Palamu BJP Leader Son Road Accident: मेदिनीनगर-औरंगाबाद रोड पर दर्दनाक हादसा, स्कॉर्पियो ने ड्यूटी जा रहे जूनियर इंजीनियर को रौंदा, बीजेपी नेता के घर पसरा मातम

Palamu BJP Leader Son Road Accident

झारखंड के पलामू जिले से एक बेहद ही दुखद खबर सामने आई है, जिस से पूरा इलाक़ा शोक में है। आज कल तेज रफ्तार बहुत सारी जिंदगी ले रहा है, ये एक्सीडेंट भी उनमें से एक है।

मेदिनीनगर-औरंगाबाद मुख्य मार्ग पर हुई एक भीषण टक्कर में एक युवा जूनियर इंजीनियर की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतक युवक इलाके के जाने-माने बीजेपी नेता का बेटा था। घटना के बाद से ही इलाके में कोहराम मचा हुआ है और परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। ‘ApniVani’ की इस विशेष स्थानीय रिपोर्ट में आइए जानते हैं कि यह दर्दनाक हादसा आखिर कैसे हुआ।

ड्यूटी पर जा रहा था होनहार युवा, रास्ते में बिछी थी मौत

प्राप्त जानकारी और मौके से आ रही तस्वीरों के अनुसार, मृतक पेशे से एक जूनियर इंजीनियर था और हमेशा की तरह अपनी बाइक से अपनी ड्यूटी पर जा रहा था। किसी को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि घर से निकला यह युवा अब कभी वापस लौट कर नहीं आएगा।

हादसा पलामू के अति-व्यस्त मेदिनीनगर-औरंगाबाद रोड पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक बेकाबू सफेद रंग की स्कॉर्पियो ने इंजीनियर की बाइक को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कॉर्पियो खुद भी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक गहरे गड्ढे (खाई) में जा घुसी।

बीजेपी नेता आकाश पांडे के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

इस हादसे ने जिस परिवार को अपना शिकार बनाया है, वह पलामू का एक जाना-माना राजनीतिक परिवार है।

दुर्घटना का शिकार हुआ यह जूनियर इंजीनियर, स्थानीय बीजेपी (BJP) नेता आकाश पांडे का होनहार बेटा था। जैसे ही आकाश पांडे और उनके परिजनों को इस मनहूस घटना की खबर मिली, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। बेटे की खून से लथपथ लाश देखकर परिजनों की चीख-पुकार से वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। जिस घर में बेटे की तरक्की की बातें होती थीं, वहां अब सिर्फ मातम का सन्नाटा है।

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मौके पर पहुंची पुलिस, सड़क पर लगा लोगों का जमावड़ा

दिनदहाड़े हुए इस भीषण सड़क हादसे के तुरंत बाद मेदिनीनगर-औरंगाबाद मार्ग पर भारी भीड़ जमा हो गई। क्षतिग्रस्त काली बाइक और गड्ढे में गिरी स्कॉर्पियो इस बात की गवाही दे रही थीं कि टक्कर कितनी खौफनाक रही होगी।

स्थानीय लोगों की सूचना पर पलामू पुलिस की टीम तुरंत दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने भीड़ को सड़क से हटाकर यातायात सुचारू करवाया और युवक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि इस हादसे में गलती किसकी थी और क्या स्कॉर्पियो का ड्राइवर नशे में था या ओवरस्पीडिंग कर रहा था।

तेज रफ्तार बन रही है ‘काल’

पलामू की यह घटना सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि हर उस इंसान के लिए एक चेतावनी है जो सड़क पर निकलता है। तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी हर दिन अनगिनत जिंदगियां लील रही है। ‘ApniVani’ परिवार इस दुख की घड़ी में बीजेपी नेता आकाश पांडे और उनके परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता है। प्रशासन को भी चाहिए कि वह ऐसे संवेदनशील हाईवे पर वाहनों की गति को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाए, ताकि फिर किसी घर का चिराग न बुझे।

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रांची-दिल्ली एयर एंबुलेंस चतरा के जंगलों में क्रैश: मरीज और क्रू समेत 7 की मौत, रोंगटे खड़े कर देने वाली है पूरी कहानी

एयर एंबुलेंस

झारखंड के चतरा जिले से एक हृदयविदारक खबर सामने आई है। रांची से दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाली एक निजी एयर एंबुलेंस सोमवार की शाम सिमरिया के घने जंगलों में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस दर्दनाक हादसे में विमान में सवार मरीज, डॉक्टर और पायलटों समेत सभी सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना 22 फरवरी 2026 की शाम की है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।

कैसे और कब हुआ यह भीषण हादसा?

जानकारी के मुताबिक, RAPL कंपनी की बीचक्राफ्ट B90L (रजिस्ट्रेशन VT-AJV) एयर एंबुलेंस ने सोमवार शाम करीब 7:11 बजे रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी। सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन उड़ान के महज 23 मिनट बाद यानी शाम 7:34 बजे अचानक विमान का संपर्क एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से टूट गया।

एयर एंबुलेंस
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विमान का आखिरी सिग्नल कोलकाता एरिया कंट्रोल को मिला था, जिसके बाद यह चतरा के सिमरिया प्रखंड स्थित बरियातू पंचायत के जंगलों में जा गिरा। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने जंगल की ओर से एक जोरदार धमाके की आवाज सुनी और जब तक लोग कुछ समझ पाते, विमान आग के गोले में तब्दील हो चुका था।

एक जिंदगी बचाने की कोशिश में सात जानों का सफर खत्म

इस हादसे की सबसे दुखद बात यह है कि विमान एक गंभीर रूप से झुलसे मरीज की जान बचाने के लिए दिल्ली जा रहा था। मरीज संजय कुमार (लातेहार निवासी) का शरीर करीब 63% तक जल चुका था और उन्हें बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट किया गया था। उनके साथ उनके दो परिजन, एक डॉक्टर और एक पैरामेडिक स्टाफ भी सवार थे, जो दिल्ली में नई उम्मीद तलाश रहे थे। लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था।

हादसे में जान गंवाने वालों की सूची:

• विवेक विकास भगत (मुख्य पायलट)

• सबराजदीप सिंह (को-पायलट)

• संजय कुमार (मरीज)

• अर्चना देवी (मरीज की परिजन)

• ध्रुव कुमार (मरीज के परिजन)

• डॉ. विकास कुमार गुप्ता (चिकित्सक)

• सचिन कुमार मिश्रा (पैरामेडिक/नर्स)

बचाव कार्य और प्रशासनिक पुष्टि

हादसे की सूचना मिलते ही चतरा की डिप्टी कमिश्नर कीर्तिश्री जी और पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचे। घने जंगल और रात का अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। रात करीब 8:05 बजे रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर (RCC) को सक्रिय किया गया। देर रात तक सभी सात शवों को मलबे से बरामद कर लिया गया। प्रशासन ने पुष्टि की है कि विमान के परखच्चे उड़ चुके थे और किसी के भी बचने की गुंजाइश नहीं थी।

हादसे की वजह: खराब मौसम या तकनीकी खराबी?

एयर एंबुलेंस
एयर एंबुलेंस

विमान क्रैश होने के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्रारंभिक जांच में खराब विजिबिलिटी और मौसम को एक बड़ा कारण माना जा रहा है। विमानन नियामक DGCA (Directorate General of Civil Aviation) ने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। ब्लैक बॉक्स मिलने के बाद ही साफ हो पाएगा कि क्या यह किसी तकनीकी खराबी का नतीजा था या फिर पायलटों को मौसम ने चकमा दिया।

शोक की लहर

इस हादसे के बाद झारखंड और दिल्ली के चिकित्सा जगत में शोक की लहर है। एक डॉक्टर और नर्स जो अपनी ड्यूटी निभाते हुए शहीद हो गए, उनकी शहादत पर हर कोई गमगीन है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।

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दो कोच पटरी से उतरे ,रेलगाड़ी….Big Breaking! Dumka Train Derailment — Rampurhat–Jasidih Passenger

रेलगाड़ी

स्टेशन में एंट्री से ठीक पहले डिरेलमेंट आज 27 नवंबर 2025, गुरुवार दोपहर 2:10 बजे, झारखंड के दुमका रेलवे स्टेशन के नज़दीक Rampurhat–Jasidih (63081) Passenger रेलगाड़ी के दो कोच पटरी से उतर गए। ट्रेन स्टेशन में धीमी गति से प्रवेश कर रही थी, इसी दौरान अचानक पीछे के दो कोच डिरेल हो गए। राहत की बात ये है की कोई जनहानि नहीं हुई। लेकिन 2–3 यात्रियों को हल्की चोटें आईं और उन्हें तुरंत फुलो झानो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाकर इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई।

ट्रेन का रूट और डिरेलमेंट का असर

ट्रेन आज दोपहर 12:50 PM पर पश्चिम बंगाल के रामपुरहाट (बीरभूम) से रवाना हुई थी और झारखंड के Jasidih (देवघर) की ओर जा रही थी। हादसे में दो ओवरहेड इलेक्ट्रिक पोल (OHE) क्षतिग्रस्त हुई, रूट पर कई घंटों तक ट्रेनों की आवाजाही बाधित रही। यह व्यस्त रूट होने के कारण कई लोकल व पैसेंजर ट्रेनें रोकनी पड़ीं।

रेलगाड़ी

रेलवे की त्वरित कार्रवाई—बड़ी दुर्घटना टली

Eastern Railway और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाला, पटरी से उतरे कोचों को स्थिर किया और ट्रैक क्लियरेंस और उपकरणों की मरम्मत भी शुरू की।

Eastern Railway के CPRO ने पुष्टि की: “ट्रेन की स्पीड कम होने की वजह से बड़ा हादसा टल गया।”

जांच शुरू—क्यों उतरे कोच?

रेलवे अधिकारियों के अनुसार डिरेलमेंट के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। Track alignment और OHE damage की तकनीकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा भी होगी।

यह घटना दिखाती है कि सतर्कता, त्वरित प्रतिक्रिया और लो-स्पीड एंट्री ने आज एक बड़ी रेल दुर्घटना को होने से बचा लिया।

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