UP SC Tractor Subsidy Scheme 2026: SC किसानों की मौज! 45 HP ट्रैक्टर पर मिल रही ₹3 लाख की भारी छूट, जानें आवेदन का तरीका

SC Tractor Subsidy Scheme

UP SC Tractor Subsidy Scheme 2026: उत्तर प्रदेश के अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के किसान भाइयों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी आई है। योगी सरकार ने खेती को आसान और आधुनिक बनाने के लिए ‘ट्रैक्टर अनुदान योजना’ के तहत भारी सब्सिडी का ऐलान किया है। इस योजना के अंतर्गत, यदि आप 45 HP (हॉर्सपावर) तक का ट्रैक्टर खरीदते हैं, तो सरकार आपको 3 लाख रुपये तक की सब्सिडी दे रही है। आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसकी आखिरी तारीख जनवरी 2026 के अंत तक है। अगर आप भी खेती के लिए अपना ट्रैक्टर खरीदना चाहते हैं, तो यह आपके पास सबसे अच्छा मौका है।

क्या है यूपी ट्रैक्टर अनुदान योजना और कितना मिलेगा लाभ?

उत्तर प्रदेश कृषि विभाग द्वारा संचालित इस योजना का मुख्य उद्देश्य दलित और पिछड़े वर्ग के किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करना है। के अनुसार, 45 HP तक के ट्रैक्टरों पर कुल कीमत का लगभग 40% से 50% तक अनुदान दिया जा रहा है, जिसकी अधिकतम सीमा 3 लाख रुपये तय की गई है।

UP SC Tractor Subsidy Scheme 2026

इसका मतलब है कि अगर आप 6-7 लाख रुपये का ट्रैक्टर चुनते हैं, तो आपको अपनी जेब से सिर्फ आधी कीमत ही देनी होगी, बाकी पैसा सरकार सीधे आपके बैंक खाते में भेजेगी। इस योजना से न केवल जुताई और बुआई का खर्च कम होगा, बल्कि किसानों की आय में भी जबरदस्त बढ़ोतरी होगी।

कौन ले सकता है इस योजना का फायदा? (पात्रता नियम)

इस योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ आसान शर्तें रखी हैं:

SC श्रेणी: आवेदक का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी और अनुसूचित जाति (SC) से होना अनिवार्य है।

जमीन का स्वामित्व: किसान के नाम पर अपनी खेती योग्य जमीन (कम से कम 1 एकड़) होनी चाहिए।

नया ट्रैक्टर: यह लाभ केवल नया ट्रैक्टर खरीदने पर ही मिलेगा। जिनके पास पहले से ट्रैक्टर है, वे इसके पात्र नहीं होंगे।

उम्र सीमा: आवेदक की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। के मुताबिक, महिला किसानों और स्वयं सहायता समूहों को इसमें प्राथमिकता दी जा रही है।

आवेदन के लिए जरूरी कागजात

फॉर्म भरते समय अपने पास ये दस्तावेज जरूर रखें ताकि आवेदन रिजेक्ट न हो:

• आधार कार्ड और मोबाइल नंबर (बैंक से लिंक)।

• जाति प्रमाण पत्र (SC Certificate)।

• जमीन के कागजात (खतौनी/जमाबंदी)।

• बैंक पासबुक की फोटोकॉपी।

• पासपोर्ट साइज फोटो।

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

आवेदन की प्रक्रिया को बहुत सरल रखा गया है, जिसे आप घर बैठे या नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) से पूरा कर सकते हैं:

• सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट upagriculture.com या dbt.up.gov.in पर जाएं।

• होमपेज पर ‘यंत्र हेतु टोकन निकालें’ या ‘अनुदान पर कृषि यंत्र’ वाले विकल्प को चुनें।

• अपना किसान पंजीकरण नंबर दर्ज करें। यदि पंजीकरण नहीं है, तो पहले ‘नया पंजीकरण’ करें।

• ट्रैक्टर (45 HP) के विकल्प को चुनें और फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी भरें।

• सभी जरूरी दस्तावेजों को स्कैन करके अपलोड करें और ‘सबमिट’ बटन दबाएं। के अनुसार, आवेदन के बाद विभाग द्वारा सत्यापन किया जाएगा और चयन होने पर आपको SMS के जरिए सूचित किया जाएगा।

क्यों है यह योजना किसानों के लिए गेम चेंजर?

उत्तर प्रदेश के कई जिलों जैसे बुलंदशहर, बलिया और गोरखपुर में इस योजना का असर दिखने लगा है। परंपरागत खेती (बैलों से खेती) में समय और मेहनत ज्यादा लगती थी, लेकिन अब ट्रैक्टर की मदद से किसान कम समय में ज्यादा पैदावार कर पा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 तक इस योजना के जरिए यूपी के 50% से अधिक SC किसानों के पास अपना ट्रैक्टर होगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

UP SC Tractor Subsidy Scheme 2026

आखिरी तारीख का रखें ध्यान

किसान भाइयों, ध्यान रहे कि इस योजना के तहत सीटें सीमित हैं और आवेदन की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2026 है। इसलिए अंतिम समय की भीड़ से बचने के लिए आज ही अपना पंजीकरण सुनिश्चित करें। अधिक जानकारी के लिए आप अपने जिले के विकास भवन या प्रखंड कृषि कार्यालय (BAO) में संपर्क कर सकते हैं।

खेती को बनाएं आधुनिक, बढ़ाएं अपनी शान। यूपी सरकार दे रही ट्रैक्टर, खुशहाल होगा किसान!

अधिक जानकारी के लिए यूपी कृषि विभाग की हेल्पलाइन 1800-180-1551 पर कॉल करें।

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स्टाइलिश लुक और धांसू फीचर्स! लॉन्च हुई नई Bajaj Pulsar 125, कम कीमत में मिलेगा स्पोर्टी मजा

Bajaj Pulsar

अगर आप एक ऐसी बाइक की तलाश में हैं जो देखने में दमदार हो, माइलेज में किफायती हो और आपकी जेब पर भी भारी न पड़े, तो बजाज ऑटो ने आपकी मुराद पूरी कर दी है। भारतीय सड़कों पर राज करने वाली ‘पल्सर’ सीरीज की सबसे छोटी लेकिन धाकड़ बाइक, Bajaj Pulsar 125 का नया अवतार बाजार में दस्तक दे चुका है।

बेहतरीन ग्राफिक्स और मॉडर्न फीचर्स के साथ आई यह बाइक न केवल युवाओं को लुभा रही है, बल्कि कम बजट में प्रीमियम अनुभव चाहने वालों के लिए भी एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरी है। आइए जानते हैं इस नई पल्सर में क्या कुछ खास है।

Bajaj Pulsar

शानदार लुक और मॉडर्न डिजाइन

नई Bajaj Pulsar 125 को कंपनी ने ‘मस्कुलर’ और ‘एग्रेसिव’ डिजाइन दिया है। इसके 2026 मॉडल में सबसे बड़ा बदलाव इसकी लाइटिंग में देखने को मिलता है। अब इसमें नए LED हेडलैंप और टर्न इंडिकेटर्स दिए गए हैं, जो रात के अंधेरे में न सिर्फ बेहतर विजिबिलिटी देते हैं बल्कि बाइक को एक प्रीमियम लुक भी प्रदान करते हैं। इसके सिग्नेचर टैंक श्राउड्स और नए ग्राफिक्स इसे सड़क पर चलते समय भीड़ से अलग दिखाते हैं। कंपनी ने इसे 10 अलग-अलग कलर ऑप्शंस में पेश किया है, ताकि हर कोई अपनी पसंद का रंग चुन सके।

इंजन और दमदार परफॉर्मेंस

पल्सर की पहचान हमेशा से उसकी पावर रही है। इस नई पल्सर 125 में 124.4cc का एयर-कूल्ड सिंगल-सिलेंडर DTS-i इंजन इस्तेमाल किया गया है। यह इंजन 11.8 PS की पावर और 10.8 Nm का टॉर्क जेनरेट करने में सक्षम है। शहर की भीड़भाड़ वाली सड़कों पर चलने के लिए इसमें 5-स्पीड गियरबॉक्स दिया गया है, जो काफी स्मूथ राइडिंग का अनुभव देता है।

माइलेज की बात करें तो यह बाइक 51.46 kmpl तक का शानदार माइलेज देने का दावा करती है। वहीं, इसकी टॉप स्पीड 99 kmph है, जो 125cc सेगमेंट के हिसाब से काफी प्रभावशाली है।

फीचर्स जो इसे बनाते हैं खास

बजाज ने इस बार फीचर्स के मामले में कोई कंजूसी नहीं की है। बाइक में अब एक डिजिटल कंसोल मिलता है, जिसमें राइडर को जरूरी जानकारियां आसानी से दिख जाती हैं। सुरक्षा के लिहाज से इसमें कॉम्बी ब्रेकिंग सिस्टम (CBS) के साथ डिस्क और ड्रम ब्रेक्स के विकल्प दिए गए हैं। इसका 11.5 लीटर का फ्यूल टैंक लंबी दूरी तय करने में मदद करता है, जबकि 142 किलोग्राम का वजन इसे बैलेंस और कंट्रोल करने में आसान बनाता है।

कीमत और वेरिएंट्स: कितनी ढीली होगी जेब?

Bajaj Pulsar 125 को तीन मुख्य वेरिएंट्स— Neon, Carbon Fibre और Single Seat में पेश किया गया है। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹89,910 रखी गई है। हालांकि, अलग-अलग राज्यों और शहरों के टैक्स के अनुसार इसकी ऑन-रोड कीमत ₹1 लाख से ₹1.1 लाख के बीच जा सकती है। पिछले मॉडल के मुकाबले कीमतों में मामूली बढ़ोतरी जरूर हुई है, लेकिन नए फीचर्स इसे ‘वैल्यू फॉर मनी’ बनाते हैं।

Bajaj Pulsar

किनसे है इसका मुकाबला?

भारतीय बाजार में 125cc सेगमेंट में मुकाबला काफी कड़ा है। नई पल्सर 125 का सीधा मुकाबला Honda SP 125, TVS Raider 125 और Hero Glamour जैसी दिग्गज बाइक्स से है। जहां TVS Raider अपने मॉडर्न लुक्स के लिए जानी जाती है, वहीं पल्सर अपनी मजबूती और ब्रांड वैल्यू के कारण लोगों की पहली पसंद बनी हुई है।

अगर आप एक कॉलेज स्टूडेंट हैं या ऑफिस जाने के लिए एक स्टाइलिश और टिकाऊ बाइक ढूंढ रहे हैं, तो नई Bajaj Pulsar 125 आपके लिए एक परफेक्ट पैकेज साबित हो सकती है। इसकी कम मेंटेनेंस और दमदार रीसेल वैल्यू इसे इस सेगमेंट की अन्य बाइक्स से एक कदम आगे रखती है।

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बिहार राज्य फसल सहायता योजना 2025-26: प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए आवेदन शुरू, जानें अंतिम तिथि और प्रक्रिया

बिहार

बिहार के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। राज्य सरकार ने रबी 2025-26 के तहत प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। ‘बिहार राज्य फसल सहायता योजना’ के माध्यम से ओलावृष्टि, बेमौसम बारिश और पाले जैसी समस्याओं से फसल गंवाने वाले किसानों को अब सीधे आर्थिक मुआवजा दिया जाएगा। सहकारिता विभाग ने इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसकी अंतिम तिथियां भी घोषित हो चुकी हैं।

फसल सहायता योजना 2025-26

फसल के अनुसार आवेदन की समय सीमा (डेडलाइन)

सरकार ने अलग-अलग फसलों के लिए आवेदन की अलग-अलग समय सीमा तय की है, ताकि किसानों को पर्याप्त समय मिल सके। आज की तारीख (22 जनवरी 2026) के लिहाज से, कुछ फसलों के लिए समय कम बचा है:

• राई, सरसों, आलू और रबी टमाटर: इन फसलों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2026 है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अगले एक हफ्ते में आवेदन जरूर कर लें।

• चना, मसूर और रबी प्याज: इन फसलों के किसान 15 फरवरी 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।

• गेहूं, रबी मक्का और ईख (गन्ना): सबसे मुख्य फसलों के लिए अंतिम तिथि 28 फरवरी 2026 रखी गई है।

• रबी अरहर, बैंगन, मिर्च और गोभी: इन सब्जियों और दालों के लिए किसान 31 मार्च 2026 तक आवेदन कर पाएंगे।

कितना मिलेगा मुआवजा?

इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को जोखिम से बचाना है। मुआवजे की राशि नुकसान के प्रतिशत के आधार पर तय की गई है:

• 20% तक की हानि पर: ₹7,500 प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता दी जाएगी।

• 20% से अधिक की हानि पर: ₹10,000 प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा मिलेगा।

एक किसान अधिकतम 2 हेक्टेयर तक की फसल के लिए लाभ उठा सकता है। यह राशि सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से किसान के बैंक खाते में भेजी जाएगी।

पात्रता और जरूरी दस्तावेज

इस योजना का लाभ बिहार के रैयत (अपनी भूमि वाले) और गैर-रैयत (बटाईदार) दोनों तरह के किसान ले सकते हैं। आवेदन के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:

• अद्यतन भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र (31 मार्च 2025 तक वैध)।

• आधार कार्ड और बैंक पासबुक।

• स्व-घोषणा पत्र (बटाईदार किसानों के लिए अनिवार्य)।

• बुआई क्षेत्र का विवरण और जियो-टैग्ड फोटो।

आवेदन कैसे करें?

इच्छुक किसान बिहार सरकार के आधिकारिक पोर्टल dbtbihar.gov.in या esahkari.bihar.gov.in पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। यदि किसी किसान को ऑनलाइन आवेदन में परेशानी हो रही है, तो वे अपने संबंधित प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी (BCS) से मदद ले सकते हैं। ध्यान रहे कि आवेदन के बाद फसल कटाई प्रयोग (CCE) के जरिए वास्तविक उपज की कमी की जांच की जाएगी, जिसके आधार पर भुगतान 31 जुलाई 2026 तक कर दिया जाएगा।

फसल सहायता योजना 2025-26

चुनौतियां और किसानों के लिए सुझाव

यह योजना बिहार की कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था के लिए संजीवनी के समान है। हालांकि, पिछले अनुभवों को देखें तो आधार कार्ड और भूमि रिकॉर्ड में विसंगति के कारण कई किसान लाभ से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में किसानों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन करते समय अपने दस्तावेजों की अच्छे से जांच कर लें। सरकार का लक्ष्य इस वर्ष 85% से अधिक प्रभावित किसानों को कवर करने का है, ताकि नीतीश सरकार की ‘किसान-प्रथम’ नीति को सफल बनाया जा सके।

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क्रिकेट के मैदान पर अब दौड़ेगा AI! Google Gemini ने IPL के साथ की ₹270 करोड़ की मेगा डील, जानें फैंस को क्या मिलेगा खास

क्रिकेट

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के आगाज़ से पहले एक बहुत बड़ी व्यावसायिक साझेदारी की घोषणा की है। दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी गूगल के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म, Gemini, ने आईपीएल के साथ तीन साल के लिए स्पॉन्सरशिप करार किया है। यह डील न केवल पैसों के लिहाज से बड़ी है, बल्कि यह इस बात का भी संकेत है कि अब खेलों की दुनिया में तकनीक और AI का बोलबाला बढ़ने वाला है।

AI! Google Gemini

₹270 करोड़ की भारी-भरकम डील: अगले 3 साल के लिए पक्का हुआ साथ

ताजा रिपोर्ट्स और बीसीसीआई अधिकारियों के मुताबिक, यह समझौता करीब ₹270 करोड़ का है। यह पार्टनरशिप IPL 2026 से 2028 तक के तीन सीज़न के लिए वैध रहेगी। इस हिसाब से गूगल हर साल आईपीएल में लगभग ₹90 करोड़ का निवेश करेगा। बीसीसीआई के एक अधिकारी ने बताया कि यह डील आईपीएल की वैश्विक अपील और उसकी बढ़ती ब्रांड वैल्यू को और मजबूती प्रदान करती है।

AI और क्रिकेट का संगम: फैंस के लिए क्या बदलेगा?

गूगल जेमिनी का आईपीएल से जुड़ना सिर्फ विज्ञापनों तक सीमित नहीं होगा। माना जा रहा है कि यह साझेदारी फैंस के मैच देखने के अनुभव को पूरी तरह बदल देगी।

रियल-टाइम आंकड़े: मैच के दौरान AI की मदद से खिलाड़ियों के प्रदर्शन का सटीक और गहरा विश्लेषण देखने को मिल सकता है。

पर्सनलाइज्ड इंगेजमेंट: डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फैंस के लिए खास AI टूल्स पेश किए जा सकते हैं, जिससे वे खेल के साथ और बेहतर तरीके से जुड़ सकेंगे。

आधुनिक अनुभव: ब्रॉडकास्ट और लाइव स्ट्रीमिंग के दौरान इंटरएक्टिव AI कंटेंट का इस्तेमाल होने की उम्मीद है।

बाजार में बढ़ती AI कंपनियों की होड़

यह पहली बार नहीं है जब कोई AI ब्रांड क्रिकेट से जुड़ा है। इससे पहले जेमिनी की प्रतिद्वंदी कंपनी ChatGPT ने विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) के साथ ₹16 करोड़ की दो साल की डील की थी। अब आईपीएल जैसे बड़े मंच पर जेमिनी की एंट्री ने यह साफ कर दिया है कि भविष्य में AI कंपनियां स्पोर्ट्स एडवरटाइजिंग में वही जगह लेंगी, जो कभी फैंटेसी स्पोर्ट्स (जैसे Dream11) का हुआ करता था。

AI! Google Gemini

IPL 2026 का पूरा शेड्यूल और अन्य स्पॉन्सर्स

IPL 2026 का आयोजन 26 मार्च से 31 मई तक किया जाएगा। वर्तमान में Tata Group के पास आईपीएल के टाइटल स्पॉन्सरशिप राइट्स बरकरार हैं। वहीं, टीम इंडिया की जर्सी के लिए अपोलो टायर्स के साथ पहले ही एक बड़ी डील हो चुकी है। गूगल जेमिनी के जुड़ने से आईपीएल अब दुनिया की सबसे आधुनिक और टेक-फ्रेंडली स्पोर्ट्स लीग बनने की राह पर है।

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Samsung Galaxy S26 Ultra का इंतज़ार खत्म! फरवरी में धमाका करने आ रही है नई सीरीज, जानें फीचर्स और कीमत

Samsung Galaxy S26 Ultra

स्मार्टफोन की दुनिया में अगर किसी एक सीरीज का सबसे ज्यादा इंतज़ार होता है, तो वह है सैमसंग की ‘S’ सीरीज। टेक जगत में छाई ताजा खबरों के अनुसार, Samsung Galaxy S26 Series जल्द ही दस्तक देने वाली है। अगर आप भी एक पावरफुल स्मार्टफोन खरीदने का मन बना रहे हैं, तो यह खबर खास आपके लिए है। आइए जानते हैं इस नई सीरीज में क्या कुछ खास होने वाला है।

Samsung Galaxy S26 Ultra

कब होगा बड़ा खुलासा?

सैमसंग के चाहने वालों के लिए एक बड़ा अपडेट है। पहले चर्चा थी कि यह फोन जनवरी के अंत में आ सकता है, लेकिन ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, सैमसंग अपना मेगा इवेंट ‘Galaxy Unpacked’ 25 फरवरी 2026 को आयोजित करने जा रहा है। इसी दिन दुनिया के सामने S26, S26+ और S26 Ultra से पर्दा उठेगा। वहीं, इसकी सेल 11 मार्च 2026 से शुरू होने की उम्मीद है।

कैसा होगा डिस्प्ले और डिजाइन?

सैमसंग हमेशा अपने बेहतरीन डिस्प्ले के लिए जाना जाता है। इस बार Galaxy S26 Ultra में 6.8-इंच की QHD+ AMOLED स्क्रीन मिल सकती है। इसमें LTPO टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है, जो 1Hz से 120Hz तक रिफ्रेश रेट को खुद-ब-खुद एडजस्ट कर लेती है। साथ ही, सुरक्षा के लिए इसमें गोरिल्ला ग्लास विक्टस 3 (Gorilla Glass Victus 3) का प्रोटेक्शन मिलने की संभावना है।

प्रोसेसर और परफॉर्मेंस: अब और भी तेज

इस सीरीज का सबसे बड़ा आकर्षण इसका प्रोसेसर होगा। लीक हुई जानकारी के अनुसार, इसमें Snapdragon 8 Elite 2 चिपसेट का इस्तेमाल किया जाएगा। यह न सिर्फ फोन को सुपरफास्ट बनाएगा, बल्कि इसमें एडवांस AI (Artificial Intelligence) फीचर्स भी मिलेंगे जो आपके फोटोग्राफी और मल्टीटास्किंग के अनुभव को बदल देंगे। बैटरी की बात करें तो बेस मॉडल में भी 45W की फास्ट चार्जिंग मिलने की चर्चा है।

Samsung Galaxy S26 Ultra

कैमरा: फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए तोहफा

सैमसंग के अल्ट्रा मॉडल का कैमरा हमेशा से चर्चा में रहता है। S26 Ultra में 200MP का मुख्य सेंसर होने की उम्मीद है। इसके अलावा 50MP का अल्ट्रावाइड और 50MP का टेलीफोटो लेंस (5x ज़ूम के साथ) मिल सकता है। सेल्फी लवर्स के लिए इसमें नया 50MP का फ्रंट कैमरा दिया जा सकता है, जो कम रोशनी में भी शानदार तस्वीरें खींचेगा।

कीमत और प्री-ऑर्डर (Price and Pre-order)

भारतीय बाजार में Galaxy S26 Ultra की अनुमानित कीमत ₹1,35,000 से ₹1,70,000 के बीच हो सकती है। फोन के प्री-ऑर्डर 25 फरवरी को लॉन्च के तुरंत बाद शुरू हो सकते हैं। जो ग्राहक प्री-ऑर्डर करेंगे, उन्हें सैमसंग की तरफ से कुछ खास ऑफर्स जैसे- फ्री गैलेक्सी वॉच या बड्स का फायदा मिल सकता है।

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इलेक्ट्रिक स्कूटरों की दुनिया में तहलका: Ultraviolette Tesseract की एंट्री, 261km की रेंज और डैशकैम जैसे धांसू फीचर्स!

Ultraviolette

भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में Ultraviolette अपनी दमदार बाइक्स के लिए जानी जाती है, लेकिन इस बार कंपनी ने Tesseract के रूप में एक ऐसा मैक्सी-स्कूटर पेश किया है जो स्टाइल और टेक्नोलॉजी के मामले में किसी को भी पीछे छोड़ सकता है। अगर आप एक ऐसा इलेक्ट्रिक वाहन ढूंढ रहे हैं जो न केवल दिखने में प्रीमियम हो बल्कि परफॉर्मेंस में भी ‘सुपरबाइक’ जैसा अहसास दे, तो यह खबर आपके लिए है।

इलेक्ट्रिक स्कूटरों

पावर और परफॉर्मेंस: रॉकेट जैसी रफ़्तार

Ultraviolette Tesseract सिर्फ एक साधारण स्कूटर नहीं है। इसमें 20.4 bhp की पावर वाली मोटर लगी है, जो इसे 125 किमी/घंटा की टॉप स्पीड तक ले जाती है। इसकी सबसे हैरान करने वाली बात इसकी रफ़्तार है—यह महज 2.9 सेकंड में 0 से 60 किमी/घंटा की स्पीड पकड़ लेता है। शहर की ट्रैफिक भरी सड़कों पर यह किसी भी पेट्रोल स्कूटर को आसानी से पीछे छोड़ सकता है।

रेंज का टेंशन खत्म: तीन बैटरी विकल्प

अक्सर इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने वालों के मन में रेंज को लेकर डर रहता है, लेकिन Tesseract ने इसका भी हल निकाल लिया है। कंपनी ने इसे तीन अलग-अलग बैटरी पैक के साथ पेश किया है:

• 3.5kWh मॉडल: 162 किमी की रेंज।

• 5kWh मॉडल: 220 किमी की रेंज।

• 6kWh मॉडल: सबसे प्रीमियम वेरिएंट, जो एक बार चार्ज करने पर 261 किमी (IDC) की दूरी तय करेगा।

खास बात यह है कि इसकी फास्ट चार्जिंग तकनीक से आप बैटरी को 1 घंटे से भी कम समय में 80% तक चार्ज कर सकते हैं।

फ्यूचरिस्टिक फीचर्स: रडार और डैशकैम से लैस

Tesseract को भारत का सबसे स्मार्ट स्कूटर कहा जा रहा है क्योंकि इसमें कई ऐसे फीचर्स हैं जो आमतौर पर लग्जरी कारों में मिलते हैं। इसमें 7-इंच की बड़ी TFT स्क्रीन दी गई है जिसमें GPS नेविगेशन और ब्लूटूथ की सुविधा है। सुरक्षा के लिए इसमें फ्रंट और रियर डैशकैम लगाए गए हैं, जो दुर्घटना की स्थिति में रिकॉर्डिंग कर सकते हैं। इसके अलावा, इसमें रडार-आधारित ADAS (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम), हिल-होल्ड कंट्रोल और ट्रैक्शन कंट्रोल जैसे आधुनिक सुरक्षा फीचर्स भी शामिल हैं।

इलेक्ट्रिक स्कूटरों

कीमत और कब होगी डिलीवरी?

कीमत की बात करें तो यह 1.45 लाख रुपये से लेकर 2 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) के बीच उपलब्ध होगा। हालांकि, कंपनी ने शुरुआत में पहले 10,000 ग्राहकों के लिए ₹1.20 लाख की इंट्रोडक्टरी कीमत भी रखी थी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक इस स्कूटर के लिए 70,000 से ज्यादा बुकिंग्स हो चुकी हैं। हालांकि इसकी डिलीवरी पहले जनवरी 2026 के आसपास शुरू होने वाली थी, लेकिन अब माना जा रहा है कि यह अप्रैल-जून 2026 (Q2) तक ग्राहकों के पास पहुँचना शुरू होगी। यह स्कूटर डेजर्ट सैंड, स्टील्थ ब्लैक और सोनिक पिंक जैसे शानदार कलर्स में उपलब्ध होगा।

अगर आप एक ऐसा इलेक्ट्रिक वाहन चाहते हैं जो भविष्य की तकनीक से लैस हो और जिसकी परफॉर्मेंस दमदार हो, तो Ultraviolette Tesseract एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। यह भारतीय सड़कों पर मैक्सी-स्कूटर के क्रेज को एक नए स्तर पर ले जाने के लिए तैयार है।

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बिहार में 2 लाख से अधिक आबादी वाले कस्बों में खुलेंगे शहरी सहकारी बैंक

बिहार

बिहार सरकार ने राज्य की वित्तीय व्यवस्था को मजबूत करने और छोटे शहरों में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। 21 जनवरी 2026 को की गई घोषणा के अनुसार, राज्य के उन सभी कस्बों में शहरी सहकारी बैंक (Urban Cooperative Banks) खोले जाएंगे जिनकी जनसंख्या 2 लाख से अधिक है।

यह कदम न केवल बैंकिंग पहुंच बढ़ाएगा, बल्कि स्थानीय व्यापार और स्वरोजगार को भी नई उड़ान देगा।

बिहार सरकार

केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त पहल

यह योजना केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा नवंबर 2025 में ‘सहकार कुंभ’ (Co-op Kumbh) के दौरान शुरू किए गए विजन का हिस्सा है। इसका मुख्य उद्देश्य देश भर के शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में सहकारी बैंकिंग के बुनियादी ढांचे को पुनर्जीवित करना है। बिहार सरकार ने अब इस योजना को जमीनी स्तर पर उतारने की तैयारी पूरी कर ली है।

इस योजना के मुख्य उद्देश्य:

• वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion): छोटे शहरों के हर नागरिक तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाना।

• सस्ता ऋण: छोटे व्यापारियों, महिलाओं और युवाओं को कम ब्याज दर पर लोन उपलब्ध कराना।

• रोजगार के अवसर: नए बैंक खुलने से बैंकिंग सेक्टर में स्थानीय युवाओं के लिए नौकरियों के अवसर पैदा होंगे।

• डिजिटल बैंकिंग: ‘सहकार डिजी-पे’ जैसे माध्यमों से कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देना।

बिहार के 50 से ज्यादा कस्बों को मिलेगा लाभ

बिहार सहकारिता विभाग ने नए वित्तीय वर्ष (2026-27) से इस योजना को तेजी से लागू करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान भी इस बात पर जोर दिया गया कि सहकारी बैंकों को PACS (प्राथमिक कृषि ऋण समिति) से जोड़ा जाएगा।

संभावित लाभान्वित क्षेत्र:

इस योजना के तहत पटना, गया, भागलपुर और मुजफ्फरपुर के उप-नगरों के अलावा बिहार के लगभग 50 से ज्यादा बड़े कस्बे शामिल होंगे। इससे ग्रामीण और शहरी अर्थव्यवस्था के बीच की दूरी कम होगी।

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तकनीकी सुधार और सुरक्षा

सहकारी बैंकों की छवि सुधारने के लिए सरकार ने इनके प्रबंधन और तकनीक पर विशेष ध्यान दिया है:

• NPA में गिरावट: बेहतर प्रबंधन के कारण इन बैंकों का NPA (Non-Performing Assets) 2.8% से घटकर मात्र 0.6% रह गया है, जो इनकी वित्तीय मजबूती को दर्शाता है।

• स्मार्ट बैंकिंग: ग्राहकों के लिए ‘सहकार डिजी-पे’ और ‘सहकार डिजी-लोन’ जैसे आधुनिक मोबाइल ऐप्स लॉन्च किए गए हैं।

• पारदर्शिता: बैंकिंग प्रक्रियाओं को पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया गया है ताकि ग्राहकों का भरोसा बढ़ सके।

छोटे व्यापारियों और किसानों के लिए वरदान

सहकारी बैंक अपनी सरल ऋण प्रक्रियाओं के लिए जाने जाते हैं। इस विस्तार से बिहार के सूक्ष्म और लघु उद्योगों (MSMEs) को समय पर पूंजी मिल सकेगी। साथ ही, स्थानीय स्तर पर प्रबंधन होने के कारण लोगों को इन बैंकों के साथ लेनदेन करने में आसानी होती है।

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सूरत में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी 21 करोड़ की पानी की टंकी: उद्घाटन से पहले ही हुआ बड़ा हादसा

सूरत

गुजरात के सूरत जिले से भ्रष्टाचार और लापरवाही का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ 21 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बनी एक पानी की टंकी उद्घाटन से पहले ही ताश के पत्तों की तरह ढह गई। यह घटना न केवल सार्वजनिक धन की बर्बादी है, बल्कि निर्माण कार्य में हुई भारी अनियमितताओं का जीता-जागता प्रमाण भी है।

हादसे का पूरा विवरण

यह घटना 19 जनवरी 2026 को सूरत के मांडवी तालुका के तड़केश्वर गांव में हुई। यहाँ ‘गाय पाक पानी सन्याल योजना’ के तहत 11 लाख लीटर क्षमता वाली और 15 मीटर ऊंची पानी की टंकी का निर्माण किया गया था।

सूरत में भ्रष्टाचार

जब योजना के तहत टंकी की टेस्टिंग (परीक्षण) की जा रही थी, तब उसमें 9 लाख लीटर पानी भरते ही पूरी संरचना भरभराकर गिर गई। इस दर्दनाक हादसे में एक महिला समेत तीन मजदूर घायल हो गए। यह टंकी क्षेत्र के लगभग 33-14 गांवों को पेयजल आपूर्ति करने के लिए बनाई गई थी, जिसका ग्रामीण पिछले तीन वर्षों से इंतजार कर रहे थे।

भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण के संकेत

घटनास्थल पर बिखरे मलबे की शुरुआती जांच ही भ्रष्टाचार की कहानी बयां कर रही है। मलबे में सीमेंट की परतें हाथों से ही उखड़ रही हैं, जो सीधे तौर पर घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल की ओर इशारा करती हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि:

• ठेकेदार ने लोहे (सरिया) और सीमेंट की गुणवत्ता में भारी कटौती की।

• 21 करोड़ रुपये के बड़े बजट के बावजूद निर्माण मानकों का पालन नहीं किया गया।

• अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से जनता के टैक्स के पैसों का दुरुपयोग किया गया।

प्रशासनिक कार्रवाई और जांच

हादसे की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने तत्काल कदम उठाए हैं:

• निलंबन: डिप्टी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर जय चौधरी को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया है।

• भुगतान पर रोक: संबंधित ठेकेदार एजेंसी के सभी भुगतान रोक दिए गए हैं।

• नोटिस: PMC मार्स प्लानिंग और अन्य जिम्मेदार संस्थाओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

• तकनीकी जांच: SVNIT सूरत की टीम, GERI और विजिलेंस विभाग के साथ मिलकर सैंपल की जांच कर रही है ताकि तकनीकी कमियों का पता लगाया जा सके।

21 करोड़ की पानी की टंकी

राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया

इस घटना ने गुजरात की राजनीति में भी उबाल ला दिया है। विपक्ष (कांग्रेस) ने सत्तापक्ष पर निशाना साधते हुए इसे “भ्रष्टाचार का मॉडल” करार दिया है। वहीं, स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह टंकी उद्घाटन के बाद गिरती, तो सैकड़ों मासूमों की जान जा सकती थी। वर्तमान में दोषियों के खिलाफ सख्त आपराधिक मुकदमा चलाने की मांग जोर पकड़ रही है।

यह हादसा विकास के दावों के बीच एक कड़वी सच्चाई को उजागर करता है। जहां एक तरफ अहमदाबाद में 70 साल पुरानी टंकियों को गिराने के लिए भारी मशीनों की जरूरत पड़ती है, वहीं 21 करोड़ की यह नई टंकी अपना वजन भी नहीं सह पाई। भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाने के लिए पारदर्शी टेंडरिंग, सख्त थर्ड-पार्टी मॉनिटरिंग और जवाबदेही तय करना समय की मांग है।

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Sushant Singh Rajput : मैथ इक्वेशन वाली वायरल T-Shirt ने फिर जगाई ‘इंजीनियरिंग लव’ की यादें, जानिए इसके पीछे का दिलचस्प राज

sushant Singh Rajput t shirt

बॉलीवुड के दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी यादें किसी न किसी बहाने सोशल मीडिया पर तैरती रहती हैं। हाल ही में सुशांत की एक पुरानी तस्वीर इंटरनेट पर जबरदस्त तरीके से वायरल हो रही है, जिसमें वह एक खास तरह की ‘मैथ इक्वेशन’ (Math Equation) वाली टी-शर्ट पहने नजर आ रहे हैं। यह टी-शर्ट सिर्फ एक फैशन स्टेटमेंट नहीं है, बल्कि यह सुशांत के उस तेज दिमाग और इंजीनियरिंग के प्रति उनके अटूट प्यार की गवाही देती है, जिसे वह मरते दम तक अपने दिल में संजोए हुए थे।

Sushant singh

वायरल टी-शर्ट के पीछे का ‘स्मार्ट’ राज: क्या है वह फॉर्मूला?

सुशांत की वायरल हो रही टी-शर्ट पर एक गणितीय समीकरण लिखा है:

पहली नजर में यह किसी के लिए भी एक जटिल फॉर्मूला हो सकता है, लेकिन विज्ञान की भाषा में इसे ‘जर्क’ (Jerk) कहा जाता है। सुशांत का इस टी-शर्ट को पहनने का मकसद एक खास तरह का ‘इंटेलेक्चुअल ह्यूमर’ था। इस फॉर्मूले का सरल मतलब निकलता है— “Don’t be a Jerk” (यानी मूर्खतापूर्ण व्यवहार न करें)। यह टी-शर्ट दिखाती है कि सुशांत अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में भी फिजिक्स और मैथ्स को किस कदर शामिल रखते थे। वह अक्सर कोडिंग, एस्ट्रोनॉमी और स्पेस साइंस से जुड़ी चीजों में डूबे रहते थे।

AIR 7 हासिल करने वाला वो होनहार इंजीनियर

सुशांत सिंह राजपूत की पढ़ाई की बात करें तो वह किसी मिसाल से कम नहीं थी। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा पटना के कुलाची हंसराज मॉडल स्कूल से शुरू की और बाद में दिल्ली शिफ्ट हो गए। सुशांत का दिमाग बचपन से ही कंप्यूटर की तरह तेज था। उन्होंने दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (DCE, जिसे अब DTU कहा जाता है) की प्रवेश परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 7 हासिल की थी। मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान उन्होंने 11 इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाएं पास की थीं। हालांकि, एक्टिंग के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने डिग्री पूरी होने से महज दो सेमेस्टर पहले कॉलेज छोड़ दिया था, जो उनके साहसी व्यक्तित्व को दर्शाता है।

Sushant Singh Rajput

क्यों अधूरी रह गई ‘सितारों’ में घर ढूंढने वाले की कहानी?

सुशांत सिंह राजपूत केवल एक अभिनेता नहीं थे, बल्कि वह एक ‘सपनों के सौदागर’ थे। उन्होंने अपने लिए 50 सपनों की एक लिस्ट (50 Dreams List) बनाई थी, जिसमें नासा (NASA) जाना, अपनी ऑब्जर्वेटरी बनाना और बच्चों को मुफ्त शिक्षा देना शामिल था। उन्होंने चांद पर जमीन भी खरीदी थी और वह घंटों अपने टेलिस्कोप से सितारों को निहारा करते थे। लेकिन 14 जून 2020 को उनकी रहस्यमयी मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया। एक ऐसा इंसान जो खुद को जमीन से ज्यादा सितारों का हिस्सा मानता था, उसकी कहानी का इस तरह अधूरा रह जाना आज भी फैंस के दिलों में एक टीस बनकर चुभता है।

सुशांत सिंह राजपूत की यह वायरल टी-शर्ट हमें याद दिलाती है कि बॉलीवुड की चकाचौंध के पीछे एक ऐसा इंसान था जो ब्लैक होल, क्वांटम फिजिक्स और कोडिंग की बातें करता था। उनके जन्मदिन (21 जनवरी) के करीब आते ही उनके प्रशंसकों का उन्हें इस तरह याद करना साबित करता है कि सुशांत अपनी फिल्मों से ज्यादा अपनी सोच और अपनी सादगी के लिए हमेशा जिंदा रहेंगे। वह आज के युवाओं के लिए एक प्रेरणा हैं कि आप चाहे किसी भी फील्ड में हों, अपने भीतर के ‘जिज्ञासु बच्चे’ को कभी मरने न दें।

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सख्त लौंडा’ जाकिर खान ने किया लंबा ब्रेक लेने का ऐलान: 2030 तक नहीं आएंगे नजर, वजह कर देगी भावुक

जाकिर खान

भारत के सबसे पसंदीदा स्टैंडअप कॉमेडियन और ‘सख्त लौंडा’ के नाम से मशहूर जाकिर खान ने अपने प्रशंसकों को एक बड़ा झटका दिया है। जाकिर ने कॉमेडी की दुनिया से एक लंबे ब्रेक की घोषणा की है, जो अगले कई सालों तक चल सकता है।

हैदराबाद के शो में हुई घोषणा

जाकिर खान

जाकिर खान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जो उनके हैदराबाद में हुए एक लाइव शो का है। इस वीडियो में जाकिर मंच पर काफी भावुक नजर आ रहे हैं। उन्होंने दर्शकों के सामने दिल खोलकर अपनी बात रखी और बताया कि वह अब मंच से कुछ समय के लिए दूरी बनाना चाहते हैं।

कितना लंबा होगा यह ब्रेक?

वीडियो में जाकिर ने ब्रेक की अवधि को लेकर कहा:

“मैं एक बहुत लंबे ब्रेक पर जा रहा हूं। यह ब्रेक 2030 तक भी हो सकता है। कम से कम तीन, चार या पांच साल का ब्रेक तो होगा ही।”

ब्रेक लेने के पीछे की बड़ी वजह

जाकिर ने इस फैसले के पीछे किसी विवाद को नहीं, बल्कि अपनी व्यक्तिगत जरूरतों को वजह बताया है। उन्होंने कहा कि लगातार काम करने की वजह से उनकी सेहत (Health) पर असर पड़ रहा है। वह अपनी सेहत का ख्याल रखने और जीवन की “बाकी चीजों को ठीक करने” के लिए यह समय खुद को देना चाहते हैं।

फैंस के लिए भावुक पल

जाकिर खान न केवल अपनी कॉमेडी बल्कि अपनी शायरी और कहानी सुनाने के अंदाज के लिए भी जाने जाते हैं। ‘चाचा विधायक हैं हमारे’ और ‘तथास्तु’ जैसे शोज से घर-घर अपनी पहचान बनाने वाले जाकिर का इस तरह अचानक ब्रेक लेना उनके फैंस के लिए काफी इमोशनल खबर है। सोशल मीडिया पर फैंस उनकी अच्छी सेहत की दुआ कर रहे हैं और कह रहे हैं कि वे उनका इंतजार करेंगे।

जाकिर खान

मुख्य बिंदु एक नजर में:

• कहां किया ऐलान: हैदराबाद लाइव शो में।

• कब तक का ब्रेक: 3 से 5 साल (संभावित 2030 तक)।

• कारण: स्वास्थ्य और व्यक्तिगत जीवन में सुधार।

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