IND vs SA 1st Test Day-3: जीता हुआ मैच हार गई टीम इंडिया, 93 पर ऑलआउट; भारत के बल्लेबाजों का शर्मनाक प्रदर्शन

इंडिया

ईडन गार्डन्स में खेले जा भारत बनाम साउथ अफ्रीका पहले टेस्ट का आज तीसरा दिन है. टीम इंडिया जीत के करीब है. शुभमन गिल दूसरे दिन चोटिल हुए थे, आज ऋषभ पंत उनकी जगह कप्तानी संभाल रहे हैं. साउथ अफ्रीका की दूसरी पारी 153 रनों पर सिमट गई है, टीम इंडिया को जीतने के लिए 124 रन बनाने हैं. भारत की दूसरी पारी चल रही है.

दूसरी पारी में टीम इंडिया की खराब शुरुआत

पहले सेशन में भारत की दूसरी पारी शुरू हुई, लेकिन शुरुआत बेहद खराब रही. यशस्वी जायसवाल पहले ही ओवर में शून्य पर आउट हो गए, उन्हें मार्क यानसन ने विकेट के पीछे कैच आउट कराया. इसके बाद यानसन ने केएल राहुल को भी सस्ते में आउट किया. राहुल ने सिर्फ 1 रन बनाया. पहले सेशन का खेल खत्म होने तक भारत ने 2 विकेट खोकर 10 रन बनाए,

साउथ अफ्रीका की दूसरी पारी 153 रनों पर ढेर

तीसरे दिन की शुरुआत से पहले साउथ अफ्रीका की बढ़त 63 रन थी, जिसे टेम्बा बावुमा और कॉर्बिन बॉश की जोड़ी ने 100 पार पहुंचाया. दोनों ने 8वें विकेट के लिए 44 रनों की साझेदारी की. इस साझेदारी को जसप्रीत बुमराह ने तोड़ा, उन्होंने 48वें ओवर की पहली गेंद पर बॉश (25) को बोल्ड किया.

टेम्बा बावुमा ने दूसरी पारी में अर्धशतक जड़ा, वह पहले प्लेयर बने जिन्होंने कोलकाता टेस्ट में अर्धशतक लगाया. बावुमा नॉट आउट रहे, लेकिन 54वें ओवर में मोहमद सिराज ने साइमन हार्मर (7) और केशव महाराज (0) को आउट कर साउथ अफ़्रीकी पारी को समाप्त किया. साउथ अफ्रीका दूसरी पारी में 153 रनों पर ऑलआउट हुई, भारत को जीत के लिए 124 रनों का लक्ष्य मिला.

पहले दो दिन क्या हुआ (संक्षेप में)

साउथ अफ्रीका के कप्तान तेम्बा बावुमा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था. पहले ही दिन टीम इंडिया की बल्लेबाजी भी आ गई, साउथ अफ्रीका तीसरे सेशन में 159 रनों पर ऑलआउट हो गई थी. एडन मारक्रम ने 31 रन बनाए थे, जो मेहमान टीम की पारी का सर्वाधिक स्कोर था. जसप्रीत बुमराह ने पहली पारी में 5 विकेट लिए, कुलदीप यादव और मोहम्मद सिराज ने 2-2 विकेट्स चटकाए. 1 विकेट अक्षर के नाम रहा.

टीम इंडिया ने पहली पारी के आधार पर मात्र 30 रनों की बढ़त हासिल की और टेस्ट के दूसरे दिन 189 रनों पर ऑलआउट हो गई. भारत के लिए पहली पारी में सबसे ज्यादा रन केएल राहुल (39) ने बनाए. साइमन हार्मर ने 4 और मार्को यानसन ने 3 विकेट लिए. केशव महाराज और कॉर्बिन बॉश के नाम 1-1 विकेट रहा. हालांकि टीम इंडिया के सिर्फ 9 विकेट गिरे थे, क्योंकि गर्दन में दर्द के कारण कप्तान शुभमन गिल रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर चले गए थे. उन्हें हॉस्पिटल में ले जाना पड़ा था, आज भी शायद ऋषभ पंत ही कमान संभालेंगे.

दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक साउथ अफ्रीका की दूसरी पारी में 93 रन पर 7 विकेट गिर गए. मेहमान टीम के पास अभी सिर्फ 63 रनों की बढ़त है और सिर्फ 3 विकेट बचे हुए हैं. दूसरे दिन साउथ अफ्रीका की दूसरी पारी में रवींद्र जडेजा ने 4 और कुलदीप यादव ने 2 विकेट लिए, एक सफलता अक्षर पटेल को मिली. आज तीसरे दिन साउथ अफ्रीका टीम अपनी पारी को 93/7 से आगे बढ़ाएगी

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Tollywood का सबसे बड़ा ‘पाइरेसी किंग’ पकड़ा गया: iBomma का मास्टरमाइंड Hyderabad एयरपोर्ट से गिरफ्तार

iBomma

तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री की कमर तोड़ देने वाले पाइरेसी नेटवर्क पर आखिरकार एक बड़ी कार्रवाई हुई है। मशहूर पाइरेसी वेबसाइट iBomma का कथित फाउंडर और मास्टरमाइंड एम्माड़ी (इम्माडी) रवि को Hyderabad Cyber Crime पुलिस ने Hyderabad एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ़्तारी शुक्रवार देर रात तब हुई जब रवि फ्रांस से शहर लौटा।

पुलिस के मुताबिक, यह ऑपरेशन बेहद गोपनीय था और जैसे ही रवि एयरपोर्ट से बाहर निकला, साइबर क्राइम की स्पेशल टीम ने उसे घेर लिया। यह वही व्यक्ति है जिसने सालों तक पुलिस को चकमा दिया और यहां तक कहा था कि उसे “कभी पकड़ा नहीं जा सकता”।

कैसे चलता था iBomma का पाइरेसी नेटवर्क?

  • iBomma नई रिलीज़ हुई फिल्मों को कुछ ही घंटों में HD क्वालिटी में उपलब्ध कर देता था।
  • तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री की शिकायत थी कि OTT और थिएटर रिलीज़ के तुरंत बाद पाइरेसी होने से फिल्में भारी नुकसान झेलती थीं।
  • पुलिस जांच में सामने आया कि रवि विदेश में बैठकर पूरे नेटवर्क को चलाता था।
  • इसके सर्वर कैरेबियन आइलैंड जैसी जगहों पर होस्ट किए जाते थे ताकि ट्रैक करना मुश्किल हो।
  • वेबसाइट पर लाखों यूजर्स एक्टिव रहते थे, जिसकी वजह से यह दक्षिण भारत की सबसे कुख्यात पाइरेसी साइट बन गई थी।

Tollywood

Hyderabad में छापे और बड़े खुलासे

  • गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कुकटपल्ली इलाके में कई स्थानों पर छापे मारे। यहाँ से:
  • डिजिटल डिवाइस
  • कई फिल्म प्रिंट
  • हार्ड डिस्क
  • डेटा सर्वर
  • महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए।
  • साथ ही, पुलिस ने रवि से जुड़े बैंक अकाउंट्स को ट्रेस किया और करीब ₹3 करोड़ की रकम को फ्रीज़ कर दिया।

Tollywood को कितना नुकसान?

  • फिल्म निर्माताओं के अनुसार पाइरेसी की वजह से:
  • फिल्मों की कमाई करोड़ों में कट जाती थी
  • छोटी फिल्मों के लिए तो थिएटर कलेक्शन आधा भी नहीं हो पाता था.
  • प्रोड्यूसर्स ने कई बार पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी.

रिपोर्ट्स के अनुसार, सिर्फ iBomma नहीं, बल्कि हाल में पकड़े गए दूसरे पाइरेसी रैकेट्स ने भी Tollywood को हजारों करोड़ का नुकसान पहुंचाया।

Tollywood

पिछले महीनों में भी बड़े गिरोह पकड़े गए Hyderabad पुलिस के लिए यह कोई पहली बड़ी सफलता नहीं है। सितंबर 2025 में: एक ₹3700 करोड़ का बड़ा पाइरेसी रैकेट पकड़ा गया था. पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया Cyril Raj नामक व्यक्ति 1TamilBlasters वेबसाइट चलाता था 550 से ज्यादा फिल्मों की पाइरेसी के सबूत मिले थे. इससे फिल्म इंडस्ट्री में हड़कंप मच गया था।

फिल्म इंडस्ट्री ने जताई राहत Telugu फिल्म प्रोड्यूसर्स ने Cyber Crime पुलिस की इस कार्रवाई को “बड़ी जीत” बताया है। कई इंडस्ट्री सदस्यों ने कहा कि: “यह गिरफ्तारी फिल्म जगत के लिए बेहद जरूरी थी। पाइरेसी ने हमारी कमाई पर सबसे ज्यादा असर डाला है। उम्मीद है कि अब फिल्म उद्योग को थोड़ी राहत मिलेगी।”

अब आगे क्या?

  • पुलिस के अनुसार, आगे की पूछताछ में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि:
  • नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल था
  • विदेश से सर्वर कैसे मैनेज किए जाते थे
  • फिल्मों की लगातार लीकिंग कैसे होती थी
  • क्या फिल्म इंडस्ट्री के अंदर से भी कोई जानकारी साझा करता था

रवि को कोर्ट में पेश किया जाएगा और उसके बाद पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी।

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आते ही छा जाएगा Lava Agni 4 5G: आईफोन जैसा एक्शन बटन, दमदार डिस्प्ले और तगड़ी बैटरी – जानिए पूरी डिटेल

Lava

भारत की घरेलू स्मार्टफोन कंपनी Lava अपना नया स्मार्टफोन Lava Agni 4 5G 20 नवंबर को लॉन्च करने जा रही है। लॉन्च से पहले ही इस फोन को लेकर बाजार में जबरदस्त चर्चा शुरू हो चुकी है। कंपनी ने फोन के कई फीचर्स टीज़ किए हैं, जिनमें सबसे ज़्यादा सुर्खियां बटोर रहा है इसका कस्टमाइज करने योग्य एक्शन बटन, जो इसे अन्य फोनों से अलग बनाता है।

आईफोन जैसा एक्शन बटन – 100+ शॉर्टकट होंगे सेट Lava Agni 4 5G में एक कस्टमाइज करने योग्य एक्शन बटन दिया गया है, बिल्कुल iPhone के एक्शन बटन की तरह।

Lava

इस बटन की मदद से आप—

  • किसी भी ऐप को एक क्लिक में ओपन कर सकते हैं.
  • 100+ अलग-अलग शॉर्टकट सेट कर सकते हैं.
  • कैमरा, फ्लैशलाइट, स्क्रीनशॉट जैसे कई फंक्शन्स असाइन कर सकते हैं.
  • यह फीचर पहली बार किसी भारतीय ब्रांड के फोन में देखने को मिलेगा।

डिस्प्ले – बड़ा, कर्व्ड और सुपर ब्राइट

  • फोन में 6.78 इंच का कर्व्ड AMOLED डिस्प्ले दिया गया है, जो 1.5K रेजोल्यूशन और 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है।
  • मुख्य डिस्प्ले फीचर्स:
  • 1200 निट्स ब्राइटनेस.
  • वेट-टच कंट्रोल (गीले हाथों से भी स्क्रीन काम करेगी).

कर्व्ड पैनल प्रीमियम फील के लिए डिज़ाइन में भी इस बार बड़ा बदलाव किया गया है। पिछले मॉडल की प्लास्टिक बॉडी की जगह यह फोन अल्यूमिनियम फ्रेम के साथ आएगा, जो इसे अधिक मजबूत और प्रीमियम बनाता है।

परफॉर्मेंस – ताकतवर Dimensity 8350 प्रोसेसर Lava Agni 4 5G में नया MediaTek Dimensity 8350 चिपसेट है, जो इसे गेमिंग और मल्टीटास्किंग के लिए पावरफुल बनाता है।

इसमें मिलेगा—

  • 8GB LPDDR5X रैम
  • 256GB UFS 4.0 स्टोरेज
  • 8GB तक वर्चुअल रैम सपोर्ट

यह स्पेसिफिकेशंस इसे इस कीमत में सबसे तेज़ भारतीय फोन बनाते हैं।

  • कैमरा – 50MP OIS लेंस और 4K वीडियो सपोर्ट .
  • फोन में पीछे की तरफ पिल-शेप कैमरा मॉड्यूल दिया गया है। इसमें शामिल हैं—
  • 50MP OIS प्राइमरी कैमरा
  • 8MP का अल्ट्रा-वाइड लेंस
  • फ्रंट कैमरा 32MP या 50MP में से कोई एक हो सकता है।
  • Lava

सबसे खास बात—

  • फ्रंट और रियर दोनों कैमरे 4K @ 60fps रिकॉर्डिंग सपोर्ट करते हैं।
  • बैटरी – 7000mAh और 80W फास्ट चार्जिंग
  • Lava Agni 4 5G में 7000mAh की बड़ी बैटरी दी गई है, जो आसानी से 1.5–2 दिन तक चल सकती है।

इसके साथ मिलेगा—

  • 80W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट
  • इतनी बड़ी बैटरी होने के बावजूद कंपनी का दावा है कि फोन का वजन ज्यादा महसूस नहीं होगा।
  • कीमत और उपलब्धता
  • रिपोर्ट्स के अनुसार इस फोन की कीमत—
  • बेस वेरिएंट: ₹23,999
  • टॉप वेरिएंट: ₹27,999 तक

फोन को नवंबर के अंत तक बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है।

कलर ऑप्शन्स में—

  • ब्लैक
  • डार्क ग्रे
  • सिल्वर
  • शामिल हो सकते हैं।

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ऑडी Q3 और Q5 के नए Signature Line एडिशन भारत में लॉन्च, जानें कीमत और सभी खास फीचर्स

ऑडी Q3 और Q5

लग्जरी कार ब्रांड ऑडी इंडिया ने भारतीय बाजार में अपनी दो प्रीमियम SUVs—ऑडी Q3 और Q5—के Signature Line एडिशन लॉन्च किए हैं। ये लिमिटेड एडिशन मॉडल स्टाइल, फीचर्स और एक्सक्लूसिव एक्सेसरीज के मामले में स्टैंडर्ड वेरिएंट से कहीं ज्यादा प्रीमियम बनाए गए हैं। कंपनी ने इन एडिशन को खासतौर पर उन ग्राहकों के लिए पेश किया है जो अपनी SUV में ज्यादा लक्जरी और एक्सक्लूसिव लुक चाहते हैं।

कीमतें (एक्स-शोरूम)

Audi Q3 Signature Line: ₹52.31 लाख

Audi Q3 Sportback Signature Line: ₹53.55 लाख

Audi Q5 Signature Line: ₹69.86 लाख

ये सभी मॉडल सीमित संख्या में ही उपलब्ध होंगे।

ऑडी Q3 और Q5

क्या मिलेगा नया?

सिग्नेचर लाइन एडिशन, Q3 और Q5 के टॉप वेरिएंट ‘टेक्नोलॉजी’ पर आधारित हैं। इसमें डिजाइन अपडेट से लेकर प्रीमियम इंटीरियर फीचर्स और खास एक्सेसरीज शामिल की गई हैं।

एक्सटीरियर अपडेट

Illuminated Audi Rings: फ्रंट में ब्रांडेड लाइट-अप रिंग्स जो रात में कार को एक अलग पहचान देते हैं।

Entry LED Lamps: दरवाज़ा खोलते ही ज़मीन पर ऑडी लोगो की प्रोजेक्शन।

Dynamic Wheel Hub Caps: पहिए घूमते समय भी लोगो सीधा रहता है।

स्पेशल अलॉय व्हील्स:

Q3: R18 5-V स्पोक अलॉय

Q5: R19 5-ट्विन आर्म ग्रेफाइट ग्रे फिनिश

इंटीरियर फीचर्स

प्रीमियम फ्रेगरेंस डिस्पेंसर – केबिन को देता है एक शानदार एरोमा

मेटैलिक की कवर – एक्सक्लूसिव डिजाइन

स्टेनलेस स्टील पैडल सेट

Q3 में अतिरिक्त फीचर्स:

पार्क असिस्ट प्लस

रियर कंपार्टमेंट में 12V आउटलेट

2 USB पोर्ट

ऑडी Q3 और Q5

कंपनी ने क्या कहा?

लॉन्च के दौरान ऑडी इंडिया के हेड बलबीर सिंह ढिल्लों ने कहा कि Q3 और Q5 भारतीय ग्राहकों के बीच हमेशा से पसंदीदा SUVs रही हैं। सिग्नेचर लाइन एडिशन के जरिए कंपनी स्टाइल, कम्फर्ट और फीचर्स को एक शानदार पैकेज में पेश कर रही है।

क्यों खास हैं ये मॉडल?

  • लिमिटेड एडिशन का टैग जो इन्हें आम वेरिएंट से अलग बनाता है
  • प्रीमियम फीचर्स जो लक्जरी सेगमेंट में इन्हें और मजबूत बनाते हैं
  • एक्सटीरियर और इंटीरियर में खास अपडेट जो स्टाइल को बढ़ाते हैं

कुल मिलाकर, Audi Q3 और Q5 के Signature Line एडिशन उन ग्राहकों के लिए एक बेहतरीन विकल्प हैं जो अपनी SUV में प्रीमियमनेस और एक्सक्लूसिविटी का तड़का चाहते हैं।

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लालू परिवार में बड़ा झटका : चुनाव हार के बाद रोहिणी आचार्य ने राजनीति और परिवार दोनों से रिश्ता तोड़ा ,जानिए रोहिणी आचार्य ने क्या कहा

रोहिणी

बिहार चुनाव 2025 में मिली करारी हार के बाद लालू प्रसाद यादव के परिवार में बड़ा राजनीतिक तूफान उठ खड़ा हुआ है। लालू यादव की छोटी बेटी और तेजस्वी यादव की बहन रोहिणी आचार्य ने अचानक राजनीति छोड़ने का ऐलान कर दिया है। इतना ही नहीं—उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा कि वह परिवार से भी नाता तोड़ रही हैं।

उनके इस फैसले ने RJD खेमे में अफरा-तफरी मचा दी है। पार्टी पहले ही चुनावी हार से उबर नहीं पाई थी, और अब परिवार के भीतर टूट ने पूरे राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है।

क्या कहा रोहिणी आचार्य ने?

रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट लिखते हुए कहा:

  • वह राजनीति से पूरी तरह दूरी बना रही हैं
  • यह उनका निजी फैसला है .
  • वह परिवार से भी दूरी बनाना चाहती हैं ताकि उन पर कोई दबाव न पड़े.
  • चुनावी हार ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया है और वह अब शांत जीवन चाहती हैं

उनकी पोस्ट पढ़कर समर्थक भी हैरान रह गए। लंबे समय से RJD का मजबूत चेहरा मानी जाने वाली रोहिणी अक्सर सोशल मीडिया पर पार्टी और परिवार के समर्थन में खुलकर आवाज उठाती रही हैं।

रोहिणी

RJD में बढ़ी टेंशन

रोहिणी के इस बयान के बाद RJD में माहौल और तनावपूर्ण हो गया है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेता इस मुद्दे पर बोलने से बच रहे हैं। माना जा रहा है कि RJD में अंदरूनी खींचतान काफी समय से चल रही थी, और चुनावी हार के बाद यह कलह और गहरी हो गई।

अब सवाल उठने लगे हैं:

  • क्या लालू परिवार में फूट बढ़ रही है?
  • तेजस्वी यादव की नेतृत्व क्षमता पर सवाल?
  • क्या यह RJD की भविष्य की राजनीति को प्रभावित करेगा?

परिवार की प्रतिक्रिया का इंतज़ार

लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। पार्टी के भीतर चर्चा है कि वे रोहिणी आचार्य को मनाने की कोशिश कर सकते हैं, क्योंकि परिवार का कोई सदस्य सार्वजनिक रूप से इस तरह रिश्ता तोड़े, यह RJD के लिए बड़ा झटका है।

क्यों है यह फैसला इतना बड़ा?

रोहिणी को लालू परिवार में हमेशा एक मजबूत और बेबाक चेहरा माना जाता है। उन्होंने अपने पिता के लिए किडनी तक दान की थी और राजनीतिक मुद्दों पर अक्सर सबसे मुखर रहती थीं। ऐसे में उनका राजनीति छोड़ना और परिवार से दूरी बनाना बेहद गंभीर कदम माना जा रहा है।

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बीजेपी में बड़ा झटका: पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह 6 साल के लिए निष्कासित, सिंह ने कहा कि ये पार्टी…

आरके सिंह

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए अपने वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया। इसके कुछ घंटे बाद ही आरके सिंह ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया। इस घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है, क्योंकि सिंह पिछले कई महीनों से पार्टी नेतृत्व और सरकार पर खुलकर सवाल उठा रहे थे।

क्यों हुई कार्रवाई? क्या थे आरोप?

बीजेपी ने आरके सिंह पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया था। पार्टी के अनुशासन समिति ने उन्हें कारण बताओ नोटिस भेजा था, जिसमें उनसे उनके हालिया बयानों पर जवाब मांगा गया था।

आरके सिंह पर मुख्य आरोप:

1. भ्रष्टाचार पर सरकार पर खुली आलोचना

सिंह ने बिहार में एक बड़े पावर प्रोजेक्ट को लेकर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। उनका दावा था कि भागलपुर में अडानी ग्रुप को दिए गए बिजली प्रोजेक्ट में 62,000 करोड़ रुपये का घोटाला है। पूर्व ऊर्जा मंत्री होने के कारण उनके आरोपों ने बिहार और केंद्र में एनडीए सरकार को असहज कर दिया था।

2. चुनाव के वक्त पार्टी के खिलाफ बयानबाजी

उन्होंने कई बार खुलकर कहा कि बीजेपी “अपराधियों को टिकट दे रही है”। इतना ही नहीं, उन्होंने मतदाताओं से यह तक कह दिया था कि अगर साफ-सुथरा उम्मीदवार न मिले तो NOTA दबा देना।

3. चुनाव आयोग और कानून व्यवस्था पर हमले

चुनाव के दौरान आरके सिंह ने चुनाव आयोग पर भी पक्षपात और आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया था। बीजेपी नेतृत्व का मानना था कि ऐसे बयान सीधे तौर पर पार्टी की छवि को नुकसान पहुँचा रहे थे।

आरके सिंह

आरके सिंह की प्रतिक्रिया : “मैंने अपराधियों के खिलाफ आवाज उठाई, क्या ये गलत है?”

पार्टी से निष्कासन के बाद आरके सिंह ने कहा कि उन्हें भेजे गए नोटिस में “पार्टी विरोधी गतिविधि” का कोई स्पष्ट उदाहरण नहीं दिया गया था।उन्होंने अपना इस्तीफा बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा को भेजते हुए कहा: “मैंने सिर्फ अपराधियों को टिकट देने का विरोध किया। अगर यह पार्टी विरोधी है, तो फिर मैं ऐसी पार्टी में नहीं रह सकता।”

“मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ बोल रहा था, यह देश के हित में था।” उनके तेवरों से साफ है कि वे कार्रवाई से नाराज़ हैं और भविष्य में किसी नई राजनीतिक दिशा के संकेत भी दे रहे हैं।

कौन हैं आरके सिंह?

  1. 1975 बैच के पूर्व IAS अधिकारी.
  2. भारत के गृह सचिव रहे.
  3. 2013 में BJP में शामिल हुए.
  4. 2014 और 2019 में आरा से सांसद चुने गए.
  5. मोदी सरकार में ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री रहे.
  6. 2024 लोकसभा चुनाव में आरा सीट हार गए.

आरके Singh को पार्टी के अनुभवी और कड़े प्रशासक नेताओं में गिना जाता था।

राजनीति में हलचल तेज, कई सवाल खड़े

बीजेपी के लिए यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब बिहार में पार्टी पहले से ही आंतरिक विवादों में घिरी है। आरके सिंह जैसे बड़े चेहरे को हटाने के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि:

  • कया बीजेपी में असंतोष बढ़ रहा है?
  • क्या पार्टी भविष्य में और कड़े अनुशासनात्मक कदम उठाने वाली है?
  • आरके सिंह किस राजनीतिक दिशा में जाएंगे?

आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में और हलचल देखने को मिल सकती है।

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कितने मंत्री किसके? JDU-BJP जल्द तय करेंगे नई सरकार का फॉर्मूला |“जाने पूरी खबर”

सरकार

बिहार सरकार एनडीए की ऐतिहासिक जीत के बाद अब सरकार गठन की तैयारियाँ तेज़ हो गई हैं। नए मंत्रिमंडल के स्वरूप और नेतृत्व पर सहमति बनाने के लिए JDU और BJP के शीर्ष नेताओं के बीच दिल्ली और पटना में लगातार बैठकें हो रही हैं। सरकार दोनों दल चाहते हैं कि शपथ ग्रहण से पहले हर मुद्दे पर स्पष्ट और मजबूत फार्मूले पर मुहर लग जाए।

मंत्रिमंडल बंटवारे पर गहन चर्चा

चुनाव में 243 में से 202 सीटें जीतने के बाद एनडीए अब एक बड़े और संतुलित मंत्रिमंडल की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार 6 विधायक = 1 मंत्री का फॉर्मूला इस बार भी लागू हो सकता है। इसी आधार पर संभावित मंत्रियों का बंटवारा इस तरह दिख रहा है:

  • BJP – 16 मंत्री
  • JDU – 15 मंत्री
  • लोजपा (आर) – 3 मंत्री
  • HAM – 1 मंत्री
  • रालोमो (उपेंद्र कुशवाहा) – 1 मंत्री

पूर्व कैबिनेट में JDU के पास गृह, ग्रामीण विकास और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभाग थे। इस बार बदलाव की संभावना है। पार्टी के अंदर भी नए चेहरों को शामिल करने पर चर्चा चल रही है। उमेश कुशवाहा, श्याम रजक और कई नए विजयी विधायक मंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे हैं।

सरकार

नेतृत्व पर तस्वीर बिल्कुल साफ हालाँकि सीटों के हिसाब से BJP 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी है, जबकि JDU को 85 सीटें मिली हैं, लेकिन दोनों दलों ने एक सुर में यह साफ कर दिया है कि नीतीश कुमार ही बिहार के मुख्यमंत्री होंगे। JDU ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पर भी इसे दोहराया है, जबकि BJP की ओर से धर्मेंद्र प्रधान और प्रदेश नेतृत्व ने कहा कि— “एनडीए एकजुट है। नीतीश कुमार ही हमारे नेता और बिहार के सीएम होंगे।”

इस बयान ने उन सभी कयासों पर विराम लगा दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि बीजेपी बड़ी पार्टी होने के नाते नेतृत्व बदलना चाहेगी।

सरकार गठन की टाइमलाइन तय करने पर चर्चा

दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व के साथ हुई बैठक में शपथ ग्रहण समारोह की संभावित तारीख, मंत्रियों की सूची और विभागों के वितरण पर शुरुआती सुझाव साझा किए गए। पटना में बैठक में इन सुझावों को और परिष्कृत किया जा रहा है। माना जा रहा है कि अगले 2–3 दिनों में अंतिम सूची बनकर तैयार हो जाएगी। एनडीए नेतृत्व चाहता है कि इस बार सरकार गठन में जातीय संतुलन, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और युवा चेहरों को प्राथमिकता दी जाए।

पटना और दिल्ली में जश्न का माहौल

एनडीए की प्रचंड जीत के बाद दोनों दलों के दफ्तरों में जश्न जारी है। मिठाइयाँ बाँटी जा रही हैं, ढोल-नगाड़े बज रहे हैं और कार्यकर्ता “नीतीश कुमार जिंदाबाद” और “मोदी-नीतीश सरकार” के नारे लगा रहे हैं। दिल्ली में BJP कार्यालय पर मौजूद एक समर्थक का बयान काफी चर्चा में है:

“Nitish ji and Modi ji built Bihar over the last 20 years. जनता फिर से RJD को मौका देने के मूड में नहीं थी।”

सरकार

आगे क्या?

  • जल्द ही एनडीए विधायक दल की बैठक बुलाई जाएगी |
  • नीतीश कुमार को औपचारिक रूप से नेता चुना जाएगा |
  • उसके बाद राज्यपाल के सामने नई सरकार गठन का दावा पेश किया जाएगा |
  • मंत्रिमंडल की सूची अंतिम रूप से जारी कर दी जाएगी |

कुल मिलाकर, दिल्ली से पटना तक बैठकों का यह दौर एनडीए की मजबूती को दर्शाता है। दोनों दलों की कोशिश है कि 2025 की यह सरकार न सिर्फ राजनीतिक रूप से संतुलित बने, बल्कि बिहार के लिए स्थिर और सक्षम भी साबित हो।

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कोलकाता सेंट्रल मार्केट में भीषण आग: एज्रा स्ट्रीट पर 300 दुकानें जलकर खाक, घंटों चला रेस्क्यू ऑपरेशन

कोलकाता

कोलकाता: शहर के सबसे व्यस्त और पुराने कारोबारी इलाकों में से एक, एज्रा स्ट्रीट स्थित सेंट्रल मार्केट में शनिवार तड़के भीषण आग लग गई। इस आग ने देखते ही देखते करीब 300 दुकानें और कई गोदामों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे करोड़ों रुपये का सामान खाक हो गया। हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन नुकसान बहुत बड़ा बताया जा रहा है।

सुबह 5 बजे शुरू हुई आग, 20–25 दमकल गाड़ियां मौके पर प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग सुबह लगभग 5 बजे एक इलेक्ट्रॉनिक्स और बिजली के सामान के गोदाम में भड़की। थोड़ी ही देर में आग तेजी से फैलकर आस-पास की छोटी-छोटी दुकानों और पुरानी इमारतों में पहुंच गई।

घटना की सूचना मिलते ही दमकल की 20 से 25 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कई घंटों तक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा। धुआं इतना घना था कि दूर-दूर से भी दिखाई दे रहा था।

तंग गलियां बनीं बड़ी बाधा अग्निशमन कर्मियों को आग बुझाने में बेहद मुश्किलों का सामना करना पड़ा क्योंकि: इलाका बेहद संकरी गलियों वाला है दुकानों में बहुत-सा ज्वलनशील सामान मौजूद था पुरानी इमारतें आग को फैलाने में बड़ा कारण बन गईं

कोलकाता

अधिकारियों ने बताया कि आग पर अब काबू पा लिया गया है, लेकिन कूलिंग ऑपरेशन जारी है।

शॉर्ट सर्किट की आशंका प्राथमिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, हालांकि पुलिस और फायर विभाग की संयुक्त टीम विस्तृत जांच करेगी।

व्यापारियों को भारी नुकसान

इस मार्केट में ज्यादातर:

  • इलेक्ट्रॉनिक्स
  • मोबाइल एक्सेसरीज़
  • खिलौने
  • गिफ्ट आइटम
  • बिजली के सामान की दुकानें थीं।

कई दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो गईं। व्यापारियों ने कहा कि उनका पूरा स्टॉक नष्ट हो गया है और वह अब पूरी तरह आर्थिक संकट में हैं। आसपास की बिजली काटी गई, पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने आस-पास की बिजली सप्लाई बंद कर दी। पुलिस ने इलाके को पूरी तरह घेर लिया है ताकि कोई भी व्यक्ति असुरक्षित ज़ोन में न जा सके।

अधिकारियों का बयान

पश्चिम बंगाल अग्निशमन सेवा के महानिदेशक ने कहा, “स्थिति अब नियंत्रण में है। किसी को चोट नहीं आई है। आग को आस-पास की इमारतों में फैलने से रोक लिया गया है।” स्थानीय लोगों में दहशत, लेकिन राहत कि कोई हताहत नहीं हालांकि आग बहुत भीषण थी और लपटें कई फीट ऊंची दिखाई दे रही थीं, लेकिन प्रशासन के अनुसार किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई। यह राहत की सबसे बड़ी बात मानी जा रही है।

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नोएडा में बढ़ता प्रदूषण: कक्षा 5 तक के स्कूल हाइब्रिड मोड में — पूरी खबर पढ़ें

प्रदूषण

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में वायु प्रदूषण लगातार खतरनाक स्तर पर पहुंच रहा है। इसी के चलते नोएडा और ग्रेटर नोएडा के स्कूलों को कक्षा 5 तक हाइब्रिड मोड में चलाने का आदेश जारी किया गया है। प्रशासन ने यह फैसला बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए लिया है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से AQI ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया जा रहा है।

क्या है नया आदेश?

गौतम बुद्ध नगर के जिला प्रशासन ने निर्देश दिया है कि कक्षा 1 से 5 तक की कक्षाएं ऑनलाइन और ऑफलाइन—दोनों विकल्पों में चलाई जाएंगी। अभिभावक अपनी सुविधा के अनुसार बच्चों को स्कूल भेज सकते हैं या घर से ऑनलाइन क्लास में शामिल करवा सकते हैं।

क्यों हुआ ये फैसला?

बीते हफ्ते से नोएडा का AQI 400 से ऊपर जा रहा है, जो ‘सीवियर’ श्रेणी माना जाता है। ऐसी स्थिति बच्चों, बुजुर्गों और दमा/एलर्जी के मरीजों के लिए बेहद नुकसानदायक है।

प्रदूषण

इसी वजह से:

  • सांस की समस्या बढ़ने लगी
  • बच्चों में खांसी और आंखों में जलन की शिकायत बढ़ी
  • स्कूलों में उपस्थिति घटने लगी
  • प्रशासन ने स्थिति गंभीर होते देख हाइब्रिड मोड लागू किया।

GRAP-3 लागू होने के बाद बढ़ा एक्शन दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का स्टेज-3 लागू कर दिया गया है।

इसमें कई सख्त कदम उठाए जाते हैं:

  • निर्माण और तोड़-फोड़ की गतिविधियों पर रोक
  • धूल नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव
  • डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध
  • स्कूलों के लिए हाइब्रिड मोड की अनिवार्यता
  • GRAP का उद्देश्य प्रदूषण को धीरे-धीरे कम करना और हालात को सामान्य बनाना है। स्कूलों में पहले से चल रहे एहतियाती कदम

हाइब्रिड मोड लागू करने से पहले ही स्कूलों ने कई कदम उठाए थे:

  • सुबह की प्रार्थना सभा रोकी
  • खेल और आउटडोर गतिविधियाँ बंद
  • बच्चों को बाहर कम समय बिताने की सलाह
  • एयर प्यूरीफायर चालू किए गए फिर भी AQI में सुधार ना होने पर हाइब्रिड मोड जरूरी हो गया।

दिल्ली व गाजियाबाद में भी ऐसे ही आदेश दिल्ली, गाजियाबाद और गुरुग्राम के स्कूलों को भी कक्षा 5 तक के लिए हाइब्रिड मोड लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। कई जगहों पर प्राथमिक कक्षाएँ पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई हैं।

अभिभावकों की क्या प्रतिक्रिया?

कई अभिभावकों ने राहत जताई है। उनका कहना है कि: “बच्चों को ऐसी हवा में बाहर भेजना सही नहीं था। ऑनलाइन क्लास बेहतर विकल्प है।” कुछ अभिभावक स्कूल बंद होने से पढ़ाई प्रभावित होने की चिंता भी जता रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए आदेश का समर्थन कर रहे हैं।

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कश्मीर के नौगाम पुलिस स्टेशन में जबरदस्त ब्लास्ट:9 की मौत, 29 घायल!

पुलिस स्टेशन

धमाके की रात: नौगाम थाना बना तबाही का केंद्र श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र नौगाम पुलिस स्टेशन में शुक्रवार देर रात ऐसा भीषण विस्फोट हुआ कि पूरा इलाका दहल उठा। धमाके में कम से कम 9 लोगों की मौत और 29 से अधिक घायल हो गए। यह हादसा तब हुआ जब पुलिस, फॉरेंसिक विशेषज्ञ और तकनीकी टीमें दिल्ली के लालकिला कार ब्लास्ट केस से बरामद भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री की जांच कर रही थीं। जांच के दौरान अचानक तेज़ धमाका हुआ, और उसके बाद लगातार दूसरे छोटे-छोटे ब्लास्ट भी होते रहे — जिससे थाना परिसर का बड़ा हिस्सा ढह गया।

मलबा, घायलों की चीखें और बचाव अभियान

पुलिस स्टेशन

धमाके में घायल हुए पुलिसकर्मी, फॉरेंसिक अधिकारी और कुछ नागरिकों को तुरंत सैन्य अस्पताल व SKIMS, श्रीनगर में भर्ती कराया गया। प्रशासन ने नौगाम से लेकर श्रीनगर सिटी के कई इलाकों को सील कर दिया है। सेना, SDRF, फायर एंड इमरजेंसी और मेडिकल टीमें पूरी रात राहत कार्य में लगी रहीं। जम्मू-कश्मीर के DGP, ADGP और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे — वहीं हादसे की गंभीरता को देखते हुए NIA ने जांच की कमान संभाल ली है।

हादसा या साजिश? बड़े सवालों की नई लाइन

सबसे बड़ा सवाल अब यही है—क्या यह वाकई एक एक्सीडेंटल ब्लास्ट था या विस्फोटकों में छेड़छाड़ का नतीजा?कुछ शुरुआती इनपुट बताते हैं कि एक्सप्लोसिव सैंपल निकालने में प्रोटोकॉल फॉलो न होने से यह हादसा हुआ, लेकिन जांच एजेंसियां इसे साजिश की संभावनाओं के साथ भी देख रही हैं, विशेषकर क्योंकि इसमें वही विस्फोटक शामिल थे जो फ़रीदाबाद में लालकिला आतंकी मॉड्यूल से जुड़े मिले थे।

सुरक्षा अलर्ट: कश्मीर में सतर्कता और बढ़ाई गई

थाना ब्लास्ट के बाद श्रीनगर, अवंतीपोरा, त्राल और कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। CCTV फुटेज, फॉरेंसिक लैब रिपोर्ट, विस्फोटक कंटेनरों की स्थिति और स्टोरेज रिकॉर्ड — सबकी क्रॉस-वेरिफिकेशन शुरू हो चुकी है। नौगाम पुलिस स्टेशन का यह ब्लास्ट सिर्फ एक हादसा नहीं — कश्मीर की सुरक्षा व्यवस्था, प्रोटोकॉल और आतंकी लिंक पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

जांच रिपोर्ट सामने आने तक, घाटी में सतर्कता और तनाव दोनों बढ़े रहेंगे।

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