पश्चिम बंगाल में चुनाव खत्म होने के बाद भी राजनीतिक हिंसा का खूनी खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को बंगाल की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में एक हिंसक भीड़ ने जानलेवा हमला कर दिया।
इस घटना के दौरान जो तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, वे बेहद विचलित करने वाले हैं। एक चुने हुए सांसद को अपनी जान बचाने के लिए बीच सड़क पर हेलमेट पहनना पड़ा। ‘ApniVani’ की इस विशेष ग्राउंड रिपोर्ट में आइए विस्तार से जानते हैं कि आखिर यह हमला क्यों हुआ, इसके पीछे किसका हाथ बताया जा रहा है और पुलिस ने अब तक कितनों को गिरफ्तार किया है।
सोनारपुर में आखिर क्यों गए थे अभिषेक बनर्जी?
यह पूरी घटना तब शुरू हुई जब अभिषेक बनर्जी, चुनाव के बाद हुई हिंसा में मारे गए TMC कार्यकर्ता संजू करमाकर के परिवार से मिलने के लिए सोनारपुर राजपुर नगर पालिका के वार्ड 9 पहुंचे थे।
उनका काफिला जैसे ही वहां पहुंचा, एक उग्र भीड़ ने उन्हें घेर लिया। प्रदर्शनकारी लगातार ‘चोर-चोर’ के नारे लगा रहे थे और उनके आगे बढ़ने का रास्ता रोक रहे थे। बनर्जी एक मोटरसाइकिल से वहां पहुंचे थे, जिसे भीड़ की धक्का-मुक्की में जमीन पर गिरा दिया गया।
अंडे, पत्थर और चप्पलें… भीड़ ने पार की सारी हदें
हालात उस वक्त पूरी तरह बेकाबू हो गए जब भीड़ ने सांसद पर अंडे, पत्थर और चप्पलें फेंकनी शुरू कर दीं। हमलावरों ने अभिषेक बनर्जी के साथ हाथापाई की, उनकी शर्ट फाड़ दी और उनके सीने पर मुक्के भी मारे।
खुद को पत्थरों से बचाने के लिए अभिषेक बनर्जी को आनन-फानन में एक क्रिकेट हेलमेट पहनना पड़ा। उन्होंने बाद में बयान दिया कि हमलावरों का मुख्य मकसद उनकी हत्या करना था।
‘पुलिस नदारद थी’ : TMC ने लगाया BJP पर साजिश का आरोप
TMC ने इस पूरे हमले का सीधा आरोप भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर लगाया है। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि यह एक BJP के द्वारा कराया गया हमला था और हैरान करने वाली बात यह थी कि जब उन पर हमला हुआ, तब मौके पर कोई स्थानीय पुलिस मौजूद नहीं थी।
वह लगभग एक घंटे तक पीड़ित परिवार के घर में फंसे रहे। काफी हंगामे के बाद भारी संख्या में केंद्रीय बलों और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें वहां से सुरक्षित बाहर निकाला। दूसरी ओर, BJP के नेताओं ने इस घटना से पल्ला झाड़ते हुए कहा है कि यह जनता का स्वाभाविक गुस्सा था और पार्टी का इससे कोई लेना-देना नहीं है।
अस्पताल में हाई-वोल्टेज ड्रामा और ममता बनर्जी का गुस्सा
हमले के बाद अभिषेक बनर्जी को इलाज के लिए कोलकाता के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। लेकिन वहां भी एक अलग ड्रामा देखने को मिला।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद आरोप लगाया है कि पुलिस और कुछ अज्ञात अधिकारियों की धमकियों के कारण निजी अस्पतालों ने अभिषेक बनर्जी को भर्ती करने से मना कर दिया। ममता बनर्जी ने कहा, “यह कैसी व्यवस्था है जहां विपक्ष के नेता को इलाज का अधिकार भी नहीं है?”। अंततः अभिषेक बनर्जी को वापस उनके घर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की एक टीम उनका इलाज कर रही है।
पुलिस का एक्शन: हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारियां
इस राष्ट्रीय स्तर की घटना और भारी राजनीतिक दबाव के बाद बंगाल पुलिस पूरी तरह से हरकत में आ गई है।
बारुईपुर के SP शुभेंद्र कुमार ने स्पष्ट किया है कि वीडियो फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान की जा रही है। सूत्रों से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस गंभीर मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 5 संदिग्ध उपद्रवियों को हिरासत में लिया है मैं और उनसे पूछताछ की जा रही है।
इस घटना की निंदा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी जैसे बड़े राष्ट्रीय नेताओं ने भी की है, जिन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेदों को कभी भी हिंसा से नहीं सुलझाया जा सकता।
ApniVani की बात
बंगाल में राजनीतिक वर्चस्व की यह लड़ाई अब एक बेहद खतरनाक और हिंसक रूप ले चुकी है। दिनदहाड़े एक सांसद पर ऐसा हमला राज्य की कानून-व्यवस्था पर बड़े सवालिया निशान खड़े करता है। प्रशासन को जल्द से जल्द सभी आरोपियों को सलाखों के पीछे डालना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।
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