नीतीश कुमार का इस्तीफा😱—लेकिन 20 नवंबर को सीएम……:-Bihar Political Earthquake:

नीतीश कुमार

बिहार की राजनीति एक बार फिर बड़े भूचाल का सामना कर रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को अपने पूरे मंत्रिपरिषद के साथ राज्यपाल को अचानक इस्तीफा सौंप दिया, साथ ही विधानसभा भंग करने की भी सिफारिश कर दी। इस कदम ने न सिर्फ राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी, बल्कि यह सवाल भी खड़ा कर दिया—आखिर इस “पॉलिटिकल रीसेट” की जरूरत क्यों पड़ी?

नया पावर इक्वेशन:

NDA के साथ वापसी, साझा सत्ता का फॉर्मूला तैयार सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार एक बार फिर NDA के सपोर्ट से मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। BJP–JDU के बीच 50-50 सत्ता साझेदारी पर सहमति बन चुकी है और लोजपा, HAM समेत अन्य घटक दलों को भी नई सरकार में जगह मिलने की संभावना है।
20 नवंबर को पटना के गांधी मैदान में होने वाला भव्य शपथ ग्रहण समारोह राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियाँ बनाएगा—जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई बड़े नेता शामिल होंगे।

नीतीश कुमार

10वीं बार CM—नीतीश का नया रिकॉर्ड और सत्ता का संकेत

नीतीश कुमार अपने राजनीतिक करियर में 10वीं बार मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने जा रहे हैं—जो उन्हें बिहार की राजनीति का सबसे स्थिर और प्रभावशाली चेहरा साबित करता है। नई कैबिनेट में इस बार युवा चेहरों और अनुभवी नेताओं का मिश्रण देखने को मिल सकता है, ताकि प्रशासनिक गति और विकास एजेंडा दोनों मजबूत किया जा सके।

विपक्ष का वार बनाम NDA का जवाब

जहाँ विपक्ष इसे “कुर्सी बचाने की राजनीति” बता रहा है, वहीं समर्थकों का दावा है—
“स्थिरता, सुशासन और गठबंधन धर्म के लिए यह रीसेट जरूरी था।”
बिहार के लोग अब यह देखना चाहते हैं कि नई सरकार अगले पाँच साल का रोडमैप कितनी मजबूती से तय करती है।

जनता की नज़रें विकास पर

नई सरकार की चुनौती साफ है—
रोजगार, शिक्षा, अपराध नियंत्रण, बाढ़ प्रबंधन और बुनियादी ढांचे जैसे बड़े मुद्दों पर ठोस काम।
20 नवंबर के बाद बिहार की दबंग राजनीति में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है—क्या यह अध्याय उम्मीदों को सच करेगा, या फिर सिर्फ समीकरणों का खेल बनेगा?

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असुर 3’ का बिग अपडेट! शूटिंग पूरी होने की चर्चा तेज, जल्द आएगी रिलीज़ डेट?

असुर 3

लोकप्रिय क्राइम-थ्रिलर वेब सीरीज़ ‘असुर’ के तीसरे सीज़न को लेकर फैंस के बीच उत्साह लगातार बढ़ रहा है। सोशल मीडिया पर चल रही खबरों के अनुसार ‘असुर 3’ की शूटिंग पूरी होने की बातें सामने आ रही हैं, जिससे दर्शक यह उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही इसकी रिलीज़ डेट की आधिकारिक घोषणा हो सकती है।

हालाँकि मेकर्स की ओर से रिलीज़ डेट को लेकर अभी कोई पक्का बयान नहीं आया है, लेकिन अंदरूनी रिपोर्ट्स का दावा है कि सीज़न 3 की स्क्रिप्ट तैयार हो चुकी है और टीम प्री-प्रोडक्शन में जुटी है। वहीं कुछ रिपोर्ट्स यह भी बताती हैं कि शूटिंग शुरू होने और पूरी होने को लेकर फैली खबरें आधी-अधूरी हैं, लेकिन आधिकारिक घोषणा जल्द किए जाने की उम्मीद है।

कौन लौटेगा स्टार कास्ट में?

सूत्रों के मुताबिक, ‘असुर 3’ में अरशद वारसी अपने दमदार किरदार धनंजय राजपूत के रूप में और बरुण सोबती निखिल नायर के रूप में वापसी करेंगे। इसके साथ ही पिछले सीज़न के अन्य कलाकारों—

  • अनुप्रिया गोयनका.
  • रिद्धि डोगरा.
  • अमेय वाघ. —के भी शो का हिस्सा बने रहने की संभावना है।

निर्देशन को लेकर खबरें हैं कि इस बार शायद निर्देशक बदल सकते हैं। पिछले दो सीज़न के निर्देशक ओनी सेन, अपने अन्य प्रोजेक्ट्स की वजह से इस सीज़न का निर्देशन न करें, ऐसी चर्चाएँ तेज हैं।

असुर 3

कहानी में इस बार क्या होगा नया?

लेखक गौरव शुक्ला बीते दो वर्षों से ‘असुर 3’ के प्लॉट पर काम कर रहे हैं और दावा है कि इस बार कहानी और भी गहरी, रहस्यमयी और पौराणिक तत्वों से भरपूर होगी। सीज़न एक बार फिर एक सीरियल किलर की मनोवैज्ञानिक दुनिया और अराजकता बनाम व्यवस्था के संघर्ष के इर्द-गिर्द घूमेगा। कुछ रिपोर्ट्स यह भी संकेत देती हैं कि इस बार धनंजय राजपूत का एक और अंधकारमय रूप सामने आ सकता है, जिससे कहानी और तीखी और रोमांचक होने की उम्मीद है।

कब और कहाँ होगी रिलीज़?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक— शूटिंग 2025 के अंत तक शुरू होने की संभावना है। मेकर्स इसे 2026 के अंत तक रिलीज़ करने पर विचार कर रहे हैं।

जहाँ पहला सीजन वूट पर और दूसरा जियो सिनेमा पर आया था, वहीं माना जा रहा है कि ‘असुर 3’ अब Jio Hotstar पर स्ट्रीम किया जाएगा। जैसे-जैसे चर्चाएँ तेज हो रही हैं, दर्शकों को अब सिर्फ आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही मेकर्स ‘असुर 3’ के बारे में बड़ी खबर साझा करेंगे।

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बिहार में RJD की नवनिर्वाचित विधायक-बैठक: तेजस्वी यादव को विधायक दल का नेता चुना गया

बिहार

17 नवंबर 2025 — बिहार की सियासत में आज RJD (राष्ट्रीय जनता दल) ने एक अहम मोड़ लिया है। सोमवार को पटना स्थित तेजस्वी यादव के सरकारी आवास (पोलो रोड) पर हुई सांसदों और नवनिर्वाचित विधायकों की समीक्षा बैठक में, तेजस्वी यादव को सर्वसम्मति से RJD विधायक दल का नेता चुना गया। इस फैसले के साथ ही वह बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाने की दिशा में अग्रसर हो गए हैं।

बैठक का माहौल और उपस्थित लोग

बैठक में RJD के शीर्ष नेता मौजूद थे — जिनमें पार्टी के संरक्षक लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, सांसद मीसा भारती, जगदानंद सिंह और मंगनीराम मंडल जैसे वरिष्ठ नेता शामिल थे। इस प्रकार की व्यापक भागीदारी इस बात का संकेत देती है कि RJD अपने भविष्य की रणनीति को बेहद गंभीरता से ले रही है और तेजस्वी यादव पर भरोसा बरकरार रखना चाहती है।

चुनावी हार की समीक्षा

बैठक में RJD ने हाल ही में संपन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव में अपने निराशाजनक प्रदर्शन का गहराई से मंथन किया। पार्टी ने 143 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन सिर्फ 25 सीटें ही जीतीं। इस हार के कारणों पर चर्चा करते हुए, नेताओं ने यह माना कि RJD चुनावी संदेश को लोगों तक ठीक तरह से नहीं पहुंचा पाई।

विशेष रूप से, पार्टी के अंदर मतदान रणनीति, प्रचार की गहराई और मिशन-मैसेजिंग पर सवाल उठे। कुछ स्रोतों के मुताबिक, EVM की गड़बड़ी, चुनाव आयोग की भूमिका और सीमांचल क्षेत्र में अन्य पार्टियों की बढ़ती ताकत को भी जिम्मेदार माना गया है।

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नेता प्रतिपक्ष की स्थिति पुख्ता

तेजस्वी यादव के विधायक दल के नेता चुने जाने के साथ ही, वह बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह योग्य बन गए हैं। चूंकि बिहार विधानसभा में कुल 243 सीटें हैं, और किसी दल को नेता प्रतिपक्ष का दर्जा पाने के लिए कम-से-कम 10% यानी लगभग 25 सीटें चाहिए होती हैं, तो RJD का 25 विधायकों के बतौर पहुंच बनाना खास महत्व रखता है। नेता प्रतिपक्ष बनने पर तेजस्वी को विधान सभा में अहम भूमिका मिलेगी — वह सरकार को घेरने, उसकी नीतियों पर आपत्तियाँ उठाने और जनता-विरोधी कदमों की आलोचना करने का संवैधानिक दायित्व निभाएंगे।

आगे की राह और रणनीति

बैठक में सिर्फ हार का आकलन ही नहीं किया गया, बल्कि आगामी राजनीतिक रणनीति को भी आकार देने की पहल की गई है। Outlook की रिपोर्ट के अनुसार, तेजस्वी यादव ने MLAs (जीते हुए विधायकों) से एकजुटता बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को यह संदेश दिया है कि अब RJD को एक जिम्मेदार, रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाने की आवश्यकता है — न कि सिर्फ हार का रोना रोने की।साथ ही, कुछ रिपोर्ट्स यह भी कह रही हैं कि RJD चुनावी नतीजों पर अदालत में चुनौती देने की तैयारी कर रही है, खासकर उन आरोपों के संबंध में कि चुनाव में अनियमितताएँ हुई थीं।

इस कदम का मतलब साफ है: RJD सिर्फ भीतर-मंथन में ही नहीं फँसी है, बल्कि अगली लड़ाई की तैयारी भी शुरू कर चुकी है।

राजनीतिक मायने और असर

तेजस्वी यादव को फिर से विधायक दल का नेता बनाने का निर्णय यह दर्शाता है कि RJD ने उनपर अपना पुल-फिर से लगाया है, भले ही चुनाव में बड़ी निराशा रही हो।लालू प्रसाद यादव और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी इस बात की पुष्टि करती है कि परिवार और शीर्ष नेतृत्व ने तेजस्वी की पकड़ को मजबूत किया है।

इसका अर्थ यह भी है कि RJD भविष्य में कांग्रेस और अन्य गठबंधन सहयोगियों के साथ अपनी भूमिका को फिर से खड़ा करने की योजना बना रही है।विपक्ष में मजबूत उपस्थिति के साथ, RJD अब सरकार की नीतियों को चुनौती देने, जनहित के मुद्दों को उठाने और संभावित अगली चुनावी रणनीति बनाने में मध्यवर्ती भूमिका निभा सकती है।

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Smriti Mandhana Marriage : वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद अब दुल्हन बनेगी स्मृति मंधाना, कप्तान हरमनप्रीत ने शादी को लेकर दी बड़ी अपडेट

Smriti Mandhana Marriage

Smriti Mandhana Marriage: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार ओपनर और हाल ही में वर्ल्ड चैंपियन बनी स्मृति मंधाना अब अपनी जिंदगी का सबसे खास कदम उठाने जा रही हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्मृति 23 नवंबर को अपने बॉयफ्रेंड पलाश मुच्छल के साथ सात फेरे लेने वाली हैं. लंबे समय से दोनों का रिश्ता सुर्खियों में था और अब यह रिश्ता शादी के बंधन में बदलने वाला है.

स्मृति पिछले छह साल से पलाश के साथ रिलेशनशिप में थी. क्रिकेट की दुनिया में छक्के-चौके लगाने वाली स्मृति का दिल फिल्मी दुनिया के इस सितारे पर आया और अब दोनों अपनी नई पारी शुरू करने को पूरी तरह तैयार हैं. इन दोनो की शादी को लेकर कप्तान हरमनप्रीत कौर ने एक बड़ी अपडेट दी है.

हरमनप्रीत कौर ने दिया बड़ा अपडेट

भारतीय महिला टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने क्रिकेटनेक्स्ट से बातचीत में बताया कि वो टीम इंडिया की पूरी स्क्वाड स्मृति की शादी में शामिल होने की उम्मीद करती है. उन्होंने कहा, “हम सब एक-दूसरे के साथ को बहुत मिस करते हैं. जैसे ही कोई टूर्नामेंट खत्म होता है, हम सोचते हैं कि अगली बार कब मिलेंगे. स्मृति की शादी हमारे लिए एक शानदार मौका होगी जहां पूरी टीम फिर से साथ दिखेगी.”

Smriti Mandhana Marriage
Image credit : Cricket Addictor Hindi

हरमनप्रीत के इस बयान के बाद साफ हो गया है कि समारोह में भारतीय महिला टीम का पूरा “पावर पैक्ड यूनियन” देखने को मिल सकता हैl

टीम की पहली शादीशुदा खिलाड़ी बनेगी स्मृति

दिलचस्प बात यह है कि मौजूदा भारतीय महिला टीम में अभी किसा भी खिलाड़ी की शादी नही हुई है. ऐसे में स्मृति मंधाना टीम में शादी करने वाली पहली प्लेयर बनने जा रही हैं. यह बात भी उनके लिए खास है कि वह वर्ल्ड कप जीतकर, यानी वर्ल्ड चैंपियन बनकर दुल्हन बनने जा रही हैं.

स्मृति ने हाल ही में भारत में खेले गए वनडे वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन किया था. वह टूर्नामेंट की दूसरी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज रही. बतौर ओपनर उन्होंने कई बार टीम को एक मजबूत शुरूआत दी, भारत को वर्ल्ड चैंपियन बनाने में उनकी भूमिका बेहद अहम रही.

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ढाका में बड़ा सियासी धमाका : पूर्व PM शेख हसीना मानवता के खिलाफ अपराधों में दोषी, देशभर में बढ़ा तनाव

शेख हसीना

बांग्लादेश की राजनीति में शनिवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब एक विशेष अदालत ने देश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी करार दिया। यह फैसला पिछले साल हुए छात्र आंदोलन पर हुई हिंसक कार्रवाई से जुड़ा है, जिसमें बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी मारे गए थे।

कई महीनों तक चली सुनवाई के बाद आया यह फैसला ढाका के माहौल को और ज्यादा तनावपूर्ण बना रहा है। राजधानी और आसपास के इलाकों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।

क्या हैं बड़े आरोप?

अदालत ने शेख हसीना को पाँच गंभीर आरोपों में दोषी पाया:

  • छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ घातक कार्रवाई की साजिश रचना.
  • निहत्थे छात्रों पर हेलीकॉप्टर और ड्रोन से फायरिंग करवाने का आदेश
  • छात्र नेता अबू सईद की हत्या
  • सबूत मिटाने के लिए मृतकों के शव जलाने के निर्देश.
  • प्रदर्शनकारियों की सुनियोजित हत्या.

शेख हसीना अगस्त 2024 से भारत के नई दिल्ली में निर्वासन में रह रही हैं। उनकी अनुपस्थिति में ही पूरा मुकदमा चला और फैसला सुनाया गया। उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है।

शेख हसीना

सरकार ने पहले ही बढ़ा दी थी सुरक्षा

फैसले की संवेदनशीलता को देखते हुए, मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने :

  • अदालत परिसर के बाहर सशस्त्र गार्ड तैनात किए
  • ढाका में दंगा पुलिस और रैपिड एक्शन बल की मौजूदगी बढ़ाई.
  • भीड़ नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा घेरे बनाए.
  • इंटरनेट और सोशल मीडिया गतिविधियों पर कड़ी निगरानी शुरू की.

सरकार का कहना है कि किसी भी हाल में कानून-व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी।

आवामी लीग का जोरदार विरोध.

फैसले के बाद हसीना की पार्टी आवामी लीग ने इसे राजनीतिक साजिश बताया है और पूरे देश में विरोध प्रदर्शन, हड़ताल, ढाका बंद की घोषणा कर दी है। पार्टी के नेताओं का आरोप है कि यूनुस सरकार “राजनीतिक बदले” की कार्रवाई कर रही है।

कुछ नेताओं ने यह भी दावा किया है कि नई सरकार के शासन में हिंदू समुदाय खतरे में है — हालांकि अंतरिम सरकार ने इन बयानों को गलत और भड़काऊ बताया है।

हसीना के बेटे की धमकी: चुनाव नहीं होने देंगे

पूर्व PM की अनुपस्थिति के बीच, उनके बेटे सजीब वाजेद जॉय ने सबसे कड़ा बयान देते हुए कहा:

“अगर हमारी पार्टी पर लगा प्रतिबंध नहीं हटाया गया, तो हम फरवरी में होने वाले राष्ट्रीय चुनाव को रुकवा देंगे। हमारे समर्थक सड़कों पर उतरेंगे।”

उनके इस बयान से देश में तनाव और बढ़ गया है और कई जिलों में आवामी लीग कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं।

आगे क्या हो सकता है?

शेख हसीना बांग्लादेश की सबसे ताकतवर नेताओं में मानी जाती हैं। ऐसे में:

  • फैसला देश की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है.
  • आवामी लीग के प्रदर्शन उग्र रूप ले सकते हैं
  • चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है.
  • अंतरिम सरकार को कानून-व्यवस्था संभालने में बड़ी चुनौती आ सकती है.
  • विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कुछ दिन बांग्लादेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे।

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सऊदी अरब में भीषण बस हादसा : 42 भारतीय उमरा यात्रियों की मौत की आशंका

उमरा

सऊदी अरब में एक दर्दनाक हादसा हुआ है, जहाँ कम-से-कम 42 भारतीय उमरा यात्रियों के मरने की आशंका है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, ये बस और एक डीजल टैंकर सुबह के समय मेदीना के पास टकरा गए, और टक्कर के बाद लगी भयंकर आग में यात्रियों को झुलसने से जान चली गई।

क्या हुआ था?

बस मेक्का से मेदीना की ओर जा रही थी। दुर्घटना लगभग सुबह 1:30 बजे (IST) हुई। बताया गया है कि टक्कर के बाद बस पूरी तरह से आग की लपटों में घिर गई और यात्री झुलस गए। खबरों के अनुसार, यात्रियों में कई हैदराबादी थे — यानी उनके परिवार और नाते-रिश्तेदार भारत में घबराए हुए हैं।

रिपोर्ट्स में कहा गया है कि कुल 43 लोग बस पर सवार थे, लेकिन केवल एक व्यक्ति जिंदा बचा है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

उमरा

प्रतिक्रिया और कार्रवाई

हादसे की रिपोर्ट मिलते ही तेलंगाना सरकार ने कंट्रोल रूम स्थापित किया है ताकि प्रभावित यात्रियों के परिवारों को तुरंत सूचना दी जा सके।

स्थानीय अधिकारियों और भारतीय दूतावास ने मृतकों की पहचान करने और परिवारों से संपर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

अभी यह स्पष्ट नहीं है कि दुर्घटना के कारण क्या थे — टैंकर की गलती, बस चालक की लापरवाही, या अन्य कारणों की जांच जारी है।

परिवारों का दर्द और चिंताएं

यह हादसा उन परिवारों के लिए गहरे सदमे का विषय है, जिनके सदस्य पवित्र यात्रा (उमरा) पर गए थे। उनकी उम्मीदें और सपने धार्मिक अनुभव तक सीमित नहीं थे — उनमें यह विश्वास भी था कि यह यात्रा उन्हें आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाएगी। लेकिन इस घटना ने उन्हें एक त्रासदी की असलीता की हकीकत का सामना कराना पड़ा है।

यह दुर्घटना न केवल एक बड़ी मानव त्रासदी है, बल्कि सुरक्षा और यात्री परिवहन व्यवस्था पर सवाल भी खड़े करती है। सऊदी और भारतीय दोनों पक्षों के लिए यह जांच महत्वपूर्ण होगी — ताकि पता चल सके कि ऐसी घटनाओं को भविष्य में कैसे रोका जा सकता है।

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14,000 Crore घोटाला? — Bihar Election 2025 में PK का सबसे बड़ा दावा  क्या है पूरा विवाद?

PK

बिहार चुनाव 2025 के बीच जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर (PK) ने NDA सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वर्ल्ड बैंक से आए करीब ₹14,000 करोड़ के विकास फंड को सरकार ने चुनावी फायदा लेने के लिए इस्तेमाल किया।

जन सुराज प्रवक्ता पवन वर्मा ने दावा किया कि ‘मुख्यमंत्री महिला रोज़गार योजना’ के नाम पर 1.25 करोड़ महिलाओं के खातों में ₹10,000–₹10,000 ट्रांसफर किए गए — और इनमें वर्ल्ड बैंक की राशि का “अनुचित उपयोग” हुआ।

ट्रांज़ैक्शन की टाइमिंग पर सबसे बड़ा सवाल

जन सुराज का आरोप है कि आचार संहिता लागू होने से मात्र 1 घंटे पहले यह पैसा ट्रांसफर किया गया।जून से चुनाव घोषणा के बीच कुल ₹40,000 करोड़ तरह-तरह की स्कीमों में “डोले और फ्रीबीज” के रूप में बांटे गए।बिहार पर ₹4 लाख करोड़ का कर्ज पहले से है, और ब्याज का बोझ तेज़ी से बढ़ रहा है।3.75 करोड़ महिलाओं में से केवल 1.25 करोड़ को ही पैसा मिला, जिससे “असमान वितरण” का मुद्दा उठा।

PK

PK का आरोप: “सरकार ने चुनावी लाभ के लिए फंड डायवर्जन किया और इसे विकास योजना का नाम दे दिया।”

सियासी टकराव — विपक्ष बनाम सरकार

नतीजों की गणना से पहले यह बयान आग की तरह फैल गया।विपक्ष ने इसे ‘इलेक्शन फ्रीबी स्कैम’ कहते हुए जांच की मांग की।PK ने कहा: “यही लोकतंत्र का असली सवाल है — क्या सरकारी फंड चुनावी हथियार बन गया है?”वहीं NDA नेता चिराग पासवान और अन्य ने आरोपों को “बे-बुनियाद, राजनीति से प्रेरित और हताश कोशिश” बताया।सियासी मैदान में यह विवाद अब सबसे गर्म मुद्दा बन चुका है — मीडिया, सोशल प्लेटफॉर्म और जनसभाओं में इसे लेकर लगातार चर्चा तेज़ है।

जनता के मन में उठा बड़ा प्रश्न

क्या वर्ल्ड बैंक का पैसा चुनावी लाभ के लिए इस्तेमाल हुआ?या क्या यह सिर्फ चुनावी बयानबाज़ी है?

बिहार में अब पारदर्शिता, फ्रीबी कल्चर, कर्ज संकट और सत्ता की जवाबदेही — सब पर नई बहस छिड़ चुकी है।

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बिहार बोर्ड 2026 डेटशीट जल्द जारी होगी: कक्षा 10वीं–12वीं के छात्र रहें तैयार, जानें क्या है पूरी अपडेट

बिहार

बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) जल्द ही कक्षा 10वीं (मैट्रिक) और 12वीं (इंटरमीडिएट) की 2026 बोर्ड परीक्षा डेटशीट जारी करने वाला है। लाखों छात्र इस घोषणा का इंतज़ार कर रहे हैं, और बोर्ड ने संकेत दिया है कि समय सारणी जल्द ही ऑनलाइन उपलब्ध होगी।

कब जारी होगी डेटशीट?

पिछले कई सालों के ट्रेंड को देखते हुए, उम्मीद है कि BSEB दिसंबर 2025 की शुरुआत में ही 2026 की परीक्षा डेटशीट जारी कर देगा। पिछले साल (2025 परीक्षा के लिए) डेटशीट 7 दिसंबर 2024 को जारी हुई थी। इस बार भी लगभग इसी समय डेटशीट आने की संभावना है।

बिहार

परीक्षाएं कब होंगी?

रिपोर्ट्स और पिछले पैटर्न के अनुसार: कक्षा 12 की परीक्षाएं: फरवरी 2026 की शुरुआत में. कक्षा 10 की परीक्षाएं: फरवरी 2026 के मध्य में कुछ शैक्षणिक पोर्टलों का अनुमान है कि 10वीं की परीक्षा 17 फरवरी 2026 से 25 फरवरी 2026 के बीच हो सकती है।

परीक्षा का समय क्या रहेगा?

बीएसईबी हर साल की तरह इस बार भी परीक्षाएं दो शिफ्टों में कर सकता है:

  • पहली पाली: सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक.
  • दूसरी पाली: दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक.

थ्योरी परीक्षाओं के साथ बोर्ड जल्द ही प्रैक्टिकल परीक्षा की तारीखें भी जारी करेगा। प्रैक्टिकल परीक्षा स्कूलों में ही आयोजित की जाएंगी।

बिहार

डेटशीट कहां से डाउनलोड करें?

जैसे ही डेटशीट जारी होगी, छात्र इसे यहां से PDF फॉर्म में डाउनलोड कर सकेंगे:

biharboardonline.com

biharboardonline.bihar.gov.in

छात्रों को सलाह है कि वे नियमित रूप से वेबसाइट चेक करते रहें और पढ़ाई का टाइमटेबल पहले से तैयार कर लें।

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जापान में सकुराजिमा ज्वालामुखी का भीषण विस्फोट, 4.4 किमी ऊंचा उठा राख का गुबार, 30 उड़ानें रद्द

जापान

जापान के क्यूशू द्वीप पर स्थित सकुराजिमा ज्वालामुखी रविवार को लगातार कई बार फटा, जिसके बाद आसमान में 4.4 किलोमीटर तक धुआं और राख का विशाल गुबार देखने को मिला। इस खतरनाक गतिविधि की वजह से कागोशिमा एयरपोर्ट से आने-जाने वाली करीब 30 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।

कब-कब हुए विस्फोट?

जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के अनुसार पहला बड़ा विस्फोट रात 1 बजे हुआ दूसरा 2:30 बजे तीसरा सुबह 8:50 बजे दर्ज किया गया यह लगभग 13 महीनों में पहली बार है जब ज्वालामुखी ने 4 किमी से ज्यादा ऊंचाई तक राख उगली है।

राख का खतरा और अलर्ट

जापान

राख का गुबार उत्तर-पूर्व दिशा की ओर बढ़ रहा है और कागोशिमा के साथ मियाज़ाकी प्रान्त में भी राख गिरने की आशंका जताई गई है। ज्वालामुखी चेतावनी स्तर को लेवल 3 पर रखा गया है, जिसके तहत क्रेटर के आसपास लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध है।

उड़ानों पर बड़ा असर

घने राख के कारण विजिबिलिटी प्रभावित हुई और सुरक्षा को देखते हुए एयरलाइंस ने करीब 30 उड़ानें कैंसल कर दीं। यात्रियों को एयरपोर्ट पर ही इंतजार करना पड़ा, हालांकि विमान कंपनियों ने जल्द पुनः संचालन का भरोसा दिया है।

क्या किसी को नुकसान हुआ?

अधिकारियों के मुताबिक— किसी के घायल होने की खबर नहीं. किसी तरह की संरचनात्मक क्षति भी नहीं दर्ज हालांकि ज्वालामुखी से निकलने वाले बड़े-बड़े पत्थर क्रेटर के पास बने फिफ्थ स्टेशन तक पहुंचे, जो विस्फोट की ताकत को दिखाता है।

सकुराजिमा: जापान का सक्रिय ज्वालामुखी

सकुराजिमा जापान के सबसे सक्रिय स्ट्रैटोवोलकैनोज़ में से एक है, जहाँ लगातार छोटे-बड़े विस्फोट होते रहते हैं। 2019 में यहां से 5.5 किलोमीटर तक राख उगली थी। यह ज्वालामुखी अपनी तेज गतिविधि और लगातार बदलते हालात के लिए जाना जाता है।

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भारत को डबल झटका! कप्तान गिल चोटिल होकर बाहर |

भारत

\दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कोलकाता में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के बीच भारतीय टीम को बड़ा झटका लगा है। कप्तान शुभमन गिल गर्दन में मोच (Neck Sprain) आने के चलते मैच के बीच से ही बाहर हो गए हैं। चोट इतनी गंभीर बताई जा रही है कि उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

कैसे लगी चोट?

दूसरे दिन भारतीय पारी के दौरान गिल ने दक्षिण अफ्रीकी स्पिनर साइमन हार्मर की गेंद पर ‘स्लॉग स्वीप’ खेलने की कोशिश की। शॉट खेलते समय उनकी गर्दन अचानक जकड़ गई और तेज दर्द उठा। दर्द इतना बढ़ गया कि वे कुछ देर बाद मैदान पर खड़े भी नहीं रह सके। फिजियो ने उनकी जांच की, लेकिन सुधार न होने पर वे केवल चार रन बनाकर रिटायर्ड हर्ट लौट गए।

अस्पताल में भर्ती, MRI स्कैन हुआ

मैच खत्म होने के बाद शनिवार शाम उन्हें कोलकाता के वुडलैंड्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका MRI स्कैन किया गया। डॉक्टरों और BCCI की मेडिकल टीम ने पुष्टि की कि यह गर्दन का गंभीर स्प्रेन है और उन्हें आराम की जरूरत है। इस वजह से गिल ने खुद को मैच के शेष हिस्से से बाहर कर दिया है।

गिल की मौजूदा स्थिति

टीम मैनेजमेंट के मुताबिक, गिल की हालत स्थिर है, लेकिन उनकी गर्दन में अब भी सूजन और दर्द है। BCCI लगातार उनकी स्थिति पर नजर रख रहा है। उनके दूसरे टेस्ट में उपलब्ध होने पर भी संशय बना हुआ है। टीम sources का कहना है कि रिकवरी में कम से कम कुछ दिन लग सकते हैं।

टीम इंडिया पर असर

गिल के बाहर होने के बाद उप-कप्तान ऋषभ पंत भारतीय टीम की कमान संभाल रहे हैं। शीर्ष बल्लेबाज और कप्तान के बाहर होने से भारत की रणनीति और बैटिंग लाइनअप दोनों प्रभावित होंगे। गिल की कप्तानी को लेकर यह टेस्ट खास माना जा रहा था, लेकिन चोट की वजह से उनका रोल काफी सीमित रह गया।

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