देश की राजधानी दिल्ली के उत्तरी इलाके से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। मंगलवार, 17 मार्च 2026 की सुबह दिल्ली के रूपनगर इलाके में एक लोहे का पुल अचानक भरभराकर नाले में गिर गया। इस दुखद हादसे के वक्त पुल पार कर रही एक महिला सीधे नाले के तेज बहाव में समा गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर दिल्ली के पुराने बुनियादी ढांचे (Infrastructure) की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
सुबह 9:30 बजे मची चीख-पुकार

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हादसा सुबह करीब 9:30 बजे हुआ। रूपनगर स्थित नाले पर बना लगभग 60 फुट लंबा लोहे का पुल अचानक बीच से टूट गया। पुल के गिरते ही जोरदार धमाका हुआ और वहां मौजूद लोग दहशत में आ गए। हादसे के समय एक महिला पुल से गुजर रही थी, जो संतुलन बिगड़ने के कारण सीधे गहरे नाले में जा गिरी। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचित किया।
दो घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस (DFS), दिल्ली पुलिस और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमें मौके पर पहुंच गईं। महिला को तलाशने के लिए करीब दो घंटे तक सघन तलाशी अभियान चलाया गया। आखिरकार सुबह 11:30 बजे बचाव दल ने महिला के शव को नाले से बाहर निकाला। पास के अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक महिला की पहचान
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृत महिला की उम्र लगभग 50 से 55 वर्ष के बीच बताई जा रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वह महिला एक भिखारिन थी और अक्सर इसी पुल के आसपास देखी जाती थी। फिलहाल पुलिस महिला की पहचान की आधिकारिक पुष्टि करने की कोशिश कर रही है।
30 साल पुराना और ‘असुरक्षित’ था पुल
जांच में यह बात सामने आई है कि यह लोहे का पुल लगभग 30 साल पुराना था। पुल की हालत काफी जर्जर हो चुकी थी और इसे तकनीकी रूप से ‘असुरक्षित’ माना जा रहा था। जंग लगने और उचित रखरखाव की कमी के कारण पुल का ढांचा इतना कमजोर हो गया था कि वह अपना ही भार सहन नहीं कर सका।
दिल्ली सरकार का बड़ा एक्शन: ऑडिट के आदेश
इस दर्दनाक हादसे के बाद दिल्ली सरकार हरकत में आई है। सरकार ने उत्तरी दिल्ली नगर निगम और संबंधित विभागों से इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इसके साथ ही, पूरी दिल्ली में स्थित ऐसे सभी पुराने और जर्जर लोहे के पुलों का ‘स्ट्रक्चरल ऑडिट’ (Structural Audit) करने का आदेश जारी किया गया है, ताकि भविष्य में इस तरह की जानलेवा घटनाओं को रोका जा सके।

जवाबदेही तय होना जरूरी
रूपनगर का यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रशासन की अनदेखी का नतीजा है। जब पुल पहले से ही असुरक्षित था, तो उसे आम जनता के लिए बंद क्यों नहीं किया गया? क्या एक गरीब महिला की जान की कोई कीमत नहीं है? शहर की सुरक्षा और पुराने ढांचों की मरम्मत को लेकर अब कड़े कदम उठाने की जरूरत है।

