Operation Hard Ball: अमेरिका का बिश्नोई गैंग पर सबसे बड़ा एक्शन, जानें 24 गिरफ्तारियों और ग्लोबल सिंडिकेट के खूंखार राज!

Operation Hard Ball

अमेरिका, कनाडा और यूरोप की पुलिस ने मिलकर एक ऐसा चक्रव्यूह रचा है जिसने भारत के सबसे कुख्यात संगठित अपराध नेटवर्क की कमर तोड़ दी है। इस सीक्रेट और बहुप्रतीक्षित मिशन का नाम है ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ (Operation Hard Ball)। लॉस एंजिल्स में बैठे अमेरिकी अधिकारियों ने ऐलान किया है कि सालों लंबी गहरी जांच के बाद दुनिया भर से 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह कोई आम छापेमारी नहीं थी, बल्कि 50 से अधिक लोकेशन्स पर एक साथ धावा बोला गया था।

ऑपरेशन हार्ड बॉल: करोड़ों की ड्रग्स और हथियारों का जखीरा बरामद

कुल 37 लोगों पर चार्जशीट दायर हुई है, जिनमें खुद साबरमती जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई और उसका खास गुर्गा गोल्डी बराड़ शामिल है। पुलिस ने इस बड़े ऑपरेशन के दौरान लगभग 1000 किलो कोकीन, भारी मात्रा में हेरोइन, दर्जनों घातक हथियार और हजारों डॉलर का संदिग्ध कैश भी बरामद किया है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर भारत की एक जेल में बैठा कैदी इतना बड़ा ग्लोबल सिंडिकेट कैसे चला रहा था?

जेल से ग्लोबल सिंडिकेट: तकनीक का काला इस्तेमाल

जांच एजेंसियों के विस्तृत एनालिसिस के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई भारत की जेल की सुरक्षित चारदीवारी के अंदर से ही पूरी दुनिया में अपना काला कारोबार ऑपरेट कर रहा था। वह जेल में स्मगल किए गए मोबाइल फोन और वॉइस-ओवर-इंटरनेट कॉलिंग डिवाइस का इस्तेमाल करके अपने गैंग को कमांड दे रहा था। यह गैंग अब सिर्फ जबरन वसूली तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक अंतरराष्ट्रीय माफिया बन चुका है जो अमेरिका और कनाडा के बीच कमर्शियल ट्रकों के जरिए करोड़ों की ड्रग्स की स्मगलिंग करवाता है। बिश्नोई अपने लोगों को विदेशी सरजमीं पर सेटल करने का लालच देकर उनसे बड़े-बड़े क्राइम करवाता है।

कनाडा का हाई-प्रोफाइल मर्डर और खौफ का बिजनेस मॉडल

इस ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ के पीछे का सबसे बड़ा ट्रिगर पॉइंट कनाडा में हुआ एक हाई-प्रोफाइल मर्डर था। अमेरिकी संघीय चार्जशीट में स्पष्ट रूप से आरोप लगाया गया है कि लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ ने ही जून 2023 में कनाडा के सरे (Surrey) में सिख अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आदेश दिया था। गैंग इन बड़ी राजनीतिक हत्याओं और वीआईपी लोगों के घरों पर फायरिंग की घटनाओं का इस्तेमाल भारतीय मूल के लोगों और विदेशों में बसे प्रवासियों के बीच दहशत फैलाने के लिए करता है। जितनी बड़ी दहशत फैलेगी, उतनी ही बड़ी फिरौती की रकम मिलेगी—यही इनका असली बिजनेस मॉडल बन चुका था।

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भारत सरकार और NIA का पलटवार

भारत में भी सरकार और जांच एजेंसियां इस सिंडिकेट को जड़ से कुचलने के लिए पूरी ताकत लगा रही हैं। राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) ने लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ के इस नेक्सस को ‘नया अंडरवर्ल्ड’ करार दिया है। एनआईए का साफ कहना है कि यह गैंग 1993 के मुंबई ब्लास्ट से पहले वाले दाऊद इब्राहिम के अंडरवर्ल्ड की तर्ज पर काम कर रहा है, जहाँ इनका सीधा कनेक्शन म्यूजिक इंडस्ट्री, गायकों और खेल जगत से जुड़ चुका है। भारत सरकार के कड़े एक्शन के तहत, पिछले साल अगस्त से लेकर अब तक एनआईए और दिल्ली पुलिस ने करीब 300 गैंगस्टरों और उनके सहयोगियों को सलाखों के पीछे धकेल दिया है।

आतंक के खिलाफ एक ग्लोबल मैसेज

‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ ने यह साबित कर दिया है कि आज के दौर में अपराध की कोई सीमा या सरहद नहीं होती। सिस्टम की जिन खामियों का फायदा उठाकर अपराधी जेल से अपना साम्राज्य चलाते हैं, अब अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां उसी सिस्टम को दुरुस्त कर रही हैं। यह दुनिया भर के उन तमाम क्रिमिनल नेटवर्क्स के लिए एक सीधा और सख्त संदेश है कि ग्लोबल आतंक का यह खूनी खेल अब और नहीं चलेगा।

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