पश्चिम बंगाल में 34 लाख आधार कार्ड ‘मृत’ पाए गए, TMC ने बताया “चुनावी साजिश”—जानिए पूरा मामला

आधार कार्ड

पश्चिम बंगाल में आधार कार्ड से जुड़ा एक बड़ा विवाद सामने आया है। UIDAI (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) ने राज्य सरकार और चुनाव आयोग को सूचित किया है कि करीब 34 लाख आधार नंबर ऐसे हैं, जिन्हें रिकॉर्ड में “मृत” पाया गया है। यह जानकारी सामने आते ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई है, खासकर इसलिए क्योंकि राज्य में 2026 के विधानसभा चुनाव नजदीक हैं।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इसे भाजपा और केंद्र सरकार द्वारा “पहले से तय चुनावी हेरफेर की साजिश” करार दिया है, जबकि केंद्र और UIDAI ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है। आइए पूरा मामला विस्तार से समझते हैं—

क्या है आधार वाला पूरा विवाद?

  • UIDAI की ओर से एक रिपोर्ट में कहा गया कि:
  • 34 लाख आधार कार्ड ऐसे लोगों के नाम पर सक्रिय थे, जो अब जीवित नहीं हैं।
  • 13 लाख से अधिक मृत व्यक्तियों का आधार कार्ड कभी बना ही नहीं था।
  • यह आंकड़े 2009 से शुरू हुए आधार रजिस्ट्रेशन के डेटा पर आधारित हैं।

यह पूरी प्रक्रिया चुनाव आयोग के Special Intensive Revision (SIR) अभियान का हिस्सा है, जिसमें मतदाता सूची से फर्जी, डुप्लीकेट या अनुपस्थित मतदाताओं को हटाया जा रहा है।

UIDAI का कहना है कि किसी “जीवित व्यक्ति” का आधार कार्ड रद्द नहीं किया गया है—सिर्फ मृत व्यक्तियों के आधार रिकॉर्ड को अपडेट किया गया है।

आधार कार्ड

TMC क्यों नाराज़ है?

  • तृणमूल कांग्रेस ने UIDAI की इस कार्रवाई पर गहरी आपत्ति जताई है। टीएमसी का आरोप है कि
  • यह कदम मतदाता सूची से जीवित लोगों के नाम हटाने की योजना है।
  • इसे “Silent Invisible Rigging” यानी शांत, अदृश्य चुनावी हेरफेर बताया गया।
  • पार्टी ने कहा कि BJP “भूत मतदाता” बनाकर चुनाव में गड़बड़ी करना चाहती है।

TMC प्रवक्ताओं ने दावा किया कि अगर किसी भी असली मतदाता का नाम हटाया गया तो सड़क से लेकर अदालत तक लड़ाई होगी।

ममता बनर्जी ने क्या कहा?

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस मुद्दे पर केंद्र को घेरा और कहा— केंद्र सरकार लोगों को कल्याणकारी योजनाओं से वंचित करने के लिए आधार कार्ड “निष्क्रिय” कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस कदम पर चिंता जताई। ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य सरकार ऐसे लोगों को वैकल्पिक पहचान पत्र देगी, ताकि उन्हें किसी सरकारी सुविधा के लिए आधार पर निर्भर न रहना पड़े।

आधार कार्ड

उन्होंने इसे “फासीवादी साजिश” तक कहा।

भाजपा और UIDAI का जवाब विपक्ष नेता सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया कि “अगर किसी का कार्ड गलती से प्रभावित हुआ है तो 24 घंटे के भीतर एक्टिवेट कर दिया जाएगा।” UIDAI ने साफ कहा कि— “किसी भी आधार नंबर को रद्द नहीं किया गया है, सिर्फ मृत व्यक्तियों के रिकॉर्ड अपडेट किए गए हैं।” केंद्र ने आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताकर खारिज कर दिया है।

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम जारी है।अब यह मामला राज्य बनाम केंद्र की राजनीति का नया मोर्चा बन गया है। TMC इसे चुनावी साजिश बता रही है, जबकि केंद्र कह रहा है कि यह केवल “डेटा क्लीनिंग” की प्रक्रिया है। हालांकि इतनी बड़ी संख्या (34 लाख) में आधार कार्ड “मृत” पाए जाने ने पूरे राज्य में चिंता बढ़ा दी है और आने वाले समय में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।

Read more

वैभव सूर्यवंशी का 32 गेंदों पर शतक ठोकने के बाद सीक्रेट खुलासा, याद आए पिता, कहा- सोचता था, क्या वो इतना…

वैभव सूर्यवंशी

वैभव सूर्यवंशी ने 32 गेंदों पर शतक ठोका और इसके बाद उन्होंने अपने पिता को श्रेय दिया. वैभव ने कहा कि मेरे पिता ने मुझे इधर- उधर नहीं भटकने दिया और मेरा फोकस बनाए रखा.

वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर चर्चा का विषय है. एशिया कप राइजिंग स्टार्स में इस बैटर ने सिर्फ 32 गेंदों पर 100 रन ठोक महफिल लूट ली है. ऐतिहासिक शतक लगाने के बाद वैभव सूर्यवंशी ने अपनी कामयाबी का सारा श्रेय अपने पिता संजीव को दिया. 14 साल के वैभव ने कहा कि, वह बाहर की बातों को अनदेखा करके क्रिकेट पर ध्यान रखते हैं. शुक्रवार को यूएई के खिलाफ एसीसी मेंस एशिया कप राइजिंग स्टार्स में 42 गेंदों पर 144 रन बनाए. वैभव ने कहा, पहले पापा की सख्ती समझ नहीं आती थी, लेकिन अब मैदान पर फायदा दिखता है.

पहला टी20 और धमाका

यह वैभव का भारत ए टीम के लिए पहला टी20 मैच था. बाएं हाथ के बल्लेबाज ने 11 चौके और 15 छक्के लगाए. 17 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया. फिर सिर्फ 15 गेंदें और लगीं, सेंचुरी हो गई. भारत ए के लिए टी20 में सेंचुरी मारने वाले वैभव अब पहले खिलाड़ी बन चुके हैं. वहीं 32 गेंदों में सेंचुरी से वो दुनिया में संयुक्त रूप से चौथे सबसे तेज शतक लगाने वाले बैटर बन गए हैं.

वैभव सूर्यवंशी

पिता की सख्ती की वजह

शतक लगाने के बाद वैभव से पूछा गया कि, आपका फोकस इतना तेज कैसे? इसपर वैभव ने कहा कि, “मेरे पिता, बचपन से सख्त रहे. पहले सोचता था, पापा इतने सख्त क्यों? लेकिन अब मैदान पर फायदा पता चलता है. उन्होंने मुझे भटकने नहीं दिया. क्रिकेट पर ध्यान रखा. मेहनत करवाई.”

किस्मत और हिम्मत

बता दें कि वैभव का पहली गेंद पर कैच छूटा और साथी प्रियांश आर्य के साथ रनआउट होने से बच गए. लेकिन वैभव और जोश में आ गए और घातक बैटिंग करने लगे. इस बैटर ने अपनी बैटिंग को लेकर कहा कि, ” ये मेरा नैचुरल गेम है. टी20 फॉर्मेट में अपना खेल खेलना पड़ता है. पहली गेंद पर ड्रॉप हुआ, लेकिन इरादा नहीं बदला. बड़ा स्कोर चाहिए था. विकेट अच्छी थी और बाउंड्री छोटी. मैंने शॉट्स पर भरोसा रखा.”

वैभव ने अंत में अपनी सफलता को लेकर कहा कि, मुझे फैंस का शोर परेशान नहीं करता. “यह सफर है. पीछे मुड़कर देखता हूं, पहले कहांखेलता था, अब कहां हूं. मौके के लिए शुक्रगुजार हूं. अच्छा लगता है. फैंस सपोर्ट करते हैं. मैदान पर सिर्फ गेंद देखता हूं, कुछ और नहीं सोचता l

Read more

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों पर नेताओं की बयानबाज़ी तेज — कौन क्या बोला? पढ़िए पूरी रिपोर्ट

बिहार विधानसभा चुनाव 2025

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने पूरे राज्य की राजनीतिक हवा बदल दी है। एनडीए ने रिकॉर्ड बहुमत के साथ शानदार जीत दर्ज की है, वहीं महागठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा। नतीजों के बाद सत्ताधारी और विपक्षी दोनों खेमों के नेताओं ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। आइए जानते हैं किस नेता ने क्या कहा।

एनडीए नेताओं की बड़ी प्रतिक्रियाएं

नीतीश कुमार – “यह जनता का विश्वास और गठबंधन की एकजुटता की जीत” नतीजों के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार की जनता ने एनडीए के काम और विजन को भरपूर समर्थन दिया है। उन्होंने इस जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, एनडीए के सभी सहयोगियों और बिहार की जनता को दिया।

नीतीश कुमार ने कहा : ” हम सबकी एकजुट मेहनत और बिहार की जनता के विश्वास की जीत है। अब बिहार और तेज़ी से विकास करेगा।”

बिहार विधानसभा चुनाव 2025

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी – “यह सुशासन और विकास की जीत”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऐतिहासिक जीत को “विकास, सुशासन और सामाजिक न्याय” की जीत बताया।

उन्होंने ‘MY’ फॉर्मूले का जिक्र करते हुए कहा: “महिला (Women) और यूथ (Youth) — यही नया ‘MY’ समीकरण है जिसने बिहार में नई दिशा तय की है।” उन्होंने यह भी कहा कि बिहार की जनता ने जाति और भ्रम के नैरेटिव को खारिज करते हुए विकास की राजनीति को चुना।

चिराग पासवान – “विपक्ष का नैरेटिव पूरी तरह ध्वस्त”

लोजपा (रामविलास) अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा कि बिहार की जनता ने हर उस भ्रम को तोड़ दिया जिसे विपक्ष ने फैलाने की कोशिश की थी।

उन्होंने कहा: “बिहार के लोगों ने साबित कर दिया कि वे विकास और स्थिरता के साथ हैं।”

बिहार विधानसभा चुनाव 2025

रवि किशन – “जंगलराज को जनता ने फिर से खारिज किया”

भाजपा सांसद रवि किशन ने तीखा हमला करते हुए कहा कि जनता ने एक बार फिर “जंगलराज” को खारिज कर दिया है।

उनके अनुसार: “बिहार की जनता ने संस्कृति, सुरक्षा और विकास के लिए वोट किया है।”

देवेंद्र फडणवीस – “झूठे नैरेटिव से चुनाव नहीं जीते जाते”

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र में झूठ और अफवाहों पर टिकी राजनीति ज्‍यादा दिन नहीं चल सकती।

उन्होंने कहा : “इस चुनाव ने साबित किया कि जनता केवल काम और सच्चाई को देखती है।”

विपक्ष की प्रतिक्रियाएं

तेजस्वी यादव – “जनादेश का सम्मान करता हूं, लेकिन कई जगह गंभीर गड़बड़ियां हुईं” भारी हार के बावजूद राजद नेता तेजस्वी यादव ने अपनी राघोपुर सीट जीत ली।

नतीजों के बाद उन्होंने कहा : “मैं बिहार की जनता के फैसले का सम्मान करता हूं। लेकिन कई सीटों पर गिनती और बूथ प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। हमारी टीम इन मामलों की जांच करेगी।”

उन्होंने यह भी कहा : “महागठबंधन का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, लेकिन हम लड़ाई जारी रखेंगे। युवाओं और गरीबों की आवाज़ हम और मजबूती से उठाएँगे।” तेजस्वी ने एग्जिट पोल को “भ्रामक” बताया था, लेकिन नतीजों ने उनके दावों को झटका दिया।

वारिस पठान – “सेक्युलर वोटों के बंटवारे ने नुकसान किया”

AIMIM नेता वारिस पठान ने राजद पर हमला करते हुए कहा कि अगर महागठबंधन ने छोटे दलों से सहयोग किया होता तो कई सीटों का नतीजा अलग होता।

उन्होंने कहा : “सेक्युलर वोटों के बंटवारे से ही एनडीए को फायदा मिला।”

RJD नेता सुनील सिंह पर विवाद

आरजेडी नेता सुनील सिंह के द्वारा वोट गिनती में धांधली के आरोप लगाते हुए दिए बयान पर चुनाव आयोग ने कठोर रुख अपनाया है और उनके खिलाफ भड़काऊ बयान का मामला दर्ज किया गया है। यह विपक्ष पर बनी दबाव की स्थिति को और बढ़ाता है।

Read more

Netflix का बड़ा एलान: बढ़ेगा देसी कंटेंट का दबदबा Regional Languages पर  ₹500 करोड़ का निवेश

Netflix

भारत में OTT इंडस्ट्री तेजी से बढ़ रही है, और इसी को देखते हुए Netflix ने एक बड़ा फैसला लिया है। कंपनी ने घोषणा की है कि वह अगले वित्तीय वर्ष में भारत की क्षेत्रीय भाषाओं (Regional Languages) के कंटेंट पर ₹500 करोड़ का निवेश करेगी। यह कदम भारत में बढ़ती लोकल कंटेंट की मांग को पूरा करने और व्यापक दर्शकों तक पहुंचने की रणनीति का हिस्सा है।

Netflix क्यों कर रहा है इतना बड़ा निवेश?

भारत दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता OTT मार्केट बन चुका है। अब दर्शक सिर्फ हिंदी ही नहीं बल्कि तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, मराठी, पंजाबी और बंगाली भाषा में भी कंटेंट देखना पसंद कर रहे हैं।

Netflix का कहना है कि:

भारतीय दर्शक लोकल स्टोरीज़ और कल्चर से जुड़े कंटेंट को ज्यादा पसंद करते हैं। रीजनल भाषाओं में सुनाई जाने वाली कहानियाँ ज़्यादा ओरिजिनल और रिलेटेबल होती हैं। कंपनी भारत में अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है।

Netflix

किन-किन नए कंटेंट पर होगा फोकस?

₹500 करोड़ का यह निवेश कई नए और बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए उपयोग किया जाएगा:

  • Regional Web Series
  • Feature Films
  • Documentaries
  • Stand-up Specials
  • Animation Shows
  • Youth और Family Entertainment

Netflix पहले ही दक्षिण भारतीय फिल्मों और वेबसाइट सीरीज़ के जरिए बड़ा दर्शक आधार बना चुका है। अब आने वाले समय में हर भाषा में नए Netflix Originals देखने को मिलेंगे।

इससे भारतीय इंडस्ट्री को क्या फायदा होगा?

  1. स्थानीय कलाकारों को बड़े लेवल पर चमकने का मौका
  2. छोटे शहरों के प्रोडक्शन हाउस को अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म मिलना
  3. लाखों लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर
  4. भारतीय भाषाओं का ग्लोबल स्तर पर प्रचार
  5. भारत की संस्कृति और कहानियों को दुनिया तक पहुंचाने का मौका

Netflix की भारत में बढ़ती मौजूदगी

पिछले कुछ सालों में Netflix ने ‘RRR’, ‘Kota Factory’, ‘Maharani’, ‘Class’, ‘She’, ‘Tooth Pari’ और कई भारतीय ओरिजिनल्स के जरिए खूब लोकप्रियता हासिल की है।

रीजनल भाषाओं में कंटेंट बढ़ाने का यह फैसला दर्शाता है कि भारत Netflix के लिए एक टॉप प्राथमिकता वाला मार्केट बन चुका है।

₹500 करोड़ के निवेश के बाद भारत में Regional Content की दुनिया पूरी तरह बदल सकती है। दर्शकों को अपनी-अपनी भाषा में और भी बड़े, शानदार और विविध प्रकार के शो व फिल्में देखने को मिलेंगी। यह कदम भारतीय क्रिएटर्स और पूरे एंटरटेनमेंट सेक्टर के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है।

Read more

India vs South Africa LIVE: ‘Battle of Eden’ — किसका होगा Test में दबदबा?

India vs South Africa

India vs South Africa के बीच कोलकाता के ईडन गार्डन्स में आज से शुरू हुआ हाई-वोल्टेज टेस्ट मुकाबला, WTC Points Table की रेस में निर्णायक साबित होगा। टॉस जीतकर साउथ अफ्रीका ने पहले बल्लेबाज़ी चुनी है। भारतीय प्रशंसकों की नज़रें इस बात पर टिकी हैं—क्या घरेलू पिच पर टीम इंडिया फिर से अपना पुराना दबदबा दिखाएगी?

Playing XI में Bold Moves — दोनों टीमों की नई रणनीति

भारत ने कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई में एक दमदार लाइनअप उतारा है। ऋषभ पंत, इंजरी के बाद टेस्ट टीम में वापसी करते हुए, अहम भूमिका निभा सकते हैं। गेंदबाज़ी में बुमराह, सिराज और युवा स्पिन कॉम्बिनेशन मैच का रुख पलटने की क्षमता रखते हैं।

दूसरी ओर, साउथ अफ्रीका ने अनुभवी एडेन मार्कराम, टेम्बा बावुमा और नए पेस-आक्रमण को उतारा है, जो भारतीय बल्लेबाज़ों को चुनौती देने को तैयार दिखे। पिच की शुरुआती स्विंग पेसर्स के लिए तो दोपहर बाद टर्न स्पिनरों के लिए—दोनों टीमों के टॉप ऑर्डर पर दबाव भारी है।

India vs South Africa

Records vs Reality — किसके पास बढ़त?

ऐतिहासिक आंकड़े बताते हैं कि भारत का घरेलू किला तोड़ना बेहद मुश्किल है—पर साउथ अफ्रीका उन चुनिंदा टीमों में है जिसने भारत को उसके घर में हार का स्वाद चखाया है। इस मैच को लेकर तीन बड़े सवाल हवा में तैर रहे हैं-क्या पंत की वापसी भारत को नई एनर्जी देगी?क्या SA का नया पेस अटैक भारतीय टॉप ऑर्डर पर हावी होगा?क्या Eden Gardens आज किसी नए हीरो को जन्म देगा?

भारत बनाम साउथ अफ्रीका—दोनों टीमों के लिए यह टेस्ट सिर्फ मैच नहीं, एक statement है। कौन बनेगा असली “Game-Changer”? किसके नाम होगा Eden का ताज?

क्रिकेट फैंस, सीट पकड़ लीजिए—This is Test War at its Peak!

Read more

GPT-5.1 Launch SHOCKS Tech World — इंसान जैसी सोच, इंसान जैसा जवाब!OpenAI का अब तक का सबसे बड़ा अपग्रेड?

GPT-5.1

GPT-5.1 का आगमन — AI का नया चैप्टर शुरू OpenAI ने अपनी GPT-5 सीरीज़ में धमाकेदार एंट्री करते हुए GPT-5.1 लॉन्च कर दिया है—और इसे AI की “New Human-Like Era” का नाम दिया जा रहा है।

सबसे बड़ा बदलाव: दो मॉडल्स—

  • GPT-5.1 Instant: बेहद तेज, बातचीत में warm और इंस्ट्रक्शन फॉलो करने में सटीक।
  • GPT-5.1 Thinking: गहरे सवाल, लंबी reasoning और high-focus tasks के लिए बनाया गया।

दोनों मॉडल अब बातचीत को न सिर्फ समझते हैं, बल्कि टोन, इमोशन और ह्यूमन-लाइक पॉजेस के साथ जवाब देते हैं—जिससे इंटरैक्शन मशीन नहीं, एक समझदार साथी जैसा लगता है।

Personalisation: AI का टोन अब आपके मूड से मैच करेगा

GPT-5.1 की सबसे क्रांतिकारी सुविधा है “Adaptive Personality Engine”, जिसमें आप AI की warmth, humor, sarcasm, professionalism सब कुछ कस्टमाइज़ कर सकते हैं।यह टोन चैट के बीच में भी auto-adjust कर लेता है।कस्टम इंस्ट्रक्शन अब हर conversation पर तुरंत लागू होते हैं—पहले की तरह सिर्फ नई चैट पर नहीं। यानी अब आप AI को अपनी शैली का digital साथी, राइटिंग पार्टनर, बिजनेस असिस्टेंट या मजाकिया दोस्त—कुछ भी बना सकते हैं।

GPT-5.1

परफॉर्मेंस बूस्ट — कोडिंग, मैथ्स, रिसर्च अब लेवल-अप OpenAI की इंटरनल टेस्टिंग के अनुसार GPT-5.1 में Slowly एक्यूरेसी काफी बढ़ी है।Math & Data Tasks में GPT-4.1 की तुलना में तेज़ reasoning,बिज़नेस स्ट्रैटेजी, प्रेजेंटेशन, रिसर्च समरी जैसी practical जरूरतों में भी बड़ा सुधार हुआ है।

Thinking-मोड अब कॉम्प्लेक्स प्रॉब्लम्स में ज्यादा वक्त लेकर कम गलतियाँ और ज्यादा क्लैरिटी देता है, जिससे यह analysts, researchers, students और developers के लिए एकदम परफेक्ट बन जाता है।

बड़ा सवाल: क्या GPT-5.1 डिजिटल दुनिया के नियम बदल देगा?

टेक इंडस्ट्री में चर्चा है—क्या GPT-5.1 चैटबॉट्स को इंसानों जितना engaging बना देगा?क्या ग्राहक सेवा, ऑटोमेशन और कंटेंट इंडस्ट्री पूरी तरह बदल जाएगी?क्या AI पर्सनैलिटीज (funny, sarcastic, warm) ब्रांड्स को audience retention में नई ताकत देंगी?

एक बात साफ है—GPT-5.1 OpenAI को उस लाइन के करीब ले आया है जहाँ AI “tool” नहीं, एक “thinking companion” जैसा महसूस होता है।

Read more

रोहन बोपन्ना ने संन्यास का किया ऐलान, 25 साल का टेनिस करियर पूरी तरह से समाप्त

रोहन बोपन्ना

45 साल के भारत के अनुभवी टेनिस खिलाड़ी रोहन बोपन्ना ने टेनिस से संन्यास का ऐलान कर दिया. भारत के अनुभवी टेनिस खिलाड़ी रोहन बोपन्ना ने टेनिस से संन्यास का ऐलान कर दिया. 45 साल के बोपन्ना ने शनिवार को प्रोफेशनल टेनिस को अलविदा कहा और उनके 20 साल के टेनिस करियर पर अब पूर्ण विराम लग गया है. बोपन्ना ने आखिरी मैच इस सप्ताह पेरिस मास्टर्स में खेला, जिसमे वह कजाखस्तान के अलेक्जेंडर बुबलिक के साथ पहले दौर में हार गए.

रोहन बोपन्ना कहां के रहने वाले हैं ?

रोहन बोपन्ना

कर्नाटक के कुर्ग से आने वाले रोहन बोपन्ना ने संन्यास का ऐलान करते हुए कहा कि आधिकारिक रूप से खेल से विदाई ले रहा हूं. भारत के छोटे कूर्ग से सफर की शुरूआत करने से लेकर , लकड़ी के टुकड़े कांट कर दमदार सर्विस करने की कला सीखने, स्टेमिना बढ़ाने के लिये कॉफी के बागानों के बीच से जॉगिंग करने से लेकर दुनिया के सबसे बड़े कोर्ट पर दूधिया रोशनी में अपने सपनों को पूरा करने तक, अभी भी सब कुछ एक सपने जैसा लगता है.

अंतरराष्ट्रीय टेनिस से रोहन बोपन्ना ने कब लिया था संन्यास ?

रोहन बोपन्ना की बात करें तो उन्होंने साल 2024 पेरिस ओलिंपिक के बाद अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कह दिया था. जबकि 2023 में डेविस कप से संन्यास लिया और आखिरी बार इस टूर्नामेंट में मोरक्को के खिलाफ लखनऊ में खेला रहा.

Read more

दिल्ली ब्लास्ट: डीएनए टेस्ट से खुलासा, डॉ. उमर उन नबी ही चला रहे थे ब्लास्ट वाली कार

दिल्ली

दिल्ली में हाल ही में हुए ब्लास्ट मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस ने पुष्टि की है कि धमाके के वक्त ह्युंडई i20 कार चला रहे व्यक्ति की पहचान डॉ. उमर उन नबी के रूप में हुई है। उनकी पहचान डीएनए टेस्ट के जरिए की गई, जिससे स्पष्ट हो गया कि विस्फोट के समय वही वाहन के स्टीयरिंग पर मौजूद थे।

दिल्ली

पुलिस के मुताबिक, ब्लास्ट के बाद डॉ. उमर उन नबी का पैर स्टीयरिंग और एक्सेलेरेटर के बीच फंसा पाया गया, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि धमाका अचानक हुआ और उनके पास बचने का मौका नहीं था। कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिससे शुरुआती पहचान मुश्किल हो गई थी।

जांच एजेंसियों का मानना है कि यह धमाका एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा हो सकता है, हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ब्लास्ट का उद्देश्य क्या था और इसमें अन्य कौन-कौन शामिल थे। फिलहाल, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और एनआईए (NIA) इस पूरे मामले की जांच कर रही हैं। टीम ने घटनास्थल से कई सबूत जुटाए हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ब्लास्ट में इस्तेमाल हुआ विस्फोटक कहां से लाया गया था।

दिल्ली

अधिकारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में डॉ. उमर उन नबी के संपर्कों और हालिया गतिविधियों की भी गहन जांच की जाएगी, ताकि इस धमाके के पीछे की सच्चाई पूरी तरह सामने आ सके।

Read more

शमी के टेस्ट टीम इंडिया से बाहर होने पर कप्तान गिल ने बताई अंदर की बात, कहा – हमारे सेलेक्टर्स ही

इंडिया

टीम इंडिया के धाकड़ तेज गेंदबाजों में से एक शमी को लेकर शुभमन गिल ने कहा कि उनके जैसे गेंदबाज को बाहर रखना मुश्किल होता है. Shami : भारत और साउथ अफ्रीका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला कोलकाता में खेला जाना है. टेस्ट टीम इंडिया से शमी को जब बाहर रखा गया तो सोशल मीडिया पर काफी हंगामा मचा. इसका जवाब देते हुए कप्तान शुभमन गिल ने कहा कि शमी भाई के जैसे गेंदबाज को बाहर रखना कभी आसान नहीं होता. लेकिन फिर भी हमें आगे का प्लान बनाना होता है.

शमी को लेकर शुभमन गिल ने क्या कहा ?

शमी को इंग्लैंड दौरे के बाद वेस्ट इंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज और उसके बाद अब साउथ अफ्रीका के खिलाफ भी घर में होने वाली टेस्ट सीरीज से बाहर रखा गया. उनको फिटनेस को लेकर सेलेक्टर्स अभी तक संतुष्ट नहीं हुए हैं और यही कारण है कि वो बाहर चल रहे हैं. शमी को लेकर शुभमन गिल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, शमी कबसे बाहर चल रहे हैं ?

साल 2023 वर्ल्ड कप के बाद शमी एंकल इंजरी और घुटने में चोट के चलते दो साल तक बाहर रहे. जिसके चलते उन्होंने साल 2025 में वापसी करते हुए रोहित शर्मा की वनडे टीम इंडिया के साथ आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जीती.

इंडिया

शमी और सेलेटर्स के बीच क्या पंगा हुआ ?

चैंपियंस ट्रॉफी जीत के बाद से वह टेस्ट टीम इंडिया में जगह नहीं बना सके और बाहर चल रहे हैं. शमी और सेलेक्टर अजीत अगरकर के बीच फिटनेस को लेकर मीडिया के जरिये तीखी बयानबाजी भी हो चुकी है. शमी खुद को पूरी तरह फिट बता रहे हैं लेकिन अगरकर मानने को तैयार नहीं हैं.

शमी ने दो मैच में झटके 15 विकेट

शमी ने बीते दो रणजी मैचों में बंगाल के लिए 15 विकेट अपने नाम किए और 91 ओवर फेंकर खुद की फिटनेस भी साबित कर दी. इसके बावजूद उनको घर में होने वाली साउथ अफ्रीका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज से बाहर रखा गया. 35 साल के शमी भारत के लिए 64 टेस्ट मैचों में 229 विकेट ले चुके हैं.

Read more

प्रियंका चोपड़ा की धमाकेदार वापसी:-‘Mandakini’ अवतार कर रहा फैन्स के दिलों पे राज! 

प्रियंका चोपड़ा

प्रियंका चोपड़ा ने लगभग छह साल बाद भारतीय सिनेमा में वापसी की है।एस.एस. राजामौली की मेगा-फिल्म ‘Globetrottter’ में उनका फर्स्ट लुक जारी हुआ है।
पहले ही लुक ने पूरे इंटरनेट को हिला दिया: प्रियंका पीली साड़ी में, हाथ में स्मोकिंग गन, बैकग्राउंड में तीव्र विस्फोट और चेहरे पर मिथक और मैडनेस का कमाल।

राजामौली ने इसे शेयर करते हुए लिखा—

“The woman who redefined Indian cinema… returns as Mandaakini, with a fire the world has never seen.”

राजामौली की सबसे रहस्यमयी और शक्तिशाली नायिका फिल्म में प्रियंका, ‘मंदाकिनी’, एक बहु-स्तरीय, इमोशन-ड्रिवन, पावरफुल फाइटर-प्रोटेक्टर का किरदार निभा रही हैं—जो मिथोलॉजी, इतिहास और आधुनिक मिशन का अनोखा मेल है। उनके साथ स्क्रीन पर महेश बाबू और पृथ्वीराज सुकुमारन जैसे सुपरस्टार दिखेंगे, और इंडस्ट्री में इसका सिर्फ एक मतलब निकाला जा रहा है—
“Indian cinema is entering a new era of women-led mega action.”

Global Scale की मेगा फिल्म —

प्रियंका चोपड़ा

शूटिंग से लेकर विज़न तक सब कुछ वर्ल्ड-क्लास ‘Globetrottter’ की शूटिंग हैदराबाद, ओडिशा के जंगलों, और अफ्रीका की कठिन लोकेशन्स पर की जा रही है।राजामौली इस फिल्म को इंडियन सिनेमा की पहली myth-action global franchise बनाने की तैयारी में हैं जहाँ कहानी भारत की पौराणिक जड़ों को इंटरनेशनल प्लॉट और हाई-ऑक्टेन एक्शन के साथ जोड़ती है।VFX से लेकर स्टंट टीम तक, सब कुछ हॉलीवुड-स्टैंडर्ड पर तैयार किया जा रहा है। Film की रिलीज़ डेट 2027 तय है—और अभी से इसे फैंस की धड़कनों को बढाते हुए देखा जा रहा है।

बड़े सवाल — क्या यह प्रियंका का सबसे आइकॉनिक किरदार बनेगा?

इंडस्ट्री और फैंस दोनों के मन में बस कुछ सवाल घूम रहे हैं—क्या ‘Mandakini’ प्रियंका के करियर का नया गोल्डन चैंप्टर बनेगी?क्या Globetrottter भारतीय सिनेमा को एक और इंटरनेशनल पहचान देगा?क्या प्रियंका की यह वापसी महिला-प्रधान एक्शन फिल्मों के लिए नए दरवाज़े खोलेगी?

एक बात तय है—

प्रियंका चोपड़ा वापस आ गई हैं, पहले से ज्यादा जोरदार, बोल्ड और चमकदार… और ग्लोबट्रॉटर दुनिया को हिला देने के लिए पूरी तरह तैयार है!

Read more