Bihar Latest Government Decisions: फाइलेरिया पर ऐतिहासिक सफलता, स्कूलों में नया शिक्षक नियम और भूजल कानून की तैयारी

Bihar Latest Government Decisions

बिहार में पिछले कुछ दिनों के दौरान स्वास्थ्य, शिक्षा और जल प्रबंधन से जुड़े तीन बड़े घटनाक्रम सामने आए हैं। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा फाइलेरिया (Lymphatic Filariasis) के खिलाफ मिली बड़ी सफलता की हो रही है। इसके अलावा प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी और भूजल संरक्षण के लिए नए कानून पर काम भी राज्य सरकार की प्राथमिकता में शामिल है।
आइए जानते हैं कि इन तीनों मामलों में क्या बदला है और इसका आम लोगों पर क्या असर पड़ सकता है।

फाइलेरिया के खिलाफ बिहार की बड़ी उपलब्धि

बिहार ने फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार राज्य के 57 में से 55 Implementation Units ने Transmission Assessment Survey-1 (TAS-1) सफलतापूर्वक पास कर लिया है।

इसके बाद अररिया, मधेपुरा और सुपौल जिलों में शिक्षक सुनिश्चित करने Drug Administration (MDA) अभियान को रोकने की अनुमति मिल गई है, क्योंकि वहां संक्रमण का स्तर तय सीमा से नीचे पहुंच चुका है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि बिहार के सभी 38 जिले फाइलेरिया प्रभावित रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग, राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण केंद्र (NCVBDC) और WHO की संयुक्त निगरानी, बेहतर माइक्रोप्लानिंग और Directly Observed Treatment (DOT) रणनीति ने इस सफलता में अहम भूमिका निभाई।

हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि पूरा बिहार WHO के फाइलेरिया उन्मूलन मानदंड पूरी तरह हासिल कर चुका है। फिलहाल राज्य ने इस दिशा में एक बड़ी और ऐतिहासिक प्रगति दर्ज की है।

प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक व्यवस्था होगी और मजबूत

राज्य सरकार प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक उपलब्धता सुधारने की दिशा में भी काम कर रही है। नई व्यवस्था के तहत लक्ष्य यह रखा गया है कि छात्रों की संख्या के अनुसार शिक्षकों की तैनाती अधिक संतुलित हो। प्रस्तावित ढांचे में लगभग 30 छात्रों पर एक शिक्षक सुनिश्चित करने और प्रत्येक कक्षा में कम-से-कम एक शिक्षक उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
यदि यह व्यवस्था पूरी तरह लागू होती है, तो छोटे बच्चों की पढ़ाई, कक्षा संचालन और सीखने की गुणवत्ता में सुधार देखने को मिल सकता है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सरकारी स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक प्रभावी हो सकती है।

भूजल बचाने के लिए नया कानून लाने की तैयारी

बिहार में लगातार बढ़ती पानी की मांग और कई इलाकों में गिरते भूजल स्तर को देखते हुए राज्य सरकार नया Groundwater Regulation Law तैयार कर रही है।
सरकार का उद्देश्य कृषि, उद्योग और शहरी क्षेत्रों में भूजल के उपयोग को संतुलित करना है। प्रस्तावित कानून के जरिए भूजल दोहन पर निगरानी, जल संरक्षण को बढ़ावा और भविष्य की जरूरतों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते प्रभावी नियम लागू किए गए तो आने वाले वर्षों में जल संकट की स्थिति को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

Bihar Latest Government Decisions
apnivani

इन तीनों फैसलों का आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?

इन तीनों पहल का सीधा संबंध लोगों के दैनिक जीवन से है। फाइलेरिया नियंत्रण में सफलता लाखों लोगों को इस गंभीर बीमारी से बचाने में मदद करेगी। शिक्षा क्षेत्र में शिक्षक व्यवस्था मजबूत होने से सरकारी स्कूलों के छात्रों को बेहतर पढ़ाई का माहौल मिल सकता है। वहीं भूजल संरक्षण से भविष्य में पेयजल और सिंचाई दोनों के लिए राहत मिलने की उम्मीद है।

Apnivani की बात

स्वास्थ्य, शिक्षा और जल संरक्षण—इन तीनों क्षेत्रों में बिहार तेजी से सुधार की दिशा में आगे बढ़ता दिख रहा है। हालांकि कुछ योजनाएं अभी तैयारी के चरण में हैं, लेकिन फाइलेरिया नियंत्रण में मिली सफलता यह दिखाती है कि लगातार प्रयास और बेहतर निगरानी से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। आने वाले समय में इन नीतियों का प्रभाव जमीन पर कितना दिखता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।

Read more

बिहार बोर्ड ने जारी किए मैट्रिक के फाइनल एडमिट कार्ड, जानें डाउनलोड करने का सही तरीका और जरूरी नियम

बिहार बोर्ड

बिहार बोर्ड विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने 2026 की मैट्रिक वार्षिक परीक्षा में बैठने वाले लाखों छात्रों का इंतजार खत्म कर दिया है। बोर्ड द्वारा आधिकारिक तौर पर Matric Final Admit Card 2026 जारी कर दिए गए हैं, जो अब संबंधित स्कूलों के लिए उपलब्ध हैं। परीक्षा की तैयारियों के बीच यह सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जिसके बिना किसी भी छात्र को परीक्षा केंद्र के भीतर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

BSEB मैट्रिक एडमिट कार्ड 2026: मुख्य विवरण

बिहार बोर्ड ने इस साल भी समय से पहले एडमिट कार्ड जारी कर अपनी सक्रियता दिखाई है। एडमिट कार्ड बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर लाइव कर दिए गए हैं, लेकिन सुरक्षा कारणों से इन्हें डाउनलोड करने का अधिकार विशिष्ट लॉगिन आईडी के जरिए केवल स्कूल प्रबंधन को दिया गया है।

• बोर्ड का नाम: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB)

• कक्षा: 10वीं (मैट्रिक)

• परीक्षा वर्ष: 2026

• उपलब्धता: स्कूलों के प्रधानाध्यापक द्वारा वितरण शुरू

बिहार बोर्ड

छात्र एडमिट कार्ड कैसे प्राप्त करें? (Step-by-Step Process)

अक्सर छात्रों में भ्रम रहता है कि क्या वे स्वयं एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। स्पष्ट कर दें कि छात्र पोर्टल से सीधे फाइनल एडमिट कार्ड डाउनलोड नहीं कर पाएंगे।

•स्कूल से प्राप्त करने की प्रक्रिया

छात्रों को अपने संबंधित स्कूल में जाना होगा। वहां स्कूल के प्रधानाध्यापक (Principal) अपनी यूजर आईडी और पासवर्ड का उपयोग करके बोर्ड के पोर्टल से एडमिट कार्ड डाउनलोड करेंगे। इसके बाद, उस पर स्कूल की आधिकारिक मुहर और प्रधानाध्यापक के हस्ताक्षर होना अनिवार्य है। बिना हस्ताक्षर और मुहर के एडमिट कार्ड मान्य नहीं माना जाएगा।

एडमिट कार्ड में दी गई जानकारी को जरूर जांचें

एडमिट कार्ड हाथ में आते ही छात्रों को कुछ महत्वपूर्ण विवरणों का मिलान सावधानीपूर्वक कर लेना चाहिए। यदि कोई त्रुटि पाई जाती है, तो तुरंत स्कूल प्रशासन से संपर्क करें:

• छात्र का नाम और स्पेलिंग: अपना और माता-पिता का नाम सही से चेक करें।

• जन्म तिथि: रिकॉर्ड के अनुसार सही होनी चाहिए।

• विषय कोड: आपने जिन विषयों का चयन किया है, उनके कोड सही हैं या नहीं।

• परीक्षा केंद्र (Exam Centre): अपने आवंटित केंद्र का नाम और पता नोट कर लें।

• रोल नंबर और फोटो: सुनिश्चित करें कि फोटो स्पष्ट है और आपका ही है।

परीक्षा केंद्र के लिए महत्वपूर्ण निर्देश और गाइडलाइंस

बिहार बोर्ड ने नकल मुक्त परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस साल भी कड़े नियम लागू किए हैं। एडमिट कार्ड के पीछे दिए गए निर्देशों को पढ़ना आवश्यक है:

• रिपोर्टिंग टाइम: परीक्षा शुरू होने से कम से कम 30 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य है। देर होने पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

• प्रतिबंधित वस्तुएं: मोबाइल फोन, कैलकुलेटर, स्मार्ट वॉच, या किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाना सख्त मना है।

• पहचान पत्र: एडमिट कार्ड के साथ एक वैध पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड) साथ रखना सुरक्षा के लिहाज से अच्छा रहता है।

बिहार बोर्ड

बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2026 की तैयारी

इस साल लगभग 16 लाख से अधिक छात्र मैट्रिक की परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। बोर्ड ने केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे और वीडियोग्राफी की व्यवस्था की है।

•प्रैक्टिकल और थ्योरी परीक्षा

मैट्रिक की थ्योरी परीक्षा फरवरी के मध्य में शुरू होने की संभावना है। एडमिट कार्ड में प्रत्येक विषय की सटीक तिथि और पाली (Shift) का विवरण दिया गया है। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपने रोल कोड के अनुसार अपने परीक्षा केंद्र की दूरी पहले ही देख लें ताकि परीक्षा के दिन कोई असुविधा न हो।

क्या आपने अपने स्कूल से मैट्रिक का एडमिट कार्ड प्राप्त कर लिया है? यदि आपके एडमिट कार्ड में कोई गलती है, तो क्या आपको सुधार की प्रक्रिया पता है? हमें कमेंट में बताएं।

Read more

BSEB STET Result 2025: बिहार एसटीईटी रिजल्ट आज, यहाँ से डाउनलोड करें स्कोरकार्ड और देखें कट-ऑफ लिस्ट

STET

बिहार के हजारों शिक्षक अभ्यर्थियों का इंतजार आज खत्म होने जा रहा है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (STET) 2025 के परिणाम आज आधिकारिक तौर पर घोषित किए जा रहे हैं। यदि आप भी इस परीक्षा में शामिल हुए थे, तो अपनी लॉगिन डिटेल्स तैयार रखें क्योंकि बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर लिंक किसी भी समय सक्रिय हो सकता है।

बिहार STET रिजल्ट 2025: एक बड़ा अपडेट

बिहार में शिक्षक बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है। बिहार बोर्ड (BSEB) ने माध्यमिक (Paper 1) और उच्च माध्यमिक (Paper 2) स्तर की पात्रता परीक्षा के नतीजे जारी करने की पूरी तैयारी कर ली है। इस परीक्षा के माध्यम से राज्य के सरकारी स्कूलों में नौवीं से बारहवीं कक्षा तक के शिक्षकों की योग्यता का निर्धारण किया जाता है।

परीक्षा की पृष्ठभूमि और आयोजन

बता दें कि बिहार STET 2025 की परीक्षा राज्य के विभिन्न केंद्रों पर ऑनलाइन (CBT) मोड में आयोजित की गई थी। परीक्षा दो पालियों में ली गई थी, जिसमें लाखों अभ्यर्थियों ने भाग लिया था। बोर्ड ने पहले ही प्रोविजनल आंसर-की जारी कर उस पर आपत्तियां आमंत्रित की थीं, और अब विशेषज्ञों द्वारा उन आपत्तियों के निस्तारण के बाद फाइनल रिजल्ट तैयार किया गया है।

BSEB STET Result 2025 कैसे चेक करें? (स्टेप-बाय-स्टेप गाइड)

अभ्यर्थी नीचे दिए गए सरल चरणों का पालन करके अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं:

आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले BSEB की आधिकारिक वेबसाइट bsebstet.com पर जाएं।

रिजल्ट लिंक पर क्लिक करें: होमपेज पर ‘STET Result 2025’ या ‘Scorecard’ का लिंक दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें।

लॉगिन क्रेडेंशियल भरें: अब अपना एप्लीकेशन नंबर और जन्म तिथि (DOB) दर्ज करें।

कैप्चा कोड दर्ज करें: स्क्रीन पर दिख रहे सुरक्षा कोड को भरें और ‘Login’ बटन पर क्लिक करें।

रिजल्ट देखें: आपका स्कोरकार्ड स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगा। इसमें आपके विषयवार अंक और क्वालिफाइंग स्टेटस (Pass/Fail) दर्ज होगा।

प्रिंटआउट लें: भविष्य के संदर्भ के लिए अपने रिजल्ट का प्रिंटआउट जरूर निकाल लें।

श्रेणीवार पासिंग मार्क्स: किसे मिलेंगे कितने अंक?

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इस परीक्षा के लिए न्यूनतम अर्हता अंक (Qualifying Marks) पहले ही निर्धारित कर दिए थे। अभ्यर्थियों को पास घोषित होने के लिए अपनी श्रेणी के अनुसार निम्नलिखित प्रतिशत अंक प्राप्त करने अनिवार्य हैं:

श्रेणी (Category) | पासिंग प्रतिशत

• सामान्य वर्ग (General) 50%

• पिछड़ा वर्ग (BC) 45.5%

• अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) 42.5%

• SC / ST वर्ग 40%

• दिव्यांग (PH) 40%

• महिला अभ्यर्थी 40%

नोट: एसटीईटी एक पात्रता परीक्षा है। इसमें सफल होने का अर्थ यह नहीं है कि आपको सीधे नौकरी मिल जाएगी, बल्कि आप बिहार में निकलने वाली शिक्षक बहाली (TRE) की प्रक्रियाओं में आवेदन करने के पात्र हो जाएंगे।

नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया का महत्व

चूंकि एसटीईटी परीक्षा कई दिनों तक और अलग-अलग शिफ्टों में आयोजित की गई थी, इसलिए बोर्ड अंकों के निर्धारण के लिए नॉर्मलाइजेशन (Normalization) पद्धति का उपयोग कर रहा है।

अक्सर अलग-अलग शिफ्ट में प्रश्नपत्रों का कठिनाई स्तर अलग होता है। किसी शिफ्ट में पेपर आसान होता है तो किसी में कठिन। अभ्यर्थियों के साथ न्याय सुनिश्चित करने के लिए ‘Variation’ को संतुलित किया जाता है। यही कारण है कि कुछ अभ्यर्थियों के वास्तविक अंक और फाइनल स्कोरकार्ड के अंकों में थोड़ा अंतर देखने को मिल सकता है।

बिहार में शिक्षक भर्ती की अगली राह

STET 2025 का रिजल्ट जारी होने के बाद सफल अभ्यर्थियों के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित की जाने वाली आगामी शिक्षक नियुक्ति परीक्षाओं (TRE) में ये अभ्यर्थी शामिल हो सकेंगे।

बिहार सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त पड़े शिक्षकों के पदों को जल्द से जल्द भरा जाए। शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, गणित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे विषयों में शिक्षकों की भारी कमी है, जिसे इन योग्य उम्मीदवारों के माध्यम से पूरा किया जाएगा।

अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज

रिजल्ट के बाद सफल उम्मीदवारों को अपने निम्नलिखित दस्तावेज तैयार रखने चाहिए:

• STET एडमिट कार्ड की कॉपी।

• आधिकारिक स्कोरकार्ड का प्रिंट।

• शैक्षणिक प्रमाण पत्र (मैट्रिक से स्नातकोत्तर तक)।

• जाति और निवास प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)।

तकनीकी समस्या आने पर क्या करें?

अक्सर रिजल्ट जारी होने के तुरंत बाद भारी ट्रैफिक के कारण आधिकारिक वेबसाइट bsebstet.com क्रैश हो जाती है या धीमी चलने लगती है। ऐसी स्थिति में अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि:

• थोड़ा धैर्य रखें और पेज को बार-बार रिफ्रेश न करें।

• ब्राउज़र की ‘Cache’ मेमोरी क्लियर करके दोबारा प्रयास करें।

• इंटरनेट कनेक्शन की गति की जांच करें।

• यदि फिर भी समस्या आए, तो कुछ घंटों बाद लॉगिन करने का प्रयास करें।

बिहार STET 2025 का परिणाम केवल एक परीक्षा का नतीजा नहीं है, बल्कि बिहार के उन लाखों युवाओं के सपनों की उड़ान है जो शिक्षा के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं। बोर्ड की यह तत्परता दर्शाती है कि राज्य में शिक्षक बहाली की प्रक्रिया अब और तेज होने वाली है। सभी सफल अभ्यर्थियों को भविष्य के लिए अग्रिम शुभकामनाएं।

क्या आप इस बार के परीक्षा परिणाम और नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया से संतुष्ट हैं? अपनी राय हमें नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

Read more

पटना का मीठापुर बनेगा ‘एजुकेशन हब’ : बिहार स्वास्थ्य विज्ञान और इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी का काम तेज, जानें क्या है खास

पटना

Patna Mithapur University Update: बिहार की राजधानी पटना का मीठापुर इलाका अब सिर्फ एक बस स्टैंड के नाम से नहीं, बल्कि राज्य के सबसे बड़े ‘एजुकेशनल हब’ के रूप में पहचाना जाएगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में मीठापुर में निर्माणाधीन बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (BUHS) और बिहार इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी (BEU) के भवनों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को इसे जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

आइए जानते हैं, इन दोनों मेगा प्रोजेक्ट्स की पूरी डिटेल और यह बिहार के छात्रों के लिए कैसे गेम-चेंजर साबित होने वाले हैं।

बिहार इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी (BEU)

बिहार के इंजीनियरिंग छात्रों के लिए यह कैंपस किसी वरदान से कम नहीं होगा। 27 जुलाई 2022 को स्थापित इस यूनिवर्सिटी के लिए सरकार ने मीठापुर में 5 एकड़ जमीन आवंटित की है।

  • मुख्य भवन: यह एक भव्य 4-मंजिला इमारत होगी, जिसका कुल क्षेत्रफल लगभग 1,11,732 वर्गफीट है।
  • कैंपस की सुविधाएं:
  • भूतल (Ground Floor): यहां डीन, रजिस्ट्रार के दफ्तर और एक आधुनिक कैफेटेरिया होगा।
  • प्रथम तल: कुलपति (VC) कार्यालय और मीटिंग हॉल।
  • ऊपरी मंजिलें: मूल्यांकन केंद्र, पांच बड़े अभिलेखागार (Archives) और बहुउद्देशीय हॉल।
  • गेस्ट हाउस: परिसर में 8 कमरे और 4 सुइट्स वाला एक लग्जरी गेस्ट हाउस भी बनाया जा रहा है।

पटना

बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (BUHS):

‘सात निश्चय-2’ योजना के तहत बिहार में चिकित्सा शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए इस यूनिवर्सिटी का निर्माण किया जा रहा है।

  • विशाल क्षेत्रफल: इस प्रोजेक्ट का कुल क्षेत्रफल 27,567 वर्गमीटर है।
  • दो हिस्सों में प्रोजेक्ट:
  • मुख्य यूनिवर्सिटी भवन: इसमें प्रशासनिक ब्लॉक, आधुनिक परीक्षा कक्ष, डिस्पेंसरी और ट्रेनिंग-कम-प्लेसमेंट सेल होगा।
  • उपभवन (Annex): यहां कुलपति का आवास, यूनिवर्सिटी गेस्ट हाउस और एक बड़ा ऑडिटोरियम बनाया जा रहा है।
  • लक्ष्य: राज्य के सभी मेडिकल, पैरामेडिकल और नर्सिंग कॉलेजों का संचालन यहीं से सुचारू रूप से होगा।

मीठापुर: पटना का नया ‘नॉलेज सिटी’

मीठापुर अब केवल इन दो यूनिवर्सिटीज तक सीमित नहीं है। यहाँ पहले से ही कई बड़े संस्थान मौजूद हैं, जो इस क्षेत्र को बिहार का ‘ऑक्सफोर्ड’ बना रहे हैं:

  • चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (CNLU)
  • चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान (CIMP)
  • आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय (AKU)
  • निफ्ट (NIFT) पटना
  • मौलाना मजहरूल हक अरबी-फारसी विश्वविद्यालय

विशेष आकर्षण: स्मार्ट सिटी मिशन के तहत यहां 30 करोड़ की लागत से एक कॉमन फैसिलिटी सेंटर भी बनाया जा रहा है, जहां छात्रों को एक ही छत के नीचे पढ़ाई, शॉपिंग, जिम और ‘दीदी की रसोई’ जैसी सुविधाएं मिलेंगी।

पटना

छात्रों के लिए क्या बदलेगा?

इन भवनों के तेजी से हो रहे निर्माण का सीधा फायदा बिहार के युवाओं को मिलेगा। अब हाई-लेवल तकनीकी और मेडिकल शिक्षा के लिए छात्रों को दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता (Quality) के साथ कोई समझौता नहीं होगा और समय सीमा के अंदर इसे पूरा कर लिया जाएगा।

बिहार सरकार का यह कदम राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षा व्यवस्था को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा। मीठापुर मेट्रो स्टेशन की कनेक्टिविटी होने से यहाँ छात्रों का आना-जाना और भी आसान हो जाएगा।

क्या आपको लगता है कि मीठापुर जल्द ही कोटा या दिल्ली के मुखर्जी नगर जैसा बड़ा एजुकेशन सेंटर बन पाएगा? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं!

Read more