देश की राजधानी दिल्ली, जिसे सबका शहर कहा जाता है, वहां से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है जिसने पूरे देश के लोगों को आक्रोशित कर दिया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में तैनात एक हेड कांस्टेबल ने सिर्फ इसलिए एक बेगुनाह फूड डिलीवरी बॉय को सरेआम गोली मार दी, क्योंकि वह अपनी क्षेत्रीय भाषा (बिहारी) में बात कर रहा था।
इस घटना ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या अपने ही देश की राजधानी में ‘बिहारी’ होना कोई गुनाह है? ‘ApniVani’ की इस विशेष क्राइम रिपोर्ट में आइए सिलसिलेवार तरीके से समझते हैं कि उस खौफनाक रात आखिर क्या हुआ था, मृतक कौन था और इस दिल दहला देने वाले हत्याकांड के बाद सियासत कैसे गरमा गई है।
रात के अंधेरे का वो खौफनाक सच: ‘तुम बिहारी हो, यहां से चले जाओ’
यह पूरी वारदात 26 अप्रैल (रविवार तड़के) की है।
दिल्ली के जाफरपुर कलां थाना क्षेत्र के रावता गांव में बिहार के कुछ युवक एक बर्थडे पार्टी से लौट रहे थे। वे सभी आपस में अपनी क्षेत्रीय भाषा में बात कर रहे थे। पुलिस एफआईआर और चश्मदीदों के अनुसार, उसी दौरान वहां रहने वाला दिल्ली पुलिस का हेड कांस्टेबल नीरज बलहारा (जो नशे की हालत में था) वहां पहुंचा।
आरोपी नीरज ने उनकी भाषा पर ऐतराज जताया और गाली-गलौज करते हुए कहा, “तुम बिहारी हो, यहां से चले जाओ।” जब लड़कों ने इस दुर्व्यवहार का विरोध किया, तो गुस्से में आकर नीरज ने अपनी सरकारी ‘ग्लॉक पिस्तौल’ (Glock Pistol) निकाली और सीधा बाइक पर बैठे डिलीवरी बॉय के सीने पर तानकर गोली चला दी। गोली इतनी करीब से मारी गई थी कि वह डिलीवरी बॉय के सीने को चीरते हुए उसके पीछे बैठे दोस्त (कृष्ण) को भी जा लगी।
कौन था मृतक पांडव कुमार? परिवार का उजड़ गया इकलौता सहारा
इस क्षेत्रवाद और नफरत का शिकार हुआ 21 साल का मासूम पांडव कुमार बिहार के खगड़िया जिले का रहने वाला था।
पांडव अपने परिवार की गरीबी दूर करने और उनके सपनों को पंख देने के लिए दिल्ली आया था और जोमैटो (Zomato) में डिलीवरी बॉय का काम करता था। घटना वाली रात गोली लगने से पांडव की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसका साथी कृष्ण अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है। पांडव के 16 वर्षीय भाई विकास और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे हत्यारे पुलिसकर्मी के लिए फांसी की सजा की मांग कर रहे हैं।
आरोपी गिरफ्तार, बिहार से लेकर दिल्ली तक गरमाई सियासत
इस जघन्य हत्याकांड के बाद आरोपी कांस्टेबल नीरज ने अपना फोन बंद कर लिया और फरार हो गया, लेकिन स्पेशल सेल ने उसे हरियाणा के रोहतक से दबोच लिया। उसे सस्पेंड कर दिया गया है और हत्या (BNS) और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

इस घटना के बाद राजनीतिक बवाल भी चरम पर है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस घटना को दिल दहलाने वाला बताते हुए पीड़ित परिवार को 8 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है। वहीं पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव, मनोज तिवारी और चिराग पासवान जैसे दिग्गजों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर न्याय का भरोसा दिलाया है। राजद नेता तेजस्वी यादव और भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव ने भी इस घटना पर तीखा रोष जताते हुए दिल्ली की कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े किए हैं।
ApniVani का संदेश
पांडव कुमार की हत्या सिर्फ एक क्राइम न्यूज़ नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज में फैले उस ‘क्षेत्रीय नफरत’ (Regional Hate) के जहर का नतीजा है जो आए दिन उत्तर भारतीय और खासकर बिहार के लोगों को झेलना पड़ता है। दिल्ली जैसे महानगरों की इमारतें और अर्थव्यवस्था हमारे इन्ही मजदूरों और कामगारों के पसीने से खड़ी होती है। प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि वर्दी का रौब दिखाकर एक बेगुनाह की जान लेने वाले इस हत्यारे को कड़ी से कड़ी सजा मिले, ताकि फिर किसी मां की कोख सूनी न हो।
आपकी क्या राय है?
क्या अपने ही देश में क्षेत्रीय भाषा बोलने पर इस तरह निशाना बनाया जाना ‘सिस्टम’ की सबसे बड़ी विफलता नहीं है? अपनी बेबाक और सख्त राय नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर दर्ज करें!
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