मार्च 2026 में GST का महा-रिकॉर्ड: पहली बार ₹2 लाख करोड़ के पार पहुंचा टैक्स कलेक्शन, जानें क्या हैं इसके मायने

GST Collection Record March 2026

भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए साल 2026 का मार्च महीना ऐतिहासिक साबित हुआ है। देश के वित्तीय इतिहास में पहली बार ग्रॉस जीएसटी (GST) कलेक्शन ने 2,00,064 करोड़ रुपये का जादुई आंकड़ा पार कर लिया है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों ने न केवल विशेषज्ञों को चौंकाया है, बल्कि यह भी साबित कर दिया है कि भारतीय बाजार में मांग और आपूर्ति का चक्र अब तक के सबसे मजबूत दौर में है। पिछले साल के इसी महीने (मार्च 2025) की तुलना में इसमें 8.8% की प्रभावशाली बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

ऐतिहासिक उछाल के पीछे के प्रमुख कारण

इस रिकॉर्ड तोड़ संग्रह के पीछे कई महत्वपूर्ण कारक काम कर रहे हैं। सबसे प्रमुख कारण घरेलू खपत में आई जबरदस्त तेजी है। आंकड़ों के अनुसार, घरेलू लेनदेन से होने वाला राजस्व 5.9% बढ़कर 1.46 लाख करोड़ रुपये के स्तर को पार कर गया है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय व्यापार में मजबूती के चलते आयात पर लगने वाले जीएसटी में 17.8% का भारी उछाल देखा गया, जो कि 53,861 करोड़ रुपये रहा। यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि भारत की औद्योगिक और विलासिता वस्तुओं की मांग वैश्विक स्तर पर बनी हुई है।

GST Collection Record March 2026
Apni Vani

वित्त वर्ष 2025-26: उपलब्धियों भरा साल

सिर्फ मार्च ही नहीं, बल्कि पूरा वित्त वर्ष 2025-26 भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए मील का पत्थर साबित हुआ है। अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच कुल सकल जीएसटी राजस्व 22.27 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 8.3% अधिक है। अगर हम रिफंड को हटाकर ‘नेट जीएसटी’ (Net GST) की बात करें, तो सरकार की झोली में 19.34 लाख करोड़ रुपये आए हैं। यह वृद्धि सरकार को राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के विकास में निवेश करने के लिए अतिरिक्त ताकत प्रदान करेगी।

राज्यों का प्रदर्शन और राजस्व का बंटवारा

मार्च 2026 के कुल संग्रह में केंद्रीय जीएसटी (CGST) का हिस्सा 40,549 करोड़ रुपये और राज्य जीएसटी (SGST) का हिस्सा 53,268 करोड़ रुपये रहा। सबसे बड़ी राशि आईजीएसटी (IGST) से प्राप्त हुई, जो 1,06,246 करोड़ रुपये रही।

राज्यों की बात करें तो महाराष्ट्र एक बार फिर से ‘जीएसटी पावरहाउस’ बनकर उभरा है, जहां कलेक्शन में 14% की शानदार वृद्धि देखी गई। इसके साथ ही कर्नाटक, तमिलनाडु और गुजरात जैसे औद्योगिक राज्यों ने भी राष्ट्रीय औसत के बराबर या उससे अधिक प्रदर्शन किया है। छोटे राज्यों में सिक्किम और मिजोरम जैसे राज्यों ने भी कर अनुपालन (Tax Compliance) में सुधार के चलते बेहतर प्रदर्शन किया है।

GST Collection Record March 2026
Apni Vani

आम आदमी और अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

जब जीएसटी कलेक्शन बढ़ता है, तो इसका सीधा मतलब होता है कि लोग अधिक खरीदारी कर रहे हैं और व्यापारिक गतिविधियां सुचारू रूप से चल रही हैं। ₹2 लाख करोड़ का यह आंकड़ा सरकार को सामाजिक कल्याण योजनाओं, रक्षा बजट और डिजिटल इंडिया जैसे मिशनों को और अधिक गति देने का अवसर देगा। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि आयात पर जीएसटी की उच्च निर्भरता को देखते हुए भविष्य में निर्यात को और अधिक बढ़ावा देने की आवश्यकता होगी ताकि व्यापार संतुलन बना रहे।

मार्च 2026 के ये आंकड़े भारत की उभरती आर्थिक शक्ति का प्रतिबिंब हैं। यह न केवल टैक्स सिस्टम की पारदर्शिता और डिजिटल अनुपालन की जीत है, बल्कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की ओर एक मजबूत कदम भी है। अगर यही रफ्तार बनी रही, तो आने वाले समय में मासिक ₹2.25 लाख करोड़ का आंकड़ा भी दूर नहीं लगता।

Read more

बड़ी खुशखबरी! 1 अप्रैल से लागू होगा नया आयकर कानून: अब ₹12.75 लाख तक की सैलरी पर देना होगा ‘Zero’ टैक्स

1 अप्रैल

देश के करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के लिए 1 अप्रैल 2026 की तारीख एक ऐतिहासिक बदलाव लेकर आ रही है। केंद्र सरकार ने दशकों पुराने ‘आयकर अधिनियम 1961’ को अलविदा कहते हुए नए ‘आयकर अधिनियम 2025‘ को जमीन पर उतारने की पूरी तैयारी कर ली है। इस नए कानून का सबसे बड़ा आकर्षण मध्यम वर्ग को मिलने वाली भारी राहत है। अब नई टैक्स व्यवस्था के तहत ₹12.75 लाख तक की सालाना आय वाले वेतनभोगियों को सरकार को एक भी रुपया टैक्स के रूप में नहीं देना होगा।

₹12.75 लाख का गणित: कैसे हुआ टैक्स फ्री?

आम तौर पर लोगों के मन में उलझन है कि जब टैक्स स्लैब ₹12 लाख तक जीरो टैक्स की बात करते हैं, तो ₹12.75 लाख का आंकड़ा कहां से आया? दरअसल, नए कानून में सैलरी क्लास के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standard Deduction) को ₹50,000 से बढ़ाकर ₹75,000 कर दिया गया है।

जब आपकी कुल सालाना आय ₹12,75,000 होती है, तो ₹75,000 की मानक कटौती के बाद आपकी टैक्सेबल इनकम ₹12,00,000 रह जाती है। नए प्रावधानों के तहत ₹12 लाख तक की शुद्ध आय पर सरकार शत-प्रतिशत ‘रिबेट’ (छूट) दे रही है, जिससे प्रभावी टैक्स शून्य हो जाता है। यह कदम सीधे तौर पर उन युवाओं और मध्यम आय वर्ग के परिवारों की बचत बढ़ाएगा जो महंगाई से जूझ रहे हैं।

नए टैक्स स्लैब 2026-27: एक नजर में

नए आयकर कानून ने टैक्स की दरों को और अधिक तर्कसंगत और सरल बना दिया है। अब टैक्स स्लैब कुछ इस प्रकार होंगे:

₹0 – ₹4 लाख: 0% (पूरी तरह मुक्त)

• ₹4 – ₹8 लाख: 5%

• ₹8 – ₹12 लाख: 10%

• ₹12 – ₹16 लाख: 15%

• ₹16 – ₹20 लाख: 20%

• ₹20 – ₹24 लाख: 25%

• ₹24 लाख से अधिक: 30%

विशेष बात यह है कि ₹12 लाख तक की आय पर लगने वाला 5% और 10% का टैक्स ‘टैक्स रिबेट’ के जरिए माफ कर दिया जाएगा, बशर्ते आपकी टैक्सेबल इनकम ₹12 लाख से ऊपर न जाए।

Form 16 की विदाई और ITR फाइलिंग में सरलता

नए कानून का उद्देश्य केवल टैक्स कम करना नहीं, बल्कि टैक्स भरने की प्रक्रिया को आसान बनाना भी है। अब दफ्तरों में मिलने वाले पारंपरिक Form 16 की जगह नए Form 130 और 131 लेंगे। सरकार का दावा है कि नया सिस्टम आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित होगा, जिससे ITR फाइल करने में लगने वाला समय घटकर महज कुछ मिनट रह जाएगा। जटिल कानूनी भाषा को हटाकर अब सरल हिंदी और अंग्रेजी में प्रावधान लिखे गए हैं ताकि आम नागरिक खुद अपना टैक्स असेसमेंट कर सके।

पुरानी बनाम नई व्यवस्था: किसे होगा फायदा?

हालांकि सरकार नई टैक्स व्यवस्था को प्रमोट कर रही है, लेकिन पुरानी व्यवस्था भी फिलहाल अस्तित्व में बनी रहेगी।

• नई व्यवस्था (New Regime): यह उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो निवेश के झंझट में नहीं पड़ना चाहते और कम टैक्स रेट का फायदा लेना चाहते हैं। ₹15 लाख तक की आय वालों के लिए यह सबसे ज्यादा फायदेमंद साबित हो रही है।

• पुरानी व्यवस्था (Old Regime): यदि आपने होम लोन लिया है, एलआईसी (LIC), बच्चों की ट्यूशन फीस और 80C के तहत भारी निवेश किया है, तो पुरानी व्यवस्था अभी भी आपके लिए बेहतर हो सकती है। हालांकि, इसमें ₹12.75 लाख वाली छूट का लाभ नहीं मिलेगा।

शेयर बाजार और F&O ट्रेडर्स के लिए चेतावनी

जहां एक तरफ सैलरी क्लास को राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ शेयर बाजार से कमाई करने वालों और फ्यूचर एंड ऑप्शंस (F&O) में ट्रेडिंग करने वालों के लिए नियम सख्त किए गए हैं। शेयर बायबैक और सट्टा आय पर टैक्स की दरों में मामूली बढ़ोतरी की गई है, ताकि सट्टेबाजी को हतोत्साहित किया जा सके और लॉन्ग टर्म निवेश को बढ़ावा दिया जा सके।

1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाला यह नया कानून मध्यम वर्ग के हाथ में ज्यादा ‘डिस्पोजेबल इनकम’ छोड़ेगा। विशेषज्ञों की सलाह है कि इस वित्तीय वर्ष के अंत तक अपने निवेश और सैलरी स्ट्रक्चर का पुनर्मूल्यांकन जरूर करें। अगर आपकी आय ₹13 लाख के आसपास है, तो नई व्यवस्था आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। 31 जुलाई 2026 तक अपना पहला ITR नए नियमों के तहत फाइल करना न भूलें।

Read more

बिहार में बिजली बिल का नया गणित: 10kW से ज्यादा लोड वालों के लिए ‘टाइम-ऑफ़-यूज़’ नियम लागू, जानें कब मिलेगी सस्ती बिजली

बिहार में बिजली

बिहार के बिजली उपभोक्ताओं के लिए 1 अप्रैल 2026 से एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। बिहार विद्युत विनियामक आयोग (BERC) ने राज्य के भारी बिजली उपभोक्ताओं के लिए ‘टाइम-ऑफ-यूज़’ (TOU/TOD) टैरिफ सिस्टम को मंजूरी दे दी है। इस नए नियम के तहत अब आपका बिजली बिल सिर्फ इस बात पर निर्भर नहीं करेगा कि आपने कितनी यूनिट जलाई है, बल्कि इस पर भी निर्भर करेगा कि आपने किस समय बिजली का उपयोग किया है। यह कदम राज्य में बिजली की मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाने के लिए उठाया गया है।

किन उपभोक्ताओं पर होगा असर?

बिहार सरकार और बिजली कंपनियों (NBPDCL और SBPDCL) ने स्पष्ट किया है कि यह नियम वर्तमान में उन उपभोक्ताओं के लिए अनिवार्य होगा जिनका स्वीकृत लोड 10 किलोवाट (kW) से अधिक है। इसमें मुख्य रूप से बड़े व्यावसायिक परिसर, निजी अस्पताल, छोटे कारखाने, होटल और वे बड़े घरेलू उपभोक्ता शामिल हैं जो भारी एयर कंडीशनिंग या मशीनों का उपयोग करते हैं। स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले ग्राहकों के लिए यह सिस्टम सॉफ्टवेयर के माध्यम से ऑटोमैटिक अपडेट हो जाएगा।

तीन स्लॉट में बंटा दिन: कब सस्ती और कब महंगी होगी बिजली?

नए TOU टैरिफ को समझने के लिए दिन को तीन प्रमुख हिस्सों में बांटा गया है। उपभोक्ताओं को अपना काम इसी हिसाब से शेड्यूल करना होगा ताकि बिल कम आए:

बिहार में बिजली
Apni Vani

1. ऑफ-पीक आवर (सबसे सस्ती बिजली)

समय: सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक

दिन के इस समय सौर ऊर्जा की उपलब्धता अधिक होती है और ग्रिड पर दबाव कम होता है। इसलिए, इस दौरान बिजली की दरें सामान्य से लगभग 10% से 20% तक सस्ती रहेंगी। यदि आप अपनी मोटर, वाशिंग मशीन या भारी मशीनें इस समय चलाते हैं, तो आपको सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।

2. पीक आवर (सबसे महंगी बिजली)

समय: शाम 5:00 बजे से रात 11:00 बजे तक

यह वह समय है जब पूरे राज्य में बिजली की मांग सबसे ज्यादा होती है। ग्रिड को संतुलित करने के लिए इस स्लॉट में बिजली 20% तक महंगी होगी। शाम के समय एयर कंडीशनर और अन्य भारी उपकरणों का अनावश्यक उपयोग आपके मासिक बजट को बिगाड़ सकता है।

3. सामान्य दर (Normal Rates)

समय: रात 11:00 बजे से सुबह 9:00 बजे तक

देर रात से सुबह होने तक बिजली की दरें सामान्य रहेंगी। इसमें न तो कोई अतिरिक्त पेनाल्टी होगी और न ही कोई विशेष छूट।

आम जनता और छोटे उपभोक्ताओं के लिए राहत

राहत की बात यह है कि बिहार सरकार की 125 यूनिट फ्री बिजली और सब्सिडी योजना छोटे उपभोक्ताओं के लिए पहले की तरह जारी रहेगी। 10 किलोवाट से कम लोड वाले सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं पर फिलहाल इस नए टैरिफ का सीधा दबाव नहीं डाला गया है, लेकिन भविष्य में स्मार्ट मीटरिंग के विस्तार के साथ इसे सभी के लिए वैकल्पिक बनाया जा सकता है।

बिहार में बिजली
Apni Vani

कैसे बचाएं अपना पैसा? एक्सपर्ट टिप्स

अगर आपका लोड 10kW से ज्यादा है, तो इन आसान तरीकों से आप अपना बिल कम कर सकते हैं:

भारी काम दिन में निपटाएं: पानी की मोटर, कपड़े धोना या इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग सुबह 9 से शाम 5 के बीच ही करें।

सोलर पैनल का उपयोग: अगर आपके पास सोलर सिस्टम है, तो पीक ऑवर्स (शाम 5-11) के दौरान ग्रिड की जगह अपनी बैटरी या सोलर पावर का इस्तेमाल करें।

शिफ्ट मैनेजमेंट: छोटे कारखाने अपनी भारी मशीनरी वाली शिफ्ट को सुबह के समय में ट्रांसफर करके हजारों रुपये बचा सकते हैं।

बिहार में बिजली क्षेत्र का यह ‘टाइम-ऑफ-यूज़’ रिफॉर्म एक आधुनिक कदम है। यह न केवल उपभोक्ताओं को जागरूक बनाएगा बल्कि राज्य में बिजली कटौती की समस्या को भी कम करेगा। सरकार का लक्ष्य है कि लोग उस समय बिजली का अधिक उपयोग करें जब वह प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हो, ताकि पीक ऑवर्स में ग्रिड फेलियर या ओवरलोडिंग की समस्या न हो।

Read more

Hanuman Jayanti 2026 Kab Hai: 1 या 2 अप्रैल? आज और कल के कन्फ्यूजन को करें दूर, जानिए सही तारीख और शुभ मुहूर्त

Hanuman Jayanti 2026 Kab Hai

“जय श्री राम!” आज देश भर में इसी जयकारे की गूंज है। हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को राम भक्त, संकटमोचन हनुमान जी का जन्मोत्सव बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। लेकिन इस साल 2026 में, कैलेंडर और पंचांग के समय ने भक्तों को थोड़ा उलझा दिया है। हर किसी के मन में एक ही सवाल है कि आख़िर हनुमान जयंती आज (1 अप्रैल) है या कल (2 अप्रैल)?

सोशल मीडिया पर भी दोनों ही तारीखों के बधाई संदेश वायरल हो रहे हैं। ‘ApniVani’ के इस विशेष और भक्तिमय लेख में आज हम आपके इस सारे कन्फ्यूजन को हमेशा के लिए दूर कर देंगे। आइए एकदम आसान भाषा में पंचांग के गणित और ‘उदया तिथि’ के नियम से समझते हैं कि बजरंगबली की पूजा का सही दिन कौन सा है।

पूर्णिमा तिथि का गणित: 1 अप्रैल से 2 अप्रैल तक का सफर

हिंदू धर्म में कोई भी त्योहार अंग्रेजी कैलेंडर की ‘तारीख’ (Date) से नहीं, बल्कि चंद्रमा की चाल और ‘तिथि’ (Tithi) से तय होता है।

वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल चैत्र पूर्णिमा की तिथि आज यानी 1 अप्रैल 2026 की सुबह 07:06 बजे से शुरू हो चुकी है। यह पूर्णिमा तिथि पूरी रात रहेगी और अगले दिन यानी 2 अप्रैल 2026 की सुबह 07:41 बजे तक समाप्त होगी। चूंकि तिथि दोनों दिन पड़ रही है, इसीलिए सारा कन्फ्यूजन पैदा हुआ है।

‘उदया तिथि’ का सनातन नियम: 2 अप्रैल ही क्यों है मुख्य दिन?

सनातन धर्म का सबसे बड़ा नियम है— ‘उदया तिथि’ (Udaya Tithi)। इसका मतलब है कि सूर्योदय (Sunrise) के समय जो तिथि मौजूद होती है, पूरे दिन उसी तिथि का प्रभाव माना जाता है और उसी दिन वो त्योहार मनाया जाता है।

  • 1 अप्रैल: आज सूर्योदय सुबह करीब 6 बजे हुआ था, तब तक पूर्णिमा शुरू नहीं हुई थी (पूर्णिमा 7:06 बजे शुरू हुई)।
  • 2 अप्रैल: कल जब सुबह सूर्योदय होगा, तब पूर्णिमा तिथि मौजूद होगी (क्योंकि यह 7:41 बजे तक है)।

उदया तिथि के अनुसार हनुमान जी का मुख्य जन्मोत्सव और मंदिरों में महाआरती कल (2 अप्रैल 2026, गुरुवार) को ही मनाई जाएगी!

तो 1 अप्रैल (आज) क्या करें? (व्रत और चंद्र दर्शन)

अब सवाल यह है कि अगर जन्मोत्सव कल है, तो आज 1 अप्रैल को क्या है?

पंचांग के जानकारों के अनुसार, चूंकि पूर्णिमा की असली रात (जब पूरा चांद आसमान में होगा) 1 अप्रैल को ही है, इसलिए चैत्र पूर्णिमा का उपवास (Fast) और सत्यनारायण भगवान की कथा आज 1 अप्रैल को ही की जाएगी। जो लोग पूर्णिमा का व्रत रखते हैं, वे आज व्रत रखकर रात में चंद्रमा को अर्घ्य देंगे। लेकिन हनुमान जी को चोला चढ़ाने और मुख्य पूजा का काम 2 अप्रैल को ही सबसे शुभ रहेगा।

हनुमान जन्मोत्सव 2026 के सबसे अचूक शुभ मुहूर्त

अगर आप 2 अप्रैल (गुरुवार) को बजरंगबली की विशेष कृपा पाना चाहते हैं, तो पूजा के इन 4 सबसे शुभ मुहूर्तों (Muhurat) का ध्यान रखें:

Hanuman Jayanti 2026 Kab Hai
Credit – Amazon
  • ब्रह्म मुहूर्त (Early Morning): सुबह 04:30 बजे से 05:15 बजे तक। (यह समय ध्यान और हनुमान चालीसा के पाठ के लिए सर्वोत्तम है)।
  • प्रातः काल पूजा: सूर्योदय के बाद सुबह 06:15 बजे से लेकर 07:41 बजे तक (पूर्णिमा समाप्त होने से पहले)।
  • अभिजीत मुहूर्त (दोपहर की पूजा): दोपहर 11:50 बजे से 12:40 बजे तक। इस समय चोला चढ़ाना और बूंदी के लड्डू का भोग लगाना सबसे शुभ माना जाता है।
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:30 बजे से 03:20 बजे तक। (शत्रुओं और संकटों पर विजय पाने के लिए इस समय सुंदरकांड का पाठ करें)।
  • ध्यान दें: 2 अप्रैल को दोपहर 01:30 बजे से 03:00 बजे के बीच ‘राहुकाल’ रहेगा, इस दौरान कोई भी नई पूजा शुरू करने से बचें।

ApniVani की बात

हनुमान जी को कलयुग का साक्षात और सबसे जाग्रत देवता माना जाता है। वह अष्ट सिद्धि और नव निधि के दाता हैं। चाहे आप आज पूजा करें या कल, बजरंगबली सिर्फ आपकी सच्ची श्रद्धा और भक्ति के भूखे हैं। सच्चे मन से राम नाम का जाप करें, हनुमान जी आपकी हर पुकार ज़रूर सुनेंगे।

आपकी राय: आप हनुमान जन्मोत्सव की पूजा किस दिन कर रहे हैं? संकटमोचन हनुमान जी का कौन सा रूप (बाल हनुमान, पंचमुखी या राम भक्त) आपको सबसे ज्यादा प्रिय है? जय श्री राम के जयकारे के साथ अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में या हमारे इंस्टाग्राम पेज @9vaniapni पर ज़रूर लिखें! आप सभी को हनुमान जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं!

Read more

बच्चों को नशीली दवा पिलाकर प्रेमी संग फरार हुई पांच बच्चों की मां, पुलिस ने 24 घंटे में ऐसे बिछाया जाल

नशीली दवा

उत्तर प्रदेश के ग्रामीण अंचल से एक ऐसी दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं और ममता के रिश्ते को शर्मसार कर दिया है। एक कलयुगी मां ने अपने प्रेम प्रसंग के चलते अपने ही पांच मासूम बच्चों को नशीली दवा खिलाकर मौत के मुंह में धकेलने की कोशिश की और घर में रखे जेवरात व नकदी लेकर अपने प्रेमी के साथ रफूचक्कर हो गई। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी ने 24 घंटे के भीतर ही इस मामले का पर्दाफाश कर आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।

ममता हुई शर्मसार: गहरी साजिश और प्रेमी का साथ

मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरी घटना की पटकथा महिला ने काफी पहले ही लिख दी थी। महिला का पति अपनी और परिवार की आजीविका चलाने के लिए दिल्ली में रहकर दर्जी (टेलर) का काम करता है। पीछे गांव में महिला अपने पांच बच्चों के साथ रहती थी। इसी दौरान उसका संपर्क इलाके के ही एक 22 वर्षीय युवक से हुआ। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं और प्यार इस कदर परवान चढ़ा कि महिला ने अपने मातृत्व को भुलाकर बच्चों की जान जोखिम में डालने का फैसला कर लिया।

आधी रात की खौफनाक वारदात: खाने में मिलाया जहर

घटना वाली रात महिला ने अपनी सोची-समझी साजिश को अंजाम दिया। उसने रात के खाने में बेहोशी की दवा मिला दी और अपने पांचों बच्चों को खिला दी। दवा का असर होते ही बच्चे गहरी और अचेत नींद में सो गए। बच्चों के बेसुध होते ही महिला ने घर की अलमारियों में रखे कीमती जेवरात और नकदी को समेटा। इसके बाद वह घर के बाहर से ताला लगाकर अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई, यह जानते हुए भी कि अंदर बंद बच्चे किसी भी अनहोनी का शिकार हो सकते हैं।

नशीली दवा
Apni Vani

पड़ोसियों की सजगता से बची मासूमों की जान

अगली सुबह जब काफी देर तक घर में कोई हलचल नहीं हुई और बाहर ताला लटका मिला, तो पड़ोसियों को अनहोनी की आशंका हुई। जब लोगों ने खिड़की से अंदर झांक कर देखा, तो वहां का नजारा देख सबके होश उड़ गए। पांचों बच्चे बेसुध अवस्था में जमीन पर पड़े थे। स्थानीय लोगों ने तुरंत शोर मचाया और दरवाजा तोड़कर बच्चों को बाहर निकाला। समय रहते बच्चों को उपचार मिलने से एक बड़ी त्रासदी टल गई। इस घटना ने पूरे गांव में हड़कंप मचा दिया।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई: 24 घंटे में दबोचे गए आरोपी

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों व मुखबिरों की मदद से आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी की और फरार महिला व उसके 22 वर्षीय प्रेमी को वारदात के मात्र 24 घंटे के भीतर ही गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना की अन्य कड़ियों को भी जोड़ा जा सके।

नशीली दवा
Apni Vani

समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी

यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं है, बल्कि समाज के गिरते नैतिक मूल्यों का एक उदाहरण भी है। एक मां का अपने बच्चों को इस तरह मरणासन्न स्थिति में छोड़कर भागना रिश्तों की पवित्रता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। फिलहाल, बच्चे सुरक्षित हैं और आरोपी सलाखों के पीछे हैं, लेकिन इस घटना के घाव उन मासूमों के मन पर शायद हमेशा के लिए रह जाएंगे।

Read more

West Asia में कोहराम: अमेरिका-ईरान संघर्ष की आग में झुलसे भारतीय, 8 की मौत और 1 लापता; जानें ताजा स्थिति

West Asia

पश्चिम एशिया (West Asia) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान के बीच छिड़े संघर्ष ने अब भारतीय परिवारों की खुशियों को मातम में बदल दिया है। विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी हालिया आंकड़ों ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। ताजा जानकारी के अनुसार, इस युद्ध की चपेट में आने से अब तक 8 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है, जबकि 1 भारतीय अभी भी लापता बताया जा रहा है।

कुवैत से ओमान तक: कहाँ-कहाँ हुए हादसे?

यह संघर्ष केवल एक देश तक सीमित नहीं है। खाड़ी के अलग-अलग हिस्सों से दुखद खबरें सामने आ रही हैं:

कुवैत: ईरान द्वारा किए गए एक हमले में कुवैत के पावर और वाटर डिसेलिनेशन प्लांट पर काम कर रहे एक भारतीय मजदूर की जान चली गई।

ओमान: यहाँ हुए भीषण ड्रोन हमलों में 2 भारतीयों के मारे जाने की पुष्टि हुई है।

सऊदी अरब: रियाद में 18 मार्च को हुई एक हिंसात्मक घटना में एक और भारतीय नागरिक की हत्या कर दी गई।

ये मौतें दर्शाती हैं कि मिडिल ईस्ट में काम कर रहे भारतीय प्रवासी इस समय कितने गंभीर खतरे के बीच रह रहे हैं।

कौन थे ये लोग और किस राज्य से थे?

हालांकि विदेश मंत्रालय ने सुरक्षा और निजता कारणों से अभी तक मृतकों के नाम और उनके गृह राज्यों की आधिकारिक सूची सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन प्राथमिक रिपोर्टों के अनुसार, ये सभी व्यक्ति खाड़ी देशों में ‘ब्लू-कॉलर’ वर्कर (मजदूर) के रूप में कार्यरत थे। भारत के केरल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से बड़ी संख्या में लोग इन क्षेत्रों में काम करने जाते हैं, इसलिए आशंका जताई जा रही है कि मृतक इन्हीं राज्यों से हो सकते हैं।

West Asia
Apni Vani

भारत सरकार का ‘रेस्क्यू ऑपरेशन’ और MEA की सक्रियता

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि सरकार इस स्थिति पर चौबीसों घंटे नजर रख रही है।

पार्थिव शरीर की वापसी: कुवैत और ओमान स्थित भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर मृतकों के शवों को जल्द से जल्द भारत भेजने की प्रक्रिया में जुटे हैं।

निकासी अभियान: 28 फरवरी से अब तक, भारत सरकार ने एक मेगा रेस्क्यू ऑपरेशन के जरिए लगभग 5.5 लाख भारतीयों को प्रभावित क्षेत्रों से सुरक्षित बाहर निकाला है।

लापता की तलाश: जो एक भारतीय नागरिक लापता है, उसकी तलाश के लिए स्थानीय खुफिया एजेंसियों की मदद ली जा रही है।

क्यों भड़की है वेस्ट एशिया में यह आग?

यह पूरा विवाद फरवरी के अंत से तब तेज हुआ जब इजरायल और ईरान के बीच सीधी सैन्य कार्रवाई शुरू हुई। तेहरान पर हुए हमलों और उसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र को युद्ध के मैदान में बदल दिया है। अमेरिकी हस्तक्षेप और आगामी कूटनीतिक वार्ताओं के बीच, वहां फंसे लाखों भारतीय कामगारों की सुरक्षा भारत के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गई है।

West Asia
Apni Vani

प्रवासियों के लिए एडवाइजरी

भारत सरकार ने वेस्ट एशिया में रह रहे भारतीयों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की है। उन्हें अनावश्यक यात्रा से बचने और संबंधित देशों में भारतीय दूतावास के साथ पंजीकरण (Registration) कराने की सलाह दी गई है। किसी भी आपात स्थिति में, दूतावास की हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है।

वेस्ट एशिया का यह संकट न केवल वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खतरा है, बल्कि यह मानवीय त्रासदी का रूप भी ले चुका है। 8 भारतीयों की शहादत देश के लिए एक बड़ी क्षति है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या अंतरराष्ट्रीय कूटनीति इस युद्ध को रोक पाएगी या अभी और मासूमों को इसकी कीमत चुकानी होगी।

Read more

Salary New Rules 2026: सरकारी और प्राइवेट कर्मचारियों की सैलरी में हुए 2 बड़े बदलाव, जानिए इन-हैंड सैलरी पर क्या होगा असर?

Salary New Rules 2026

महीने की पहली तारीख का इंतज़ार हर उस इंसान को होता है जो नौकरी करता है, चाहे वह किसी प्राइवेट कंपनी में हो या सरकारी विभाग में। लेकिन इस साल 2026 में, आपकी सैलरी स्लिप (Salary Slip) का पूरा गणित बदलने वाला है।

भारत सरकार ने प्राइवेट सेक्टर के लिए ‘न्यू वेज कोड‘ (New Wage Code 2026) के तहत सैलरी के स्ट्रक्चर में बहुत बड़ा बदलाव किया है। वहीं, दूसरी तरफ सरकारी कर्मचारियों के लिए ‘महंगाई भत्ते’ (DA) और ‘8वें वेतन आयोग’ (8th Pay Commission) को लेकर बड़ी खुशखबरी आई है। आज ‘ApniVani’ के इस विशेष फाइनेंस ब्लॉग में हम एकदम आसान भाषा में समझेंगे कि इन नए नियमों का आपकी जेब और आपकी ‘इन-हैंड सैलरी’ (In-hand Salary) पर क्या असर पड़ने वाला है।

प्राइवेट सेक्टर (Private Sector): ‘इन-हैंड’ सैलरी घटेगी, लेकिन PF बढ़ेगा!

अगर आप प्राइवेट नौकरी करते हैं, तो ‘न्यू वेज कोड 2026’ (New Wage Code) आपके लिए सबसे बड़ी खबर है।

अभी तक कई कंपनियां टैक्स और PF का पैसा बचाने के लिए कर्मचारियों की ‘बेसिक सैलरी’ (Basic Salary) को बहुत कम (कुल सैलरी का 25-30%) रखती थीं और बाकी पैसा अलग-अलग भत्तों (Allowances) के नाम पर देती थीं। लेकिन नए नियम के लागू होने के बाद अब यह खेल बंद हो जाएगा।

नया ‘50% बेसिक पे’ का नियम

सरकार ने साफ कर दिया है कि किसी भी कर्मचारी की ‘बेसिक सैलरी’ उसकी कुल सैलरी (Gross CTC) के 50% से कम नहीं हो सकती।

  • इसका नुकसान: बेसिक सैलरी बढ़ने से आपका PF (Provident Fund) का डिडक्शन (कटौती) भी बढ़ जाएगा। यानी आपके बैंक अकाउंट में हर महीने आने वाली ‘इन-हैंड’ (In-hand) सैलरी थोड़ी कम हो जाएगी।
  • इसका फायदा: PF में ज्यादा पैसा कटने का मतलब है कि आपके रिटायरमेंट के लिए एक बहुत बड़ा फंड तैयार होगा। इसके अलावा ‘ग्रेच्युटी’ (Gratuity) का पैसा भी अब बहुत ज्यादा मिलेगा।

सरकारी सेक्टर (Govt Sector): DA में इजाफा और 8वें वेतन आयोग की तैयारी

अगर आप या आपके परिवार में कोई केंद्रीय सरकारी कर्मचारी (Central Government Employee) या पेंशनर है, तो उनके लिए 2026 का मार्च महीना सौगातों से भरा है।

Salary New Rules 2026

  • महंगाई भत्ता (DA) पहुंचा 60% के पार: सरकार हर साल जनवरी और जुलाई में महंगाई भत्ते (DA) को बढ़ाती है। इस बार (मार्च 2026 में) जनवरी से लागू होने वाले DA में 2% की बढ़ोतरी की पूरी संभावना है। इसका मतलब है कि सरकारी कर्मचारियों का DA अब 58% से बढ़कर सीधा 60% हो जाएगा। इससे हर महीने की सैलरी में सीधा-सीधा उछाल देखने को मिलेगा।
  • 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) का बज़: 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल खत्म हो चुका है और 8वें वेतन आयोग को लेकर काम तेज़ हो गया है। इसका मतलब है कि बहुत जल्द सरकारी कर्मचारियों की ‘मिनिमम सैलरी’ और ‘फिटमेंट फैक्टर’ (Fitment Factor) में एक जबरदस्त बदलाव होने वाला है, जिससे उनकी कुल सैलरी में भारी वृद्धि होगी।

ApniVani की बात

2026 का साल सैलरी और फाइनेंस के मामले में एक बड़ा ‘ट्रांजीशन’ (बदलाव) वाला साल है। जहां प्राइवेट कर्मचारियों को अपने भविष्य की सुरक्षा (PF) के लिए वर्तमान में थोड़े कम पैसों से समझौता करना पड़ सकता है, वहीं सरकारी कर्मचारियों को महंगाई से लड़ने के लिए सरकार की तरफ से बड़ी राहत मिल रही है।

आपकी राय: क्या आपको लगता है कि प्राइवेट सेक्टर में ‘50% बेसिक पे’ वाला नियम कर्मचारियों के हक में है या इससे महीने का खर्च चलाना मुश्किल हो जाएगा? अपनी बेबाक राय नीचे कमेंट्स में या हमारे इंस्टाग्राम पेज @9vaniapni पर आकर जरूर साझा करें!

Read more

Kushinagar Dowry Death News: ग्रामीणों ने नाकाम की ‘दहेज हत्या’ छिपाने की साजिश! जानिए इस खौफनाक घटना की 5 बड़ी बातें

Kushinagar Dowry Death News

हम कितनी भी तरक्की कर लें, लेकिन आज भी ‘दहेज’ (Dowry) जैसी कुप्रथा हमारे समाज की जड़ों को खोखला कर रही है। 29 मार्च 2026 को यूपी के कुशीनगर (Kushinagar) से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।

एक नवविवाहिता की उसके ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। आरोप है कि यह एक ‘दहेज हत्या’ है। ससुराल वाले इस जघन्य अपराध पर पर्दा डालने और सबूत मिटाने के लिए रातों-रात वहां से भागने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन इस बार ‘सिस्टम’ से पहले वहां के आम नागरिकों ने मोर्चा संभाल लिया। आइए ‘ApniVani’ की इस ग्राउंड रिपोर्ट में जानते हैं इस पूरी घटना का सच और आखिर क्यों इतने कड़े कानूनों के बावजूद ये मौतें नहीं रुक रही हैं।

क्या है कुशीनगर की इस घटना का पूरा सच?

स्थानीय पुलिस और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कुशीनगर के एक गाँव में एक महिला का शव उसके ससुराल (Marital Home) के अंदर संदिग्ध हालत में मिला। घटना के तुरंत बाद, ससुराल वालों ने पुलिस या मायके वालों को सूचना देने के बजाय गुपचुप तरीके से वहां से फरार होने की योजना बनाई। उनका मकसद क्राइम सीन (Crime Scene) से सबूत मिटाना और पुलिस की गिरफ़्तारी से बचना था।

ग्रामीणों की बहादुरी से नाकाम हुई ‘सबूत मिटाने’ की साजिश

जब ससुराल वाले शव को छोड़कर या सबूत मिटाकर भागने की कोशिश कर रहे थे, तभी आस-पास के ग्रामीणों को शक हो गया। गाँव वालों ने तुरंत एकजुट होकर हस्तक्षेप किया और भाग रहे आरोपियों का पीछा किया।

लोगों की इसी सूझबूझ और हिम्मत के कारण मुख्य आरोपी (पति) को मौके से भागने से पहले ही पकड़ लिया गया और तुरंत पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस ने पति को गिरफ्तार कर लिया है और परिवार के बाकी फरार सदस्यों की तलाश के लिए जगह-जगह छापेमारी की जा रही है।

सिर्फ 15 महीने पहले (दिसंबर 2024) हुई थी शादी

इस घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि मृतका की शादी बहुत पुरानी नहीं थी। जानकारी के मुताबिक, यह शादी महज़ 15 महीने पहले, दिसंबर 2024 में हुई थी। शादी के कुछ समय बाद से ही दहेज की मांग को लेकर महिला को प्रताड़ित किए जाने के आरोप लग रहे हैं। फिलहाल, पुलिस ने शव को कब्ज़े में लेकर पोस्टमार्टम (Postmortem) के लिए भेज दिया है। असली कारण (गला दबाना, ज़हर या कुछ और) पोस्टमार्टम की फाइनल रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा।

NCRB के खौफनाक आँकड़े: हर दिन 17 मौतें!

यह सिर्फ एक कुशीनगर की कहानी नहीं है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के ताज़ा अनुमानों के अनुसार, भारत में आज भी हर दिन औसतन 17 महिलाओं की मौत सिर्फ और सिर्फ दहेज के कारण होती है!

इंटरनेट और सोशल मीडिया पर इस घटना के बाद लोगों में भारी आक्रोश (Public Outrage) देखने को मिल रहा है। लोग सवाल पूछ रहे हैं कि दशकों पुराने ‘दहेज निषेध कानून’ होने के बावजूद आखिर यह दानव हमारी बेटियों को कब तक निगलता रहेगा?

Kushinagar Dowry Death News
apnivani

सबसे बड़ा सवाल: सख्त कानूनों के बाद भी क्यों नहीं रुक रहे अपराध?

दहेज हत्याओं के न रुकने का सबसे बड़ा कारण सिस्टम की नाकामी और सामाजिक सोच है। अक्सर ऐसे मामलों में FIR दर्ज होने में देरी होती है, जिसका फायदा उठाकर आरोपी सबूतों के साथ छेड़छाड़ (Evidence Tampering) कर देते हैं। इसके अलावा, समाज में आज भी कई लोग घरेलू हिंसा के मामलों को “घर की बात” कहकर पुलिस तक नहीं पहुंचने देते।

ApniVani जनहित चेतावनी (Public Advisory)

इस घटना से हमें यह सीख लेनी चाहिए कि जुर्म सहना भी जुर्म करने के बराबर है।

अगर आपके आस-पास या आपके परिवार में किसी भी महिला के साथ घरेलू हिंसा (Domestic Abuse) या दहेज प्रताड़ना हो रही है, तो तुरंत वीमेन हेल्पलाइन नंबर (Women Helpline – 1091 या 112) पर कॉल करें।

कभी भी गंभीर मारपीट या प्रताड़ना के मामलों को ‘आपसी समझौते’ (Informal Settlement) से रफा-दफा करने की कोशिश न करें। सबूतों को सुरक्षित रखें और तुरंत पुलिस स्टेशन पहुंचें।

कुशीनगर के ग्रामीणों ने जो किया, वह काबिले तारीफ है। जमीनी स्तर पर आम लोगों की इस दखलंदाज़ी ने पुलिस के पहुंचने से पहले ही एक बड़े अपराध को छुपने से बचा लिया। अब देखना यह है कि पुलिस कितनी जल्दी बाकी आरोपियों को पकड़कर मृतका को इंसाफ दिला पाती है।

Read more

बिहार में ‘हरा सोना’ बदलेगा गांवों की तकदीर: बांस उद्योग को मिला आधुनिक अवतार, किसानों को 50% सब्सिडी

बिहार

बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में एक क्रांतिकारी बदलाव की सुग़बुगाहट शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने पारंपरिक खेती से इतर अब बांस (Bamboo) को एक पूर्णकालिक आधुनिक उद्योग के रूप में स्थापित करने का निर्णय लिया है। “बिहार बांस अर्थव्यवस्था शिखर सम्मेलन-2026” के दूरगामी परिणामों के बाद, अब धरातल पर बांस क्लस्टर और प्रोसेसिंग यूनिट्स लगाने की प्रक्रिया तेज़ हो गई है। यह कदम न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि बिहार के हज़ारों युवाओं और महिलाओं के लिए रोज़गार के नए द्वार खोलने वाला साबित होगा।

बांस अब केवल लकड़ी नहीं, एक ‘ग्रीन इंडस्ट्री’ है

सालों से बांस को केवल निर्माण कार्यों या टोकरियाँ बनाने तक सीमित माना जाता था। लेकिन बिहार सरकार के नए विजन के तहत इसे ‘ग्रीन गोल्ड’ के रूप में देखा जा रहा है। कृषि मंत्री के अनुसार, राज्य में अब बांस की वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य बिहार को बांस-आधारित उत्पादों (जैसे कि फर्नीचर, फैब्रिक, इथेनॉल और अगरबत्ती स्टिक) का हब बनाना है। इस योजना के केंद्र में कोसी क्षेत्र का मधेपुरा जिला है, जहाँ राज्य का पहला मॉडल ‘बांस क्लस्टर’ विकसित किया जा रहा है।

बिहार
Apni Vani

किसानों के लिए लॉटरी: 50% सब्सिडी और सरकारी सहायता

राज्य के 27 जिलों में राष्ट्रीय बांस मिशन (National Bamboo Mission) के तहत भारी अनुदान दिया जा रहा है। छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है।

• निजी जमीन पर खेती: अगर कोई किसान अपनी खाली जमीन पर बांस लगाता है, तो उसे ₹1.20 लाख प्रति हेक्टेयर की लागत पर ₹60,000 की सब्सिडी सीधे बैंक खाते में दी जा रही है।

• मेड़ पर वृक्षारोपण: जो किसान अपनी मुख्य फसल को नुकसान नहीं पहुँचाना चाहते, वे खेत की मेड़ों पर बांस लगा सकते हैं। इसके लिए प्रति पौधा ₹150 का अनुदान सरकार दे रही है।

• भुगतान की प्रक्रिया: यह राशि दो वर्षों में 60:40 के अनुपात में दी जाती है, जिससे पौधों के रखरखाव की निरंतरता बनी रहे।

कोसी से निकलेगी समृद्धि की राह: मधेपुरा क्लस्टर मॉडल

सरकार ने रणनीति के तहत कोसी क्षेत्र को इसके लिए चुना है क्योंकि यहाँ की मिट्टी और जलवायु बांस के लिए सर्वोत्तम है। मधेपुरा में बन रहे कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) में किसानों को न केवल उच्च गुणवत्ता वाले ‘टिशू कल्चर’ पौधे मिलेंगे, बल्कि उन्हें बांस काटने, सुखाने और प्राथमिक प्रोसेसिंग की मशीनें भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और किसान सीधे उद्योगों को अपना माल बेच सकेंगे।

महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण रोज़गार

इस योजना का सबसे उज्ज्वल पक्ष महिलाओं की भागीदारी है। जीविका दीदियों और महिला स्वयं-सहायता समूहों को बांस से हस्तशिल्प और सजावटी सामान बनाने का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर यूनिट्स लगने से पलायन में कमी आने की उम्मीद है। जब गांव में ही प्रोसेसिंग यूनिट होगी, तो युवाओं को रोज़गार के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

बिहार
Apni Vani

पर्यावरण संरक्षण और भविष्य का बाज़ार

बांस अन्य पेड़ों की तुलना में 35% अधिक ऑक्सीजन छोड़ता है और कार्बन उत्सर्जन को सोखने में बेजोड़ है। वैश्विक स्तर पर प्लास्टिक के विकल्प के रूप में बांस की मांग जिस तरह बढ़ रही है, उसे देखते हुए बिहार का ₹1,160 करोड़ से अधिक का निर्यात लक्ष्य अब दूर नहीं लगता।

कैसे करें आवेदन?

बिहार का कोई भी किसान या उद्यमी जो इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाना चाहता है, वह उद्यान विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (horticulture.bihar.gov.in) पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकता है। “पहले आओ, पहले पाओ” की नीति के कारण आवेदन में देरी करना नुकसानदेह हो सकता है।

Read more

Roh Nawada Ram Navami Pathrav: रामनवमी जुलूस पर रोह बाजार में भयंकर पत्थरबाजी और आगजनी, जानिए इस खौफनाक रात की 4 बड़ी बातें

Roh Nawada Ram Navami Pathrav

रामनवमी का पावन त्योहार जहां पूरे देश और बिहार में शांति और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है, वहीं नवादा (Nawada) जिले से एक बेहद तनावपूर्ण और परेशान करने वाली खबर सामने आई है। नवादा जिले के रोह (Roh) थाना क्षेत्र में शनिवार (28 मार्च 2026) की रात रामनवमी की शोभायात्रा पर कुछ असामाजिक तत्वों ने अचानक भारी पथराव कर दिया। घटना के बाद इलाके में मची भगदड़ के बीच उपद्रवियों ने आगजनी की घटना को भी अंजाम दिया। ‘ApniVani’ की इस विशेष ग्राउंड रिपोर्ट में आइए विस्तार से जानते हैं कि रोह के पुरानी बाजार में आखिर अचानक माहौल कैसे बिगड़ गया और अभी वहां के ताज़ा हालात क्या हैं।

पुरानी बाजार में कैसे भड़की हिंसा की चिंगारी?

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शनिवार की रात रोह थाना क्षेत्र के ‘पुरानी बाजार’ इलाके से रामनवमी का जुलूस बेहद शांतिपूर्ण तरीके से गुजर रहा था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जुलूस जब एक मस्जिद के पास से गुजर रहा था, तभी कुछ असामाजिक तत्वों ने छतों और गलियों से जुलूस पर अचानक ईंट-पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। अचानक हुए इस हमले से जुलूस में शामिल श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई।

कई लोग हुए घायल, सड़क किनारे ठेले में लगाई गई आग

लगातार हो रही इस पत्थरबाजी की चपेट में आकर शोभायात्रा में शामिल कई लोग बुरी तरह चोटिल हो गए। आनन-फानन में घायलों को तुरंत ‘रोह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र’ (PHC) ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गनीमत रही कि उन्हें छुट्टी दे दी गई।

उपद्रवियों का गुस्सा सिर्फ पथराव तक ही नहीं थमा। दहशत फैलाने के मकसद से उन्होंने सड़क किनारे खड़े एक ठेले (Handcart) में आग लगा दी। इस आगजनी और बवाल के कारण पूरे रोह बाजार में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया और दुकानदारों ने डर के मारे तुरंत अपनी दुकानों के शटर गिरा दिए।

एक्शन में आई पुलिस, छावनी बना रोह बाजार

जैसे ही इस हिंसक झड़प और आगजनी की सूचना स्थानीय प्रशासन को मिली, हालात को बेकाबू होने से बचाने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। नवादा के आला अधिकारी भी स्थिति को काबू में करने के लिए तुरंत घटनास्थल पर दौड़े चले आए।

पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए उपद्रवियों को खदेड़ा और बिगड़ते हालातों पर काबू पाया। फिलहाल, पूरे रोह बाजार इलाके में पुलिस द्वारा लगातार फ्लैग मार्च किया जा रहा है और चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात है।

Roh Nawada Ram Navami Pathrav
Apni Vani

प्रशासन की सख्त चेतावनी: “अफवाहों पर ध्यान न दें”

पुलिस प्रशासन ने सख्त लहजे में साफ कर दिया है कि इस हिंसा के पीछे जिन भी उपद्रवियों और असामाजिक तत्वों का हाथ है, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और वायरल वीडियोज़ को खंगाल रही है ताकि पत्थरबाज़ों की सटीक पहचान करके उन्हें गिरफ्तार किया जा सके।

प्रशासन ने रोह और पूरे नवादा की आम जनता से अपील की है कि वे व्हाट्सएप या फेसबुक पर फैलने वाली किसी भी तरह की फर्जी खबरों या अफवाहों (Fake News) पर बिल्कुल भी ध्यान न दें।

ApniVani की बात

त्योहार हमेशा भाईचारे और शांति का संदेश देते हैं। रोह, नवादा में हुई यह घटना समाज के सौहार्द को बिगाड़ने की एक साजिश है। फिलहाल पुलिस की मुस्तैदी से स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और इलाके में शांति बहाल कर दी गई है। ‘ApniVani’ सभी नागरिकों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील करता है।

आपकी राय: ऐसी हिंसक घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन को जुलूस के दौरान और क्या सख्त कदम उठाने चाहिए? अपनी बेबाक राय नीचे कमेंट्स में या हमारे इंस्टाग्राम पेज @9vaniapni पर आकर जरूर साझा करें!

Read more