Kanpur Lamborghini Incident: रईसजादे शिवम मिश्रा की गिरफ्तारी और 12 करोड़ी लैम्बोर्गिनी के तांडव की पूरी कहानी

Kanpur Lamborghini Incident

कानपुर। उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर की सड़कों पर रविवार को जो मंजर दिखा, उसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। वीआईपी रोड पर एक बेकाबू लैम्बोर्गिनी (Lamborghini Revuelto) ने जिस तरह तबाही मचाई, उसने रईसजादों की लापरवाही और आम आदमी की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रमुख तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है।

वीआईपी रोड पर मौत की रफ्तार का तांडव

8 फरवरी 2026 की दोपहर कानपुर के ग्वालटोली इलाके के लिए किसी खौफनाक सपने जैसी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, करीब 3:15 बजे एक नीले रंग की लैम्बोर्गिनी रेवुएल्टो, जिसकी कीमत बाजार में करीब 10 से 12 करोड़ रुपये बताई जा रही है, चीरती हुई रफ्तार से आई। कार इतनी अनियंत्रित थी कि उसने सबसे पहले रिंग वाला चौराहा के पास एक ऑटो रिक्शा को जोरदार टक्कर मारी।

इसके बाद बेकाबू वाहन ने सड़क किनारे खड़ी बुलेट और कई पैदल यात्रियों को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि बुलेट सवार विशाल त्रिपाठी हवा में कई फीट ऊपर उछल कर दूर जा गिरे।

Kanpur Lamborghini Incident - Shivam Mishra Arrested

गिरफ्तारी का घटनाक्रम: जब कानून के आगे झुका रईसजादा

हादसे के बाद चार दिनों तक चले ‘चूहे-बिल्ली’ के खेल का अंत 11 फरवरी को हुआ। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयानों को आधार बनाकर शिवम मिश्रा पर शिकंजा कसा। इससे पहले आरोपी पक्ष की ओर से कोर्ट में सरेंडर की अर्जी डाली गई थी, जिसे अदालत ने तकनीकी आधार पर खारिज कर दिया।

पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के सख्त निर्देशों के बाद पुलिस की कई टीमों ने छापेमारी की और आखिरकार शिवम को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस ने अब एफआईआर में अज्ञात की जगह शिवम मिश्रा का नाम शामिल कर लिया है।

मिर्गी का दौरा या नशे की हालत?

इस केस में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब शिवम के परिवार और वकील ने दावा किया कि हादसे के वक्त शिवम को ‘मिर्गी का दौरा’ (Seizure) पड़ा था, जिसके कारण उनका पैर एक्सीलरेटर पर दब गया और कार बेकाबू हो गई। हालांकि, पुलिस इस थ्योरी को सिरे से खारिज कर रही है। पुलिस का तर्क है कि अगर वह बीमार थे, तो उनके साथ चल रहे बाउंसर उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय मौके से भगाकर क्यों ले गए?

सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि बाउंसरों ने शिवम को कार से निकाला और दूसरी गाड़ी में बैठाकर फरार हो गए। पुलिस अब आरोपी का मेडिकल टेस्ट करवा रही है ताकि नशे या किसी बीमारी के दावों की पुष्टि हो सके।

Kanpur Lamborghini Incident

घायलों की स्थिति: अस्पताल में जिंदगी की जंग

हादसे में तौसीफ अहमद (ऑटो चालक), विशाल और सोनू त्रिपाठी सहित कुल 6 लोग घायल हुए हैं। हैलट अस्पताल और निजी नर्सिंग होम में पीड़ितों का इलाज जारी है। हालांकि डॉक्टरों ने सभी को खतरे से बाहर बताया है, लेकिन विशाल त्रिपाठी की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। पीड़ितों के परिवारों का कहना है कि दौलत की हनक में उनके अपनों की जान लेने की कोशिश की गई है।

सिस्टम पर सवाल और सख्त कार्रवाई

कानपुर पुलिस पर शुरुआत में सुस्ती बरतने के आरोप लगे थे, जिसके बाद ग्वालटोली एसएचओ संतोष गौर को पद से हटा दिया गया। दिल्ली रजिस्ट्रेशन वाली इस कार की फॉरेंसिक जांच की जा रही है। यह मामला केवल एक सड़क दुर्घटना का नहीं है, बल्कि यह कानून की उस व्यवस्था का इम्तिहान है जहां बड़े व्यापारिक घरानों के दबाव की चर्चा अक्सर होती रहती है।

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कानपुर में हड़कंप : बिहार जा रही फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन पर पथराव, यात्रियों में मचा अफरा-तफरी

कानपुर

त्योहारों के मौसम में घर लौट रहे लोगों के लिए एक डराने वाली खबर सामने आई है। कानपुर में अज्ञात लोगों ने अहमदाबाद से दरभंगा जा रही फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन पर अचानक पथराव कर दिया, जिससे यात्रियों में दहशत फैल गई। यह घटना शनिवार रात भीमसेन स्टेशन के आउटर सिग्नल के पास हुई।

कैसे हुई घटना

जानकारी के मुताबिक, अहमदाबाद-दरभंगा क्लोन हमसफर एक्सप्रेस (09465) उस समय भीमसेन स्टेशन के आउटर सिग्नल पर खड़ी थी, जब कुछ अज्ञात लोगों ने ट्रेन पर जोरदार पथराव शुरू कर दिया।इस पथराव में लोको पायलट के पास वाली खिड़की का शीशा टूट गया, जबकि कई बोगियों की खिड़कियों पर भी निशान पड़े। अचानक हुए हमले से ट्रेन में सवार सैकड़ों यात्री सहम गए।

ट्रेन में परिवारों के साथ यात्रा कर रहे कई यात्री बच्चों को लेकर सीटों के नीचे छिप गए। कुछ यात्रियों ने अपनी खिड़कियां बंद कर लीं और मदद के लिए चिल्लाने लगे।

ड्राइवर की सूझबूझ से टली बड़ी घटना

हमले के बाद ट्रेन के ड्राइवर ने तुरंत रेलवे कंट्रोल रूम को सूचना दी।सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जीआरपी (GRP) की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन तब तक पथराव करने वाले लोग फरार हो चुके थे। बाद में ट्रेन को कानपुर सेंट्रल स्टेशन लाया गया, जहां सुरक्षा अधिकारियों ने पूरी स्थिति की जांच की।

कानपुर

एफआईआर दर्ज, जांच शुरू

इस घटना पर भीमसेन स्टेशन मास्टर की शिकायत के आधार पर आधा दर्जन अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। RPF और GRP की टीमें सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। पुलिस का कहना है कि जल्द ही अपराधियों को पकड़ा जाएगा।

त्योहारों की भीड़ में सुरक्षा पर उठे सवाल

यह ट्रेन हर साल दिवाली और छठ पूजा के मौके पर चलाई जाती है, ताकि गुजरात और महाराष्ट्र में काम करने वाले लोग बिहार-झारखंड वापस जा सकें।इन दिनों ट्रेनों में जबरदस्त भीड़ है — कई यात्रियों को खड़े होकर सफर करना पड़ रहा है। ऐसे में इस पथराव की घटना ने रेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

रेलवे प्रशासन ने कहा है कि – “त्योहारी सीजन में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जा रहे हैं। यात्रियों से अपील है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत जानकारी रेलवे हेल्पलाइन को दें।”

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

कानपुर में यह पहली बार नहीं है जब ट्रेन पर पथराव हुआ हो। इससे पहले वंदे भारत एक्सप्रेस पर भी पथराव की घटनाएं हो चुकी हैं। रेलवे सूत्रों के अनुसार, कई बार ऐसे पथराव रेलवे ट्रैक किनारे बसे इलाकों से किए जाते हैं। इस पर रोक लगाने के लिए RPF अब “रेल सुरक्षा सिपाही” पहल के तहत ग्रामीणों को ट्रेन सुरक्षा से जोड़ने की योजना पर काम कर रही है।

यात्रियों की मांग – “सुरक्षा बढ़ाओ, डर में सफर नहीं करना चाहते”

घटना के बाद कानपुर सेंट्रल पर पहुंचे यात्रियों ने बताया कि वे अब डर में सफर कर रहे हैं। एक यात्री ने कहा – “हम साल में एक बार घर जाते हैं, वो भी डर में। रेलवे को अब सुरक्षा बढ़ानी ही होगी।”

त्योहारी भीड़ के बीच इस तरह की घटनाएं न सिर्फ यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालती हैं बल्कि रेलवे प्रशासन की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाती हैं। उम्मीद है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें सख्त सजा दी जाएगी ताकि भविष्य में कोई ऐसी हरकत करने की हिम्मत न करे।

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