मुंबई 26/11 के घाव आज भी नहीं भरे, शहीदों के परिवारों के दर्द को अब तक नहीं मिला न्याय

मुंबई

मुंबई: 26 नवंबर 2008 के मुंबई आतंकी हमलों की बरसी पर आज पूरा देश एकजुट होकर उन बहादुर शहीदों और मासूम नागरिकों को नमन कर रहा है, जिन्होंने आतंकवाद के खिलाफ लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, केंद्रीय नेताओं, राज्य सरकारों और हजारों नागरिकों ने श्रद्धांजलि देते हुए एक बार फिर आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संदेश-

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया के माध्यम से शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि 26/11 की रात देश को हिला देने वाली घटना ने हर भारतीय के दिल में एक गहरी चोट छोड़ी। उन्होंने लिखा: “मुंबई आतंकी हमले में वीरगति प्राप्त सभी जांबाज जवानों और निर्दोष नागरिकों को विनम्र श्रद्धांजलि। राष्ट्र उनके बलिदान को सदैव याद रखेगा। हम सभी को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट रहना होगा।”

राष्ट्रपति ने शहीद परिवारों के साहस और मजबूती की भी सराहना करते हुए कहा कि देश उनके प्रति सदैव ऋणी रहेगा।

केंद्रीय नेतृत्व और राज्यों के नेताओं ने दी श्रद्धांजलि-

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सुरक्षाबलों की वीरता को याद करते हुए कहा कि 26/11 ने भारत को आतंकवाद से लड़ने के लिए और मजबूत व संगठित बनाया। गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर कहा कि पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना देश को बचाया, उनका बलिदान नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने मुंबई में आयोजित स्मृति समारोह में शामिल होकर पुष्पचक्र अर्पित किए। उपराष्ट्रपति और विपक्ष के नेताओं ने भी श्रद्धांजलि संदेश जारी किए।

मुंबई में भावनात्मक श्रद्धांजलि कार्यक्रम-

मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया, ताज होटल, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT), नरीमन हाउस, लीओपोल्ड कैफे और अन्य हमले के स्थलों पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए।लोगों ने मोमबत्तियाँ जलाकर और राष्ट्रीय गान गाकर शहीदों को याद किया। कार्यक्रम में शहीदों के परिवार भी मौजूद रहे, जिन्होंने भावुक होकर अपने प्रियजनों की यादें साझा कीं।

मुंबई

26/11 हमला: जो देश कभी नहीं भूल सकता

26 नवंबर 2008 को पाकिस्तान से आए 10 आतंकियों ने मुंबई के कई स्थानों पर फायरिंग और बमबारी की थी। यह हमला करीब 60 घंटे तक चला।

इस हमले में:

•166 लोग शहीद हुए

•300 से अधिक लोग घायल हुए

•एनएसजी, मुंबई पुलिस, मरीन कमांडो और कई सुरक्षा एजेंसियों ने ऑपरेशन चलाया

मेजर संदीप उन्नीकृष्णन, सीमा सुरक्षा बल अधिकारी विजय सालस्कर, अशोक कामटे, तुकARAM ओंबले सहित कई वीरों ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। 10 आतंकियों में से 9 मारे गए, जबकि अजमल कसाब को गिरफ्तार कर 2012 में फांसी दी गई।

देश का संकल्प: आतंक के खिलाफ जंग जारी-

इस बरसी पर देशभर में आयोजित कार्यक्रमों में लोगों ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई मजबूत करने, सुरक्षा एजेंसियों को सहयोग देने और शांति व एकता का संदेश फैलाने की शपथ ली।

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संविधान दिवस पर बड़ा सवाल: क्या सच में सुरक्षित है दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र ?

संविधान दिवस

आज 26 नवंबर को देशभर में 76वां संविधान दिवस मनाया जा रहा है। सुबह से ही संसद भवन समेत देश के सभी राज्यों, जिलों, स्कूलों और सरकारी संस्थानों में संविधान दिवस से जुड़े कार्यक्रमों की शुरुआत हो चुकी है। आज का दिन भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि 26 नवंबर 1949 को भारतीय संविधान को औपचारिक रूप से अपनाया गया था, जिसे लागू होने में 26 जनवरी 1950 का समय लगा। तीन साल से अधिक चर्चा और 11 सत्रों के बाद यह विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान बना।

संसद भवन में मुख्य कार्यक्रम आज सुबह 11 बजे-

आज का मुख्य राष्ट्रीय समारोह संसद के सेंट्रल हॉल (संविधान सदन) में सुबह 11 बजे से शुरू होगा। इसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति, लोकसभा अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्री और सांसदों सहित कई गणमान्य अतिथि शामिल होंगे।राष्ट्रपति पूरे देश के साथ संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ करवाएँगी। इसी दौरान प्रधानमंत्री मोदी संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के महत्व पर देश को संबोधित करेंगे।

देशभर में ‘हमारा संविधान — हमारा स्वाभिमान’ थीम की गूंज-

इस वर्ष संविधान दिवस की थीम “हमारा संविधान — हमारा स्वाभिमान” रखी गई है। केंद्र सरकार और राज्य सरकारें पंचायत स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक कार्यक्रमों का आयोजन कर रही हैं।सरकारी संस्थानों, स्कूलों, कॉलेजों, पुलिस और सेना के प्रतिष्ठानों में भी आज सुबह से प्रस्तावना पठन, रैलियाँ, क्विज़, वाद-विवाद प्रतियोगिताएँ, और निबंध लेखन प्रतियोगिताएँ आयोजित की जा रही हैं। विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों में भी विशेष कार्यक्रम रखे गए हैं।

संविधान दिवस

संविधान के नए भाषाई संस्करणों का विमोचन-

आज समारोह में संविधान के नौ भारतीय भाषाओं—मलयालम, मराठी, नेपाली, पंजाबी, बोडो, कश्मीरी, तेलुगु, ओडिया और असमिया—में अनुवादित नए संस्करण जारी किए जाएंगे। साथ ही, “भारत के संविधान में कला और कैलीग्राफी” नामक एक विशेष पुस्तिका का भी लोकार्पण किया जाएगा, जिसमें संविधान की मूल लिखित प्रति की ऐतिहासिक कला और हस्तलेखन प्रस्तुत किया गया है।

संविधान दिवस क्यों महत्वपूर्ण है?

भारत का संविधान केवल कानूनों की किताब नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय भावना का प्रतीक है। इसमें शामिल मूलभूत अधिकार—स्वतंत्रता, समानता, अभिव्यक्ति की आज़ादी, धर्म की स्वतंत्रता, न्याय, और सम्मानपूर्वक जीवन का अधिकार—हर नागरिक की सुरक्षा करते हैं।

•अगर संविधान का दुरुपयोग हो तो क्या परिणाम?

•लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर हो सकती है

•नागरिक अधिकारों का हनन बढ़ सकता है

•क़ानून और न्याय व्यवस्था का संतुलन टूट सकता है

भ्रष्टाचार और शक्तियों का दुरुपयोग बढ़ सकता है

इसलिए आज का दिन हमें याद दिलाता है कि संविधान का सम्मान और सही उपयोग नागरिकों का कर्तव्य है।

विश्व के नजरिए से भारत का संविधान

•विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान

•विश्व भर के संवैधानिक विशेषज्ञ इसे सबसे संतुलित संविधान मानते हैं

•भारत का लोकतंत्र दुनिया में सबसे बड़े और मजबूत लोकतांत्रिक ढाँचे का उदाहरण है

•विश्व के कई देशों ने अपने संविधान निर्माण में भारत के मॉडल का अध्ययन किया

संविधान दिवस का संदेश

• समानता और एकता

•लोकतंत्र में विश्वास

• कानून का सम्मान

• राष्ट्र पहले का संकल्प

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Manipur Burning Again? Sangai Festival में उबाल — ‘Rehab First, Festival Later!’ 

Sangai Festival

मणिपुर का प्रतिष्ठित Sangai Festival—जो हर साल 21–30 नवंबर तक इम्फाल और हाप्टा कंगजेइबुंग में आयोजित होता है—राज्य की कला, स्पोर्ट्स, हैंडलूम, फूड, म्यूजिक और ‘सांगाई हिरण’ (Manipur’s iconic brow-antlered deer) की विरासत का सबसे बड़ा उत्सव माना जाता है।

लेकिन 2025 का Sangai Festival इस बार रंगों से ज्यादा विवाद, प्रदर्शन और बहिष्कार से सुर्खियों में है।

  • विरोध किस बात का? सवाल ‘उत्सव’ नहीं ‘प्राथमिकता’ का है
  • मई 2023 से चली आ रही Meitei–Kuki जातीय हिंसा ने मणिपुर को आज भी गहरे घाव दिए हैं—
  • 60,000+ लोग अब भी IDP कैम्पों में बेघर हैं,कई गांव जले और सैकड़ों परिवार आज तक अपने घर नहीं लौट पाए।
  • इसी बीच जब सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर Sangai Festival को “भव्य” बनाने की घोषणा की, तो COCOMI, कई महिला संगठन, IDPs और नागरिक मोर्चों ने विरोध तेज कर दिया।
  • Sangai Festival

उनका कहना—

  • “पहले Rehabilitation, Security और Home Return… फिर Festival!”
  • यह उत्सव, उनकी नजर में, जनता के घावों पर नमक छिड़कने जैसा है।
  • धरातल पर क्या हुआ? Peaceful Protest से Clashes तक
  • 21 नवंबर को हजारों IDPs, महिलाएं, युवा—सांगाई फेस्टिवल स्थल के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे।
  • लेकिन तनाव तब बढ़ा जब पुलिस ने बैरिकेडिंग,लाठीचार्ज,और टियर गैस का इस्तेमाल किया।
  • नतीजा़—3 IDPs घायल,2 पुलिसकर्मी घायल,कई प्रदर्शनकारी हिरासत में।
  • फेस्टिवल में स्टॉल खाली दिखे, भीड़ बेहद कम रही, और लोकल बिज़नेस ने खुले तौर पर बहिष्कार किया।
  • “Festival Without People” का दृश्य पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन गया।

यह आंदोलन क्या संदेश देता है?

यह सिर्फ़ एक उत्सव का विरोध नहीं— यह नागरिकों का Collective Demand है कि:

  • पहले Justice,
  • फिर Rehabilitation,
  • और तब ही Celebration.

मणिपुर का यह शांत आंदोलन याद दिलाता है कि किसी भी राज्य की पहचान सिर्फ़ ‘उत्सव’ से नहीं बनती— बल्कि शांति, सुरक्षा और मानवाधिकारों से बनती है।

Sangai Festival 2025 ने सरकार को एक सख्त संकेत दिया है— “People First, Festival Later.”

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गानों में हथियार, वीडियो में हिंसा बढ़ाने वाले गायकों पर होगी सख्त कार्रवाई, DGP ओपी सिंह ने जारी किए निर्देश

वीडियो

हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) ओपी सिंह ने राज्य में बढ़ते गन कल्चर और गैंगस्टर ग्लैमराइजेशन पर सख्त रुख अपनाते हुए साफ कहा है कि संगीत और वीडियो के जरिए अपराधी जीवनशैली को बढ़ावा देने वाले गायकों को अपराधी की श्रेणी में माना जाएगा। रविवार को सभी पुलिस अधिकारियों को लिखे पत्र में उन्होंने ऐसे कलाकारों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए।

DGP का सख्त संदेश: “युवाओं के संस्कार मिनटों में खत्म हो जाते हैं”

ओपी सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया और यूट्यूब पर ऐसे गाने और वीडियो तेज़ी से वायरल होते हैं, जो युवाओं को हथियारों, गैंग, बदले, शूटआउट और हिंसा को ‘स्टाइल’ बनाकर दिखाते हैं। उन्होंने चेतावनी दी: “ऐसी सामग्री माता-पिता, शिक्षकों और समाज द्वारा दिए गए अच्छे संस्कारों को मिनटों में नष्ट कर सकती है। ऐसे गायकों को अपराधी मानते हुए उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है।”

उन्होंने यह भी कहा कि प्रसिद्धि या पैसे के लिए युवाओं का भविष्य खराब करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

क्यों बढ़ रही है चिंता?

वीडियो

पुलिस के मुताबिक:

  • कई हरियाणवी और पंजाबी गानों में हथियार दिखाना एक ट्रेंड बन चुका है.
  • लाखों व्यूज़ पाने वाले ये वीडियो युवाओं को अपराध की ओर आकर्षित कर रहे हैं.
  • कुछ मामलों में वास्तविक गैंग भी इन कलाकारों से जुड़कर अपना प्रचार करते हैं.
  • DGP ने साफ किया कि सोशल मीडिया पर ऐसी संस्कृति फैलाना सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि अपराध बढ़ाने का जरिया बन चुका है।

पुलिस का एक्शन प्लान क्या है?

1. ऑपरेशन ‘ट्रैकडाउन’ की रफ्तार तेज

  • हरियाणा पुलिस पहले से ‘ऑपरेशन ट्रैकडाउन’ चला रही है, जिसके तहत अब तक:
  • 4,500+ अपराधी गिरफ्तार
  • 60 संभावित हत्याएं रोकी गईं
  • अब इस अभियान में गन कल्चर बढ़ाने वाली सामग्री भी शामिल होगी।

2. साइबर यूनिट की सख्त निगरानी

  • पुलिस की साइबर टीमें:
  • सोशल मीडिया पर अपलोड होने वाले वीडियो की निगरानी करेंगी.
  • आपत्तिजनक कंटेंट हटाने की प्रक्रिया तेज होगी.
  • प्लेटफॉर्म्स को नोटिस भेजे जाएंगे.

3. गायकों पर कानूनी कार्रवाई

  • •ऐसे कलाकारों को IPC और Arms Act के तहत कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है
  • •कई गानों में असली हथियार दिखाने की शिकायतें पहले भी मिल चुकी हैं
  • •पुलिस ने स्पष्ट किया कि सिर्फ चेतावनी का दौर खत्म हो चुका है

4. कलाकारों के साथ संवाद

  • पिछले महीनों में हरियाणा पुलिस ने कई गायकों से बैठक की थी, जिसमें उनसे अनुरोध किया गया था कि वे:
  • •हथियार न दिखाएं
  • •गैंगस्टरों को हीरो की तरह पेश न करे
  • •युवाओं के लिए सकारात्मक संदेश दें
  • •अब पुलिस इन निर्देशों का पालन न करने वालों के खिलाफ सीधे एक्शन लेगी।

DGP की अपील: “युवाओं को गुमराह न करें”

ओपी सिंह ने कहा कि संगीत युवाओं की सोच को तेजी से प्रभावित करता है, ऐसे में कलाकारों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि राज्य अपराध खत्म करने की दिशा में बड़ा अभियान चला रहा है और किसी भी तरह की अपराध-प्रेरित सामग्री को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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China Provokes AGAIN! Arunachal पर नया दावा — और भारतीय महिला को 18 घंटे एयरपोर्ट पर रोका!

भारत

9चीन की एक और भड़काऊ हरकत — अरुणाचल को बताया ‘Zangnan’, भारत ने दिया सबसे बड़ा जवाब भारत–चीन तनाव के बीच बीजिंग ने एक बार फिर विवादित बयान देकर माहौल गरमा दिया। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा—

“अरुणाचल प्रदेश भारत का नहीं, चीन के दक्षिण तिब्बत (Zangnan) का हिस्सा है।”

भारत ने तुरंत सख्त प्रतिक्रिया दी—

भारत के विदेश मंत्रालय ने इसे “पूरी तरह बेबुनियाद, अवैध और हास्यास्पद” बताया।अरुणाचल के सीएम पेमा खांडू ने ट्वीट किया— “यह भूमि हमेशा भारत की थी और हमेशा भारत की ही रहेगी।” दिल्ली ने साफ कर दिया— “अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है—चीन चाहे कितने भी बयान दे, वास्तविकता नहीं बदलेगी।”

भारतीय महिला को शंघाई एयरपोर्ट पर 18 घंटे रोका — जन्मस्थान ‘Arunachal’ लिखने पर अपमान! 21 नवंबर 2025 को अरुणाचल प्रदेश निवासी प्रेमा वांगजम थोंगडोक, जो लंदन से जापान ट्रांजिट कर रही थीं, चीन के शंघाई पुडोंग एयरपोर्ट पर एक चौंकाने वाली स्थिति से गुज़रें। चीन के इमिग्रेशन अफसरों ने उनके भारतीय पासपोर्ट को “इनवैलिड” कह दिया, सिर्फ इसलिए कि उसमें जन्मस्थान “Arunachal Pradesh” लिखा था।

अफसरों ने कहा—

“अरुणाचल तो चीन का हिस्सा है, भारतीय पासपोर्ट कैसे मान्य हो सकता है? आपको Chinese Passport बनवाना होगा!”

भारत

इसके बाद—

•उन्हें लगभग 18 घंटे रोका गया, पासपोर्ट जब्त किया,

•खाना–पानी और washroom की पर्याप्त सुविधा नहीं दी गई,

•कई अपमानजनक बातें कही गईं,

• फ्लाइट रिबुक करवाई गई,

आख़िरकार भारत के दूतावास के हस्तक्षेप के बाद उन्हें आगे यात्रा की अनुमति मिली।

प्रेमा ने कहा—

“यह केवल मेरे साथ बदसलूकी नहीं, बल्कि भारत और अरुणाचल के नागरिकों के सम्मान पर हमला है।” भारत में गुस्सा — “ये सिर्फ़ वीज़ा इश्यू नहीं, संप्रभुता की परीक्षा है!” सोशल मीडिया, विपक्ष, पूर्वोत्तर के नेताओं, और विदेश मामलों के विशेषज्ञों ने चीन की इस हरकत की तीखी आलोचना की।

#ArunachalIsIndia और #BoycottChina भारत में ट्रेंड हो गया।

राजनीतिक पार्टियों ने केंद्र सरकार से कड़े कदम, अंतरराष्ट्रीय मंच पर चीन की निंदा, और नॉर्थईस्ट नागरिकों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रोटोकॉल की मांग की।विशेषज्ञों ने कहा—“यह सिर्फ़ एक एयरपोर्ट इन्सिडेंट नहीं, बल्कि diplomatic coercion है—भारतीय पहचान को दबाने की कोशिश।”

अब बड़ी चुनौती — क्या भारत चीन को कड़ा जवाब देगा?

इंसिडेंट के बाद भारत पर दबाव बढ़ गया है कि—

~क्या MEA चीन को औपचारिक protest जारी करेगा?

~ क्या भारतीय पासपोर्ट और ट्रांजिट यात्रियों के लिए advisory बनेगी?

~क्या चीन का Arunachal narrative और aggressive होगा?

पूरे देश की नज़र अब भारत के अगले कदम पर है।

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अफ्रीका के ज्वालामुखी का कहर भारत पर—सैकड़ों उड़ानें खतरे में, यात्रा ठप

ज्वालामुखी

इथियोपिया के उत्तर-पूर्वी इलाके में स्थित हायली गुब्बी (Hayli Gubbi) ज्वालामुखी लगभग 12,000 साल के लंबे इंतज़ार के बाद अचानक फट पड़ा। यह विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि इसके धुएं और राख का गुबार 14 किलोमीटर की ऊँचाई तक पहुँच गया। इस घटना ने न सिर्फ अफ्रीका बल्कि एशिया के कई देशों को प्रभावित किया जिसमें भारत भी शामिल है।

भारत पर क्यों पड़ा असर?

इथियोपिया में हुए इस विस्फोट से निकली राख हवा के तेज़ बहाव के कारण लाल सागर → अरब सागर → पश्चिमी भारत की ओर बढ़ी। रविवार रात से सोमवार सुबह के बीच यह राख का बादल भारत के कई हिस्सों में प्रवेश कर गया।

सबसे ज़्यादा असर इन राज्यों में दिखा:

  • गुजरात
  • राजस्थान
  • दिल्ली-NCR
  • हरियाणा
  • पंजाब
  • महाराष्ट्र के कुछ हिस्से

राख हवा में फैलने से हवाई यातायात पर बड़ा असर पड़ा। DGCA ने सभी एयरलाइंस को चेतावनी जारी करते हुए प्रभावित मार्गों से बचने को कहा।

ज्वालामुखी

इसका असर उड़ानों पर कुछ इस तरह दिखा:

  • एयर इंडिया, इंडिगो, अकासा एयर की कई उड़ानें रद्द.
  • कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रूट बदले गए.
  • दिल्ली, मुंबई और अहमदाबाद एयरपोर्ट पर फ्लाइट डिले की लंबी सूची.
  • यात्रियों को एयरपोर्ट पर लंबा इंतज़ार करना पड़ा.

IMD का कहना है कि यह राख का गुबार अब चीन की ओर बढ़ रहा है और मंगलवार शाम तक भारतीय आसमान पूरी तरह साफ होने की उम्मीद है।

ज्वालामुखी कहाँ है और इसकी विशेषता क्या है?

हायली गुब्बी ज्वालामुखी इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा से लगभग 800 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में है।यह इलाका अफ़ार रिफ्ट वैली कहलाता है, जहाँ अफ्रीकी और अरबी टेक्टोनिक प्लेटें एक-दूसरे से अलग हो रही हैं। यह दुनिया के सबसे सक्रिय भूवैज्ञानिक क्षेत्रों में से एक है।

ज्वालामुखी की ऊँचाई: लगभग 500 मीटर

पिछला विस्फोट: 12,000 साल पहले

सक्रिय होने के संकेत: बहुत कम

वैज्ञानिकों की चिंता: क्षेत्र में कई और “छिपे ज्वालामुखी” हो सकते हैं

विस्फोट के बाद आसपास के गांवों में राख की मोटी परत जम गई है। हालाँकि अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन स्थानीय चरवाहा समुदाय को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है—पानी के स्रोत दूषित हो गए, मवेशियों पर राख जम गई और दृश्यता बेहद कम हो गई।

विस्फोट क्यों हुआ? वैज्ञानिक क्या कहते हैं?

वैज्ञानिकों का कहना है कि यह विस्फोट धरती के अंदर मैग्मा प्रेशर बढ़ने की वजह से हुआ, जो हज़ारों वर्षों तक जमा था। अफ़ार रिफ्ट वैली में टेक्टोनिक प्लेट्स लगातार हिलती हैं, जिससे कभी-कभी अचानक ऊर्जा निकलती है और ऐसी दुर्लभ घटनाएँ होती हैं।

सैटेलाइट इमेज में विस्फोट के दौरान:

  • जमीन में लंबी दरारें
  • लाल-गर्म लावा
  • धुएं के घने बादल
  • स्पष्ट दिखाई दिए।

भारत में स्वास्थ्य पर क्या असर?

पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार—

  • दिल्ली-NCR में राख का असर अस्थायी है
  • राख कण PM2.5 जैसे खतरनाक प्रदूषण से अलग हैं

इसलिए लोगों को गंभीर स्वास्थ्य खतरे की आशंका कम है|फिर भी, संवेदनशील मरीजों को मास्क पहनने और बाहर ज्यादा समय न बिताने की सलाह दी गई है।

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कैबिनेट मीटिंग में सपनों की बारिश—हक़ीक़त में कितना होगा?

कैबिनेट मीटिंग

बिहार में नई सरकार की पहली कैबिनेट मीटिंग में ऐसे बड़े फैसले लिए गए हैं, जिनसे आने वाले वर्षों में राज्य का पूरा विकास मॉडल बदल सकता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कुल 10 अहम एजेंडों पर मुहर लगी। इनमें AI मिशन, 25 नई चीनी मिलों की मंजूरी, और 11 नए टाउनशिप का निर्माण सबसे बड़े फैसले हैं। इन कदमों को बिहार को तकनीक, उद्योग और शहरी विकास के नए दौर में ले जाने वाली ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है।

बिहार बनेगा टेक्नोलॉजी पावर — AI मिशन को हरी झंडी-

कैबिनेट ने “बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन” बनाने की मंजूरी दे दी है। इस मिशन का लक्ष्य है कि अगले कुछ वर्षों में बिहार को एक टेक हब बनाया जाए, जहां शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और प्रशासनिक सेवाओं में AI का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा।

कैबिनेट मीटिंग

AI में रिसर्च के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए जाएंगे

प्रतिभाशाली युवाओं के लिए AI फेलोशिप प्रोग्राम शुरू होगा, रोजगार देने वाली तकनीकी कंपनियों को बिहार में निवेश के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा, सरकार का दावा है कि यह मिशन आने वाले समय में लाखों युवाओं के लिए नई नौकरी और स्टार्टअप के अवसर खोलेगा।

25 नई चीनी मिलें — किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा कदम-

बैठक में बंद पड़ी 9 चीनी मिलों को फिर से चालू करने और कुल 25 नई चीनी मिलों की स्थापना को मंजूरी दी गई। इस फैसले से न सिर्फ गन्ना किसानों को राहत मिलेगी बल्कि ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में रोजगार भी पैदा होंगे। मिलों को पुनर्जीवित करने के लिए उच्च-स्तरीय कमेटी बनाई गई|

6 महीने में कमेटी अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी.

गन्ना उत्पादन वाले जिलों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी, यह फैसला उन किसानों के लिए खास है जो लंबे समय से चीनी मिलें बंद होने की वजह से उत्पन्न परेशानी झेल रहे थे।

कैबिनेट मीटिंग

11 नए टाउनशिप — शहरों की बदल जाएगी सूरत-

शहरी विकास को लेकर भी कैबिनेट ने बड़ा निर्णय लिया है। बिहार के 11 प्रमुख शहरों में सैटेलाइट और ग्रीनफील्ड टाउनशिप बसाने का फैसला लिया गया है।

  • ये टाउनशिप दिल्ली-NCR और गुजरात मॉडल पर विकसित किए जाएंगे
  • लैंड पूलिंग मॉडल लागू किया जाएगा
  • बेहतर सड़क, ट्रांसपोर्ट, अस्पताल, पानी और बिजली जैसी सुविधाएं विकसित होंगी

इन टाउनशिप को पटना, सोनपुर, सीतामढ़ी सहित प्रमंडलीय मुख्यालयों में बनाया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे शहरों में भीड़भाड़ कम होगी और नई आधुनिक बसाहट तैयार होगी।

कुल 10 बड़े फैसले — विकास को नई दिशा

पहली कैबिनेट बैठक में कुल 10 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनका लक्ष्य है—

  • बिहार को तकनीकी रूप से मजबूत बनाना
  • उद्योगों में निवेश बढ़ाना
  • कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को स्थिर करना
  • युवाओं के लिए रोजगार पैदा करना
  • शहरों को आधुनिक बनाना

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Mumbai Airport Breaks World Record! एक दिन में 1036 Flights — Aviation में इंडिया की सबसे बड़ी जीत!”

Mumbai

Mumbai ने फिर रचा इतिहास — 21 नवंबर 2025 बना विश्व रिकॉर्ड का दिन भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई ने 21 नवंबर 2025 को ऐसा कारनामा कर दिखाया, जिसे वैश्विक एविएशन इंडस्ट्री सलाम कर रही है। छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (CSMIA) ने एक ही दिन में 1036 फ्लाइट मूवमेंट्स (520 लैंडिंग + 516 टेक-ऑफ) के साथ नया world record बना दिया।

इसमें 755 डोमेस्टिक और 281 इंटरनेशनल फ्लाइट्स शामिल रहीं—और कुल 1.7 लाख से अधिक यात्रियों की आवाजाही दर्ज हुई। यह रिकॉर्ड इससे पहले भी मुंबई एयरपोर्ट के नाम ही था (1032 मूवमेंट्स – 2023), यानी ‘माया नगरी’ ने खुद को ही पीछे छोड़ दिया!

हर 83 सेकंड में एक फ्लाइट—मुंबई का ‘एविएशन मैजिक’ कैसे होता है?

मुंबई दुनिया के कुछ चुनिंदा एयरपोर्ट्स में से है, जहां दो इंटरसेक्टिंग रनवे हैं—और एक समय में सिर्फ एक रनवे उपयोग में आता है। इसके बावजूद हर 83 सेकंड में एक विमान का उड़ना या उतरना एक असाधारण समन्वय मांगता है।

यह रिकॉर्ड सिर्फ टेक्नोलॉजी से नहीं बना—बल्कि एटीसी (Air Traffic Control), पायलट्स, ग्राउंड स्टाफ, सिक्योरिटी, क्लीनिंग, DigiYatra सिस्टम, सेल्फ बैगेज ड्रॉप और लाइव ऑपरेशन मॉनिटरिंग जैसे डिजिटल टूल्स की शानदार टीमवर्क ने इसे संभव किया।

Mumbai

मुंबई एयरपोर्ट ने दिखा दिया—जब सिस्टम, टेक और टीमवर्क मिलें, तो ‘इम्पॉसिबल’ भी आसान लगता है।

इंडिया की ग्लोबल कनेक्टिविटी का पावर शो—लेकिन चुनौतियाँ भी बड़ी इस रिकॉर्ड-ब्रेकिंग दिन में दुबई, लंदन, दोहा, जेद्दा, अबूधाबी जैसी अंतरराष्ट्रीय रूट्स सबसे ज्यादा व्यस्त रहे। दिल्ली, बेंगलुरु, अहमदाबाद जैसी घरेलू उड़ानें भी फुल कैपेसिटी पर चलीं। इंडिया का एविएशन सेक्टर लगातार 15–20% सालाना ग्रोथ पर है और मुंबई इसका सबसे बड़ा हब बनता जा रहा है।

लेकिन सच ये भी है—

स्पेस सैचुरेशन,टर्मिनल लोड,रनवे क्षमता,और भविष्य के विस्तार आने वाले वर्षों में मुंबई के सामने सबसे बड़ी चुनौतियाँ होंगी।

फिलहाल, भारत एक बात दुनिया को बता चुका है:

“Global Aviation में अब India पावरफुल कंटेंडर है!”

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पीएम मोदी आज अयोध्या में जानें पूरा कार्यक्रम

मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज, 25 नवंबर 2025 को अयोध्या के दौरे पर हैं, जहां वे श्री राम जन्मभूमि मंदिर में एक महत्वपूर्ण समारोह में हिस्सा लेंगे। इस यात्रा का मुख्य आकर्षण राम मंदिर के शिखर पर धर्मध्वज का ध्वजारोहण है, जो मंदिर निर्माण के पूर्ण होने का प्रतीक माना जा रहा है। प्रधानमंत्री का यह दौरा करीब चार घंटे का रहेगा, जिसमें वे पूजा-अर्चना के साथ-साथ एक रोड शो भी करेंगे।\

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प्रधानमंत्री मोदी का आज का अयोध्या कार्यक्रम

सुबह 10 बजे:

पीएम मोदी का कार्यक्रम सप्तमंदिर में दर्शन-पूजन के साथ शुरू होगा। यहाँ वे महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य और महर्षि वाल्मीकि जैसे ऋषियों को समर्पित मंदिरों के दर्शन करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री शेषावतार मंदिर में भी पहुंचेंगे।

सुबह 11 बजे:

इसके बाद वे माता अन्नपूर्णा मंदिर में दर्शन करेंगे और फिर राम दरबार गर्भगृह में पूजा-अर्चना करेंगे। प्रधानमंत्री रामलला गर्भगृह के भी दर्शन करेंगे, जिसके लिए विशेष व्यवस्था की गई है।

दोपहर 12 बजे:

पीएम नरेंद्र मोदी श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर भगवा धर्मध्वज फहराएंगे। यह ऐतिहासिक क्षण मंदिर निर्माण के पूर्ण होने का संकेत देगा। ध्वजारोहण समारोह के बाद प्रधानमंत्री वहां मौजूद लोगों को संबोधित भी करेंगे।

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अयोध्या में भव्य सजावट और कड़ी सुरक्षा

प्रधानमंत्री के आगमन से पहले अयोध्या को फूलों, रंगोलियों और विशेष सजावट से सुसज्जित किया गया है। पूरे शहर में उत्सव जैसा माहौल है। सुरक्षा के बेहद कड़े इंतज़ाम किए गए हैं, और आम श्रद्धालुओं के लिए राम मंदिर में प्रवेश दोपहर 2:30 बजे के बाद ही संभव होगा।

पीएम मोदी का एयरपोर्ट से मंदिर तक रोड शो भी प्रस्तावित है, जिसके दौरान हजारों की भीड़ उनके स्वागत के लिए जुटने की संभावना है। यह पूरा आयोजन मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर हो रहा है, जिसे श्री राम और माता सीता के विवाह पंचमी का पवित्र दिन माना जाता है। इसी शुभ अवसर पर धर्मध्वज का ध्वजारोहण समारोह और भी विशेष हो जाता है।

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Ayodhya Dharma Dhwaja Rising: Ram Mandir शिखर पर इतिहास का सबसे पवित्र क्षण!

Ram Mandir

इतिहास का नया अध्याय — धर्मध्वज से सजा Ram Mandir शिखर 25 नवंबर 2025 को अयोध्या ने वह क्षण देख लिया, जिसका इंतज़ार करोड़ों सनातनियों ने दशकों से किया था। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के 191 फीट ऊँचे मुख्य शिखर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भव्य धर्म ध्वज (Dharma Dhwaja) का आरोहण हुआ—शुद्ध केसरिया रंग, सूर्य चिह्न, पवित्र ॐ, और कोविदारा वृक्ष के प्रतीकों से सजी यह ध्वजा रामायण की सूर्यवंशी परंपरा और सनातनी अस्मिता का दिव्य प्रतीक बन गई।

मुहूर्त अनुसार, विवाह पंचमी की पावन तिथि पर सुबह 11:52 से 12:35 के शुभ समय में यह ध्वजारोहण सम्पन्न हुआ—और अयोध्या का आसमान “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंज उठा।

देश–विदेश के दिग्गज संत, प्रमुख अतिथि और ऐतिहासिक भव्यता

इस कार्यक्रम ने अयोध्या को आध्यात्मिक और राष्ट्रीय गौरव का केंद्र बना दिया। ध्वजारोहण समारोह में शामिल रहे— प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, RSS प्रमुख मोहन भागवत, यूपी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के संत–महंत, शंकराचार्य, अखाड़ा परिषद के प्रमुख, संघर्ष के साक्षी परिवार, ऋषि–महात्मा, और 7,000 विशेष अतिथि

शहर भर में 50+ LED स्क्रीन, विशाल ध्वजा शोभायात्राएँ, फूलों की वर्षा, और सप्त मंदिरों—शिव, हनुमान, सूर्य, गणेश, माता अन्नपूर्णा—में वैदिक अनुष्ठानों ने समारोह को दिव्य तेज़ से भर दिया।

संस्कृति, आस्था और एकता का नया युग—अयोध्या का संदेश वैश्विक दुनिया तक धर्मध्वजा को सिर्फ एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पुनर्जागृति और वैश्विक सनातन एकता का संदेश कहा गया है।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा—

“धर्मध्वज केवल परंपरा का पुनर्स्थापन नहीं, बल्कि भारत की चेतना, गौरव और सनातन आत्मा का उदय है।” कार्यक्रम में छप्पन भोग, महाआरती, पुष्पवर्षा, भजन-कीर्तन और सप्तमंदिर पूजा के साथ अयोध्या का हर कोना दैवीय उत्सव में डूब गया। यह आयोजन बता गया—अयोध्या अब सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि सांस्कृतिक नेतृत्व, राष्ट्रीय गर्व और विश्वगुरु भारत का प्रतीक है।

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