रामनवमी पर छावनी में बदला बिहार: 45 कंपनियां तैनात और पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द, जानें सुरक्षा का पूरा प्लान

बिहार में रामनवमी के पावन पर्व को लेकर हर्षोल्लास के साथ-साथ प्रशासन पूरी तरह सतर्क मोड में है। राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने और शांतिपूर्ण तरीके से जुलूस संपन्न कराने के लिए नीतीश सरकार ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर पूरे प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को ‘टाइट’ कर दिया गया है।

पुलिस मुख्यालय का बड़ा फैसला: रद्द हुईं छुट्टियां

त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए बिहार पुलिस मुख्यालय ने राज्य के सभी पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी हैं। डीजीपी विनय कुमार ने स्पष्ट किया है कि केवल विशेष परिस्थितियों में ही अवकाश की अनुमति दी जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य सड़कों पर पुलिस की दृश्यता (Visibility) बढ़ाना और किसी भी अप्रिय घटना पर त्वरित प्रतिक्रिया देना है। फील्ड में तैनात जवानों से लेकर आला अधिकारियों तक को अगले 48 घंटों के लिए ‘ऑन ड्यूटी’ रहने का आदेश दिया गया है।

रामनवमी
रामनवमी

सुरक्षा का अभेद्य किला: BISAP और रिजर्व बल की 45 कंपनियां तैनात

बिहार की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए राज्य सरकार ने भारी संख्या में अतिरिक्त बलों की मांग और तैनाती की है। आंकड़ों के अनुसार, BISAP (बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस) और अन्य रिजर्व बलों की लगभग 45 कंपनियां विभिन्न जिलों में भेजी गई हैं।

• BISAP की 30 कंपनियां: इन्हें विशेष रूप से संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च के लिए लगाया गया है।

• रिजर्व फोर्स की 12 कंपनियां: किसी भी आपात स्थिति के लिए इन्हें स्टैंडबाय पर रखा गया है।

• केंद्रीय बल: शांति बनाए रखने के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 3 कंपनियों को भी रणनीतिक स्थानों पर तैनात किया गया है।

इसके अलावा, हाल ही में पास आउट हुए 21 हजार से ज्यादा प्रशिक्षु सिपाहियों को भी सुरक्षा घेरे को मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

ड्रोन और CCTV से ‘तीसरी आंख’ की निगरानी

राजधानी पटना के महावीर मंदिर सहित राज्य के सभी बड़े मंदिरों और शोभायात्रा मार्गों पर सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया गया है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में ड्रोन के जरिए निगरानी की जा रही है। पुलिस मुख्यालय ने साफ कर दिया है कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने वालों या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सायबर सेल सक्रिय है और उनके विरुद्ध आईपीसी की गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।

DJ पर पूर्ण प्रतिबंध और शोभायात्रा के नियम

इस बार रामनवमी पर प्रशासन ने ध्वनि प्रदूषण और तनाव की स्थिति को रोकने के लिए डीजे (DJ) बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। शोभायात्रा निकालने के लिए लाइसेंस अनिवार्य कर दिया गया है और केवल उन्हीं रूटों पर जुलूस की अनुमति दी गई है जो पहले से निर्धारित हैं। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई भी समिति नियमों का उल्लंघन करती है या निर्धारित रूट से भटकती है, तो आयोजकों पर सीधी कार्रवाई होगी।

रामनवमी
रामनवमी

संवेदनशील जिलों पर विशेष फोकस

मुजफ्फरपुर, नालंदा, सासाराम, भागलपुर और गया जैसे संवेदनशील जिलों में अतिरिक्त सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। इन इलाकों में सादी वर्दी में भी पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि उपद्रवियों की पहचान गुप्त रूप से की जा सके। प्रशासन ने स्थानीय ‘शांति समितियों’ के साथ बैठक कर आम जनता से भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की अपील की है।

बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन का यह सख्त रुख स्पष्ट करता है कि राज्य में कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। भारी बल की तैनाती और तकनीक के इस्तेमाल से रामनवमी के पर्व को सुरक्षित और गरिमामय बनाने की हर संभव कोशिश की जा रही है।

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