“अकाल मृत्यु वो मरे जो काम करे चांडाल का, काल भी उसका क्या बिगाड़े जो भक्त हो महाकाल का!”
अगर आप भी शिव भक्त हैं, तो आज का दिन आपके लिए किसी बड़े उत्सव से कम नहीं है। सर्दियों के 6 महीने तक भारी बर्फबारी के कारण बंद रहने वाले ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग ‘श्री केदारनाथ धाम’ (Sri Kedarnath Dham) के कपाट आज सुबह खुलने जा रहे हैं।
अब से बस कुछ ही देर में पूरे विधि-विधान और सेना के बैंड की धुनों के बीच बाबा का दरबार आम भक्तों के लिए खोल दिया जाएगा। ‘ApniVani’ की इस ‘Live’ और ब्रेकिंग रिपोर्ट में आइए जानते हैं कपाट खुलने से ठीक पहले मंदिर की भव्य सजावट, मौसम का मिजाज और इस पावन पल की 4 सबसे अद्भुत बातें।
15 क्विंटल ताज़े फूलों से हुआ बाबा का अद्भुत श्रृंगार
कपाट खुलने के इस पावन अवसर के लिए केदारनाथ मंदिर को एक नई नवेली दुल्हन की तरह सजाया गया है।
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अनुसार, मंदिर के प्रांगण और गर्भगृह को सजाने के लिए खास तौर पर ऋषिकेश और देश के अन्य हिस्सों से 15 क्विंटल (1500 किलो) से ज्यादा ताज़े गेंदे और अन्य सुगन्धित फूल मंगवाए गए हैं। बर्फ की सफेद चादर के बीच पीले और नारंगी फूलों से सजा बाबा का मंदिर देखते ही बन रहा है।
रावल जी का प्रवेश और वैदिक मंत्रोच्चार का माहौल
कपाट खोलने की प्रक्रिया कोई साधारण ताला खोलने जैसी नहीं होती, बल्कि यह एक बहुत ही कड़े और पवित्र विधि-विधान का हिस्सा है।
सबसे पहले मुख्य पुजारी (रावल जी) और प्रशासन के आला अधिकारी मंदिर के मुख्य द्वार पर पहुंचेंगे। इसके बाद सेना (Army) की मराठा लाइट इन्फेंट्री और गढ़वाल राइफल्स का बैंड अपनी धुन बजाएगा। वैदिक मंत्रोच्चार और स्वस्तिवाचन के साथ शुभ मुहूर्त में मंदिर का मुख्य ताला खोला जाएगा।
‘पंचमुखी डोली’ ने किया मंदिर में प्रवेश
शीतकाल (सर्दियों) के दौरान बाबा केदार की पूजा उनके शीतकालीन गद्दीस्थल ‘ओंकारेश्वर मंदिर’ ऊखीमठ में होती है।
वहां से बाबा की ‘पंचमुखी उत्सव डोली’ (Utsav Doli) कई किलोमीटर का पैदल सफर तय करके कल शाम ही केदारनाथ धाम पहुंच चुकी थी। आज कपाट खुलते ही सबसे पहले इसी उत्सव डोली को मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा और उसके बाद बाबा की ‘समाधि पूजा’ संपन्न होगी।

माइनस डिग्री तापमान में भी भक्तों का ‘जुनून’
केदारनाथ में इस वक़्त मौसम बहुत ही सर्द है। तापमान माइनस (-2°C से -4°C) में गोते लगा रहा है और पहाड़ों पर ताज़ा बर्फबारी भी हुई है।
लेकिन बाबा के भक्तों के जुनून के आगे यह कड़ाके की ठंड भी हार मान गई है। कपाट खुलने के साक्षी बनने के लिए हज़ारों की संख्या में श्रद्धालु (Devotees) रात से ही मंदिर के बाहर लाइन में लगकर ‘बम-बम भोले’ के जयकारे लगा रहे हैं। प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए अलाव और गर्म पानी की पूरी व्यवस्था की है।
ApniVani का संदेश
चार धाम यात्रा (Char Dham Yatra 2026) का यह सबसे अहम पड़ाव आज से शुरू हो रहा है। बाबा केदारनाथ के कपाट खुलने के साथ ही पूरी केदार घाटी एक बार फिर से शिव के रंग में रंग गई है। जो भक्त वहां नहीं पहुंच पाए हैं, वो घर बैठे टीवी और इंटरनेट के माध्यम से इस अद्भुत पल के लाइव दर्शन कर सकते हैं।
‘ApniVani’ परिवार की ओर से सभी देशवासियों को बाबा केदारनाथ के कपाट खुलने की ढेरों शुभकामनाएं!
ॐ नमः शिवाय! क्या आप भी इस साल बाबा केदारनाथ के दर्शन करने की प्लानिंग कर रहे हैं? कमेंट बॉक्स में ‘हर हर महादेव’ ज़रूर लिखें!