मारुति सुजुकी ने दिखाई नई तकनीक की झलक : Fronx अब 85% इथेनॉल और 15% पेट्रोल से दौड़ेगी

Fronx

भारत की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी ने जापान मोबिलिटी शो 2025 में अपनी पॉपुलर कार Fronx का फ्लेक्स-फ्यूल (Flex-Fuel) व्हीकल कॉन्सेप्ट पेश किया है। यह गाड़ी अब सिर्फ पेट्रोल ही नहीं, बल्कि इथेनॉल मिश्रित ईंधन (E85 तक) पर भी चल सकेगी। यानी आने वाले वक्त में आप इस गाड़ी को गन्ने से बने ईंधन से भी चला पाएंगे!

क्या खास है इस फ्रॉन्क्स फ्लेक्स-फ्यूल कॉन्सेप्ट में?

इस कॉन्सेप्ट में कंपनी ने मौजूदा 1.2-लीटर पेट्रोल इंजन को इस तरह मॉडिफाई किया है कि यह पेट्रोल और 85% तक इथेनॉल के मिश्रण पर स्मूदली चल सके। डिजाइन में कोई बड़ा बदलाव नहीं है, लेकिन गाड़ी पर “Flex Fuel” की नई बैजिंग दी गई है। माना जा रहा है कि इसका प्रोडक्शन मॉडल 2026 तक भारत में लॉन्च हो सकता है।

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भारत के लिए क्यों है बड़ा कदम?

यह इनोवेशन भारत की ग्रीन एनर्जी नीति और ईंधन आत्मनिर्भरता के दिशा में एक अहम कदम है —

  •  आयात पर निर्भरता कम होगी: इथेनॉल भारत में गन्ने जैसे कृषि उत्पादों से बनता है, जिससे देश की विदेशी मुद्रा बचेगी।
  •  कम प्रदूषण, साफ हवा: इथेनॉल पेट्रोल की तुलना में ज़्यादा स्वच्छ ईंधन है, जिससे कार्बन उत्सर्जन घटेगा।
  •  किसानों को फायदा: इथेनॉल उत्पादन से किसानों की आमदनी बढ़ सकती है।

भारत सरकार पहले ही देशभर में E20 फ्यूल (20% इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) शुरू कर चुकी है, और Fronx FFV जैसी गाड़ियां इस ट्रांजिशन के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

सुजुकी की “मल्टी-पाथवे” रणनीति

मारुति सुजुकी सिर्फ इलेक्ट्रिक पर ही नहीं, बल्कि हाइब्रिड, CNG, बायोगैस (CBG) और फ्लेक्स-फ्यूल जैसे सभी क्लीन एनर्जी विकल्पों पर काम कर रही है। शो में कंपनी ने ग्रैंड विटारा का CBG वर्जन और जिक्सर SF 250 फ्लेक्स-फ्यूल बाइक भी पेश की।

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Jolly LLB 3 : जब दो ‘Jollys’ कोर्टरूम में आमने-सामने, OTT पे आने वाली है ये दिलचस्प कहानी

Jolly

Jolly LLB 3 एक दमदार सीक्वल है, जिसमें पिछली दो कड़ियों के प्रिय किरदार और कोर्टरूम-कॉमेडी का तड़का वापस आता है। इस बार की फिल्म में दो “जॉली” मिलते हैं—Akshay Kumar (जगदीश्वर मिश्रा) और Arshad Warsi (जगदीश त्यागी)—जो पहली बार कोर्टरूम में आमने-सामने घुटने टेकने वाले नहीं बल्कि भिड़ने वाले हैं। कहानी वहीं से शुरू होती है जहाँ पिछली फिल्म छूटी थी, लेकिन इसमें नया केस, नया मंच और नया कोर्टरूम ड्रामा है — जिससे फैंस का रोमांच दोगुना हो जाता है।

रिलीज़ डेट और ट्रेलर धमाका!

Jolly LLB 3 भारत में 19 सितंबर 2025 को रिलीज़ हुई थी।  ट्रेलर 10 सितंबर 2025 के आसपास जारी हुआ।  ट्रेलर में कोर्टरूम की जंग, दोनों जॉलीज की बॉक्सिंग-लाइन और जज त्रिपाठी (Saurabh Shukla) की मज़ेदार प्रतिक्रिया ने सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा खड़ी की थी।

कास्ट – कौन-कौन हैं और क्या रोल निभा रहे हैं?

  • Akshay Kumar — वकील जगदीश्वर “जॉली” मिश्रा
  • Arshad Warsi — वकील जगदीश “जॉली” त्यागी
  • Saurabh Shukla — जस्टिस सुन्दर लाल त्रिपाठी
  • Amrita Rao — मिश्रा की पत्नी
  • Huma Qureshi — अरशद के अपोजिट फीमेल लीड
  • Seema Biswas — एक महत्वपूर्ण केस की पीड़िता

पुरानी टीम लौट आई है और नए-पुराने स्टार्स का कमबैक क्लासिक कोर्टरूम सीन की उम्मीद जगाता है।

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कहानी में नया क्या है?

Jolly LLB 3 में दो मुख्य वकील—मिश्रा और त्यागी—एक बड़े केस में आमने-सामने आ जाते हैं। जज त्रिपाठी के कोर्ट में जब दोनों ‘जॉली’ भिड़ते हैं, तो ड्रामा, हास्य, ट्विस्ट और इमोशन सभी एक साथ परोसे जाते हैं। इस बार कहानी सामाजिक मुद्दों, मीडिया ड्रामा और कानून-सिस्टम की पेंचिदगियों पर आधारित है, जिससे मनोरंजन के साथ-साथ संदेश भी मिलता है।

हाइप: उम्मीदें और बॉक्स ऑफिस बज़

फिल्म की एडवांस बुकिंग जोरदार रही—रिलीज़ से पहले ही टिकटों की बुकिंग में तेजी आई।  बॉक्स ऑफिस पर भी इसने शुरुआत में बेहतर काम किया: 8वें दिन तक भारत में करीब ₹76 करोड़ की कमाई दर्ज हुई थी।मेकर्स तथा ट्रेड पंडित इसे फ्रैंचाइज़ी की अब तक की सबसे सफल फिल्म मानने लगे हैं, और अक्षय-अरशद की कोर्टरूम टकराव कहानी को नया इतिहास बनाने वाला माना जा रहा है।

OTT और बाकी रिलीज़

थिएटर्स के बाद यह फिल्म OTT प्लेटफॉर्म्स पर भी आने वाली है। अनुमान के मुताबिक, JioHotstar और Netflix पर यह 14 नवंबर 2025 से स्ट्रीम हो सकती है—हालाँकि मेकर्स द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं आई है।

क्या Jolly LLB 3 देखें?

अगर आपको कोर्टरूम ह्यूमर-ड्रामा, स्मार्ट डायलॉग्स और Akshay-Arshad का जोड़ा पसंद है—तो यह फिल्म मिस करने योग्य नहीं है! दोनों जॉली बीच में “कानून की असली लड़ाई” शुरू हो चुकी है…अब देखना है कौन बनेगा कोर्ट का ‘ओरिजिनल जॉली’!

क्या आपको इस फिल्म को घर बैठके परिवार के साथ देखने का इंतज़ार है?नीचे कमेंट में जरूर बताएं।

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भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया : मेलबर्न T20 में भारतीय बल्लेबाजी फ्लॉप, कंगारुओं की दमदार वापसी

T20

मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में हुए दूसरे T20 इंटरनेशनल में India national cricket team और Australia national cricket team के बीच जब मैच शुरू हुआ, तो शुरुआत तो मजबूत दिखी थी लेकिन जल्दी ही भारतीय बल्लेबाजी लड़खड़ा गई। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान Mitchell Marsh ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाज़ी के लिए भेजा, जो बाद में भारत के लिए भारी साबित हुआ।

शुरुआती झटकों के झंझावात में भारत पस्त

भारत ने सिर्फ 8 ओवरों में 5 विकेट खो दिए—शुभमन गिल, कप्तान सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा शामिल थे, जिन्हें ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज Josh Hazlewood ने कसी हुई गेंदबाजी में आउट किया।

भारतीय पारी की सबसे बड़ी उजली किरण थी युवा सलामी बल्लेबाज़ Abhishek Sharma—उन्होंने 37 गेंदों में 68 रन (8 चौके, 2 छक्के) की बेहतरीन पारी खेली, लेकिन उनके साथ कोई और टिक नहीं पाया। अंत में भारत 125 रन पर ऑल आउट हो गया।

ऑस्ट्रेलिया की तेज़ चेज़—मार्श और हेड का तूफान

निशाना था 126 का, जिसे ऑस्ट्रेलिया ने आसानी से पूरा कर लिया। मिचेल मार्श ने 26 गेंदों में 46 रन बनाए और Travis Head ने 28 रन का योगदान दिया। भारत ने कुछ वापसी की कोशिश की—कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती और जसप्रीत बुमराह ने विकेट लिए—लेकिन स्कोर इतना कम था कि ऑस्ट्रेलिया का दबाव कभी टूटा नहीं। उन्होंने 13.2 ओवर में यह मुकाबला जीत लिया।

T20

रणनीति पर उठ रहे सवाल—क्या ‘आक्रामक’ गेम हुए भारी?

भारतीय टीम ने नए ओपनिंग ऑर्डर और आक्रामक रणनीति के साथ शुरुआत की थी, लेकिन आज मैच ने दर्शकों और टीम मैनेजमेंट दोनों को यह सोचने पर मजबूर किया कि “स्मार्ट एग्रेसिव अप्रोच के साथ स्थिरता (execution) भी जरूरी है।”

बल्लेबाजी का शीर्ष क्रम फिसल गया, और बैकलॉग युवा बल्लेबाजों पर काम करने का दबाव बढ़ गया।

आगे क्या होगा? वापसी का मौका

सीरीज़ अब भारत के वापस आने का मौका दे रही है—अगला मैच बेहद अहम होगा। क्या सूर्यकुमार यादव की कप्तानी, गौतम गंभीर की रणनीति और युवा बल्लेबाज अगले मुकाबले में संभल पाएँगे? यूँ तो मैदान का माहौल तैयार है, लेकिन अब “करो या मरो” वाला समय दस्तक दे रहा है।

आज के मैच में भारत ने अपनी बल्लेबाजी से उम्मीदों पर पानी फेरा—लेकिन जल्द-बादल में ऑस्ट्रेलिया की मानसिकता देर तक नहीं टूटी। अगर टीम अगले मुकाबले में सुधार नहीं करती, तो सीरीज़ जल्दी हाथ से निकल सकती है। अब सारे क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें अगले मैच पर टिकी हैं।

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ORS Drinks Ka Comeback – क्या फिर शुरू होगी चीनी से भरी सेहत की धोखाधड़ी?

ORS Drinks

कुछ हफ़्ते पहले Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) ने एक अहम निर्देश जारी किया — अब कोई भी फूड या बेवरेज ब्रांड सिर्फ इसलिए “ORS Drinks”, “Hydra ORS”, “Smart ORS” जैसे टैग या नाम नहीं लगा सकता जब तक उसका फॉर्मूला World Health Organization (WHO) की मानक दिशानिर्देशों के अनुरूप न हो।

बड़ा कारण था: बाजार में कई ड्रिंक्स “ओआरएस” के नाम पर बिक रहे थे — लेकिन असलियत में वे हाई-शुगर, नकली इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक्स थे जिन्हें दस्त या निर्जलीकरण (dehydration) में इस्तेमाल किया जा रहा था। इससे खासकर बच्चों का स्वास्थ्य जोखिम में रहा।

डॉक्टरों और बाल-स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस बैन का स्वागत किया—उनका कहना था कि यह कदम लाखों जानों को बचाने वाला है।

दबाव और ‘ब्रेक’—क्या हुआ?

लेकिन इस बीच बड़ी कंपनियों ने खामोश नहीं बैठे। उन्होंने कोर्ट में याचिका दायर की और लाखों रुपये के “ओआरएस-ब्रांडेड” स्टॉक्स की वैल्यू को लेकर दबाव बनाया। इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने इस बैन पर अस्थायी तौर पर ‘स्टे’ लगा दिया—यानि अब वही पुराने मॉडल के फेक ORS-ड्रिंक्स फिर बाजार में आने की राह पर लग सकते हैं।

ORS Drinks

इस बीच यह भी उभरा कि ORS-टैग वाले ड्रिंक मार्केट का एक बहुत बड़ा सेक्टर बन चुके थे—₹1,000 करोड़ + तक का आंकड़ा सामने था।

विशेषज्ञों की चेतावनियाँ

प्रसिद्द बच्चों के चिकित्सक Dr Sivaranjani Santosh ने कहा कि ये नकली “ओआरएस” ड्रिंक्स बेहद ख़तरनाक थे—इनमें शुगर का स्तर WHO के मानक से १० गुना तक अधिक पाया गया। उनका मानना है कि यह सिर्फ शब्द का मुद्दा नहीं—यह मासूम बच्चों की जान से खेलने वाला विषय है।

इस कदम को लेकर प्रश्न उठ रहे हैं: क्या स्वास्थ्य की जगह फर्क आर्थिक हितों ने ले ली है? क्या नियामक सही दिशा में कदम उठा रहा है या दबाव में फंसा हुआ है?

स्वास्थ्य बनाम मुनाफा

यह मामला बताता है कि जब “ज़िंदगियाँ” बाज़ार की शर्तों के सामने आती हैं, तो सवाल कौन-सा पक्ष अपनी जीत दर्ज करेगा—जनस्वास्थ्य या कंपनियों का मुनाफा? अब जिम्मेदारी उपभोक्ताओं, डॉक्टरों और नियामकों की है कि वे जागरूक रहें। लेबल पढ़ें, सामग्री जांचें और “ओआरएस” नाम वाले किसी भी पैकेट को डॉक्टर की सलाह के बिना स्वीकार न करें। आज यह मामला सिर्फ टैग का नहीं—यह भविष्य की पीढ़ियों की सेहत की लड़ाई है।

सामान्य नागरिक का सबसे पक्का हथियार है — जागरूकता। Labels पढ़ें, उत्पाद की जाँच करें और जब भी “too good to be true” लगे — सवाल उठाएँ।आपके इस बारे में क्या विचार हैं,नीचे कमेंट करें।

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Cyclone Montha ने Eastern India में मचाया कहर, क्या हम फिर से तैयारी से चूके?

Cyclone Montha

अक्टूबर 2025 के अंतिम दिनों में बंगाल की खाड़ी में एक निम्न-दबाव क्षेत्र विकसित हुआ, जिसे Cyclone Montha नाम दिया गया। यह धीरे-धीरे गहराता गया और 28-29 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के काकीनाडा तट के पास गंभीर स्पर्द्धा (Severe Cyclonic Storm) की श्रेणी में लैंडफॉल हुआ। हवाओं की गति 90-110 किमी/घंटा तक दर्ज की गई।

किन राज्यों पर पड़ा सबसे ज्यादा असर?

लैंडफॉल के सिलसिले में तटीय आंध्र प्रदेश बुरी तरह प्रभावित हुआ—पेड़ों के उखड़ने, बिजली खंभों के गिरने और भारी बारिश की वजह से सड़कों पर पानी भर गया। इसके साथ ही Odisha के आठ जिलों में रेड-अलर्ट जारी किया गया। Jharkhand, West Bengal और Chhattisgarh में भी अगले 30-31 अक्टूबर तक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

राहत-और-बचाव आँच में

सरकारों ने हजारों लोगों को सुरक्षित क्षेत्रों में स्थानांतरित किया। आंध्र में 38,000 से अधिक लोग इवैक्यूएट किए गए। राज्यीय बचाव दल, एनडीआरएफ (NDRF)-एसडीआरएफ (SDRF) सक्रिय हैं। स्कूल-कॉलेज बंद किए गए और तटीय इलाकों में ड्रोन और नावों की मदद से राहत काम जारी है।

Cyclone Montha

जान-माल के नुकसान और अभी तक का आकलन

आंध्र प्रदेश ने इस तूफान से लगभग ₹53 बिलियन (US $603 million) का नुकसान आंका है, जिसमें सबसे अधिक असर कृषि क्षेत्र पर हुआ—लगभग ₹8.68 बिलियन। उधर, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कम-से-कम एक व्यक्ति की मौत हुई और कई पशु प्रभावित हुए।

आगे क्या जोखिम है?

मौसम विभाग के मुताबिक, तूफान कमजोर होते हुए भी 31 अक्टूबर तक झारखंड-बिहार-छत्तीसगढ़ में भारी-बहुत भारी बारिश की संभावना बनाये हुए है। यह चक्रवात एक बार फिर यह साबित करता है कि तटीय और अंतःक्षेत्रीय राज्यों को जलवायु-चक्र व इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयारियों को लेकर सतर्क रहना होगा। अब सवाल यह है—अगली बार बेहतर तैयारी होगी या फिर हम “चक्रवात का इंतज़ार” करते रहेंगे?

Cyclone Montha ने अपने साथ केवल बारिश-हवा नहीं बल्कि हमारी आपदा-प्रबंधन क्षमताओं पर भी सवाल किया है,राहत-कार्य तेजी से चल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर हमें यह याद रखना होगा—तैयारी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।

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मुंबई पवई बंधक कांड : 17 बच्चों को छुड़ाने के दौरान आरोपी रोहित आर्य की मौत, सभी बच्चे सुरक्षित

पवई

मुंबई के पवई इलाके में गुरुवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब एक व्यक्ति ने एक एक्टिंग स्टूडियो में लगभग 20 बच्चों को बंधक बना लिया। पुलिस के एक घंटे से अधिक चले बचाव अभियान के बाद सभी बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि आरोपी रोहित आर्य की ऑपरेशन के दौरान मौत हो गई।

क्या था पूरा मामला?

यह घटना आरए स्टूडियो, पवई की है, जहां आरोपी रोहित आर्य ने बच्चों को “ऑडिशन” के बहाने बुलाया था। पुलिस के अनुसार, आर्य मानसिक रूप से परेशान था और उसने एक वीडियो संदेश जारी कर प्रशासन से बात करने की मांग की थी। उसने धमकी दी थी कि अगर उसकी बातें नहीं सुनी गईं तो वह बच्चों को नुकसान पहुँचा सकता है। संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) सत्यनारायण ने बताया कि आर्य के पास एक ऐसा हथियार था जो “बंदूक जैसा दिखता था।” जब पुलिस टीम अंदर दाखिल हुई, तो उसने एयर गन से फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से वह घायल हुआ और अस्पताल में उसकी मौत हो गई।

पवई

क्यों हुआ यह कांड?

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि रोहित आर्य सरकारी स्कूल प्रोजेक्ट के भुगतान न मिलने से नाराज़ था। वह इस मुद्दे पर पूर्व शिक्षा मंत्री से बातचीत करना चाहता था। पुलिस का कहना है कि वह पिछले कुछ दिनों से स्टूडियो में फर्जी ऑडिशन का आयोजन कर रहा था।

पुलिस और फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई

मुंबई पुलिस और फायर ब्रिगेड की संयुक्त टीम ने लगभग एक घंटे तक चले ऑपरेशन में सभी बच्चों को सुरक्षित बचा लिया। मौके पर भीड़ जमा न हो, इसके लिए पूरे इलाके को सील कर दिया गया था।

मुंबई का यह बंधक कांड शहर में सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े करता है। फिलहाल सभी बच्चे सुरक्षित और सकुशल हैं, जबकि पुलिस ने घटना की गहराई से जांच शुरू कर दी है।

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तुर्की में 6.1 तीव्रता का भूकंप : पश्चिमी इलाके में हड़कंप, कई इमारतें क्षतिग्रस्त, लोग रातभर सड़कों पर

तुर्की

पश्चिमी तुर्की सोमवार देर रात एक शक्तिशाली भूकंप से कांप उठा। रिक्टर पैमाने पर 6.1 तीव्रता वाले इस भूकंप ने कई शहरों में तबाही मचा दी और लोगों में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। भूकंप का केंद्र बालिकेसिर प्रांत के सिंदिरगी (Sındırgı) शहर में था, जो जमीन से लगभग 6 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था।

तुर्की की आपदा और आपातकालीन प्रबंधन एजेंसी (AFAD) के अनुसार, यह झटका स्थानीय समयानुसार रात 10:48 बजे महसूस किया गया। भूकंप इतना शक्तिशाली था कि इसके झटके इस्तांबुल, इज़मिर, बर्सा और मनीसा जैसे प्रमुख शहरों तक महसूस किए गए।

नुकसान का जायजा और राहत कार्य

प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक, सिंदिरगी क्षेत्र में तीन खाली इमारतें और एक दो मंजिला दुकान ढह गईं। राहत एजेंसियों का कहना है कि ये इमारतें पहले के भूकंपों से पहले ही कमजोर हो चुकी थीं।

कोई जनहानि नहीं : अब तक किसी के मारे जाने की खबर नहीं मिली है।

दो लोग घायल : घबराहट में गिरने से दो लोग हल्के रूप से घायल हुए, जिन्हें पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

तुर्की

भूकंप के बाद लोग घरों से बाहर निकलकर सड़कों पर आ गए। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई और लोग पूरी रात खुले में डरे-सहमे रहे। आफ्टरशॉक (भूकंप के बाद के झटके) भी महसूस किए गए, जिससे डर और बढ़ गया।

तुर्की में भूकंप का इतिहास

तुर्की विश्व के सबसे भूकंप-संवेदनशील देशों में से एक है। यह देश सीरिया-अनातोलियन फॉल्ट लाइन पर स्थित है, जहां भूकंपीय गतिविधियां लगातार होती रहती हैं। वर्ष 2023 में आए विनाशकारी भूकंप में तुर्की और सीरिया में 53,000 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। हाल का यह भूकंप उस त्रासदी की याद ताजा कर गया है।

सरकार की अपील और अगली तैयारी

तुर्की सरकार ने सभी राहत एजेंसियों को सतर्क रहने और क्षतिग्रस्त इलाकों में तुरंत सर्वे शुरू करने के निर्देश दिए हैं। AFAD और स्थानीय प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों ने लोगों से घरों की संरचना जांचने और आफ्टरशॉक से सावधान रहने की सलाह दी है।

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Women Power का कमाल – India ने Defending Champions Australia को रुलाया, Final में Entry Confirmed

Women

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने ICC Women’s Cricket World Cup 2025 में पहले ही मैच से ‘मिशन फाइनल’ की तरह उतरने का इरादा दिखाया। शुरूआत पाकिस्तान के खिलाफ शानदार जीत के साथ हुई, जहाँ Smriti Mandhana और Harmanpreet Kaur ने बल्लेबाजी कर फैंस का दिल जीत लिया।

इसके बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच में स्मृति और Pratika Rawal ने जबरदस्त 212 के रिकॉर्ड साझेदारी की, और Jemimah Rodrigues ने नाबाद अर्धशतक के साथ टीम को विजयी लक्ष्य तक पहुंचाया।

चुनौतियाँ और वापसी—बारिश बनी रोड़ा, टीम ने नहीं मानी हार

टूर्नामेंट के मध्य में टीम को हार का सामना भी करना पड़ा और मौसम ने भी दखल दिया। बांग्लादेश के खिलाफ मैच बारिश के कारण रद्द हो गया था। लेकिन टीम ने ठान लिया था कि अंत तक खेलेगी और इस तरह सेमीफाइनल की टिकट पक्की की।

सेमीफाइनल : ऑस्ट्रेलिया को चौंकाया, इतिहास रचा!

सेमीफाइनल में भारत का सामना था डिफेंडिंग चैंपियन Australia women’s cricket team से—जहाँ जेमिमाह रोड्रिग्स ने 127* रन की बेमिसाल पारी खेली, कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 89 रन की शानदार पारी निभाई और टीम ने रिकार्ड 339 रन का लक्ष्य सिर्फ पाँच विकेट पर चेस कर लिया—यह महिला वनडे इतिहास की सबसे बड़ी सफल चेज़ बनी।

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अब अगला मुक़ाबला—इतिहास के सबसे बड़े फाइनल से बस एक जीत दूर

अब भारत फाइनल में भिड़ेगा South Africa women’s cricket team से, जिसने पहली बार वर्ल्ड कप फाइनल में पहुँचने का सपना साकार किया है। भारत इससे पहले 2005 और 2017 में फाइनल खेल चुका है, पर खिताब नहीं जीत पाया—क्या इस बार ‘Women in Blue’ का पल होगा?

फाइनल में क्या होगा? जोश, जुनून और जश्न!

क्या भारत अपना पहला वर्ल्ड कप खिताब जीतेगा?क्या जेमिमाह का बल्ला फिर इतिहास रचेगा?क्या हरमनप्रीत फिर दिखाएंगी अपना ज़ज़्बा?

सारी दुनिया इस फाइनल पर नजरें टिका रही है—दोनों टीमें पूरी ताकत झोंकने को तैयार हैं।

भारत ने पहले मैच से लेकर सेमीफाइनल तक जिस तरह का दबदबा बनाया है, वह केवल स्कोर नहीं बल्कि धैर्य, रणनीति और टीम-भूमिका का प्रतीक है। अब फाइनल बस एक कदम दूर है—अगर भारत इस जीत को हासिल कर लेता है, तो यह सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं बल्कि महिला क्रिकेट का एक नया युग घोषित करेगा।

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CBI ने पंजाब के IPS अधिकारी हरचरण सिंह भुल्लर पर कसा शिकंजा, करोड़ों की बेहिसाब संपत्ति का खुलासा

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केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पंजाब पुलिस के निलंबित DIG हरचरण सिंह भुल्लर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) का नया मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई कुछ हफ्ते पहले हुए रिश्वतखोरी मामले के बाद की गई है, जिसमें भुल्लर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था।

रिश्वतखोरी से शुरू हुई जांच

16 अक्टूबर को CBI ने हरचरण सिंह भुल्लर को एक स्क्रैप डीलर से 5 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद एजेंसी ने चंडीगढ़, मोहाली और होशियारपुर में उनके ठिकानों पर छापे मारे, जहां से भारी मात्रा में नकदी, सोना, लग्जरी सामान और संपत्ति के दस्तावेज बरामद किए गए।

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छापेमारी में मिला खजाना

CBI की जांच में सामने आया कि भुल्लर के पास उनकी घोषित आय से कहीं अधिक संपत्ति है। एजेंसी के अनुसार जब्त की गई संपत्ति में शामिल हैं –

  • 7.5 करोड़ रुपये नकद
  • 2.32 करोड़ रुपये मूल्य का सोना और चांदी
  • 26 महंगी ब्रांडेड घड़ियां
  • मर्सिडीज और ऑडी जैसी लग्जरी गाड़ियां
  • लगभग 150 एकड़ जमीन और 50 संपत्तियों के दस्तावेज

CBI की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में भुल्लर की घोषित आय मात्र 32 लाख रुपये थी, जबकि बरामद संपत्ति कई गुना अधिक है। अब एजेंसी यह जांच कर रही है कि इस संपत्ति को अर्जित करने में परिवार या अन्य सहयोगियों की कोई भूमिका थी या नहीं।

CBI ने यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत दर्ज किया है। अधिकारियों के अनुसार, यह अब तक की सबसे बड़ी संपत्ति बरामदगी में से एक मानी जा रही है, जिसने पंजाब पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

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Justice सूर्यकांत बने देश के 53वें मुख्य न्यायाधीश, 24 नवंबर को संभालेंगे पदभार

मुख्य न्यायाधीश

देश की न्यायपालिका में एक नया अध्याय जुड़ गया है। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठतम न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत को भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में नियुक्त किया गया है। केंद्र सरकार के न्याय विभाग (Department of Justice) ने गुरुवार को इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी है।

जस्टिस सूर्यकांत 24 नवंबर 2025 को मुख्य न्यायाधीश का पदभार संभालेंगे। वे मौजूदा CJI जस्टिस जे.बी. पारदीवाला का स्थान लेंगे, जो 23 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

न्यायाधीश

जस्टिस सूर्यकांत का सफर

जन्म 10 फरवरी 1962 को हुआ। उन्होंने 1984 में हरियाणा के हिसार जिला अदालत से अपने वकालत करियर की शुरुआत की और एक साल बाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में प्रैक्टिस शुरू की। वे हरियाणा के एडवोकेट जनरल भी रहे। जनवरी 2004 में उन्हें पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का स्थायी न्यायाधीश बनाया गया। इसके बाद वे हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने और फिर 24 मई 2019 को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत हुए।

मुख्य न्यायाधीश के रूप में उनका कार्यकाल 9 फरवरी 2027 तक रहेगा। सुप्रीम कोर्ट में रहते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण संविधान पीठों (Constitution Benches) का हिस्सा बनकर अहम फैसले दिए हैं।

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