शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव : बुधवार की तेजी गुरुवार को गिरावट में बदली

शेयर बाजार

भारतीय शेयर बाजार में इस हफ्ते जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। बुधवार को आई जबरदस्त तेजी के बाद गुरुवार को बाजार ने करवट बदली और भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। दो दिनों के इस उतार-चढ़ाव ने निवेशकों की उम्मीदों और मुनाफे — दोनों को झटका दिया।

29 अक्टूबर : निफ्टी और सेंसेक्स में जोरदार तेजी, ऑल-टाइम हाई के करीब पहुंचा बाजार

बुधवार को शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी रही। BSE सेंसेक्स 368.97 अंक की बढ़त के साथ 84,997.13 पर बंद हुआ। NSE निफ्टी 117.70 अंक उछलकर 26,053.90 के स्तर पर पहुंच गया। यह तेजी मुख्य रूप से वैश्विक बाजारों में सकारात्मक रुझान, अमेरिकी फेड की ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों, और घरेलू निवेशकों की खरीदारी से प्रेरित थी। बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली।

HDFC Bank, Infosys, Maruti Suzuki और TCS जैसे शेयरों ने बाजार को ऊपर खींचा। निफ्टी अपने ऑल-टाइम हाई 26,100 के स्तर को छूने के करीब पहुंच गया था।

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30 अक्टूबर : एक दिन में पलटी तस्वीर, सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में

गुरुवार को बाजार ने अचानक ब्रेक लगा दिए।

सेंसेक्स 592.67 अंक (0.70%) गिरकर 84,404.46 पर बंद हुआ। निफ्टी 176.05 अंक (0.68%) की गिरावट के साथ 25,877.85 पर आ गया। इस गिरावट के चलते निवेशकों की संपत्ति में एक ही दिन में करीब ₹3.5 लाख करोड़ रुपये की कमी आई।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की सख्त टिप्पणी, FII द्वारा भारी बिकवाली, और वैश्विक बाजारों की कमजोरी इस गिरावट के मुख्य कारण रहे। रिलायंस, टाटा स्टील, और SBI जैसे दिग्गज शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी मुनाफावसूली हावी रही।

निवेशकों के लिए संकेत

मार्केट विशेषज्ञों के अनुसार, यह गिरावट एक स्वाभाविक करेक्शन (natural correction) है और फिलहाल 25,800–26,000 के दायरे में सपोर्ट बनता दिख रहा है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि लंबी अवधि के निवेशक घबराएं नहीं, बल्कि अच्छी कंपनियों में हर गिरावट पर धीरे-धीरे निवेश बढ़ाएं।

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पंजाब में ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ का दूसरा चरण शुरू – बुजुर्गों को मिलेगी मुफ्त तीर्थ यात्रा की सौगात

मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना

पंजाब सरकार ने राज्य के वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ मिलकर ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ के दूसरे चरण की शुरुआत संगरूर के धूरी से की। यह चरण नौवें सिख गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत की वर्षगांठ को समर्पित है।

योजना का उद्देश्य

इस योजना का मकसद है — पंजाब के 50 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिकों को देशभर के प्रमुख धार्मिक स्थलों की मुफ्त यात्रा की सुविधा देना। योजना का लाभ सभी धर्मों के लोगों को मिलेगा, जिससे सामाजिक और धार्मिक एकता को बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना

योजना की मुख्य विशेषताएं

पूर्णतः निःशुल्क यात्रा : सरकार श्रद्धालुओं की यात्रा, भोजन, ठहरने और अन्य सभी खर्च उठाएगी।

शामिल प्रमुख तीर्थ स्थल : श्री हरमंदिर साहिब (अमृतसर), दुर्गियाना मंदिर, श्री आनंदपुर साहिब, भगवान वाल्मीकि तीर्थ और माता नैना देवी मंदिर जैसे पवित्र स्थलों को शामिल किया गया है।

पारदर्शी चयन प्रक्रिया : हर विधानसभा क्षेत्र से 16,000 श्रद्धालुओं का चयन ड्रॉ प्रणाली से होगा।

स्वास्थ्य सुविधा : प्रत्येक यात्रा दल के साथ मेडिकल टीम भी तैनात रहेगी।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि सरकार “लोगों के आध्यात्मिक और सामाजिक कल्याण” के लिए पूरी तरह समर्पित है। वहीं अरविंद केजरीवाल ने इसे “जनता के पैसे को जनता की सेवा में लगाने वाली ईमानदार पहल” बताया और श्रद्धालुओं से पंजाब की शांति और खुशहाली के लिए प्रार्थना करने की अपील की।

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दिल्ली में क्यों फेल हुई आर्टिफिशियल बारिश? मौसम की बेरुखी बनी सबसे बड़ी वजह

आर्टिफिशियल बारिश

दिल्ली में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए आर्टिफिशियल बारिश कराने की बहुप्रतीक्षित कोशिश असफल हो गई है। IIT कानपुर के विशेषज्ञों के नेतृत्व में किया गया यह क्लाउड सीडिंग का पहला परीक्षण था, लेकिन मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण यह बारिश कराने में नाकाम रहा।

क्या है असफलता का कारण?

क्लाउड सीडING की सफलता पूरी तरह से मौसम की कुछ खास स्थितियों पर निर्भर करती है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तकनीक के लिए आसमान में पर्याप्त मात्रा में नमी वाले घने बादलों का होना अनिवार्य है।

बादलों की कमी:

परीक्षण के समय दिल्ली के आसमान में ऐसे बादल मौजूद नहीं थे जो कृत्रिम बारिश के लिए उपयुक्त हों। इस प्रक्रिया के लिए कम ऊंचाई वाले और नमी से भरे  ‘क्यूम्यलस ‘बादलों की जरूरत होती है, जो उस दिन नहीं थे।

हवा में नमी का अभाव:

क्लाउड सीडिंग में सिल्वर आयोडाइड जैसे रसायन बादलों में मौजूद नमी को संघनित करके बारिश की बूंदों में बदलते हैं। यदि हवा ही सूखी हो और नमी की मात्रा बहुत कम हो, तो यह प्रक्रिया सफल नहीं हो सकती। गुरुवार को दिल्ली की हवा में नमी का स्तर काफी कम था।

आर्टिफिशियल बारिश

अनुकूल तापमान का न होना:

इस प्रक्रिया के लिए बादलों का तापमान भी एक निश्चित स्तर (आमतौर पर शून्य से नीचे) पर होना चाहिए, ताकि बर्फ के कण बन सकें जो बाद में पिघलकर बारिश के रूप में गिरें। ये सभी अनुकूल परिस्थितियाँ एक साथ न मिलने के कारण परीक्षण विफल हो गया।

IIT कानपुर की टीम ने पहले ही स्पष्ट किया था कि यह सफलता की गारंटी नहीं है, बल्कि यह मौसम पर निर्भर करेगा। सरकार का कहना है कि यह एक पायलट प्रोजेक्ट था और भविष्य में मौसम अनुकूल होने पर दोबारा प्रयास किया जाएगा।

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Jio और Google की महागठबंधन : हर Jio यूजर को मिलेगा फ्री AI Pro, भारत में शुरू नयी AI क्रांति

Jio

30 अक्टूबर 2025 को Reliance Jio और Google ने मिलकर भारतीय टेक्नोलॉजी जगत में एक बड़ा कदम उठाया: जियो यूज़र्स को 18 महीनों के लिए मुफ्त में Google AI Pro का एक्सेस देने की घोषणा की गई। इस ऑफर की मूल्य लगभग ₹35,100 प्रति यूज़र बताई गई है।

यह साझेदारी “AI For All” विज़न को आगे ले जाने की दिशा में है, ताकि भारत के छात्रों, क्रिएटर्स और छोटे-बड़े कारोबारियों तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की पहुँच बढ़ सके।

क्या मिलेगा यूज़र्स को? फीचर्स और फायदे

  • Google Gemini 2.5 Pro मॉडल का एक्सेस।
  • इमेज/वीडियो जनरेशन टूल्स: Nano Banana और Veo 3.1।
  • NotebookLM में स्टडी/रिसर्च के लिए एक्सपैंडेड एक्सेस, और क्लाउड स्टोरेज 2 TB Gmail, Drive, Photos आदि के लिए।
  • पात्र यूज़र्स को MyJio ऐप के माध्यम से “Claim Now” बैनर के जरिए एक्टिवेशन मिलेगा। शुरुआती फेज़ में 18–25 वर्ष के यूथ को पहले मिलेगा।

व्यवसाय-एंटरप्राइज सेक्टर में क्या बदलाव?

जियो-गूगल पार्टनरशिप सिर्फ आम यूज़र तक सीमित नहीं है—Reliance Intelligence, जो रिलायंस की AI शाखा है, अब Google Cloud के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर AI हार्डवेयर एक्सेलेरेटर्स (TPU आदि) भारतीय संगठनों को उपलब्ध कराएगी।

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इसके साथ ही व्यवसायों के लिए Gemini Enterprise प्लेटफॉर्म के माध्यम से कस्टम AI एजेन्ट्स, डॉक्यूमेंट ऑटोमेशन, डेटा एनालिसिस जैसी सेवाएँ जल्द भारत में उपलब्ध होंगी।

इस फैसले का मार्केट प्रभाव और क्या बोले बड़े लोग?

Mukesh Ambani ने कहा — “हमारा लक्ष्य है कि भारत सिर्फ AI-enabled न हो बल्कि AI-empowered बने।”

Sundar Pichai ने जोड़ा — “हम चाहते हैं कि भारत में हर व्यक्ति दुनिया की सबसे एडवांस AI उपकरणों का उपयोग कर सके।”

टेलीकॉम-एआई की इस दिशा ने न सिर्फ यूज़र बेस को बढ़ावा दिया है बल्कि भारतीय क्लाउड-AI इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी नया आकार देने की शुरुआत की है।

जियो-गूगल का यह महागठबंधन एक गेम-चेंजर है: जहाँ पहले इंटरनेट-डेटा का जमाना था, अब AI-डेटा और टूल्स का युग आने वाला है। भारतीय यूज़र, चाहे वह छात्र हो, क्रिएटर हो या छोटे व्यवसायी, अब इस टेक्नोलॉजी की शक्ति आसानी से अपनी डिवाइस पर महसूस कर सकते हैं।

अगर यह प्रस्ताव सही तरीके से लागू हुआ, तो भारत 2026 तक AI क्रांति के अग्रिम पंक्ति में आ सकता है।

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स्मृति मंधाना ने रचा इतिहास : वनडे रैंकिंग में नंबर 1 पर कायम, हासिल की करियर की सर्वश्रेष्ठ रेटिंग

स्मृति मंधाना

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने एक बार फिर अपनी धमाकेदार फॉर्म से दुनिया भर में भारतीय तिरंगा लहराया है। आईसीसी महिला वनडे बल्लेबाजी रैंकिंग में मंधाना ने न सिर्फ अपना नंबर 1 स्थान बरकरार रखा, बल्कि करियर की सर्वश्रेष्ठ 828 रेटिंग हासिल कर ली है।

विश्व कप में शानदार प्रदर्शन का इनाम

भारत में चल रहे महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 में मंधाना ने शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ 109 रनों की यादगार पारी खेली थी और बांग्लादेश के खिलाफ नाबाद 34 रन बनाए थे। यही प्रदर्शन उनकी रैंकिंग में उछाल का बड़ा कारण बना।

प्रतिद्वंद्वियों से काफी आगे

अब स्मृति मंधाना दूसरे स्थान पर मौजूद ऑस्ट्रेलिया की एशले गार्डनर (731 अंक) से पूरे 97 अंक आगे हैं। गार्डनर ने इंग्लैंड के खिलाफ शतक जड़कर रैंकिंग में छह स्थानों की छलांग लगाई है, लेकिन वह अभी भी मंधाना से काफी पीछे हैं।

 स्मृति मंधाना

टूर्नामेंट की सबसे बड़ी स्कोरर

मंधाना इस विश्व कप में अब तक 7 पारियों में 365 रन बना चुकी हैं — जिसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल हैं। उनके प्रदर्शन की बदौलत भारत सेमीफाइनल में जगह बना चुका है।

लगातार बढ़ता दबदबा

स्मृति मंधाना को हाल ही में सितंबर 2025 के लिए ICC “महीने की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी” (Player of the Month) भी चुना गया था। यह साबित करता है कि वह न सिर्फ एशिया में बल्कि विश्व क्रिकेट में महिला बल्लेबाजी की सबसे बड़ी ताकत बन चुकी हैं।

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BYD ने पेश की अपनी पहली ‘Kei Car’ : नई Racco EV, 180km रेंज और ब्लेड बैटरी के साथ जापान के लिए खास

चीन की प्रमुख इलेक्ट्रिक वाहन कंपनी BYD ने जापान मोबिलिटी शो 2025 में अपनी पहली Kei कार “Racco” का अनावरण किया है। यह छोटी इलेक्ट्रिक कार खास तौर पर जापान के शहरी बाजार के लिए बनाई गई है, जहां Kei कारें अपनी कॉम्पैक्ट साइज और कम चलने की लागत के लिए बेहद लोकप्रिय हैं।

खासियतें जो बनाती हैं Racco को अलग

ब्लेड बैटरी तकनीक: इसमें BYD की सुरक्षित और टिकाऊ 20 kWh लिथियम आयरन फॉस्फेट (LFP) ब्लेड बैटरी दी गई है, जो अपनी सुरक्षा और लंबी उम्र के लिए जानी जाती है।

 रेंज : एक बार फुल चार्ज होने पर यह कार लगभग 180 किलोमीटर की WLTC-रेटेड रेंज देगी — जो शहर की छोटी दूरी की ड्राइव के लिए एकदम परफेक्ट है।

चार्जिंग क्षमता : यह कार 100 kW DC फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है, जिससे इसे कुछ ही मिनटों में चार्ज किया जा सकता है।

BYD

 डिज़ाइन और फीचर्स : Racco का बॉक्सी डिज़ाइन इसे तंग सड़कों पर भी आसानी से चलने योग्य बनाता है। इसमें पीछे स्लाइडिंग दरवाजे, चार लोगों के बैठने की जगह, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और बड़ा इंफोटेनमेंट डिस्प्ले दिया गया है।

आकार : लंबाई 3,395 मिमी, चौड़ाई 1,475 मिमी और ऊंचाई 1,800 मिमी — जो जापानी Kei कार के मानकों के अनुसार बिल्कुल फिट है।

 लॉन्च टाइमलाइन : BYD Racco की बिक्री 2026 की गर्मियों में जापान में शुरू होगी, और इसकी शुरुआती कीमत करीब 2.5 मिलियन येन (लगभग ₹11.5 लाख) रहने की उम्मीद है।

BYD

जापान में BYD की बड़ी एंट्री

Racco, जापान में किसी गैर-जापानी कंपनी की पहली Kei कार होगी। BYD को उम्मीद है कि यह EV मॉडल कंपनी को जापानी इलेक्ट्रिक कार बाजार में एक नई पहचान दिलाएगा, जहां अब तक स्थानीय ब्रांड जैसे Nissan Sakura और Honda N-Van का दबदबा रहा है।

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अमेज़ॅन में फिर बड़ी Layoffs : हजारों कर्मचारियों को टेक्स्ट मैसेज से मिली नौकरी जाने की सूचना

अमेज़ॅन

ई-कॉमर्स दिग्गज अमेज़ॅन ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर हजारों कर्मचारियों की छंटनी कर कॉर्पोरेट जगत को चौंका दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने 14,000 से 30,000 तक कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का निर्णय लिया है। हैरानी की बात यह है कि कई कर्मचारियों को टेक्स्ट मैसेज या ईमेल के ज़रिए ही नौकरी से निकाले जाने की सूचना दी गई।

यह कदम 2022-23 में हुई 27,000 कर्मचारियों की छंटनी के बाद अमेज़ॅन की अब तक की सबसे बड़ी कटौती मानी जा रही है।

छंटनी की वजह — AI और लागत में कटौती

अमेज़ॅन के अनुसार, यह फैसला कंपनी की AI (Artificial Intelligence) और ऑटोमेशन तकनीक को अपनाने की रणनीति का हिस्सा है। कंपनी अपने परिचालन खर्च को घटाकर दक्षता बढ़ाना चाहती है। साथ ही, महामारी के दौरान हुई ओवरहायरिंग यानी ज़रूरत से ज़्यादा भर्तियों को भी अब संतुलित किया जा रहा है।

हालांकि, कंपनी ने हाल ही में मुनाफे में भारी वृद्धि दर्ज की थी, ऐसे में यह छंटनी उद्योग जगत और कर्मचारियों के लिए चौंकाने वाली साबित हुई है।

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भारत में भी असर

अमेज़ॅन की इस वैश्विक छंटनी का असर भारत में भी देखने को मिलेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश में 800 से 1,000 कर्मचारियों की नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं। इसका असर खासकर फाइनेंस, मार्केटिंग, HR और टेक्नोलॉजी विभागों पर पड़ेगा।

टेक इंडस्ट्री में छंटनी की लहर

2025 में माइक्रोसॉफ्ट, इंटेल और TCS जैसी कई कंपनियों द्वारा बड़े पैमाने पर छंटनी के बाद, अमेज़ॅन की यह घोषणा टेक सेक्टर में बढ़ती अस्थिरता को और गहरा कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह ट्रेंड दिखाता है कि AI के बढ़ते प्रभाव के चलते कई पारंपरिक नौकरियों का भविष्य अब अस्थिर होता जा रहा है।

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6 साल बाद ट्रंप और शी जिनपिंग की मुलाकात : क्या पिघलेगा अमेरिका-चीन के बीच ट्रेड वॉर का बर्फ़?

अमेरिका-चीन

अमेरिका-चीन के बीच छह साल से जमे बर्फ़ जैसे रिश्तों में हल्की गर्माहट लौटती दिख रही है। लगभग 6 साल के लंबे अंतराल के बाद, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच एक अहम बैठक हुई। यह मुलाकात दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे व्यापारिक तनाव (Trade War) को कम करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, बैठक का मुख्य एजेंडा व्यापार सौदों को संतुलित करना और टैरिफ विवादों को सुलझाना था। ट्रंप के राष्ट्रपति कार्यकाल (2017-2021) में दोनों देशों के बीच व्यापारिक मतभेद चरम पर पहुंच गए थे, जब अरबों डॉलर के सामान पर भारी टैरिफ (Import Duties) लगा दिए गए थे। इसका असर न सिर्फ़ अमेरिका और चीन पर, बल्कि पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ा था।

यह मुलाकात खास इसलिए भी है क्योंकि ट्रंप अब अमेरिका के राष्ट्रपति नहीं हैं। बताया जा रहा है कि वे अपनी एशिया यात्रा के दौरान बीजिंग पहुंचे और वहीं शी जिनपिंग से आमने-सामने चर्चा की। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बैठक ट्रंप की वैश्विक मंच पर वापसी और संभावित 2028 अमेरिकी चुनाव में उनकी दावेदारी के संकेत के रूप में देखी जा रही है।

अमेरिका-चीन

बैठक में प्रौद्योगिकी, बौद्धिक संपदा अधिकार (Intellectual Property Rights) और अमेरिकी कंपनियों को चीनी बाजार तक बेहतर पहुंच जैसे अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई। हालांकि दोनों पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि इस मुलाकात से दोनों देशों के बीच संवाद का एक नया रास्ता खुला है।

विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल किसी बड़े समझौते की उम्मीद नहीं है, लेकिन यह मुलाकात अमेरिका-चीन संबंधों में कूटनीतिक बातचीत की बहाली का संकेत देती है।

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रोहित शर्मा बने वनडे के बादशाह, शुभमन गिल को पछाड़कर पहुंचे ICC रैंकिंग में नंबर 1 पर

रोहित शर्मा

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने इतिहास रच दिया है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हालिया वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन के बाद वह पहली बार ICC वनडे बल्लेबाजी रैंकिंग में नंबर 1 स्थान पर पहुंच गए हैं। उन्होंने अपने साथी खिलाड़ी शुभमन गिल और अफगानिस्तान के इब्राहिम जादरान को पीछे छोड़ दिया है।

दमदार प्रदर्शन का नतीजा

ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रोहित ने तीन मैचों में 202 रन बनाए, जिसमें एडिलेड में 73 और सिडनी में नाबाद 121 रन की शानदार पारी शामिल थी। इस प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया और इसी दौरान उन्होंने अपना 50वां अंतरराष्ट्रीय शतक भी पूरा किया।

रोहित शर्मा

नई रैंकिंग में शीर्ष पर ‘हिटमैन’

नवीनतम ICC आंकड़ों के अनुसार, रोहित शर्मा अब 781 रेटिंग पॉइंट्स के साथ पहले स्थान पर हैं। दूसरे स्थान पर अफगानिस्तान के इब्राहिम जादरान (764) और तीसरे पर शुभमन गिल (745) हैं।

उम्र को मात देने वाली उपलब्धि

38 साल की उम्र में पहली बार रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचना रोहित के करियर की ऐतिहासिक उपलब्धि है। वह ICC वनडे रैंकिंग में नंबर 1 बनने वाले सबसे उम्रदराज भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। इससे पहले उनका सर्वश्रेष्ठ स्थान नंबर 2 था, जो उन्होंने 2018 में हासिल किया था। रोहित शर्मा की इस उपलब्धि ने भारतीय क्रिकेट को नई ऊर्जा दी है और यह साबित किया है कि क्लास और निरंतरता उम्र पर निर्भर नहीं करती।

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बोइंग को 777X प्रोग्राम में झटका, 5 अरब डॉलर का नुकसान और डिलीवरी 2027 तक टली

बोइंग

दुनिया की दिग्गज विमान निर्माता कंपनी बोइंग (Boeing) को अपने महत्वाकांक्षी 777X जेट प्रोग्राम में देरी के कारण एक बड़ा झटका लगा है। कंपनी ने बताया कि उसे इस प्रोजेक्ट में लगभग 4.9 अरब डॉलर (करीब ₹41,000 करोड़) का नुकसान झेलना पड़ा है। इसके चलते बोइंग की तीसरी तिमाही में कुल घाटा 5.4 अरब डॉलर तक पहुँच गया है।

देरी की वजह क्या है

बोइंग ने बताया कि 777X विमान की प्रमाणन प्रक्रिया (Certification) में अमेरिकी एविएशन रेगुलेटर FAA से मंजूरी मिलने में उम्मीद से ज्यादा समय लग रहा है। इस कारण कंपनी ने विमान की पहली डिलीवरी की तारीख को फिर से आगे बढ़ा दिया है — अब यह 2027 में होगी, जबकि पहले यह 2026 तय की गई थी। दरअसल, यह प्रोजेक्ट 2020 में लॉन्च होना था, लेकिन लगातार तकनीकी और नियामक कारणों से इसकी टाइमलाइन बढ़ती चली गई।

कंपनी का बयान

बोइंग के सीईओ केली ऑर्टबर्ग (Kelly Ortberg) ने कहा, “हम 777X शेड्यूल में देरी से निराश हैं, लेकिन विमान उड़ान परीक्षण में अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। हमें पता है कि प्रमाणन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए अभी बहुत काम बाकी है।”

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लगातार बढ़ता नुकसान

777X प्रोग्राम में अब तक बोइंग को कुल 15 अरब डॉलर से ज्यादा का झटका लग चुका है। यह स्थिति तब आई है जब कंपनी पहले से ही 737 MAX हादसों (2018-2019) के बाद से FAA की कड़ी निगरानी में है।

एयरबस को मिला फायदा

बोइंग की मुश्किलों का फायदा उसके प्रतिद्वंद्वी एयरबस (Airbus) को मिल रहा है, जिसका A350 मॉडल वाइडबॉडी विमान बाजार में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है।

कंपनी पर बढ़ता दबाव

यह बोइंग की लगातार 17वीं घाटे वाली तिमाही है, जो बताती है कि कंपनी अब भी अपने पुराने संकटों से उबर नहीं पाई है। हालांकि, बोइंग ने उम्मीद जताई है कि 777X की सफल डिलीवरी के बाद उसके वित्तीय हालात में सुधार आएगा।

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