CBSE Opened Re-evaluation Portal: छात्रों के हंगामे के बाद खुला पोर्टल! जानिए COEMPT विवाद और आज होने वाली संसदीय बैठक के 5 बड़े अपडेट्स

CBSE Opened Re-evaluation Portal

CBSE 12वीं बोर्ड के नतीजों के बाद ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ (OSM) सिस्टम को लेकर देशभर में हाहाकार मचा हुआ है। छात्रों की कॉपियां धुंधली स्कैन होने, दूसरों की आंसर-शीट मिलने और नंबरों में भारी गड़बड़ी की ढेरों शिकायतों के बाद आखिरकार दबाव में आकर बोर्ड ने अपना री-इवैल्यूएशन पोर्टल शुरू कर दिया है। ‘Apni Vani’ की इस एक्सक्लूसिव एनालिसिस रिपोर्ट में आइए एकदम गहराई से समझते हैं कि आखिर यह ‘COEMPT’ कंपनी का ठेका विवाद क्या है, संसदीय समिति इस पर क्या एक्शन ले रही है, और सबसे जरूरी बात की किन छात्रों को री-चेकिंग के लिए अप्लाई करना चाहिए।

1 जून से शुरू हुआ पोर्टल, लेकिन विवाद क्यों?

हजारों छात्रों ने सोशल मीडिया पर शिकायत की थी कि डिजिटल चेकिंग (OSM) के दौरान उन्हें किसी और की कॉपी दे दी गई या पन्ने गायब हैं। भारी दबाव के बाद CBSE ने 1 जून 2026 से अपनी वेबसाइट पर री-इवैल्यूएशन और वेरिफिकेशन का पोर्टल खोल दिया है। हालांकि, छात्रों को इसके लिए अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है। स्कैन कॉपी के लिए ₹100, री-टोटलिंग के लिए ₹100 और री-चेकिंग के लिए ₹25 प्रति प्रश्न की फीस रखी गई है, जिसे लेकर विपक्ष (राहुल गांधी) ने भी सरकार पर ‘जेबकतरा’ होने का आरोप लगाया है।

COEMPT कंपनी के ठेके पर क्यों उठी उंगलियां?

इस पूरे विवाद के केंद्र में हैदराबाद की एक टेक कंपनी ‘Coempt Edu Teck’ है, जिसे CBSE ने लगभग 1 करोड़ कॉपियों की डिजिटल जांच का ठेका दिया था। इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन (IFF) और साइबर एक्सपर्ट्स ने शिक्षा मंत्रालय से इस कंपनी के कॉन्ट्रैक्ट की एंड-टू-एंड जांच (Independent Security Audit) की मांग की है। आरोप है कि कंपनी का सर्वर सुरक्षित नहीं था और छात्रों का डेटा आसानी से लीक हो गया। हैरान करने वाली बात यह है कि यही कंपनी 2019 में ‘ग्लोबारेना’ (Globarena) के नाम से जानी जाती थी, जिस पर तेलंगाना इंटरमीडिएट परीक्षा में भारी गड़बड़ी करने का आरोप था।

आज (2 जून) संसदीय समिति की अहम बैठक

मामले की गंभीरता को देखते हुए अब संसद भी फुल एक्शन मोड में है। आज (2 जून 2026) को ‘शिक्षा और महिला-बाल विकास संबंधी संसदीय स्थायी समिति’ (Parliamentary Standing Committee) की एक बहुत ही अहम बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा सचिव और CBSE के चेयरपर्सन को तलब किया गया है। समिति OSM सिस्टम में हुई इन तकनीकी खामियों और छात्रों को हुए नुकसान पर सीधे बोर्ड से जवाब मांगेगी।

CBSE का एक्शन: जुर्माना लगेगा, लेकिन ब्लैकलिस्ट नहीं?

छात्रों के गुस्से के बाद CBSE ने भी अपनी तकनीकी गलती मानी है। बोर्ड के अधिकारियों ने माना है कि सर्विस प्रोवाइडर (COEMPT) के पोर्टल में खामियां थीं और अब कंपनी पर टेंडर के नियमों के हिसाब से जुर्माना (Penalty) लगाया जाएगा। हालांकि, टेंडर दस्तावेजों में किए गए बदलावों के कारण कंपनी को तुरंत ब्लैकलिस्ट (Blacklist) करना शायद संभव नहीं होगा।

Apni Vani का एनालिसिस: छात्रों को क्या करना चाहिए?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या आपको पैसे खर्च करके अप्लाई करना चाहिए?

  • इन्हें जरूर अप्लाई करना चाहिए: अगर आपको पूरा विश्वास है कि आप 80-90 नंबर का पेपर करके आए थे और आपको सिंगल डिजिट (जैसे 5 या 10) नंबर मिले हैं, या फिर आपको परीक्षा देने के बावजूद Absent दिखा दिया गया है, तो बिना देरी किए तुरंत पोर्टल पर जाकर स्कैन कॉपी के लिए अप्लाई करें। कई मामलों में स्कैनिंग एरर की वजह से पूरे पेज ही चेक नहीं हुए हैं।
  • इन्हें बचना चाहिए: अगर आपके नंबर आपकी उम्मीद से सिर्फ 2-4 नंबर कम हैं और आप सिर्फ ‘लक’ आजमाने के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, तो इसमें आपका पैसा और समय दोनों बर्बाद हो सकता है। यह पोर्टल मुख्य रूप से उन बड़ी तकनीकी गलतियों को ठीक करने के लिए है, जो नई डिजिटल स्कैनिंग की वजह से हुई हैं।

Apnivani की बात

सिस्टम की इस बड़ी लापरवाही का खामियाजा आज लाखों छात्र भुगत रहे हैं। उम्मीद है कि संसदीय समिति की इस बैठक के बाद छात्रों को न्याय मिलेगा। इस जरूरी जानकारी को अपने सभी दोस्तों और व्हाट्सएप ग्रुप्स में शेयर जरूर करें!

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