Ayodhya Dharma Dhwaja Rising: Ram Mandir शिखर पर इतिहास का सबसे पवित्र क्षण!

Ram Mandir

इतिहास का नया अध्याय — धर्मध्वज से सजा Ram Mandir शिखर 25 नवंबर 2025 को अयोध्या ने वह क्षण देख लिया, जिसका इंतज़ार करोड़ों सनातनियों ने दशकों से किया था। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के 191 फीट ऊँचे मुख्य शिखर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भव्य धर्म ध्वज (Dharma Dhwaja) का आरोहण हुआ—शुद्ध केसरिया रंग, सूर्य चिह्न, पवित्र ॐ, और कोविदारा वृक्ष के प्रतीकों से सजी यह ध्वजा रामायण की सूर्यवंशी परंपरा और सनातनी अस्मिता का दिव्य प्रतीक बन गई।

मुहूर्त अनुसार, विवाह पंचमी की पावन तिथि पर सुबह 11:52 से 12:35 के शुभ समय में यह ध्वजारोहण सम्पन्न हुआ—और अयोध्या का आसमान “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंज उठा।

देश–विदेश के दिग्गज संत, प्रमुख अतिथि और ऐतिहासिक भव्यता

इस कार्यक्रम ने अयोध्या को आध्यात्मिक और राष्ट्रीय गौरव का केंद्र बना दिया। ध्वजारोहण समारोह में शामिल रहे— प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, RSS प्रमुख मोहन भागवत, यूपी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के संत–महंत, शंकराचार्य, अखाड़ा परिषद के प्रमुख, संघर्ष के साक्षी परिवार, ऋषि–महात्मा, और 7,000 विशेष अतिथि

शहर भर में 50+ LED स्क्रीन, विशाल ध्वजा शोभायात्राएँ, फूलों की वर्षा, और सप्त मंदिरों—शिव, हनुमान, सूर्य, गणेश, माता अन्नपूर्णा—में वैदिक अनुष्ठानों ने समारोह को दिव्य तेज़ से भर दिया।

संस्कृति, आस्था और एकता का नया युग—अयोध्या का संदेश वैश्विक दुनिया तक धर्मध्वजा को सिर्फ एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पुनर्जागृति और वैश्विक सनातन एकता का संदेश कहा गया है।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा—

“धर्मध्वज केवल परंपरा का पुनर्स्थापन नहीं, बल्कि भारत की चेतना, गौरव और सनातन आत्मा का उदय है।” कार्यक्रम में छप्पन भोग, महाआरती, पुष्पवर्षा, भजन-कीर्तन और सप्तमंदिर पूजा के साथ अयोध्या का हर कोना दैवीय उत्सव में डूब गया। यह आयोजन बता गया—अयोध्या अब सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि सांस्कृतिक नेतृत्व, राष्ट्रीय गर्व और विश्वगुरु भारत का प्रतीक है।

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अयोध्या राम मंदिर में दर्शन के समय में बदलाव, जानें नई समय-सारणी

राम मंदिर

अयोध्या राम मंदिर में शीत ऋतु के आगमन को देखते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रामलला के दर्शन के समय में बदलाव कर दिया है। अयोध्या राम मंदिर: शीत ऋतु के कारण रामलला के दर्शन का समय बदल दिया गया है। अब श्रद्धालुओं को सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक दर्शन मिलेंगे।

ट्रस्ट के अनुसार ठंड बढ़ने के साथ सुबह के समय धुंध और कम तापमान के कारण भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नया समय लागू किया गया है। पहले मंदिर के कपाट सुबह 6:30 बजे खुलते थे, लेकिन अब यह समय बदलकर 7:00 बजे कर दिया गया है।

नई समय-सारिणी

  • सुबह दर्शन: 7:00 बजे से शुरुआत
  • दोपहर अवकाश: 12:00 बजे से 1:00 बजे तक
  • शाम दर्शन: 1:00 बजे से रात 9:00 बजे तक
  • रात को शयन आरती के बाद मंदिर बंद

इस बदलाव के बाद श्रद्धालुओं को पहले की तुलना में थोड़ी देर से सुबह दर्शन मिलेंगे, लेकिन रात तक दर्शन का समय बढ़ा हुआ रहेगा। ट्रस्ट ने बताया कि शीत ऋतु के कारण यह परिवर्तन आवश्यक था ताकि दूर-दराज से आने वाले भक्तों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो।

भक्तों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए निर्णय –

अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। ऐसे में मौसम को देखते हुए समय-सारिणी में बदलाव का उद्देश्य भीड़ को सुव्यवस्थित तरीके से संभालना और सुबह की ठंड में होने वाली दिक्कतों को कम करना है। ट्रस्ट ने सभी भक्तों से अनुरोध किया है कि वे दर्शन के लिए इस नई समय-सारिणी का पालन करें और निर्धारित समय में ही मंदिर परिसर पहुँचें।

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