Jamui BPSC Teacher Marriage: जमुई में शिक्षिका ने अपनी ममेरी बहन का जेंडर बदलवाकर रचाई शादी, जानिए इस हैरान करने वाली ‘लव स्टोरी’ के 5 सबसे बड़े सच

प्यार अंधा होता है, यह कहावत तो आपने कई बार सुनी होगी, लेकिन बिहार के जमुई जिले से प्यार की एक ऐसी अनोखी और हैरान करने वाली कहानी सामने आई है, जिसने पूरे इलाके के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी तहलका मचा दिया है। एक BPSC (बिहार लोक सेवा आयोग) चयनित महिला शिक्षिका ने प्यार की खातिर सारी सामाजिक बेड़ियों को तोड़ते हुए अपनी ही ममेरी बहन का जेंडर चेंज (लिंग परिवर्तन) करवा दिया और फिर उससे हिंदू रीति-रिवाजों के साथ शादी रचा ली।

इस अप्रत्याशित कदम के बाद दोनों के परिवार वाले गहरे सामाजिक और मानसिक सदमे में हैं। परिवार का कहना है कि उन्हें इस रिश्ते की भनक तक नहीं थी। ‘Apni Vani’ की इस विशेष रिपोर्ट में आइए एक कहानी की तरह समझते हैं कि दो सहेलियों के बीच यह प्यार कैसे परवान चढ़ा, कैसे 8 लाख रुपये का लोन लिया गया और कैसे एक लड़की सर्जरी के बाद लड़का बनकर दूल्हा बन गई।

बचपन का साथ, हॉस्टल की दोस्ती और 5 साल का गहरा प्यार

यह कहानी जमुई जिले के लक्ष्मीपुर प्रखंड की रहने वाली नयनश्री और उसकी ममेरी बहन राखी की है। नयनश्री और राखी के गांव एक-दूसरे से महज 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं। रिश्ते में ममेरी बहनें होने के कारण दोनों का बचपन से ही एक-दूसरे के घर आना-जाना था और दोनों ने अपनी शुरुआती पढ़ाई भी साथ ही की थी।

साल 2019 में मैट्रिक पास करने के बाद जब दोनों ग्रेजुएशन की पढ़ाई करने गईं, तो एक ही हॉस्टल में रहने लगीं। यही वह समय था जब दोनों की दोस्ती प्यार में बदलने लगी। परिजनों और करीबियों के अनुसार, 11वीं कक्षा के दौरान ही दोनों के बीच गहरा प्रेम संबंध बन गया था। इसके बाद साल 2023 में BPSC की तैयारी के लिए दोनों एक साथ पटना शिफ्ट हो गईं। पांच साल तक दोनों का यह प्यार परिवारों की नज़रों से पूरी तरह छिपा रहा और किसी को उन पर शक तक नहीं हुआ।

BPSC में चयन, 8 लाख का लोन और जेंडर चेंज का बड़ा फैसला

इस प्रेम कहानी में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब नयनश्री ने अपनी मेहनत के दम पर 2025 में BPSC शिक्षक भर्ती परीक्षा पास कर ली। नौकरी लगने के बाद उसे लक्ष्मीपुर प्रखंड के ही मेदनीपुर प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका के पद पर पदस्थापित कर दिया गया।

आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होने के बाद दोनों ने हमेशा के लिए एक होने का फैसला किया। स्थानीय वार्ड सदस्य राजेश कुमार के मुताबिक, नयनश्री को यह डर सताने लगा था कि अगर वह खुद अपना जेंडर बदलवाती है, तो उसकी सरकारी नौकरी और कागजी दस्तावेजों में कानूनी दिक्कतें आ सकती हैं। इसलिए उसने राखी को जेंडर चेंज करवाने के लिए राजी किया। इस पूरी मेडिकल प्रक्रिया के लिए नयनश्री ने खुद अपने नाम पर बैंक से 8 लाख रुपये का पर्सनल लोन लिया। इसके बाद करीब 6 महीने पहले दिल्ली के एम्स (AIIMS) अस्पताल में राखी की जटिल सर्जरी हुई, जिसके बाद वह हमेशा के लिए ‘राहुल’ बन गई।

‘मोबाइल खरीदने’ का बहाना और मंदिर में लिए सात फेरे

सर्जरी के बाद जब राखी उर्फ राहुल अपने घर लौटा, तो उसने अपने परिवार को अपनी सर्जरी और शारीरिक बदलाव की कोई भनक नहीं लगने दी। परिवार यही समझता रहा कि उनकी बेटी उनके साथ रह रही है।

31 मई 2026 के दिन राहुल ने अपनी बहन रेणु कुमारी से कहा कि वह बाजार से एक नया मोबाइल खरीदने जा रहा है। लेकिन मोबाइल खरीदने के बजाय वह सीधा लक्ष्मीपुर के पाटेश्वर नाथ (Pateshwar Nath) मंदिर पहुंच गया, जहां नयनश्री पहले से उसका इंतजार कर रही थी। उसी दिन दोनों ने भगवान को साक्षी मानकर हिंदू रीति-रिवाज से विवाह रचा लिया। शादी के दौरान राहुल ने नयनश्री की मांग में सिंदूर भरा और अग्नि के सात फेरे लिए। इसके बाद राहुल के पैतृक गांव हरला में शादी के बाद की कुछ पारंपरिक रस्में भी निभाई गईं। इन रस्मों के वीडियो अब इंटरनेट पर आग की तरह फैल रहे हैं।

Jamui BPSC Teacher Marriage
Apnivani

सच्चाई का खुलासा, घर में मचा भारी बवाल और फरारी

जब राहुल देर शाम तक घर नहीं लौटा और उसकी शादी की खबर व तस्वीरें परिजनों तक पहुंचीं, तो दोनों परिवारों के पैरों तले जमीन खिसक गई। जिस लड़की को वे बाजार गया हुआ समझ रहे थे, वह अब किसी का पति बन चुका था।

रविवार रात को गुस्से में आगबबूला होकर नयनश्री के माता-पिता सीधे राहुल के घर पहुंच गए और इस बेमेल शादी पर कड़ी आपत्ति जताते हुए भारी हंगामा किया। पड़ोसियों के अनुसार, गुस्से में आकर लड़की के परिजनों ने राहुल के घर का मुख्य दरवाजा तक तोड़ दिया। स्थिति को बिगड़ता देख और मारपीट के डर से, यह नवविवाहित जोड़ा घर के पिछले दरवाजे से चुपचाप निकलकर किसी अज्ञात स्थान की ओर फरार हो गया। फिलहाल दोनों कहां हैं, इसकी किसी को कोई जानकारी नहीं है।

सामाजिक और मानसिक संकट में फंसा परिवार

कानूनी तौर पर देखा जाए तो यह शादी दो बालिगों की आपसी सहमति से हुई है, लेकिन एक रूढ़िवादी ग्रामीण समाज में इसे स्वीकार करना परिवारों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं है।

नयनश्री के पिता बिहार सचिवालय में एक सम्मानित पद पर कार्यरत हैं, जबकि राहुल के पिता कोलकाता की एक निजी कंपनी में काम करते हैं। इस अचानक हुए खुलासे ने दोनों परिवारों को समाज में अलग-थलग कर दिया है और वे भारी मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। हालांकि, इस मामले पर चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. एस.एन. झा का कहना है कि मेडिकल साइंस में जेंडर ट्रांजिशन पूरी तरह से संभव है और हार्मोनल बदलावों के कारण कुछ लोगों में विपरीत लिंग के प्रति आकर्षण न होना एक प्राकृतिक प्रक्रिया हो सकती है।

Apnivani की बात

प्यार और समाज की मान्यताओं के बीच का यह टकराव कोई नया नहीं है, लेकिन जमुई का यह मामला अपने आप में बेहद अलग है। एक ओर दो युवतियों ने अपने प्यार को मुकाम तक पहुंचाने के लिए जेंडर चेंज जैसी जटिल मेडिकल प्रक्रिया से गुजरने का अदम्य साहस दिखाया, वहीं दूसरी ओर उनका परिवार अब सामाजिक तानों और मानसिक सदमे से जूझ रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि समाज और देश का कानून इस अनोखे रिश्ते को भविष्य में किस नजरिए से देखता है।

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