AAP Crisis: राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों ने छोड़ी ‘झाड़ू’, BJP में शामिल; जानें अब संसद में कितनी बची AAP की ताकत

राघव चड्ढा

भारतीय राजनीति में आज एक बड़ा भूचाल आ गया है। अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (AAP) को अब तक का सबसे बड़ा झटका लगा है। पार्टी के दिग्गज नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने 6 अन्य सांसदों के साथ मिलकर पार्टी से इस्तीफा दे दिया है और भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है।

इस सामूहिक इस्तीफे के बाद दिल्ली से लेकर पंजाब तक की राजनीति गरमा गई है। राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन सात नामों का खुलासा किया जिन्होंने AAP का साथ छोड़ा है। आइए विस्तार से समझते हैं कि आखिर ये पूरा मामला क्या है और अब राज्यसभा में ‘आप’ की स्थिति क्या रह गई है।

राघव चड्ढा
ApniVani

इन 7 सांसदों ने दिया इस्तीफा (List of Resigned AAP MPs)

राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि उनके साथ पार्टी के दो-तिहाई सांसदों ने एक साथ इस्तीफा देने का फैसला किया है ताकि दलबदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) के तहत उनकी सदस्यता पर आंच न आए। इस्तीफा देने वाले सांसदों के नाम इस प्रकार हैं:

1. राघव चड्ढा (Raghav Chadha): पार्टी के सबसे युवा और चर्चित चेहरे।

2. संदीप पाठक (Sandeep Pathak):पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री और रणनीतिकार।

3. अशोक मित्तल (Ashok Mittal): लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के चांसलर और पंजाब से सांसद।

4. स्वाति मालिवाल (Swati Maliwal): दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष।

5. हरभजन सिंह (Harbhajan Singh): पूर्व क्रिकेटर और पंजाब से राज्यसभा सांसद।

6. विक्रमजीत सिंह साहनी (Vikramjit Singh Sahney): उद्योगपति और समाजसेवी।

7. संजीव अरोड़ा (Sanjeev Arora):लुधियाना से सांसद और बड़े कारोबारी।

क्यों हुआ यह विद्रोह? राघव चड्ढा के बड़े आरोप

इस्तीफे के बाद राघव चड्ढा ने सीधे तौर पर पार्टी नेतृत्व पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “मैं सही पार्टी में गलत आदमी था। जिस पार्टी को हमने खून-पसीने से सींचा, वह अब अपने सिद्धांतों से पूरी तरह भटक चुकी है। पार्टी अब देशहित के बजाय व्यक्तिगत हितों और भ्रष्टाचार के दलदल में फंस गई है।”

राघव चड्ढा
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बता दें कि पिछले कुछ समय से राघव चड्ढा और AAP नेतृत्व के बीच अनबन की खबरें आ रही थीं। हाल ही में उन्हें राज्यसभा में पार्टी के ‘डिप्टी लीडर’ पद से हटाकर अशोक मित्तल को जिम्मेदारी दी गई थी, जिसे इस बगावत की मुख्य वजह माना जा रहा है।

अब संसद में कितने MP बचे? (Current Strength of AAP in Parliament)

इस इस्तीफे से पहले राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के कुल 10 सांसद थे। 7 सांसदों के चले जाने के बाद अब सदन में पार्टी की ताकत काफी कम हो गई है।

  • कुल सांसद (राज्यसभा): 10
  • इस्तीफा देने वाले: 07
  • अब बचे हुए सांसद: 03

अब केवल संजय सिंह, बलबीर सिंह सीचेवाल और एन.डी. गुप्ता ही पार्टी के साथ रह गए हैं। लोकसभा में भी पार्टी की स्थिति बहुत मजबूत नहीं है, ऐसे में राज्यसभा से इन बड़े चेहरों का जाना ‘आप’ के लिए अस्तित्व का संकट खड़ा कर सकता है।

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नीतीश कुमार का इस्तीफा😱—लेकिन 20 नवंबर को सीएम……:-Bihar Political Earthquake:

नीतीश कुमार

बिहार की राजनीति एक बार फिर बड़े भूचाल का सामना कर रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को अपने पूरे मंत्रिपरिषद के साथ राज्यपाल को अचानक इस्तीफा सौंप दिया, साथ ही विधानसभा भंग करने की भी सिफारिश कर दी। इस कदम ने न सिर्फ राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी, बल्कि यह सवाल भी खड़ा कर दिया—आखिर इस “पॉलिटिकल रीसेट” की जरूरत क्यों पड़ी?

नया पावर इक्वेशन:

NDA के साथ वापसी, साझा सत्ता का फॉर्मूला तैयार सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार एक बार फिर NDA के सपोर्ट से मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। BJP–JDU के बीच 50-50 सत्ता साझेदारी पर सहमति बन चुकी है और लोजपा, HAM समेत अन्य घटक दलों को भी नई सरकार में जगह मिलने की संभावना है।
20 नवंबर को पटना के गांधी मैदान में होने वाला भव्य शपथ ग्रहण समारोह राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियाँ बनाएगा—जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई बड़े नेता शामिल होंगे।

नीतीश कुमार

10वीं बार CM—नीतीश का नया रिकॉर्ड और सत्ता का संकेत

नीतीश कुमार अपने राजनीतिक करियर में 10वीं बार मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने जा रहे हैं—जो उन्हें बिहार की राजनीति का सबसे स्थिर और प्रभावशाली चेहरा साबित करता है। नई कैबिनेट में इस बार युवा चेहरों और अनुभवी नेताओं का मिश्रण देखने को मिल सकता है, ताकि प्रशासनिक गति और विकास एजेंडा दोनों मजबूत किया जा सके।

विपक्ष का वार बनाम NDA का जवाब

जहाँ विपक्ष इसे “कुर्सी बचाने की राजनीति” बता रहा है, वहीं समर्थकों का दावा है—
“स्थिरता, सुशासन और गठबंधन धर्म के लिए यह रीसेट जरूरी था।”
बिहार के लोग अब यह देखना चाहते हैं कि नई सरकार अगले पाँच साल का रोडमैप कितनी मजबूती से तय करती है।

जनता की नज़रें विकास पर

नई सरकार की चुनौती साफ है—
रोजगार, शिक्षा, अपराध नियंत्रण, बाढ़ प्रबंधन और बुनियादी ढांचे जैसे बड़े मुद्दों पर ठोस काम।
20 नवंबर के बाद बिहार की दबंग राजनीति में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है—क्या यह अध्याय उम्मीदों को सच करेगा, या फिर सिर्फ समीकरणों का खेल बनेगा?

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RJD की रैली में उतरने लगा Deputy CM Samrat Chaudhary का हेलीकॉप्टर, मचा हड़कंप! जानिए फिर क्या हुआ

हेलीकॉप्टर

बिहार विधानसभा चुनाव के बीच एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का हेलीकॉप्टर सोमवार को भागलपुर के कहलगांव में गलती से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की चुनावी रैली में उतरने लगा। जैसे ही लोगों ने हेलीकॉप्टर को रैली स्थल के ऊपर मंडराते देखा, वहां अफरातफरी और जश्न दोनों का माहौल बन गया।

दरअसल, सम्राट चौधरी एनडीए प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार के लिए कहलगांव पहुंचे थे। लेकिन उनके पायलट ने गलती से RJD उम्मीदवार रजनीश यादव की रैली को ही एनडीए की सभा समझ लिया। उसी समय मंच पर भोजपुरी स्टार और राजद उम्मीदवार खेसारी लाल यादव भाषण देने की तैयारी में थे।

रैली में गूंजे RJD के नारे, फिर पलटा हेलीकॉप्टर

हेलीकॉप्टर

जैसे ही हेलीकॉप्टर नीचे उतरने लगा, राजद समर्थक खुशी से झूम उठे। कई लोग पार्टी के झंडे लहराने लगे और “लालू यादव ज़िंदाबाद” और “खेसारी लाल यादव जिंदाबाद” के नारे लगाने लगे। लेकिन तभी पायलट को अपनी गलती का एहसास हुआ। उसने तुरंत हेलीकॉप्टर को वापस हवा में उठा लिया और सही स्थान की ओर बढ़ गया। रैली स्थल पर मौजूद भीड़ हैरान रह गई — कुछ लोगों ने इसे “फिल्मी सीन” जैसा बताया।

वीडियो हुआ वायरल, सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि हेलीकॉप्टर मंच के पास उतरने ही वाला था, तभी अचानक वापस ऊपर चला जाता है। लोगों ने इस पर मज़ेदार कमेंट्स किए — किसी ने लिखा “RJD में भी BJP की एंट्री हो गई!”, तो किसी ने कहा “ऑपरेशन लोटस की शुरुआत हवाई रास्ते से”।

RJD ने लगाया आरोप, BJP ने बताया तकनीकी गलती

राजद नेताओं ने इसे “राजनीतिक साजिश” बताते हुए कहा कि यह उनके स्टार प्रचारक खेसारी लाल यादव की रैली को बाधित करने का प्रयास था। वहीं भाजपा की ओर से सफाई आई कि यह सिर्फ तकनीकी भूल थी — पायलट को रैली स्थल की सही पहचान नहीं हो पाई।

खेसारी लाल यादव की रैली में थोड़ी देर

हेलीकॉप्टर

इस घटना के कारण खेसारी लाल यादव के हेलीकॉप्टर को उतरने में थोड़ी देर हुई। हालांकि, कुछ मिनट बाद उनका हेलीकॉप्टर सुरक्षित उतरा और उन्होंने मंच से कहा — “सम्राट जी हमारे मंच पर नहीं आए, वरना स्वागत हम खुले दिल से करते!”

कहलगांव में गरम हुआ चुनावी माहौल

इस अजीबोगरीब वाकये ने कहलगांव के चुनावी माहौल में नई गर्मी भर दी है। दोनों दलों के समर्थकों के बीच सोशल मीडिया पर खूब मीम्स, ट्वीट और बहसें चल रही हैं।

घटना की मुख्य बातें

  • घटना स्थान: कहलगांव, भागलपुर (बिहार)
  • समय: सोमवार, 11 नवंबर 2025
  • हेलीकॉप्टर में थे: बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (भाजपा)
  • जहां उतरने लगे: RJD उम्मीदवार रजनीश यादव की रैली (खेसारी लाल यादव मौजूद)
  • वजह: पायलट की लोकेशन पहचान में गलती
  • नतीजा: अफरातफरी, हंसी-मज़ाक और वायरल वीडियो

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