Modi vs Akhilesh in Bihar : रैलियों की जंग से गरमाया चुनावी मैदान, सियासी पारा चढ़ा विकास बनाम हुंकार की टक्कर

रैलियों

बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नज़दीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे सियासी पारा तेजी से चढ़ता जा रहा है। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने राज्य में अलग-अलग चुनावी रैलियों को संबोधित किया, जिससे एनडीए और ‘इंडिया’ गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने सहरसा और कटिहार में बड़ी सभाएं कर एनडीए उम्मीदवारों के समर्थन में जनता से वोट की अपील की। उन्होंने बिहार में विकास योजनाओं का जिक्र करते हुए महागठबंधन पर ‘जंगलराज’ और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। पीएम मोदी का रोड शो पटना में जबरदस्त भीड़ खींच चुका है, जिससे 14 विधानसभा सीटों पर असर की उम्मीद जताई जा रही है। एनडीए की ओर से मोदी के अलावा अमित शाह और राजनाथ सिंह भी 25-25 रैलियां करेंगे।

Narendra Modi

वहीं, अखिलेश यादव ने छपरा में भोजपुरी अभिनेता खेसारी लाल यादव के साथ मंच साझा कर ‘इंडिया’ गठबंधन के समर्थन में हुंकार भरी। उन्होंने कहा कि अगर तेजस्वी यादव के नेतृत्व में सरकार बनी, तो बीजेपी को “बिहार से पलायन” करना पड़ेगा। सपा प्रमुख का फोकस राजद के MY (मुस्लिम-यादव) समीकरण को अपने PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले से जोड़ने पर है, ताकि विपक्षी गठबंधन की सामाजिक पकड़ मजबूत हो सके।

Akhilesh Yadav

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि दोनों गठबंधनों की रैलियों से चुनावी मैदान पूरी तरह गरम हो चुका है। 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में मतदान होगा, और उससे पहले नेताओं की रैलियां और रोड शो वोटरों को लुभाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। बिहार में अब चुनावी जंग अपने शिखर पर है।

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अयोध्या में भव्य ध्वजारोहण समारोह : 25 नवंबर को पीएम मोदी फहराएंगे धर्म ध्वजा

ध्वजा

रामनगरी अयोध्या एक बार फिर ऐतिहासिक पल की गवाह बनने जा रही है। 25 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर के मुख्य शिखर पर 21 फुट ऊंची धर्म ध्वजा फहराएंगे। यह आयोजन मंदिर निर्माण के पूरा होने की आधिकारिक घोषणा के रूप में देखा जा रहा है। यह विशेष दिन राम विवाह पंचमी के शुभ अवसर पर मनाया जाएगा। अयोध्या में इस मौके पर भव्य समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं — शहर को फूलों, रोशनी और भगवा झंडों से सजाया जा रहा है।

समारोह के खास पहलू

  • प्रधानमंत्री मोदी 161 फुट ऊंचे मंदिर शिखर पर ध्वज फहराएंगे।
  • इस आयोजन में 8,000 से 10,000 विशेष अतिथि शामिल होंगे, जिनमें RSS प्रमुख मोहन भागवत भी मौजूद रहेंगे।
  • कार्यक्रम के दौरान रामलला के दरबार में विशेष पूजा-अर्चना होगी।

आम श्रद्धालुओं के लिए 25 नवंबर को मंदिर के दर्शन अस्थायी रूप से बंद रहेंगे, लेकिन सीमित संख्या में भक्तों को कुबेर टीला तक जाने की अनुमति मिल सकती है।

ध्वजा

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

प्रधानमंत्री के आगमन को देखते हुए अयोध्या में तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की जा रही है। शहर के प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त चेकपोस्ट लगाए गए हैं और ड्रोन से निगरानी की जा रही है।

मोदी का अयोध्या से जुड़ा संकल्प

यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री मोदी के उस वादे का प्रतीक भी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि जब तक राम मंदिर का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, वे अयोध्या नहीं जाएंगे। वे इससे पहले 5 अगस्त 2020 को भूमि पूजन और 22 जनवरी 2024 को प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल हुए थे।

आस्था और गौरव का संगम

यह ध्वजारोहण न केवल मंदिर निर्माण की सफलता का प्रतीक है, बल्कि भारत की आस्था, संस्कृति और एकता का उत्सव भी है। अयोध्या इस दिन फिर से जगमगाएगी और दुनिया के सामने भारत के आध्यात्मिक गौरव का प्रतीक बनेगी।

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मासूम की चीख से गूंजा स्कूल, 9 साल की बच्ची ने चौथी मंज़िल से लगाई छलांग – shocking CCTV

बच्ची

राजस्थान के जयपुर में स्थित Neerja Modi School के मंसरोवर शाखा में शुक्रवार दोपहर एक नौ वर्षीय बच्ची (कक्षा 4) ने चौथी मंजिल से छलांग लगा दी और गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में मृत घोषित हो गई। घटना ने स्कूल, माता-पिता और पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया।

सन्नाटा, अफरातफरी और अनसुलझे सवाल

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बच्ची ने स्कूल की रेलिंग पर चढ़कर छलांग लगाई। उसकी चीख सुनकर स्टाफ पहुंचा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। CCTV फुटेज में यह दिखा है कि बच्ची नीचे गिरने से पहले रेलिंग से ऊपर थी।

परिवार ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है — कहा जा रहा है कि घटनास्थल से खून के धब्बे मिटाए गए थे। पुलिस इस मामले की गहरी जांच कर रही है।

सुरक्षा से लेकर मानसिक स्वास्थ्य तक: स्कूलों और पेरेंट्स के सामने बड़े सवाल

  • क्या स्कूल की सुरक्षा-व्यवस्था पर्याप्त थी: चौथी मंजिल तक पहुंचने की अनुमति कैसे मिली?
  • क्या बच्चों को अकेले-अकेले रहने, डरने या किसी परेशानी को महसूस करने पर काउंसलिंग/सहायता मिलती है?
  • क्या माता-पिता और शिक्षक बच्चों के भावनात्मक संकेतों को पहचानते हैं — जैसे डर, उदासी, अकेलापन?

बच्ची

क्या करें माता-पिता और स्कूल?

बच्चों से रोज़ खुलकर संवाद करें — सिर्फ नंबर नहीं, उनकी भावनाओं को सुनें।

स्कूल में मेंटल हेल्थ काउंसलिंग, सुरक्षा गार्ड, सीसीटीवी एवं इमरजेंसी हेल्पलाइन अनिवार्य होनी चाहिए।

शिक्षक-प्रबंधन को समय-समय पर बच्चों के व्यवहार-परिवर्तन, डर या परेशानी पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

दर्द, सवाल और सीख — “अपने बच्चे की चुप्पी को ज़रूर सुनें”

यह हादसा सिर्फ एक परिवार का नहीं — साल दर साल बढ़ते स्कूल-सुरक्षा और स्वास्थ्य-प्रश्नों का प्रतीक है। बच्चों का डर, अकेलापन या मानसिक असहायपन कभी उस उम्र तक नहीं दिखता जब तक बहुत देर हो जाए।

अब सवाल है: क्या हमारे बच्चे सच में खुश, सुरक्षित और सुनने योग्य हैं?

हमारी जिम्मेदारी है कि सुनें, समझें और समय पर कदम उठाएँ — ताकि मासूम आवाज़ें किसी और ‘अलविदा’ से पहले सुनी जा सकें।

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Commercial LPG सिलेंडर हुआ सस्ता : कारोबारियों को मिली बड़ी राहत, जानिए आपके शहर में नए रेट

LPG

देशभर के कारोबारियों के लिए राहत की खबर है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 1 नवंबर 2025 से कमर्शियल LPG सिलेंडर के दामों में कटौती की है। नई दरें आज से लागू हो गई हैं। अब होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग कारोबारियों को गैस सिलेंडर के खर्च में थोड़ी राहत मिलेगी।

इस बार 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में ₹4.50 से ₹6.50 तक की कमी की गई है। वहीं, घरेलू 14.2 किलो सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

LPG

नए LPG रेट्स आपके शहर में

  • दिल्ली : ₹1,590.50
  • मुंबई : ₹1,542
  • कोलकाता : ₹1,694
  • चेन्नई : ₹1,750

त्योहारी और शादी के सीजन से पहले हुई यह कीमतों में कटौती व्यापारियों के लिए बड़ी राहत साबित होगी। घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतें अप्रैल 2025 से स्थिर हैं।

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बिहार की सियासत में भूचाल : ‘छोटे सरकार’ अनंत सिंह गिरफ्तार, मोकामा हत्याकांड से हिली JDU की जमीन

अनंत सिंह

बिहार की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब शनिवार देर रात पटना पुलिस ने मोकामा से JDU के बाहुबली प्रत्याशी अनंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। ‘छोटे सरकार’ के नाम से मशहूर अनंत सिंह की यह गिरफ्तारी दुलारचंद यादव हत्याकांड के सिलसिले में की गई है। चुनाव के बीच हुई इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी ने मोकामा समेत पूरे बिहार का सियासी पारा चढ़ा दिया है।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला मोकामा के टाल इलाके में हुई एक हिंसक झड़प से जुड़ा है। उस दिन JDU प्रत्याशी अनंत सिंह और जनसुराज पार्टी के उम्मीदवार के समर्थकों के बीच टकराव हो गया था। इसी झड़प के दौरान जनसुराज पार्टी के समर्थक, 75 वर्षीय दुलारचंद यादव की मौत हो गई। मृतक के पोते ने अनंत सिंह, उनके दो भतीजों समेत पांच लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि दुलारचंद यादव को पहले गोली मारी गई और फिर गाड़ी से कुचलकर उनकी हत्या कर दी गई।

आधी रात को पुलिस का एक्शन

FIR दर्ज होने के बाद भी अनंत सिंह खुलेआम चुनाव प्रचार कर रहे थे, जिसे लेकर सवाल उठ रहे थे। शनिवार देर रात पटना के SSP कार्तिकेय शर्मा के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने कार्रवाई की।

अनंत सिंह

रात करीब 11 बजे : SSP कार्तिकेय शर्मा बाढ़ के कारगिल मार्केट पहुंचे, जहां अनंत सिंह अपने समर्थकों के साथ मौजूद थे।

थोड़ी देर बाद : शुरुआती पूछताछ के बाद पुलिस ने अनंत सिंह को हिरासत में ले लिया।

रात देर तक : पटना के DM और SSP ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अनंत सिंह की गिरफ्तारी की पुष्टि की।

पुलिस ने अनंत सिंह के साथ उनके दो सहयोगियों — मणिकांत ठाकुर और रंजीत राम — को भी गिरफ्तार किया है।

पुलिस और सियासत का पक्ष

पटना के SSP कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि घटनास्थल पर मिले सबूतों, गवाहों के बयानों और शुरुआती जांच के आधार पर अनंत सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि यह घटना अनंत सिंह की मौजूदगी में हुई और चुनाव आचार संहिता का गंभीर उल्लंघन है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन शरीर पर अंदरूनी और बाहरी चोटें पाई गई हैं।

दूसरी ओर, अनंत सिंह ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह राजनीतिक साजिश है, जो उनके प्रतिद्वंद्वी सूरजभान सिंह ने रची है। वहीं, जनसुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी ने गिरफ्तारी पर कहा — “देर आए, दुरुस्त आए”, यह कार्रवाई पहले ही हो जानी चाहिए थी।

इस गिरफ्तारी ने मोकामा के चुनावी समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है। अब देखना यह होगा कि इस घटना का चुनाव परिणामों पर क्या असर पड़ता है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है और तीनों आरोपियों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा।

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India को मिला FREE AI का सबसे बड़ा तोहफा : ChatGPT Go अब 1 साल तक फ्री, OpenAI ने बदली Digital India की तस्वीर

FREE AI

4 नवंबर 2025—OpenAI ने भारत के लिए ऐतिहासिक ऐलान किया। अब हर भारतीय यूज़र को मिलेगा ChatGPT Go का 1 साल तक FREE AI एक्सेस! यानी बिना किसी सब्सक्रिप्शन या फीस के, देशभर के स्टूडेंट्स, प्रोफेशनल्स और क्रिएटर्स अब सीधे AI टेक्नोलॉजी के “प्रीमियम” वर्ज़न का इस्तेमाल कर पाएंगे। यह कदम सिर्फ एक ऑफर नहीं, बल्कि भारत में AI क्रांति की शुरुआत है—जहाँ अब हर हाथ में “Digital Power” होगी और हर दिमाग में “AI सोच”।

क्या है ChatGPT Go? क्यों है यह इतना खास?

OpenAI का नया मॉडल ChatGPT Go, GPT-5 टेक्नोलॉजी पर आधारित एक इंटरमीडिएट सब्सक्रिप्शन है—जो पहले ₹399 / महीना में मिलता था। अब यही प्लान पूरे साल मुफ़्त!

इसमें आपको मिलते हैं :

  • GPT-5 की हाई-इंटेलिजेंस रिस्पॉन्सेस
  • हर दिन ज़्यादा मैसेज लिमिट
  • AI Image generation और file analysis का option
  • Data analysis tools और coding assistant की सुविधा
  • Long memory conversations — जो आपकी पिछली बातों को याद रखे

यानी ChatGPT Go अब सिर्फ चैट नहीं—आपका पूरा digital partner बन जाएगा!

FREE AI

भारत को क्यों मिला यह “AI गिफ्ट”?

बेंगलुरु में हुए ‘DevDay Exchange 2025’ कॉनफ्रेंस में OpenAI के VP Nick Turley ने घोषणा की— “भारत की creativity और speed of innovation ने हमें प्रभावित किया है। इसलिए हमने निर्णय लिया है कि भारत में हर यूज़र को ChatGPT Go फ्री दिया जाए, ताकि innovation हर गली तक पहुंचे।” भारत अब OpenAI का दूसरा सबसे बड़ा मार्केट बन चुका है। पिछले तीन महीनों में ChatGPT Go के यूज़र्स दोगुने हुए — और अब यह ऑफर देश के digital growth को turbo-boost देने वाला है।

कौन ले सकता है फायदा और कैसे?

4 नवंबर 2025 के बाद बनाए गए सभी नए अकाउंट्स को ऑटोमैटिक 1-Year Free Access मिलेगा। जो मौजूदा यूज़र हैं, वे भी ChatGPT App या Web पर “Activate ChatGPT Go Free” ऑप्शन से इसे सक्रिय कर सकेंगे। यह ऑफर स्टूडेंट्स, फ्रीलांसर, स्टार्टअप फाउंडर्स, क्रिएटर्स और शिक्षकों सभी के लिए उपलब्ध है। इसका मकसद स्पष्ट है — “AI को Elite से हर Indian तक पहुंचाना।”

Digital Race में भारत का AI धमाका

दुनिया भर में AI प्लेटफॉर्म्स के बीच भयंकर प्रतिस्पर्धा है। Google के Gemini, Perplexity और Anthropic ने भी India में फ्री AI प्लान लॉन्च किए हैं, पर OpenAI का यह कदम सबसे बड़ा “Game Changer” माना जा रहा है। क्योंकि जहाँ दूसरे प्लेटफॉर्म्स limited फीचर्स दे रहे हैं, वहीं OpenAI भारत को प्रीमियम-लेवल AI पावर पूरी तरह फ्री दे रहा है। यह कदम भारत को AI Innovation के वैश्विक मैप पर सबसे तेज़ उभरता देश बना सकता है।

भारत के लिए “AI for All” का युग

यह ऑफर सिर्फ एक टेक्नोलॉजी अपडेट नहीं—बल्कि एक विजन है। अब हर भारतीय स्टूडेंट AI से पढ़ाई सीख सकेगा, हर क्रिएटर AI से डिज़ाइन बना सकेगा, हर बिज़नेस AI से अपनी रणनीति सुधार सकेगा।

OpenAI का यह कदम साफ़ कहता है — “AI अब केवल Tech Giant का टूल नहीं, बल्कि हर Indian का साथी होगा।”

भविष्य की शुरुआत अभी से

भारत में ChatGPT Go फ्री होना सिर्फ Digital Reform नहीं, एक संकेत है कि आने वाले समय में AI ही हर Skill, हर Innovation और हर Career का मुख्य हिस्सा बनेगा। अब सवाल यह नहीं कि AI कब आएगा, सवाल यह है कि आप कितनी तेज़ी से AI को अपनाते हैं। OpenAI के इस कदम से Digital India अब AI India बनने की तरफ एक बड़ा कदम बढ़ा चुका है। क्या आपने ChatGPT Go Activate किया?कमेंट में बताइए — आप AI का सबसे ज़्यादा फायदा किस काम में उठाने वाले हैं?

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मोहम्मद अज़हरुद्दीन ने तेलंगाना में मंत्री पद की शपथ ली, क्रिकेट के बाद राजनीति की नई पारी की शुरुआत

अज़हरुद्दीन

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और कांग्रेस नेता मोहम्मद अज़हरुद्दीन ने शुक्रवार को तेलंगाना कैबिनेट में मंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने हैदराबाद स्थित राजभवन में आयोजित समारोह में उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

कैबिनेट में अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व

अज़हरुद्दीन, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की कैबिनेट में शामिल होने वाले पहले मुस्लिम मंत्री बने हैं। माना जा रहा है कि यह कदम कांग्रेस के अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व बढ़ाने के वादे की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उनके शामिल होने से मंत्रिमंडल की कुल संख्या अब 16 हो गई है।

राजनीतिक विवाद भी शुरू

हालांकि, बीजेपी ने इस नियुक्ति पर आपत्ति जताते हुए इसे जुबली हिल्स विधानसभा उपचुनाव से पहले आचार संहिता का उल्लंघन बताया है। पार्टी का कहना है कि यह कदम चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकता है।

अज़हरुद्दीन

अज़हरुद्दीन का बयान

शपथ के बाद मोहम्मद अज़हरुद्दीन ने कहा, “यह मेरी नई पारी की शुरुआत है। मेरा लक्ष्य गरीबों और जरूरतमंदों के उत्थान के लिए काम करना है।”

क्रिकेट से राजनीति तक का सफर

अज़हरुद्दीन का यह कदम उनके क्रिकेट से राजनीति तक के लंबे और प्रेरणादायक सफर में एक नया अध्याय जोड़ता है। भारतीय क्रिकेट के सफल कप्तानों में शुमार अज़हरुद्दीन ने अब अपनी दूसरी पारी जनसेवा के मैदान में शुरू की है।

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Kerala Becomes ‘Extreme Poverty Free State : विपक्ष ने कहा – ये Data Fraud है!

Poverty Free

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने शुक्रवार को ऐलान किया कि राज्य अब “अत्यंत गरीबी मुक्त (Extreme Poverty Free)” बन चुका है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि चार साल के सुनियोजित प्रयास का नतीजा है। हालांकि, सरकार की इस घोषणा ने जहां पूरे राज्य में जश्न का माहौल बना दिया, वहीं विधानसभा में विपक्ष ने इसे “धोखा और डेटा फ्रॉड” करार देते हुए सदन का पूर्ण बहिष्कार किया।

Opposition Walkout : “ये सरकार झूठे आंकड़े पेश कर रही है”

विपक्ष के नेता वी.डी. सतीसन ने मुख्यमंत्री के बयान को “सदन की अवमानना” बताते हुए कहा “सरकार झूठे आंकड़ों पर महल बना रही है। जब एलडीएफ ने अपने घोषणापत्र में 4.5 लाख गरीब परिवारों की बात की थी, तो अब अचानक यह संख्या 64,006 कैसे रह गई?”

विपक्षी दलों ने इसे “fraudulent announcement” कहा और सदन से नारेबाजी करते हुए बाहर निकल गए।

मुख्यमंत्री विजयन ने जवाब दिया — “हम वही वादे करते हैं जिन्हें निभा सकें — और हमने निभाए हैं। यही हमारा जवाब है विपक्ष को।”

तिरुवनंतपुरम में सितारों से सजी जश्न की धूम

सरकारी घोषणा के साथ ही चंद्रशेखरन नायर स्टेडियम में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें ममूटी, मोहनलाल और कमल हासन जैसे दिग्गज सितारे मौजूद थे। मंच पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ हुईं और राज्य के मंत्री भी शामिल रहे। मंत्री एम.बी. राजेश ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। हालांकि, इस आयोजन के बीच 23 अर्थशास्त्रियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एक ओपन लेटर जारी कर सरकार की गरीबी उन्मूलन पद्धति पर सवाल उठाए।

वहीं आदिवासी गोत्र महासभा ने इस ऐलान को “एक छलावा (deception)” बताया और फिल्म सितारों से कार्यक्रम से दूरी बनाए रखने की अपील की।

Poverty Free

Four-Year Journey: “Extreme Poverty Eradication Project”

यह उपलब्धि 2021 में शुरू की गई EPEP (Extreme Poverty Eradication Project) का नतीजा है, जो विजयन सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला कैबिनेट निर्णय था। स्थानीय निकायों और कुडुंबश्री नेटवर्क की मदद से राज्यभर में सर्वे किया गया, जिसमें 1,032 पंचायतों में 64,006 परिवार (1,03,099 व्यक्ति) अत्यंत गरीबी में पाए गए।

सरकार ने हर परिवार के लिए चार मानकों पर आधारित व्यक्तिगत योजना बनाई —

  1. खाद्य सुरक्षा
  2. सुरक्षित आवास
  3. न्यूनतम आय
  4. स्वास्थ्य सुविधा

इस मिशन पर ₹1,000 करोड़ से अधिक का निवेश किया गया।

  • 5,422 नए घर बनाए गए
  • 5,522 घरों का नवीनीकरण किया गया
  • 439 परिवारों को 28.32 एकड़ भूमि मिली
  • 34,672 परिवारों को रोजगार योजनाओं से ₹77 करोड़ की अतिरिक्त आय प्राप्त हुई

India’s Lowest Poverty Rate: Only 0.48%

नीति आयोग की 2023 की बहुआयामी गरीबी रिपोर्ट (MPI) के मुताबिक, केरल पहले ही देश का सबसे कम गरीबी वाला राज्य था, जहाँ गरीबी दर मात्र 0.55% थी। अब यह और घटकर 0.48% रह गई है, जबकि राष्ट्रीय औसत 11.28% है।

CM Vijayan : “यह है केरल मॉडल — Inclusive Growth का Symbol”

मुख्यमंत्री विजयन ने कहा — “यह सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि जनता की जीत है। हमने साबित कर दिया है कि अगर समाज और शासन साथ आएं, तो गरीबी को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है।”

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CBSE Board Exam 2026 : 17 फरवरी से शुरू होंगी 10वीं-12वीं की परीक्षाएं, जानें पूरा शेड्यूल और नया बदलाव

CBSE

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं की तारीखों की आधिकारिक घोषणा कर दी है। बोर्ड की ओर से जारी शेड्यूल के अनुसार, परीक्षाएं 17 फरवरी 2026 से शुरू होकर 9 अप्रैल 2026 तक चलेंगी।

कक्षा 10वीं और 12वीं का पूरा शेड्यूल

कक्षा 10वीं : 17 फरवरी से 18 मार्च 2026 तक

कक्षा 12वीं : 17 फरवरी से 9 अप्रैल 2026 तक

परीक्षा का समय : सुबह 10:30 बजे से एक ही शिफ्ट में सभी पेपर होंगे।

सीबीएसई ने इस बार लगभग पांच महीने पहले ही डेट शीट जारी कर दी है, ताकि छात्र अपनी तैयारी को समय पर शुरू कर सकें।

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NEP 2020 के तहत बड़ा बदलाव

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुसार, कक्षा 10वीं के छात्रों के लिए दो बोर्ड परीक्षाओं की व्यवस्था शुरू की जा रही है। पहली परीक्षा फरवरी-मार्च में और दूसरी मई 2026 में होने की संभावना है। इसका उद्देश्य छात्रों पर से परीक्षा का तनाव कम करना और सीखने की प्रक्रिया को लचीला बनाना है।

स्कूलों के लिए जरूरी निर्देश

CBSE ने सभी स्कूलों को ‘List of Candidates (LOC)’ तैयार करते समय छात्रों की जानकारी—नाम, जन्मतिथि, विषय कोड और APAAR ID—सही तरह से सत्यापित करने के निर्देश दिए हैं। डेटा में गलती मिलने पर आगे चलकर एडमिट कार्ड और रिजल्ट में दिक्कतें हो सकती हैं।

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कितने छात्र होंगे शामिल?

इस साल लगभग 45 लाख छात्र कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने की उम्मीद है। आधिकारिक वेबसाइट पर मिलेगी अपडेटेड डेटशीट छात्र और अभिभावक विषयवार विस्तृत टाइमटेबल और अन्य जानकारी के लिए सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर नज़र रखें।

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Trailblazer Tenzin Yangki : अरुणाचल की पहली महिला IPS ने तोड़ा सब रिकॉर्ड

Tenzin Yangki

तवांग-जिले से आने वाली Tenzin Yangki ने Union Public Service Commission (UPSC) सिविल सेवा परीक्षा 2022 में All India Rank 545 हासिल कर और आदिलु, कठिन क्षेत्र से निकलकर अरुणाचल प्रदेश की पहली महिला IPS अधिकारी बन गईं। उनका चयन AGMUT कैडर में हुआ और उन्होंने Sardar Vallabhbhai Patel National Police Academy, हैदराबाद में ट्रेनिंग पूरी की।

परिवारिक पृष्ठभूमि: सेवा और आदर्श की विरासत

Tenzin के पिता स्व. Thupten Tempa IAS अधिकारी व मंत्री थे और उनकी माता Jigmi Choden APPSC अधिकारी और सरल जीवन जीने वाली पूर्व सचिव थीं। परिवार में देश-सेवा का भाव था, जिसने Tenzin को छोटी उम्र से ही प्रेरणा दी।

शैक्षणिक सफर: Warwick-JNU से IPS तक

Tenzin ने यूनिवर्सिटी ऑफ वारविक से BSc (Philosophy, Politics, Economics) किया और फिर JNU से MA तथा MPhil इन इंटरनेशनल रिलेशनस।

2017 में उन्होंने APPSC पास किया, इसके बाद प्रशासनिक अनुभव लिया और फिर UPSC में सफलता पाई।

Tenzin Yangki

सफलता का सफर: संघर्ष, जुनून और जज़्बा

दुर्गम पहाड़ी इलाके, सीमित संसाधन और समाज-अपेक्षाओं के बीच Tenzin ने हिम्मत नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा है: “Being first is never easy… Don’t be afraid of walking alone today – others will follow.”

उनकी यह उपलब्धि सिर्फ निजी नहीं, बल्कि पूरे उत्तर-पूर्व की लड़कियों के लिए प्रेरणा बन गई है।

प्रेरक संदेश—Tenzin Yangki की जुबानी

“सपनों की ऊँचाई और जड़ों की गहराई दोनों जरूरी हैं। समाज की हर बंदिश तोड़ो, खुद पर भरोसा रखो—रास्ता खुद-ब-खुद बन जाता है।”

“अगर मैं सीमांत जिले से IPS बन सकती हूं, तो देश की हर बेटी कुछ भी कर सकती है।”

उनका यह संदेश हर उस लड़की तक पहुँच रहा है जो असंभव को संभव बनाना चाहती है।

समाज और युवा बेटियों के लिए मिसाल

Tenzin की उपलब्धि यह दिखाती है कि जज़्बा, अनुशासन, शिक्षा और परिवार-समर्थन से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। उन्होंने उत्तर-पूर्व की नई पहचान “सशक्त, शिक्षित और साहसी” का पर्याय बनकर पेश की है।

Tenzin Yangki सिर्फ पुलिस अधिकारी नहीं, बल्कि बदलाव की मिसाल हैं। उनका सफर साबित करता है कि संघर्ष, जज़्बा और सेवा-भावना से कोई भी महिला-उम्मीदवार देश-सेवा की ऊँचाइयों तक पहुँच सकती है। आज इस तवांग-की बेटी ने यह दिखा दिया है कि “पहले चलना असान नहीं होता, लेकिन दूसरों के लिए राह आसान कर देना उसकी असली जीत है।”

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