां उसके साथ अमानवीय अत्याचार कर फरार हो गया।

पीड़िता को गंभीर हालत में पहले स्थानीय अस्पताल और फिर भोपाल एम्स रेफर किया गया—जहां डॉक्टरों के अनुसार अब उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

आरोपी फरार — 20+ पुलिस टीमें तलाश में!

सलमान खान मूलतः सीहोर जिले का रहने वाला है और मजदूरी के लिए गौहरगंज आया था। वारदात के बाद से वह लगातार फरार है। पुलिस ने उसकी खोज के लिए 20 से ज्यादा टीमें, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, मुखबिर और जंगल क्षेत्रों में लगातार सर्च अभियान चलाए हैं।

हाल ही में एक CCTV में आरोपी सिगरेट खरीदते हुए दिखा, जिससे शक है कि वह आसपास के ही किसी इलाके में छिपा हो सकता है। लेकिन गिरफ्तारी न होने से जनता का गुस्सा और बढ़ गया है।

बच्ची

रायसेन में उबलता गुस्सा —

सड़कें बंद, बाजार बंद, नारेबाज़ी, लाठीचार्ज घटना के कई दिन बाद भी आरोपी पकड़ा न जाने पर रायसेन और गौहरगंज में भारी प्रदर्शन भड़के। लोगों ने NH-46 हाईवे जाम, बाज़ार बंद, और “पीड़िता को न्याय दो” के नारे लगाते हुए प्रशासन के खिलाफ कड़ा विरोध जताया।

कुछ जगहों पर भीड़ और पुलिस के बीच झड़प व पथराव भी हुआ—स्थिति काबू में लाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर करना पड़ा और अतिरिक्त बल तैनात किया गया।

सरकार की बड़ी कार्रवाई — SP हटाए गए, थानेदार बदला, इनाम बढ़ा मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मामले में देरी पर नाराज़गी जताई और तत्काल प्रभाव से रायसेन SP को हटाने, संबंधित थानेदार को लाइन हाज़िर करने, आरोपी पर घोषित इनाम बढ़ाने, और तेजी से गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सरकार ने आश्वासन दिया: “कसूरवार को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा।

जनता का सवाल—आखिर कब मिलेगा न्याय?

इस घटना ने पूरे प्रदेश में गुस्सा और डर दोनों बढ़ा दिए हैं। लोग पूछ रहे हैं—

  • “जब CCTV मिल चुका है, 20 से ज्यादा टीमें लगी हैं, फिर भी आरोपी क्यों नहीं पकड़ा जा रहा?”
  • यह घटना बच्चों की सुरक्षा, पुलिस की तत्परता और प्रशासनिक सिस्टम पर बड़े सवाल खड़े करती है।

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करोड़ों की विदेशी मुद्रा जब्त …..?मुंबई Airport पर Customs की Mega Action!

मुंबई

मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (CSMIA) पर कस्टम विभाग ने हाल ही में एक Special Anti-Smuggling Drive चलाते हुए लाखों–करोड़ों रुपये मूल्य की विदेशी करेंसी जब्त कर एक बार फिर सख्त संदेश दिया है। अलग-अलग मामलों में पकड़ी गई इन हाई-वैल्यू करेंसी के कारण कई यात्रियों को कस्टम एक्ट 1962 के तहत हिरासत में लिया गया और पूछताछ शुरू कर दी गई है।

ऑपरेशन कैसे चला – किन रूट्स पर कार्रवाई?

कस्टम Zone-III और एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) की टीमों ने दुबई, अबू धाबी, दोहा और जकार्ता जैसे रूट्स पर आने-जाने वाले यात्रियों की profiling + targeted screening की। संदिग्ध पैटर्न देखने पर यात्रियों को रोका गया और उनके बैग की intensive scanning की गई—जिनमें से कई मामलों में बड़ी मात्रा में अवैध रूप से ले जाई जा रही करेंसी बरामद हुई।

मुंबई

Currency कैसे छिपाई गई थी?

ज्यादातर मामलों में करेंसी को ट्रॉली बैग के false bottom में, हैंड बैग के hidden compartments में, या कपड़ों/इलेक्ट्रॉनिक आइटम के अंदर पेशेवर रूप से छुपाया गया था।

  • एक बड़े मामले में दुबई से आए एक यात्री के बैग से करीब ₹87 लाख के बराबर विदेशी नोट जब्त किए गए।
  • एक अन्य संयुक्त कार्रवाई में दो यात्रियों से मिलकर ₹1.07 करोड़ से ज्यादा की currency बरामद हुई।
  • यह साफ संकेत है कि यात्रियों को निर्देशित कर प्रोफेशनल तरीके से करेंसी इंडिया लाने की कोशिश की जा रही थी।

गिरफ्तारी, पूछताछ और सिंडिकेट लिंक?

गिरफ्तार यात्रियों से पूछताछ की जा रही है कि क्या वे किसी International Hawala / Currency Smuggling Network से जुड़े हुए हैं। जप्त किये गए पासपोर्ट, मोबाइल, टिकट, रूटिंग और पैसे के पैटर्न को वित्तीय खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर खंगाला जा रहा है।

कस्टम अधिकारियों का कहना है कि अगर सिंडिकेट कनेक्शन के सबूत मिलते हैं, तो और गिरफ्तारियां व बड़े खुलासे संभव हैं।

मुंबई

 

लगातार बढ़ रहे तस्करी के प्रयास—कस्टम का सख्त संदेश

सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक गल्फ रूट पर Cash Smuggling, Gold Smuggling, और Electronic Goods तस्करी के प्रयास तेजी से बढ़ रहे हैं। इसी वजह से प्रोफाइलिंग और तकनीकी मॉनिटरिंग और सख्त की गई है।कस्टम विभाग ने स्पष्ट किया है कि—

“अवैध करेंसी ले जाना सिर्फ जब्ती नहीं—सीधा arrest, court trial और भारी economic penalty की ओर ले जाता है।”

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पहली बार मिला डार्क मैटर का सुराग, ब्रह्मांड के सबसे बड़े रहस्य की झलक | पूरी खबर जानिए  

डार्क मैटर

विज्ञान की दुनिया से आई एक बड़ी खबर ने पूरी दुनिया के वैज्ञानिक समुदाय को उत्साहित कर दिया है। दशकों से खोजे जा रहे डार्क मैटर (Dark Matter) के बारे में पहली बार ऐसे संकेत मिले हैं, जो संभवतः इसके वास्तविक अस्तित्व की दिशा में सबसे बड़ा कदम साबित हो सकते हैं।

अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों की एक टीम ने दावा किया है कि भूमिगत प्रयोगशालाओं में किए गए शोध में उन्हें कुछ ऐसे अजीब संकेत मिले हैं, जिन्हें सामान्य वैज्ञानिक कारणों से समझाना बहुत मुश्किल है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह संकेत डार्क मैटर कणों की टक्कर या विघटन से जुड़ा हो सकता है। अगर यह दावा सही साबित होता है, तो यह आधुनिक विज्ञान के इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण खोजों में से एक होगी।

डार्क मैटर

डार्क मैटर क्या है?

डार्क मैटर ब्रह्मांड का वह रहस्यमय पदार्थ है जिसे हम देख नहीं सकते। यह न प्रकाश छोड़ता है, न उसे रोकता है, न प्रतिबिंबित करता है। इसलिए इसे अदृश्य पदार्थ भी कहा जाता है।

वैज्ञानिक इसका पता इसके गुरुत्वाकर्षण प्रभाव से लगाते हैं, क्योंकि यह आकाशगंगाओं, तारों और ग्रहों की चाल को प्रभावित करता है। माना जाता है कि पूरे ब्रह्मांड का लगभग 85 प्रतिशत पदार्थ डार्क मैटर से बना है। वैज्ञानिक मानते हैं कि यह WIMP (Weakly Interacting Massive Particles) नामक कणों से बना हो सकता है, जो सामान्य पदार्थ से बहुत कमजोर रूप से संपर्क करते हैं। इसी वजह से इनका पता लगाना बेहद कठिन है।

प्रयोग कैसे किया गया?

यह प्रयोग पृथ्वी की सतह से सैकड़ों मीटर नीचे स्थित विशेष भूमिगत प्रयोगशालाओं में किया गया, ताकि कॉस्मिक किरणों और रेडिएशन जैसे बाहरी स्रोतों का प्रभाव खत्म किया जा सके।

इन प्रयोगों में बड़े टैंकों में तरल ज़ेनॉन (Liquid Xenon) रखा जाता है। वैज्ञानिक लगातार इस बात की निगरानी करते हैं कि कहीं कोई बहुत छोटा प्रकाश संकेत या आयनीकरण तो नजर नहीं आता, जो डार्क मैटर के किसी कण की टक्कर से उत्पन्न हो सकता है।

हाल ही में प्राप्त डेटा में कुछ ऐसे संकेत मिले हैं जो सामान्य रेडिएशन या अन्य ज्ञात स्रोतों से नहीं समझाए जा सकते। इन संकेतों की ऊर्जा और पैटर्न WIMP मॉडल से मेल खाते हैं, जो इसे और महत्वपूर्ण बनाता है।

डार्क मैटर

क्या यह वास्तव में डार्क मैटर की खोज है?

वैज्ञानिकों ने कहा है कि डेटा में मिली घटनाएं सांख्यिक रूप से काफी मजबूत हैं, यानी यह साधारण संयोग नहीं लगतीं। लेकिन वे अभी सावधानी से आगे बढ़ रहे हैं क्योंकि अंतिम पुष्टि तभी होगी जब:

•अन्य वैज्ञानिक समूह भी इसी तरह के परिणाम प्राप्त करें

•आंकड़ों की गहराई से जांच हो

•अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समीक्षा (Peer Review) पूरी हो

यह खोज इतनी महत्वपूर्ण क्यों है?

•अगर यह संकेत सत्य सिद्ध होते हैं, तो यह खोज पूरी विज्ञान दुनिया की दिशा बदल देगी।

•यह साबित कर देगी कि डार्क मैटर वास्तव में मौजूद है

•स्टैंडर्ड मॉडल ऑफ पार्टिकल फिजिक्स से आगे का रास्ता खुलेगा

•आकाशगंगाओं की संरचना और ब्रह्मांड के निर्माण को समझना आसान होगा

•यह नोबेल पुरस्कार स्तर की खोज मानी जा सकती है

आगे क्या होगा?

अभी दुनिया भर के वैज्ञानिक इस डेटा की जांच कर रहे हैं। आने वाले महीनों में और परिणाम सामने आएंगे। अगर यह डेटा स्वतंत्र प्रयोगों में दोहराया गया, तो मानवता पहली बार डार्क मैटर की वास्तविक पहचान के बहुत करीब पहुंच जाएगी।

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यूपी में 11 करोड़ की लूट 🤦 बच्चों का खाना भी……. ! Mid-Day Meal SCAM EXPOSED!

यूपी

बलरामपुर में 11 करोड़ का खुलासा — 44 लोगों पर FIR, हिल गया सिस्टम यूपी के बलरामपुर ज़िले में मिड डे मील योजना में करीब 11 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले का परदाफाश हुआ है। मिड डे मील चलाने वाले के साथ-साथ 44 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। ऐसा बताया जा रहा है कि यह घोटाला 2021 से 2025 के बीच स्कूलों और मदरसों के बच्चों के नाम पर फर्जी भुगतान, बढ़ी हुई छात्र संख्या और नकली उपभोग विवरण के जरिए हो रहा है।

कैसे सामने आया घोटाला? — शिकायत ने खोला पूरा खेल

कुछ प्राथमिक विद्यालयों ने BSA कार्यालय को शिकायत भेजी कि उन्हें कन्वर्ज़न कास्ट की राशि कम मिल रही है। इस पर PFMS पोर्टल की एंट्रियों की जांच शुरू हुई—और वहीं से सामने आया कि करोड़ों रुपये बिना असली भोजन कराए, फर्जी उपभोग रिपोर्ट लगाकर निकाल लिए गए।

जांच में यह भी पाया गया कि बच्चों की संख्या बढ़ाकर दिखाना, मदरसों के नाम पर फर्जी बिल, स्कूलों से सांठगांठ कर पेमेंट निकालना, बिना भोजन परोसे पैसे जारी करना घोटाले का मुख्य तरीका था।

  • मास्टरमाइंड कौन? 44 नाम, संख्या 100 पार होने की आशंका
  • FIR में जिला समन्वयक फिरोज अहमद खान सहित 44 लोगों को नामजद किया गया है।
  • यूपी

इनमें शामिल हैं:

– कई मदरसों के प्रबंधक

– परिषदीय विद्यालयों से जुड़े लोग

– कुछ आउटसोर्सिंग सप्लायर

– और भुगतान प्रक्रिया में शामिल सहयोगी

सूत्रों का दावा है—बिना अन्य अधिकारियों की मिलीभगत के इतने बड़े स्तर पर हेराफेरी संभव नहीं, इसलिए जांच आगे बढ़ने पर आरोपी 100 से अधिक हो सकते हैं।

पुलिस की कार्रवाई — रातभर छापेमारी, कई हिरासत में

  • SP बलरामपुर ने एक विशेष टीम बनाकर रात में कई स्थानों पर छापेमारी की।
  • कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है।
  • शिक्षा विभाग भी समानांतर जांच कर रहा है और विभागीय कार्रवाई की तैयारी में है।

बच्चों के अधिकार पर हमला — मिड डे मील योजना पर उठे सवाल

मिड डे मील योजना का उद्देश्य बच्चों को पौष्टिक भोजन देकर स्कूल में नामांकन, उपस्थिति और स्वास्थ्य बढ़ाना है। लेकिन बलरामपुर घोटाला दिखाता है कि मॉनिटरिंग और फील्ड वेरिफिकेशन की व्यवस्था में बहुत कमियां हैं, जिनका फायदा उठाकर भ्रष्ट लोगों ने बच्चों के हक का भोजन तक लूट लिया। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समय पर जांच न होती, तो रकम और भी बड़ी हो सकती थी।

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पटना में ठेकेदार रिशु श्री के 9 ठिकानों पर छापेमारी, करोड़ों के लेन-देन की जांच तेज

पटना

बिहार की राजधानी पटना में गुरुवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चर्चित ठेकेदार रिशु श्री उर्फ़ रिशु रंजन सिन्हा से जुड़े कुल 9 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग, कमीशनखोरी और कथित बेनामी संपत्ति के मामले में की गई है।

सूत्रों के मुताबिक ED इस छापेमारी के जरिए कई राज्यों में फैले नेटवर्क की जांच कर रही है, जो सरकारी ठेकों, ट्रांसफर–पोस्टिंग और कमीशन के नाम पर भारी रकम के लेन-देन से जुड़ा बताया जा रहा है।

पटना

कहां-कहां हुई छापेमारी

ईडी की रेड बिहार के अलावा कई राज्यों में फैली:

  • •पटना (बिहार) – मुख्य ठिकाने
  • •दिल्ली–एनसीआर
  • •सूरत और अहमदाबाद (गुजरात)
  • •पानीपत (हरियाणा)

छापेमारी एक साथ कई टीमों द्वारा की गई ताकि दस्तावेज़ों और डिजिटल डेटा को बिना देरी जब्त किया जा सके।

किस मामले में कार्रवाई

  • •रिशु श्री पर आरोप है कि वह सरकारी विभागों में ठेके दिलाने और पोस्टिंग–तबादला कराने के नाम पर भारी कमीशन वसूलता था।
  • •ईडी का मानना है कि इस पैसे को बेनामी संपत्तियों और व्यापारों में निवेश कर सफेद किया जाता था।
  • •कार्रवाई PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम) के तहत की जा रही है।

किन अधिकारियों और नेटवर्क पर भी रेड

  • •सामान्य प्रशासन विभाग के अंडर सेक्रेटरी विनोद कुमार सिंह
  • •रिशु श्री का चार्टर्ड अकाउंटेंट
  • कुछ ट्रैवल एजेंट और कारोबारी, जिनके जरिए पैसा घूमाने की आशंका है
  • जांच टीम मानती है कि इन्हीं कड़ियों के जरिये अवैध धन का लेन-देन चल रहा था।
  • पटना

छापे में क्या मिला

अभी तक रेड में:

  • •नकदी
  • •महत्वपूर्ण फाइलें और दस्तावेज़
  • •डायरी और मोबाइल-लैपटॉप जैसे डिजिटल उपकरण
  • •अवैध लेन-देन और संपर्कों से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं।
  • पिछली कार्रवाई में भी करीब 10–12 करोड़ रुपये नकद, प्रॉपर्टी पेपर और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मिल चुके हैं।

क्यों बढ़ी कार्रवाई? —

रिशु श्री का नाम पहले भी IAS संजीव हंस से जुड़े कथित टेंडर और मनी लॉन्ड्रिंग घोटाले में सामने आया था। उसी जांच के बाद ईडी ने उसकी गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई और अब यह बड़ा एक्शन किया गया है।

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अयोध्या राम मंदिर पर भगवा ध्वज फहरा तो पाकिस्तान बौखलाया, भारत का जवाब से डर गया पाकिस्तान | पूरी खबर जानिए

राम मंदिर

राम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज (भगवा ध्वज) फहराए जाने के बाद भारत में उत्साह और आस्था की लहर दौड़ गई, लेकिन पड़ोसी देश पाकिस्तान इस पर तिलमिला उठा। पाकिस्तान ने इसे ‘इस्लामोफोबिया’ बताते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मुद्दा बनाने की कोशिश की। जिसके बाद भारत ने कड़े शब्दों में जवाब देते हुए पाकिस्तान को उसकी हद और हकीकत दोनों याद दिला दी।

अयोध्या में ऐतिहासिक पल — मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज –

25 नवंबर को अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में वैदिक मंत्रों और धार्मिक विधि-विधान के साथ राम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज फहराया गया।इसे मंदिर निर्माण की आधिकारिक पूर्णता और भारत की सांस्कृतिक-धार्मिक अस्मिता का प्रतीक माना गया। पूरे देश में इस क्षण को लेकर भव्य उत्सव, दीये, भजन और जय श्री राम के नारे गूंजते रहे।

राम मंदिर

पाकिस्तान की बयानबाजी —

ध्वज फहराए जाने के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि:

अयोध्या में भगवा ध्वज फहराना इस्लामोफोबिया और धार्मिक अल्पसंख्यकों के दमन का उदाहरण है |यह मुसलमान समुदाय की विरासत, खासकर बाबरी मस्जिद की ऐतिहासिक पहचान को मिटाने की कोशिश है।इसके साथ पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग भी कर डाली।

भारत का सख्त जवाब — ‘हमें उपदेश न दें’

भारत ने पाकिस्तान के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए तीखा बयान दिया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा: “हमें उन देशों से लेक्चर की जरूरत नहीं है जो अपने यहां अल्पसंख्यकों की सुरक्षा तक नहीं कर पाते।”

भारत ने स्पष्ट किया:

राम मंदिर

राम मंदिर निर्माण भारत के सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक फैसले के बाद पूरी संवैधानिक प्रक्रिया से हुआ है। अयोध्या पूरी तरह भारत का आंतरिक मुद्दा है — किसी बाहरी देश की टिप्पणी अनुचित और हस्तक्षेप मानी जाएगी।

भारत ने दिखाया पाकिस्तान को आईना –

भारत ने पाकिस्तान की अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा और दमन की लंबी सूची का उल्लेख करते हुए कहा: पाकिस्तान में हिंदू, सिख, ईसाई, अहमदिया मुस्लिम समुदाय लगातार हमलों और जबरन धर्मांतरण का शिकार होते हैं।मंदिरों और गुरुद्वारों पर बार-बार हमले होते हैं, हजारों हिंदू हर साल देश छोड़कर भागने को मजबूर हैं। ऐसे देश को भारत की धार्मिक स्वतंत्रता पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

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वेयरहाउस में आग, सैंकड़ों…Hong Kong Inferno: Tai Po Warehouse Blaze Shocks City

वेयरहाउस

वेयरहाउस में आग धुएँ से घिरी फैक्ट्री, पूरा इलाका हाहाकार आज दोपहर लगभग 11:35 बजे हांगकांग के ताई पो क्षेत्र के एक इंडस्ट्रियल एस्टेट में स्थित वेयरहाउस में अचानक भयंकर आग भड़क गई। जैसा कि रिपोर्ट्स बताती हैं — पहले तेज धुएँ की लपटें, फिर अचानक ज्वाला फैल गई। आग इतनी व्यापक थी कि चार किलोमीटर दूर तक काला धुआँ आकाश में फैला और आसपास के क्षेत्रों में यातायात रोकना पड़ा।

तेज़ रेस्क्यू ऑपरेशन—500+ लोग सुरक्षित निकाले, दमकल की 10 गाड़ियाँ लगीं मोर्चे पर

फायर ब्रिगेड की करीब 10 गाड़ियों और 45 फायरफाइटर्स ने महज़ 15 मिनट में इलाका घेर लिया। इसके बाद लगातार तीन घंटे तक रेस्क्यू और राहत अभियान चला। अधिकारियों ने बताया कि 500 से अधिक लोग सुरक्षित घरों से बाहर निकाले गए। हालांकि, 3 कर्मचारियों को हल्की दम घुटने की शिकायत हुई, जिन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया।

वेयरहाउस

संभावित वजह — Short Circuit या केमिकल/प्लास्टिक स्टोर में चिंगारी?

प्रारंभिक जांच में पाया गया कि आग शॉर्ट सर्किट से शुरू हुई हो सकती है। वहीं, वेयरहाउस में केमिकल या प्लास्टिक पदार्थों का स्टॉक था — जिसके कारण आग ने तेजी पकड़ी। प्रशासन ने पास की दुकानों और आसपास के इलाकों को अस्थायी रूप से सील कर दिया है, ताकि रिस्क कम किया जा सके।

प्रबंधन और प्रतिक्रिया—ड्रोन, रिमोट-सेंसिंग, स्कूल बंद, सुरक्षा सवाल

आग बुझाने और क्षेत्र की निगरानी के लिए अग्निशमन विभाग ने ड्रोन व रिमोट-सेंसिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया। पास के स्कूलों को बंद कर दिया गया और इंडस्ट्रियल ज़ोन को अस्थायी रूप से बंद किया गया। स्थानीय नागरिकों ने अब मांग की है कि सुरक्षा मानकों को अधिक सख्ती से लागू किया जाए ताकि फिर कभी ऐसा हादसा न हो।

नतीजा और आगे की राह—जनहानि न के बराबर, लेकिन सवाल कई

अभी तक किसी बड़ी जनहानि की सूचना नहीं है, और राहत–बचाव टीमों की प्रतिक्रिया को व्यापक रूप से सराहना मिली है। लेकिन यह आग एक चेतावनी है —

  • इंडस्ट्रियल ज़ोन में सुरक्षा व्यवस्था की सख्ती,
  • समय-समय पर फायर ऐक्सेस,
  • वेयरहाउस स्टोर नियमों का पालन
  • यही ऐसे हादसों से बचने का असली तरीका है।

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