कोयंबटूर में सनसनी: थलपति विजय की फिल्म ‘जना नायकन’ का फुटेज लीक करने वाला केबल ऑपरेटर गिरफ्तार

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कोयंबटूर, 14 अप्रैल 2026:तमिल सिनेमा के दिग्गज और राजनीतिज्ञ थलपति विजय की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘जना नायकन’ (Jana Nayagan) को लेकर इन दिनों पूरे तमिलनाडु में जबरदस्त क्रेज है। लेकिन इसी बीच कोयंबटूर से एक ऐसी खबर आई है जिसने फिल्म इंडस्ट्री और प्रशंसकों को सकते में डाल दिया है। पुलिस ने एक स्थानीय केबल टीवी ऑपरेटर को फिल्म का अनधिकृत और लीक हुआ फुटेज प्रसारित करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

क्या है पूरा मामला?

घटना 11 अप्रैल 2026 की रात की है, जब कोयंबटूर के करुमथम्पट्टी इलाके में चलने वाले स्थानीय चैनल ‘रासी प्राइम मूवी’ पर अचानक ‘जना नायकन’ फिल्म का लगभग 21 मिनट का हिस्सा दिखाया जाने लगा। यह फिल्म फिलहाल सेंसर बोर्ड (CBFC) की प्रक्रिया के अधीन है और अभी तक सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हुई है। लीक हुआ फुटेज इंटरमिशन के बाद का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया जा रहा है, जिसने सोशल मीडिया पर भी हड़कंप मचा दिया।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी

इस गंभीर उल्लंघन की जानकारी मिलते ही तमिलागा वेट्ट्री कझगम (TVK) की कोयंबटूर पूर्व शाखा की उप सचिव मोहनप्रिया ने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत एक्शन लिया। कोयंबटूर के एसपी के. कार्तिकेयन के नेतृत्व में दो विशेष टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने दबिश देकर 44 वर्षीय एस. पलानीस्वामी को हिरासत में ले लिया।

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पलानीस्वामी ‘रासी प्राइम मूवी’ चैनल का मालिक है। पुलिस ने चैनल के कार्यालय को सील कर दिया है और वहां से एक कंप्यूटर, 5 हाई-कैपेसिटी हार्ड ड्राइव और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह फुटेज उसके पास कहां से आया।

‘जना नायकन’ का महत्व और पाइरेसी का जाल

‘जना नायकन’ केवल एक फिल्म नहीं है, बल्कि यह विजय की अभिनय करियर की अंतिम फिल्म मानी जा रही है, जिसके बाद वे पूरी तरह से राजनीति में सक्रिय होंगे। तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से ठीक पहले इस फिल्म का रिलीज होना राजनीतिक रूप से भी काफी अहम है। यही कारण है कि इस तरह के लीक को फिल्म के प्रोडक्शन हाउस KVN प्रोडक्शंस ने एक बड़ी साजिश और करोड़ों के नुकसान के रूप में देखा है।

तमिलनाडु साइबर क्राइम विंग भी इस मामले में सक्रिय है। अब तक राज्य के विभिन्न हिस्सों से फिल्म लीक से जुड़े 6 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और लगभग 300 से अधिक पाइरेसी लिंक्स को इंटरनेट से हटाया गया है।

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इंडस्ट्री में बढ़ता पाइरेसी का खतरा

कोयंबटूर की यह घटना फिल्म जगत में डिजिटल सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े करती है। प्रोडक्शन हाउस ने प्रशंसकों से अपील की है कि वे किसी भी लीक हुए वीडियो को साझा न करें और पाइरेसी को बढ़ावा देने वाले चैनलों की रिपोर्ट करें। पलानीस्वामी को वर्तमान में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और पुलिस इस नेटवर्क के मुख्य सरगना तक पहुँचने की कोशिश कर रही है।

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Bihar New CM Update: बिहार में सम्राट ‘राज’, नीतीश कुमार का इस्तीफा और एनडीए की नई रणनीति

Bihar New CM Update

बिहार की राजनीति में पिछले 24 घंटों में जो कुछ भी हुआ, उसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। मंगलवार, 14 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया। हालांकि, यह इस्तीफा अचानक नहीं था; इसके पीछे एनडीए के भीतर चल रही लंबी मंत्रणा और भविष्य की चुनावी रणनीतियां शामिल थीं।

नीतीश कुमार का इस्तीफा: एक युग का समापन

नीतीश कुमार ने आज पटना के राजभवन जाकर राज्यपाल को अपना त्यागपत्र सौंपा। इस्तीफे से पहले उन्होंने अपनी कैबिनेट की आखिरी बैठक की, जिसमें मंत्रियों को धन्यवाद दिया। नीतीश कुमार के इस्तीफे के साथ ही बिहार में उनके सबसे लंबे मुख्यमंत्री कार्यकाल के एक बड़े हिस्से पर विराम लग गया है। अब वे राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं, क्योंकि हाल ही में उन्होंने राज्यसभा सदस्य के रूप में भी शपथ ली थी।

सम्राट चौधरी: भाजपा का वो ‘भगवा चेहरा’ जो बनेगा बिहार का मुख्यमंत्री

भाजपा विधायक दल की बैठक में सम्राट चौधरी को सर्वसम्मति से अपना नेता चुन लिया गया है। सम्राट चौधरी, जो वर्तमान में उपमुख्यमंत्री की भूमिका निभा रहे थे, अब बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में कल यानी 15 अप्रैल 2026 को सुबह 11 बजे शपथ लेंगे।

सम्राट चौधरी का चयन भाजपा की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। वे कुशवाहा (कोइरी) समाज से आते हैं और बिहार में ओबीसी (OBC) राजनीति का एक बड़ा चेहरा माने जाते हैं। भाजपा ने उन्हें आगे करके ‘लव-कुश’ समीकरण में सेंध लगाने और अपने कोर वोट बैंक को मजबूत करने की कोशिश की है।

शपथ ग्रहण समारोह और दिग्गजों का जमावड़ा

कल पटना के लोक भवन में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की पूरी संभावना है। इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित एनडीए के कई बड़े नेता पटना पहुंच रहे हैं। सम्राट चौधरी के साथ-साथ कुछ नए चेहरों को भी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। चर्चा है कि विजय सिन्हा और कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं को महत्वपूर्ण मंत्रालय सौंपे जा सकते हैं।

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बिहार की राजनीति पर क्या होगा असर?

भाजपा के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण है क्योंकि पहली बार बिहार में भाजपा का अपना मुख्यमंत्री होगा। अब तक भाजपा बिहार में ‘छोटे भाई’ की भूमिका में रही है, लेकिन सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने से राज्य की प्रशासनिक और राजनीतिक दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। विपक्ष, विशेषकर आरजेडी (RJD) ने इस बदलाव को ‘जनादेश का अपमान’ बताया है, जबकि एनडीए इसे ‘विकसित बिहार’ की ओर बढ़ता कदम बता रहा है।

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नोएडा बना ‘रणक्षेत्र’: सुलग उठा औद्योगिक इलाका, मजदूरों के प्रदर्शन में आगजनी और भारी पत्थरबाजी

नोएडा बना 'रणक्षेत्र

दिल्ली से सटे हाईटेक शहर नोएडा में मंगलवार को उस वक्त स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई, जब अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे हजारों मजदूरों का गुस्सा फूट पड़ा। देखते ही देखते नोएडा का शांत दिखने वाला औद्योगिक क्षेत्र ‘वॉरजोन‘ में तब्दील हो गया। फेज-2 और सेक्टर 60-63 के इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने न केवल सड़कों पर जाम लगाया, बल्कि दर्जनों वाहनों को आग के हवाले कर दिया। आसमान में उठते काले धुएं और चारों तरफ बिखरे पत्थरों ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

शांतिपूर्ण मार्च से हिंसक तांडव तक की कहानी

प्रदर्शन की शुरुआत सुबह बेहद शांतिपूर्ण तरीके से हुई थी। नोएडा के विभिन्न होजरी और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के मजदूर अपनी न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने की मांग को लेकर एकत्रित हुए थे। लेकिन जैसे ही भीड़ होजरी कॉम्प्लेक्स के पास पहुंची, वहां कुछ असामाजिक तत्वों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस द्वारा भीड़ को पीछे धकेलने के लिए किए गए हल्के बल प्रयोग ने आग में घी डालने का काम किया। इसके बाद शुरू हुआ पत्थरबाजी का वो दौर, जिसने पुलिस प्रशासन को बैकफुट पर धकेल दिया।

क्यों भड़का मजदूरों का आक्रोश? (मुख्य मांगें)

इस हिंसा के पीछे लंबे समय से सुलग रहा असंतोष है। मजदूरों का आरोप है कि बढ़ती महंगाई के दौर में उन्हें दी जाने वाली मजदूरी ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। उनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:

  • वेतन में वृद्धि: मजदूर उत्तर प्रदेश सरकार से कम से कम ₹20,000 प्रति माह न्यूनतम मजदूरी की मांग कर रहे हैं।
  • हरियाणा मॉडल की तर्ज पर लाभ: श्रमिकों का तर्क है कि बगल के राज्य हरियाणा में वेतन संशोधन लागू हो चुका है, तो यूपी में देरी क्यों?
  • काम के घंटे और सुरक्षा: 8 घंटे की शिफ्ट की सख्ती और पीएफ (EPF) व ईएसआई (ESI) जैसे सामाजिक सुरक्षा लाभों को जमीनी स्तर पर लागू करना।

आगजनी और तोड़फोड़: करोड़ों का नुकसान

हिंसा के दौरान उपद्रवियों ने निजी कारों, डिलीवरी वैन और यहां तक कि पुलिस की पीसीआर वैन को भी निशाना बनाया। फेज-2 के पास खड़ी कम से कम 5-6 गाड़ियों को पूरी तरह जला दिया गया। पत्थरों की बारिश इतनी तेज थी कि आसपास की फैक्ट्रियों की कांच की खिड़कियां चकनाचूर हो गईं। इस हंगामे के कारण नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से जुड़ने वाले कई रास्तों पर घंटों लंबा जाम लगा रहा, जिससे ऑफिस जाने वाले लोगों और एम्बुलेंस सेवाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

प्रशासन की सख्त कार्रवाई और वर्तमान स्थिति

हालात बिगड़ते देख कमिश्नरेट पुलिस ने मोर्चा संभाला। मौके पर भारी संख्या में पीएसी (PAC) और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की तैनाती की गई है। पुलिस ने उपद्रवियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। नोएडा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि “वीडियो फुटेज के आधार पर उन लोगों की पहचान की जा रही है जिन्होंने भीड़ को भड़काया और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।” मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी इस घटना का संज्ञान लेते हुए साफ किया है कि मांगों पर विचार किया जा सकता है, लेकिन कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

औद्योगिक जगत में दहशत का माहौल

इस हिंसा ने नोएडा के उद्यमियों और व्यापारियों में डर पैदा कर दिया है। नोएडा होजरी कॉम्प्लेक्स के कई मालिकों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से विदेशी क्लाइंट्स के बीच गलत संदेश जाता है और भविष्य में निवेश प्रभावित हो सकता है। फिलहाल, पूरे इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है और पुलिस बल चप्पे-चप्पे पर गश्त कर रहा है।

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नवादा में स्कूल पिकअप 20 फीट गहरी खाई में पलटी, मासूम आरोही की मौत, मची चीख-पुकार

नवादा

बिहार के नवादा जिले में शनिवार (12 अप्रैल 2026) को एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ जिसने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। गोविंदपुर प्रखंड के कमलापुर रोड पर बच्चों से भरी एक निजी स्कूल की पिकअप टेंपो अनियंत्रित होकर सड़क से 20 फीट नीचे जा गिरी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वाहन गिरने के दौरान चार बार पलटा, जिससे उसमें सवार बच्चों में चीख-पुकार मच गई। इस भीषण दुर्घटना में 8 वर्षीय मासूम बच्ची आरोही (आयुषी) कुमारी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 25 से अधिक बच्चे घायल हुए हैं।

कैसे हुआ यह खौफनाक हादसा?

यह घटना उस समय हुई जब स्कूल की छुट्टी के बाद बच्चे अपने घरों को लौट रहे थे। कमलापुर रोड पर चालक ने तेज रफ्तार वाहन से अपना नियंत्रण खो दिया। चश्मदीदों का कहना है कि गाड़ी की गति इतनी अधिक थी कि वह सीधे सड़क किनारे खेत में जा गिरी। पास के खेतों में गेहूं की कटाई कर रहे ग्रामीणों ने जब बच्चों की चीखें सुनीं, तो वे तुरंत मौके पर दौड़े। ग्रामीणों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए बच्चों को गाड़ी के शीशे तोड़कर बाहर निकाला और निजी वाहनों व एंबुलेंस के जरिए सदर अस्पताल पहुंचाया।

क्षमता से दुगुने बच्चे: स्कूल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही

हादसे के बाद जो सच्चाई सामने आई है, वह शिक्षा व्यवस्था और परिवहन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जिस वाहन में महज 12 से 15 बच्चों के बैठने की जगह थी, उसमें स्कूल प्रशासन ने 25 मासूमों को जानवरों की तरह ठूंस रखा था। ओवरलोडिंग के कारण गाड़ी का संतुलन बिगड़ना हादसे की मुख्य वजह मानी जा रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ड्राइवर नशे में था और तेज रफ्तार में गाड़ी चला रहा था। पुलिस ने आक्रोशित भीड़ से ड्राइवर को बचाकर हिरासत में ले लिया है।

नवादा में स्कूल पिकअप 20 फीट गहरी खाई
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अस्पताल में अफरा-तफरी, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

सदर अस्पताल में भर्ती घायल बच्चों में से कई की हालत अत्यंत गंभीर बताई जा रही है। मृतका आरोही कुमारी गोविंदपुर बाजार के अमित कुमार की पुत्री थी। उसकी मौत की खबर सुनते ही घर में कोहराम मच गया। अस्पताल परिसर में बदहवास माता-पिता स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि उन्होंने अपने बच्चों को सुरक्षित भविष्य के लिए स्कूल भेजा था, न कि मौत के मुंह में।

प्रशासन की जांच और सुरक्षा के दावे

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त वाहन को जब्त कर लिया है। पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि स्कूल संचालक और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा। हालांकि, सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन केवल हादसों के बाद ही जागता है? जिले में धड़ल्ले से चल रहे अनफिट और ओवरलोडेड स्कूली वाहनों पर नियमित चेकिंग क्यों नहीं की जाती?

नवादा में स्कूल पिकअप 20 फीट गहरी खाई
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Quick Details Table

नवादा के इस भीषण हादसे की मुख्य जानकारियों को यदि हम सारांश के रूप में देखें, तो यह घटना 12 अप्रैल 2026 को बिहार के नवादा जिले के गोविंदपुर प्रखंड अंतर्गत कमलापुर रोड पर घटित हुई। इस दुखद दुर्घटना में गोविंदपुर बाजार निवासी अमित कुमार की 8 वर्षीय पुत्री आरोही कुमारी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि वाहन में सवार 20 से 25 बच्चे गंभीर रूप से घायल हुए हैं। प्राथमिक जांच में हादसे का सबसे बड़ा कारण वाहन का ओवरलोडेड होना और चालक की तेज रफ्तार के साथ-साथ लापरवाही को माना गया है, जिसने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं।

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Darbhanga Gas Cylinder Blast: खाना बनाते समय ‘मौत’ का धमाका! दरभंगा में 3 की दर्दनाक मौत, जानें हादसे की बड़ी बातें

Darbhanga Gas Cylinder Blast

बिहार के दरभंगा (Darbhanga) जिले से एक बेहद दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। रविवार (12 अप्रैल 2026) की शाम जब लोग अपने घरों में आराम कर रहे थे, तब एक घर में खाना बनाने की तैयारी चल रही थी। लेकिन किसी को नहीं पता था कि किचन में रखा गैस सिलेंडर मौत का बम बन चुका है।

विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के सुंदरपुर (Sundarpur) मुहल्ले में गैस लीकेज के कारण हुए एक भयानक सिलेंडर विस्फोट में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की दर्दनाक मौत हो गई, जिसमें एक 3 महीने का मासूम बच्चा भी शामिल है। ‘Apni Vani’ की इस विस्तृत रिपोर्ट में आइए जानते हैं कि यह दर्दनाक हादसा कैसे हुआ और घायलों की ताज़ा स्थिति क्या है।

कहाँ और कैसे हुआ यह खौफनाक हादसा?

यह घटना सुंदरपुर इलाके में स्थित ‘तेनु पेड़’ के पास बेचन दास नाम के व्यक्ति के तीन मंजिला मकान में घटी।

रविवार शाम को जब बेचन दास की बहू मिसु कुमारी (22 वर्ष) सबसे ऊपरी मंजिल पर स्थित किचन में खाना पकाने गई, तो वहां पहले से ही गैस लीक हो रही थी। जैसे ही उसने गैस जलाने की कोशिश की, अचानक भयानक आग लग गई। इससे पहले कि परिवार के लोग आग पर काबू पाते या वहां से भाग पाते, एक तेज धमाके के साथ LPG गैस सिलेंडर फट गया। धमाका इतना ज़ोरदार था कि पूरे इलाके में दहशत फैल गई।

3 महीने के मासूम समेत 3 लोगों की मौके पर मौत

आग इतनी तेजी से फैली कि किचन में मौजूद लोगों को भागने का ज़रा भी मौका नहीं मिला। इस खौफनाक हादसे में 24 वर्षीय गोविंद कुमार, उनकी 22 वर्षीय पत्नी मिसु कुमारी और उनके महज 3 महीने के दुधमुंहे बेटे की जिंदा जलने से मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने पूरे सुंदरपुर इलाके में मातम और चीख-पुकार का माहौल पैदा कर दिया है।

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रेस्क्यू ऑपरेशन: फायर ब्रिगेड का अफसर भी हुआ घायल

धमाके की आवाज़ सुनकर तुरंत पड़ोसी दौड़े और पुलिस व फायर ब्रिगेड को सूचना दी। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियों को इस विकराल आग पर काबू पाने में लगभग एक घंटे का समय लग गया।

राहत और बचाव कार्य के दौरान आग की लपटों के बीच फंसे लोगों को निकालते समय फायर ब्रिगेड के एक अधिकारी ‘चंद्रकिशोर पासवान’ भी बुरी तरह झुलस गए।

घायलों की स्थिति और पुलिस की जांच

इस हादसे में फायर ऑफिसर के अलावा 4 अन्य लोग भी गंभीर रूप से झुलसे हैं। इनमें घर के मालिक बेचन दास (53), उनका दूसरा बेटा गौतम कुमार (28) और एक पड़ोसी आदित्य ठाकुर (22) शामिल हैं। आदित्य की हालत काफी नाजुक बताई जा रही है।

सभी घायलों को तुरंत एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। विश्वविद्यालय थाना प्रभारी सुधीर कुमार ने बताया कि तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच (DMCH) भेज दिया गया है। वहीं जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी सलीम अख्तर ने मृतकों के परिजनों के लिए जांच और मुआवजे के आदेश दे दिए हैं।

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Apni Vani की अपील

यह कोई पहली बार नहीं है जब गैस सिलेंडर फटने से इस तरह किसी परिवार की जान गई हो। ‘Apni Vani’ आप सभी पाठकों से अपील करता है कि अपने किचन में गैस सिलेंडर और पाइप की नियमित जांच करते रहें। अगर कभी गैस की बदबू आए, तो तुरंत खिड़की-दरवाज़े खोल दें और किसी भी प्रकार का स्विच या माचिस बिल्कुल न जलाएं। आपकी एक छोटी सी सावधानी आपके परिवार की जान बचा सकती है।

इस दुख की घड़ी में हम पीड़ित परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे। ॐ शांति!

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Jallianwala Bagh Massacre Unknown Facts: 13 अप्रैल का वो काला दिन! शहादत को नमन, जानें इतिहास के दर्दनाक और अनसुने सच

Jallianwala Bagh Massacre Unknown Facts

आज 13 अप्रैल है। यह तारीख सुनते ही हर सच्चे हिंदुस्तानी का सिर सम्मान से झुक जाता है और आंखें नम हो जाती हैं। आज से ठीक 107 साल पहले, 13 अप्रैल 1919 को बैसाखी के पावन पर्व पर पंजाब के अमृतसर स्थित ‘जलियांवाला बाग’ में ब्रिटिश हुकूमत ने जो दरिंदगी दिखाई थी, उसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया था।

रॉलेट एक्ट और अपने प्रिय नेताओं (डॉ. सत्यपाल और सैफुद्दीन किचलू) की गिरफ्तारी का शांतिपूर्ण विरोध कर रहे हजारों निहत्थे पुरुषों, महिलाओं और मासूम बच्चों को जनरल डायर (General Dyer) ने गोलियों से भून दिया था। आज ‘Apni Vani’ के इस विशेष श्रद्धांजलि अंक में हम उन वीर शहीदों को नमन करते हुए इस हत्याकांड के उन 5 अनसुने तथ्यों का विश्लेषण करेंगे, जो इतिहास का वो ‘एक सत्य’ हैं जिसे अक्सर भुला दिया जाता है।

10 मिनट और 1650 राउंड गोलियां: क्रूरता की हद

हम सब जानते हैं कि वहां गोलियां चली थीं, लेकिन इस क्रूरता का असली आंकड़ा रोंगटे खड़े कर देने वाला है। जनरल डायर ने अपने 90 सैनिकों (जिसमें ज्यादातर गोरखा और बलूच रेजिमेंट के थे) के साथ बाग के एकमात्र संकरे निकास द्वार को बंद कर दिया था।

बिना किसी चेतावनी के डायर ने ‘फायर’ का आदेश दिया। यह गोलीबारी लगातार 10 मिनट तक चलती रही। सैनिक तब तक गोलियां चलाते रहे जब तक कि उनकी गोलियां खत्म नहीं हो गईं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, उस निहत्थी भीड़ पर ठीक 1650 राउंड गोलियां दागी गई थीं।

अगर रास्ता चौड़ा होता, तो लाखों लाशें बिछ जातीं

जनरल डायर की मंशा सिर्फ डराने की नहीं, बल्कि ‘खत्म’ करने की थी। इतिहास का एक खौफनाक सच यह है कि डायर अपने साथ दो बख्तरबंद गाड़ियां (Armored Cars) भी लाया था, जिन पर भारी मशीनगनें (Machine Guns) फिट थीं।

लेकिन जलियांवाला बाग तक जाने वाला रास्ता इतना संकरा था कि वो गाड़ियां अंदर नहीं जा सकीं और उन्हें बाहर ही छोड़ना पड़ा। अगर वो मशीनगनें अंदर पहुँच जातीं, तो मरने वालों की संख्या हजारों में नहीं, बल्कि लाखों में होती।

‘शहीदी कुआं’ (Martyrs’ Well): जहाँ 120 लोगों ने एक साथ दी जान

गोलियों की बौछार से बचने के लिए वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। बाग के ऊंचे दीवारों को फांदना नामुमकिन था। अपनी जान और अपने मासूम बच्चों को गोलियों से बचाने के लिए सैकड़ों लोग बाग के बीचों-बीच मौजूद एक कुएं में कूद गए।

बाद में जब लाशें निकाली गईं, तो सिर्फ उस एक कुएं से ही 120 से अधिक लाशें बरामद हुई थीं। आज भी यह कुआं ‘शहीदी कुएं’ के रूप में वहां मौजूद है, जो उन मासूमों की चीखें समेटे हुए है।

मौत से ज्यादा दर्दनाक था ‘कर्फ्यू’ का खौफ

इस हत्याकांड का सबसे अमानवीय पहलू गोलीबारी के बाद शुरू हुआ था। घटना के तुरंत बाद पूरे शहर में सख्त ‘मार्शल लॉ’ (कठोर क‌र्फ्यू) लगा दिया गया।

इसका सीधा मतलब था कि जो लोग घायल होकर बाग में खून से लथपथ तड़प रहे थे, उन्हें अस्पताल ले जाने या पानी पिलाने की इजाजत किसी को नहीं थी। रात भर तड़प-तड़प कर सैकड़ों लोगों ने बिना इलाज के वहीं दम तोड़ दिया। यह ब्रिटिश हुकूमत के चेहरे पर लगा वो दाग है जो कभी नहीं धुल सकता।

एक मशहूर लेखक ने डायर को बताया था ‘हीरो’

इस घटना ने पूरे भारत को झकझोर कर रख दिया था, लेकिन ब्रिटेन में कुछ लोगों की मानसिकता कितनी नीच थी, यह जानकर आपका खून खौल उठेगा।

मशहूर अंग्रेजी लेखक और ‘द जंगल बुक’ के रचयिता रुडयार्ड किपलिंग (Rudyard Kipling) ने इस नरसंहार की निंदा करने के बजाय जनरल डायर को “भारत को बचाने वाला शख्स” कहा था। इतना ही नहीं, ब्रिटेन के कई अमीरों ने डायर के सम्मान में एक फंड बनाकर उसे भारी धनराशि भी इनाम के रूप में दी थी।

Apni Vani की विनम्र श्रद्धांजलि

जलियांवाला बाग सिर्फ ईंट-पत्थरों से घिरा एक मैदान नहीं है, बल्कि यह भारत की आज़ादी की नींव का वो पत्थर है जिसे हमारे पूर्वजों ने अपने खून से सींचा था। इसी घटना ने भगत सिंह और ऊधम सिंह जैसे क्रांतिकारियों के सीने में आज़ादी की वो आग जलाई थी, जिसने अंततः ब्रिटिश साम्राज्य को राख कर दिया।

आज 13 अप्रैल के दिन हम सभी भारतीयों का यह कर्तव्य है कि हम कुछ पल रुककर उन गुमनाम शहीदों को याद करें, जिनकी शहादत की बदौलत आज हम आज़ाद हवा में सांस ले रहे हैं।

आपकी श्रद्धांजलि: भारत माता के उन अमर सपूतों और मासूम शहीदों के लिए कमेंट बॉक्स में ‘जय हिंद’ लिखकर अपनी श्रद्धांजलि अवश्य दें। आप हमारे इंस्टाग्राम पेज @9vaniapni पर जाकर भी इस ऐतिहासिक बलिदान को याद कर सकते हैं। ॐ शांति!

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कटिहार में भीषण सड़क हादसा: बस और पिकअप की टक्कर में 13 आदिवासियों की मौत, पूरे इलाके में मातम

कटिहार

बिहार के कटिहार जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। 11 अप्रैल 2026 की शाम नेशनल हाईवे-31 (NH-31) पर एक बस, ट्रक और पिकअप वैन के बीच हुई भीषण भिड़ंत में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 30 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। मृतकों में अधिकांश लोग झारखंड के आदिवासी समुदाय से थे, जो एक धार्मिक अनुष्ठान के बाद वापस लौट रहे थे।

घटना का विवरण: कैसे हुआ हादसा?

यह दर्दनाक हादसा कटिहार जिले के कोढ़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत गेराबाड़ी-बसगाड़ा चौक (NH-31) के पास हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शनिवार शाम करीब 6:30 बजे एक तेज रफ्तार बस ने अपना नियंत्रण खो दिया और सामने से आ रही पिकअप वैन को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप वैन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार लोग सड़क पर इधर-उधर जा गिरे।

पुलिस के अनुसार, इस दुर्घटना में एक ट्रक भी शामिल था, जिससे यह एक मल्टी-व्हीकल कोलिजन (बहु-वाहन टक्कर) बन गया। शुरुआती जांच में हादसे का मुख्य कारण बस ड्राइवर का नियंत्रण खोना और लापरवाही से ओवरटेकिंग करना बताया जा रहा है।

मृतकों और घायलों की जानकारी

हादसे के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। घटना के तुरंत बाद 7 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था, लेकिन इलाज के दौरान यह संख्या बढ़कर 13 तक पहुँच गई है। पिकअप वैन में सवार सभी लोग झारखंड के देवघर और गोड्डा जिले के रहने वाले आदिवासी समुदाय के थे। ये लोग पूर्णिया और कटिहार के सीमावर्ती इलाकों में पूजा-अर्चना कर वापस घर लौट रहे थे।

कटिहार में भीषण सड़क हादसा
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वर्तमान में लगभग 25 से 30 लोग घायल हैं, जिन्हें कटिहार और पूर्णिया के सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। गंभीर रूप से घायल कुछ मरीजों की स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना (PMCH) रेफर किया गया है।

सरकार की ओर से बड़ी घोषणाएं

इस त्रासदी पर देश के शीर्ष नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है और प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान किया है:

इस भीषण हादसे पर गहरा दुख प्रकट करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिवार को ₹2,00,000 (दो लाख रुपये) और सभी घायलों को ₹50,000 की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों के लिए ₹2,00,000 की अनुग्रह राशि का ऐलान किया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर दुख जताते हुए कहा कि बिहार के कटिहार में हुई सड़क दुर्घटना में लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है।

प्रशासन की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति

कटिहार के पुलिस अधीक्षक (SP) शिखर चौधरी ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के सटीक कारणों की गहन जांच की जा रही है। बस के ड्राइवर की स्थिति का पता लगाया जा रहा है क्योंकि वह भी इस हादसे में घायल हुआ है। प्रशासन ने मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर उन्हें उनके पैतृक गांव झारखंड भेजने की समुचित व्यवस्था शुरू कर दी है।

कटिहार में भीषण सड़क हादसा
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पाठकों के लिए मुख्य जानकारी

NH-31 जैसे व्यस्त हाईवे पर यात्रा करते समय अत्यधिक सावधानी बरतें क्योंकि ओवरटेकिंग और तेज रफ्तार अक्सर जानलेवा साबित होती है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 12 अप्रैल की सुबह तक मौतों का आंकड़ा 13 तक पहुँच चुका है और कई घायलों की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित परिजनों की सहायता के लिए जिला अस्पताल कटिहार और पूर्णिया में विशेष हेल्प डेस्क भी स्थापित किया है।

कटिहार का यह हादसा सड़क सुरक्षा की चुनौतियों को एक बार फिर सामने लाता है। 13 परिवारों ने अपने सदस्यों को खो दिया है। सरकार और प्रशासन से उम्मीद है कि वे न केवल आर्थिक मदद सुनिश्चित करेंगे, बल्कि NH-31 पर चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स को सुरक्षित बनाने के लिए ठोस कदम भी उठाएंगे।

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यूपी पुलिसकर्मी से ‘निकाह’ का झांसा देकर 17 लाख की वसूली, दिल्ली की महिला ने जबरन कराया धर्म परिवर्तन

यूपी पुलिसकर्मी

यूपी के बागपत से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां दिल्ली की एक महिला ने यूपी पुलिस के एक सिपाही को अपने प्यार और शादी के जाल में फंसाकर न केवल लाखों रुपये ऐंठ लिए, बल्कि उसे धर्म परिवर्तन के लिए भी मजबूर किया। बागपत पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

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प्यार, ब्लैकमेल और हनीट्रैप का खतरनाक खेल

यह पूरा मामला 2021 में शुरू हुआ था, जब गाजियाबाद में तैनात यूपी पुलिस के कांस्टेबल श्रीकांत का संपर्क दिल्ली की रहने वाली 30 वर्षीय हिना (नाम परिवर्तित या वास्तविक संदर्भ के अनुसार) से हुआ। पुलिस की जांच में सामने आया है कि महिला ने पहले सिपाही के साथ जान-पहचान बढ़ाई और फिर उसे प्रेम जाल में फंसा लिया। आरोप है कि महिला ने सिपाही पर दबाव बनाने के लिए उसके खिलाफ बलात्कार (Rape Case) का झूठा मुकदमा दर्ज कराया। इसी मुकदमे से बचाने और शादी करने का लालच देकर उसने सिपाही से पैसे वसूलने शुरू किए।

17 लाख की उगाही और इस्लाम कबूल करने का दबाव

सिपाही ने अपनी शिकायत में बताया कि महिला ने उसे झांसा दिया कि वह अपने पति को छोड़ देगी और उससे निकाह कर लेगी। लेकिन इसके लिए उसने एक शर्त रखी—धर्म परिवर्तन। डरा हुआ और मुकदमे में फंसा सिपाही महिला की बातों में आ गया। उसने न केवल इस्लाम धर्म स्वीकार किया बल्कि महिला के साथ कई धार्मिक सभाओं में भी हिस्सा लिया। इस दौरान आरोपी महिला ने अलग-अलग मौकों पर सिपाही से करीब 17 लाख रुपये (कुछ रिपोर्टों के अनुसार 27 लाख) की मोटी रकम वसूल ली।

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मौलवी समेत 5 लोगों पर FIR, पुलिस की बड़ी कार्रवाई

जब सिपाही की आर्थिक स्थिति खराब हो गई और महिला ने फिर भी शादी नहीं की, तब उसे अपने साथ हुए धोखे का एहसास हुआ। सिपाही ने हिम्मत जुटाकर बागपत के खेकड़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई। बागपत पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश अवैध धर्मांतरण निषेध अधिनियम (UP Anti-Conversion Law) और जबरन वसूली की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इस FIR में महिला के पति और एक मौलवी समेत कुल 5 लोगों को नामजद किया गया है।

जांच और वर्तमान स्थिति

सर्किल ऑफिसर (CO) रोहन चौरसिया ने बताया कि मुख्य आरोपी महिला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब फरार आरोपियों और उस मौलवी की तलाश कर रही है जिसने कथित तौर पर यह धर्मांतरण कराया था। यह मामला पुलिस विभाग में भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि कैसे कानून का रखवाला ही एक संगठित गिरोह के हनीट्रैप का शिकार हो गया।

यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि कैसे डिजिटल युग में ‘हनीट्रैप’ और ‘धार्मिक कट्टरता’ का सहारा लेकर लोगों का शोषण किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार के सख्त धर्मांतरण कानून के तहत अब दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की उम्मीद है।

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Who is Zanai Bhosle: आशा भोसले की पोती जनाई कौन है? डेब्यू फिल्म और क्रिकेटर सिराज से कनेक्शन की 4 बड़ी बातें

Who is Zanai Bhosle

हाल ही में जब 92 वर्षीय लेजेंड्री सिंगर आशा भोसले (Asha Bhosle) की तबीयत खराब हुई, तो अस्पताल से उनकी सेहत का पहला अपडेट उनकी पोती ‘जनाई भोसले’ (Zanai Bhosle) ने दिया। जनाई के इस बयान के बाद से ही सोशल मीडिया पर हर कोई यह जानने को बेताब है कि मंगेशकर और भोसले परिवार की यह नई पीढ़ी आखिर क्या करती है?

क्या जनाई भी अपनी दादी की तरह सिर्फ एक सिंगर हैं, या फिर वो बॉलीवुड में हीरोइन बनने की तैयारी कर रही हैं? ‘ApniVani’ के इस एक्सक्लूसिव एंटरटेनमेंट ब्लॉग में आज हम आपको जनाई भोसले की ज़िंदगी, उनके ‘शाही’ बॉलीवुड डेब्यू और एक मशहूर भारतीय क्रिकेटर से जुड़े उनके विवाद की 4 सबसे दिलचस्प बातें बताने जा रहे हैं।

कौन हैं जनाई भोसले और कहाँ से की है पढ़ाई?

जनवरी 2002 में मुंबई में जन्मी जनाई भोसले, आशा भोसले के बेटे ‘आनंद भोसले’ और अनुजा भोसले की बेटी हैं। 24 साल की जनाई देखने में किसी टॉप बॉलीवुड एक्ट्रेस से कम नहीं लगती हैं।

उनकी परवरिश बहुत ही शाही अंदाज़ में हुई है। जनाई ने अपनी स्कूलिंग भारत में नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे महंगे और प्रतिष्ठित स्कूलों में से एक ‘Institut Le Rosey’ (स्विट्ज़रलैंड) से की है। म्यूजिक घराने से ताल्लुक रखने के कारण बचपन से ही उनका रुझान कला और संगीत की तरफ रहा है। वह एक बेहतरीन सिंगर होने के साथ-साथ एक ट्रेंड ‘कत्थक’ (Kathak) डांसर भी हैं।

गानों में दादी को देती हैं टक्कर (Music Career)

म्यूजिक जनाई के खून में है। उन्होंने बहुत कम उम्र में ही अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी थी। साल 2016 में जब भारत का पहला ट्रांसजेंडर बैंड ‘6 Pack’ लॉन्च हुआ था, तो जनाई ने उनके साथ परफॉर्म करके सुर्खियां बटोरी थीं।

एक लिरिसिस्ट और सिंगर के तौर पर वह ‘केंदी है’ (Kehndi Hai), ‘आदतें’ (Adatein), और ‘मैं हीर तेरी’ (Main Heer Teri) जैसे गानों में अपनी खूबसूरत आवाज़ का जादू चला चुकी हैं। वह अक्सर स्टेज शोज़ में अपनी दादी आशा ताई के साथ भी सुर से सुर मिलाती नज़र आती हैं।

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‘छत्रपति शिवाजी महाराज’ की फिल्म से कर रही हैं ग्रैंड डेब्यू

जनाई सिर्फ सिंगिंग तक सीमित नहीं रहना चाहतीं। वो जल्द ही बॉलीवुड के बड़े पर्दे पर एक ‘रॉयल’ एंट्री मारने वाली हैं!

जाने-माने फिल्म निर्माता संदीप सिंह (Sandeep Singh) की आने वाली ऐतिहासिक महाकाव्य फिल्म ‘द प्राइड ऑफ भारत – छत्रपति शिवाजी महाराज’ (The Pride of Bharat – Chhatrapati Shivaji Maharaj) से जनाई अपना एक्टिंग डेब्यू करने जा रही हैं। इस फिल्म में वह कोई छोटा-मोटा रोल नहीं, बल्कि शिवाजी महाराज की पत्नी ‘रानी सईबाई भोसले’ (Rani Saibai Bhonsale) का मुख्य और ऐतिहासिक किरदार निभाएंगी। खुद आशा भोसले ने अपनी पोती के इस डेब्यू पर सोशल मीडिया पर खुशी ज़ाहिर की थी। यह फिल्म 2027 में रिलीज़ होने वाली है।

क्रिकेटर मोहम्मद सिराज (Mohammed Siraj) से क्या है कनेक्शन?

बॉलीवुड स्टार किड्स और क्रिकेटर्स का रिश्ता हमेशा से सुर्खियों में रहता है। पिछले साल जनाई भोसले का नाम भी भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज ‘मोहम्मद सिराज’ के साथ जोड़ा गया था।

सोशल मीडिया पर दोनों की कुछ तस्वीरें और बातें वायरल हुई थीं, जिसके बाद अफवाह उड़ गई कि ये दोनों एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं। हालांकि, ये खबरें ज्यादा दिन नहीं टिक पाईं। बाद में दोनों की तरफ से इन अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया गया और स्पष्ट किया गया कि उनके बीच कोई रोमांटिक अफेयर नहीं है।

ApniVani की बात

अपनी शानदार आवाज़, बेहतरीन डांसिंग स्किल्स और अब हॉलीवुड/बॉलीवुड स्तर के एक्टिंग डेब्यू के साथ, जनाई भोसले यह साबित कर रही हैं कि वह सिर्फ अपने परिवार के नाम के सहारे नहीं, बल्कि अपने हुनर के दम पर इंडस्ट्री में टिकने आई हैं। अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि रानी सईबाई के ऐतिहासिक रोल में दर्शक उन्हें कितना पसंद करते हैं।

आपकी राय: स्टार किड्स का ऐतिहासिक फिल्मों (Historical Movies) से डेब्यू करना कितना सही है? क्या आपको लगता है कि जनाई भोसले अपनी एक्टिंग से दादी आशा भोसले की तरह ही दुनिया भर में नाम कमा पाएंगी? अपनी बेबाक राय नीचे कमेंट्स में या हमारे इंस्टाग्राम पेज @9vaniapni पर आकर जरूर शेयर करें!

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SSC GD 2026 New Exam Date: खत्म हुआ इंतजार! SSC ने जारी की नई परीक्षा तिथि, जानें 5 सबसे बड़े बदलाव

SSC GD 2026 New Exam Date

अगर आप भी ‘स्टाफ सिलेक्शन कमीशन’ (SSC) की ‘जनरल ड्यूटी’ (GD Constable) परीक्षा 2026 की तैयारी कर रहे हैं और एग्जाम पोस्टपोन होने की वजह से निराश थे, तो आपके लिए एक बहुत बड़ी ब्रेकिंग न्यूज़ है!

कल यानी 11 अप्रैल 2026 को SSC ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट (ssc.gov.in) पर एक अहम नोटिस जारी करके SSC GD 2026 की नई परीक्षा तिथियों का ऐलान कर दिया है। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs), SSF, और असम राइफल्स में कांस्टेबल बनने का सपना देख रहे लाखों उम्मीदवारों के लिए यह एक ‘अलर्ट’ है। ‘ApniVani’ के इस विशेष एजुकेशन ब्लॉग में हम आपको नए एग्जाम शेड्यूल, 4 चरणों में होने वाली परीक्षा और SSC द्वारा पहली बार दिए गए एक खास ‘ऑप्शन’ की 5 बड़ी बातें विस्तार से बताने जा रहे हैं।

27 अप्रैल से शुरू होगी परीक्षा (New Exam Dates)

सबसे बड़ा सवाल कि परीक्षा कब होगी? आधिकारिक सूचना के अनुसार, अब SSC GD 2026 का ‘कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट’ (CBT) 27 अप्रैल 2026 से शुरू होने जा रहा है।

यह परीक्षा देश भर के विभिन्न केंद्रों पर एक महीने से ज्यादा समय तक चलेगी और इसका आखिरी पेपर 30 मई 2026 को आयोजित किया जाएगा। यानी अब छात्रों के पास रिवीज़न के लिए गिने-चुने दिन ही बचे हैं।

4 अलग-अलग चरणों (Phases) में होगा एग्जाम

कैंडिडेट्स की भारी संख्या को देखते हुए और परीक्षा को सुचारू रूप से कराने के लिए SSC ने इस पूरे एग्जाम को 4 अलग-अलग फेज़ (हफ्तों) में बांट दिया है। पूरा शेड्यूल कुछ इस प्रकार है:

  • फेज़ 1 (Week 1): 27 अप्रैल से 2 मई 2026 तक
  • फेज़ 2 (Week 2): 4 मई से 9 मई 2026 तक
  • फेज़ 3 (Week 3): 18 मई से 23 मई 2026 तक
  • फेज़ 4 (Week 4): 25 मई से 30 मई 2026 तक

(नोट: कुछ हफ्तों के बीच जानबूझकर गैप रखा गया है ताकि परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था सुधारी जा सके।)

सबसे बड़ा बदलाव: ‘Week Preference’ सिस्टम लागू!

इस बार SSC ने इतिहास में पहली बार छात्रों को एक बहुत बड़ी सुविधा दी है। अब छात्र खुद चुन सकते हैं कि उन्हें इन 4 हफ्तों में से किस हफ्ते में परीक्षा देनी है!

इसे ‘Week Preference’ (सप्ताह वरीयता) नाम दिया गया है। जिन छात्रों ने फॉर्म भरा है, उन्हें SSC के पोर्टल पर लॉग-इन करके अपनी पसंद के अनुसार इन 4 हफ्तों को 1, 2, 3 और 4 की रैंकिंग देनी होगी। बोर्ड कोशिश करेगा कि छात्रों को उनकी पहली पसंद वाले हफ्ते में ही एग्जाम डेट दी जाए।

15 अप्रैल 2026 है ‘Preference’ भरने की आखिरी तारीख

यह सबसे अहम जानकारी है, जिसे आपको तुरंत फॉलो करना है। SSC ने यह ‘वीक प्रेफरेंस’ विंडो 11 अप्रैल की दोपहर 3 बजे से खोल दी है।

छात्रों के पास अपनी पसंद का हफ्ता चुनने के लिए केवल 15 अप्रैल 2026 (शाम 5 बजे) तक का ही समय है। अगर आप इस तारीख तक अपना विकल्प (Preference) सबमिट नहीं करते हैं, तो बोर्ड अपनी मर्ज़ी से आपको कोई भी परीक्षा की तारीख दे देगा। इसलिए बिना देरी किए तुरंत पोर्टल पर जाकर इसे भरें।

कब आएंगे सिटी स्लिप और एडमिट कार्ड?

परीक्षा की तारीख और शहर (City Intimation Slip) जानने के लिए लिंक परीक्षा शुरू होने से लगभग 7 से 10 दिन पहले जारी कर दिया जाएगा, ताकि जो छात्र दूर जाने वाले हैं, वे अपने ट्रेन का रिज़र्वेशन करवा सकें।

वहीं, आपका फाइनल एडमिट कार्ड (Admit Card), जिसमें परीक्षा केंद्र का पूरा पता और शिफ्ट (शिफ्ट टाइमिंग) लिखी होगी, वह आपके एग्जाम डेट से ठीक 3 से 4 दिन पहले डाउनलोड के लिए उपलब्ध होगा।

ApniVani की बात

SSC GD परीक्षा का यह नया अपडेट छात्रों के लिए किसी संजीवनी बूटी से कम नहीं है। खासकर ‘Week Preference’ का नया नियम एक बहुत ही शानदार और ‘छात्र-हित’ वाला कदम है। अब बिना समय बर्बाद किए अपनी किताबों और मॉक टेस्ट (Mock Tests) पर फोकस करें, क्योंकि 27 अप्रैल अब ज्यादा दूर नहीं है! ‘ApniVani’ की टीम सभी कैंडिडेट्स को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ देती है।

आपकी राय: क्या SSC द्वारा दिया गया ‘वीक प्रेफरेंस’ का नया सिस्टम आपको सही लगा? आप किस हफ्ते (फेज़) में अपनी परीक्षा देना पसंद करेंगे? नीचे कमेंट बॉक्स में या हमारे इंस्टाग्राम पेज @9vaniapni पर आकर अपनी राय जरूर बताएं!

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