ये कौन पक्षी है जिसने लगातार उड़ कर बनाया रिकॉर्ड:-AMUR FALCON SUPER FLIGHT

पक्षी

प्रकृति और विज्ञान का अनोखा संगम पक्षी फाल्कन्स ने बिना रुके किया तय 3000km सिर्फ इंस्टिंक्ट और टेलविंड का इस्तेमाल करके किया मुश्किल रास्तों को पार मणिपुर के तमेंगलोंग जिले से 11 नवंबर 2025 को तीन अमूर फाल्कन—अपापंग (मेल), आहु और अलांग (फीमेल)—को satellite tagging के साथ मॉनिटरिंग के लिए रिलीज़ किया गया था। सिर्फ 76 घंटे में इन पक्षियों ने मणिपुर से महाराष्ट्र–गोवा होते हुए, Arabian Ocean के ऊपर से non-stop 3,000 km की उड़ान भर दी।

वैज्ञानिकों के अनुसार, पाँच दिनों के भीतर इन तीनों फाल्कन ने 5,000–6,000 km का अविश्वसनीय सफर पूरा कर सोमालिया और केन्या तक पहुंच बना ली—यह एवियन माइग्रेशन की दुनिया के लंबे और खतरनाक मार्गों में से एक है।

Migratory Miracle — कैसे बिना रुके पार कर गए पूरा समंदर?

WII (Wildlife Institute of India) और स्थानीय वन विभाग की ट्रैकिंग टीम ने बताया कि: इन पक्षियों ने उड़ान से पहले टर्माइट और कीट भरकर ऊर्जा स्टोर की।समुद्र के ऊपर न कोई द्वीप, न जहाज, न रुकने की जगह—फिर भी यात्रा non-stop।इनकी दिशा-ज्ञान क्षमता instinct + tailwind का इस्तेमाल कर पारंपरिक मार्ग का अनुसरण करती है।

पक्षी

वैज्ञानिकों ने इसे दुनिया की सबसे लंबी निरंतर उड़ानों में से एक बताया—इससे मिलने वाला डेटा भविष्य में जलवायु परिवर्तन, एवियन माइग्रेशन और ग्लोबल बायोडायवर्सिटी रिसर्च के लिए “goldmine” साबित होगा।

संरक्षण की जीत — पूर्वोत्तर भारत का बदलाव दुनिया में मिसाल 10–12 साल पहले तक अमूर फाल्कन का बड़े पैमाने पर शिकार पूर्वोत्तर में चिंता का विषय था।

लेकिन आज मणिपुर और नागालैंड में:

गाँव और स्थानीय युवा “Falcon Festival” मना रहे हैंस्कूल–कम्युनिटी मिलकर संरक्षण अभियान चला रही है सरकारी एजेंसियों व वैज्ञानिक संस्थानों की साझेदारी ने इसे “Global Conservation Success Story” बना दिया है। दुनिया भर के शोधकर्ता कहते हैं—“India’s community-driven conservation model is now a benchmark.

एक उड़ान जिसने विज्ञान, प्रकृति और मानव सहयोग को जोड़ दिया मणिपुर से अफ्रीका तक तीन अमूर फाल्कन की निश्छल, निर्भीक, और record-breaking यात्रा यह दिखाती है कि प्रकृति में अभी भी ऐसे करिश्मे मौजूद हैं जो मानवता को सीख देते हैं— सहयोग, संरक्षण और विज्ञान मिलकर चमत्कार कर सकते हैं।

Read more

Guru Tegh Bahadur Shaheedi Diwas 2025: आस्था की स्वतंत्रता के लिए अंतिम बलिदान

Guru Tegh Bahadur

History That Still Shakes Empires — धर्म के लिए स्वयं को कुर्बान करने वाला अद्वितीय बलिदान 24 नवंबर 2025 को भारत और पूरी दुनिया Guru Tegh Bahadur Shaheedi Diwas को कृतज्ञता और श्रद्धा के साथ मना रही है।

9वें सिख गुरु गुरु तेग बहादुर साहिब ने वर्ष 1675 में दिल्ली के चांदनी चौक पर अपने प्राण त्याग दिए — धर्म, स्वतंत्रता और मानव अधिकारों की रक्षा के लिए। मुगल शासक औरंगज़ेब की जबरन धर्म-परिवर्तन नीतियों के खिलाफ उन्होंने कश्मीरी हिंदुओं, नानकपंथियों और निर्बलों के अधिकारों के लिए स्वयं को समर्पित किया।

इसलिए उन्हें “Hind Di Chadar / Dharma Ki Chadar” कहा जाता है — वह ढाल जिसने पूरी सभ्यता को बचाया।

Nationwide Tributes —

  • गुरुद्वारों से लेकर सोशल मीडिया तक, भक्ति और सम्मान की गूंज
  • शहीदी दिवस पर देशभर में विशेष कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं:-
  • सीस गंज साहिब (दिल्ली) – अखंड पाठ, अरदास, शबद-कीर्तन
  • अमृतसर, आनंदपुर साहिब, पटना साहिब – प्रभातफेरी, कीर्तन दरबार, लंगर सेवा
  • स्कूलों में secularism और religious freedom पर जागरूकता कार्यक्रम
  • SGPC, DSGMC और सिख धर्मगुरुओं द्वारा विशेष संदेश
  • सोशल मीडिया पर #GuruTeghBahadur और #HindDiChadar ट्रेंड
  • Guru Tegh Bahadur

हर जगह एक ही संदेश —

  • धर्म की आज़ादी किसी एक धर्म की नहीं, पूरी मानवता की जीत है।
  • आधुनिक भारत के लिए गुरु साहिब का संदेश
  • गुरु तेग बहादुर जी का जीवन हमें यह सिखाता है कि:

Freedom of Faith is a fundamental human right

  • डर को त्यागो और सही के लिए खड़े होओ
  • धर्मनिरपेक्षता और सहिष्णुता ही समाज की असली शक्ति है
  • उनकी शहादत आधुनिक भारत में इंसाफ, सह-अस्तित्व और मानवता का मार्गदर्शन करती है।

Their Sacrifice Is Not History, It Is a Guiding Light

आज का शहीदी दिवस सिर्फ़ एक स्मृति नहीं, बल्कि यह याद दिलाता है कि जब अन्याय बढ़े, तब आवाज़ भी बुलंद होनी चाहिए। गुरु तेग बहादुर साहिब का बलिदान दुनिया की सबसे महान कुर्बानियों में से एक है — “A global symbol of courage and freedom of conscience.”

Read more

शिक्षा की आड़ में आतंक: इंटरस्टेट मॉड्यूल की पोल खुली, कई गिरफ्तार”

इंटरस्टेट

जम्मू और कश्मीर पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए ऐसे इंटरस्टेट और इंटरनेशनल टेरर मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है, जो जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसार गजवत-उल-हिंद (AGuH) जैसे खतरनाक आतंकी संगठनों से जुड़ा था। इस नेटवर्क में डॉक्टर, पढ़े-लिखे प्रोफेशनल, मौलवी और स्थानीय सहयोगी तक शामिल थे। इस ऑपरेशन में जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ हरियाणा, उत्तर प्रदेश की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने मिलकर काम किया।

कैसे उजागर हुआ ‘व्हाइट कॉलर’ टेरर मॉड्यूल-

इस मॉड्यूल को “व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल” नाम इसलिए दिया गया क्योंकि इसमें शामिल लोग highly educated थे—जिनमें तीन डॉक्टर भी थे। जांच एजेंसियों ने पाया कि ये लोग पाकिस्तान और अन्य देशों में बैठे अपने हैंडलर्स से एन्क्रिप्टेड चैटिंग ऐप्स के जरिए संपर्क में रहते थे। जांच की शुरुआत नौगाम में धमकी भरे पोस्टर चिपकाए जाने से हुई, जिसके बाद यह पूरा नेटवर्क सामने आया।

इंटरस्टेट

कौन-कौन गिरफ्तार हुए?

अब तक कुल आठ से अधिक लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। प्रमुख नाम:

  • •डॉ. मुजम्मिल अहमद गनई
  • •डॉ. अदील
  • •डॉ. शाहीन
  • •आरिफ निसार डार
  • •यासिर-उल-अशरफ
  • •मकसूद अहमद डार
  • •मौलवी इरफान अहमद
  • •जमीर अहमद अहंगर

इसके अलावा SIA ने बटमालू के तुफैल नियाज भट को भी गिरफ्तार किया है। इन सभी का काम था—भर्ती कराना, फंड जुटाना और IED तैयार करने के लिए सामान खरीदना।

2,900 किलो विस्फोटक और खतरनाक हथियार बरामद-

यह मॉड्यूल कितना बड़ा था, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पुलिस ने करीब 2,900 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री बरामद की है। इसमें शामिल हैं:

  • •अमोनियम नाइट्रेट
  • •पोटेशियम नाइट्रेट
  • •IED बनाने का अन्य सामान

हथियारों में मिला:

AK-47 राइफल,चीनी स्टार पिस्टल,बेरेटा पिस्टल ,मैगज़ीन और गोला-बारूद इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक से बड़े पैमाने पर आतंकी वारदात की आशंका जताई जा रही है।

दिल्ली के लाल किले ब्लास्ट से भी जुड़ाव

इंटरस्टेट

जांच में यह भी सामने आया है कि यह मॉड्यूल दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट जैसी घटनाओं में शामिल था। कई गिरफ्तार आरोपी दिल्ली और हरियाणा में छिपकर IED की सप्लाई, फंडिंग और लॉजिस्टिक्स संभाल रहे थे।

मॉड्यूल का मकसद क्या था?

  • •नए लोगों की भर्ती करना
  • •विदेश में बैठे आतंकी हैंडलर्स के लिए फंड जुटाना
  • •IED तैयार करना और सप्लाई करना
  • •भारत में बड़े हमलों को अंजाम देना
  • •दिल्ली, जम्मू, कश्मीर समेत कई शहरों को टारगेट बनाना

पुलिस का कहना है कि इस मॉड्यूल के पकड़े जाने से JeM और AGuH के कई बड़े प्लान नाकाम हो गए हैं।

तीन राज्यों में फैला बड़ा नेटवर्क

यह नेटवर्क सिर्फ जम्मू-कश्मीर तक सीमित नहीं था। इसकी कड़ियाँ मिलीं:

  • •जम्मू-कश्मीर
  • •हरियाणा
  • •उत्तर प्रदेश

यहां से लोगों को भर्ती किया जाता था, फंडिंग होती थी और विस्फोटक सामग्री खरीदी व ट्रांसपोर्ट की जाती थी।

Read more

Hindu Rashtra Flag on Ram Mandir Shikhar” — Ayodhya तैयार सबसे बड़े धर्म–समारोह के लिए

Ram Mandir

25 November को इतिहास बदलेगा — अयोध्या Ram Mandir में पहली बार फहरेगा “धर्मध्वज” अयोध्या 25 नवंबर 2025 को फिर एक ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनने जा रही है—जब श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के 191 फुट ऊँचे शिखर पर “केसरिया धर्मध्वज” (हिंदू राष्ट्र ध्वज/धर्म ध्वज) पहली बार फहराया जाएगा।
इस शुभ अवसर(विवाह पंचमी)पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत स्वयं धर्मध्वज का लोकार्पण करेंगे।

ध्वज 22 फीट लंबा और 11 फीट चौड़ा होगा, जिसमें सूर्य प्रतीक, ॐ, एवं कोविदार वृक्ष अंकित हैं—जिनका उल्लेख वाल्मीकि रामायण से लेकर पुराणों तक मिलता है।ध्वज आधुनिक तकनीक वाले 360° wind-rotating pole पर लगाया जाएगा, जो तेज हवाओं में भी सुगमता से लहराता रहेगा।
देशभर के मंदिरों में इस आयोजन का Live Telecast होगा और सोशल मीडिया पर इसे “New Era of Dharma” कहा जा रहा है।

अयोध्या में भक्ति की बाढ़ —

21 से 25 नवंबर तक पाँच दिवसीय महोत्सव
धर्मध्वज आरोहण से पहले पूरा अयोध्या पाँच दिनों से दिव्य धार्मिक रंग में डूबा हुआ है—
अखंड वेद–पाठ और हवन,पुष्प-वर्षा,रामधुन, कीर्तन, शोभा यात्रा और श्रीराम जन्मभूमि के साथ छह प्रमुख मंदिरों — शिव, गणेश, सूर्य, हनुमान, माता भगवती और माता अन्नपूर्णा में विशेष अनुष्ठान।
सैकड़ों ब्राह्मणों द्वारा मंत्रोच्चार, सजावट, और पूरे नगर में दीप–मालाएं, अयोध्या को एक प्रकाश के शहर में बदल चुकी हैं।

Ram Mandir

धर्मध्वज — सनातनी एकता, आस्था और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक

मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के अनुसार,
“यह सिर्फ ध्वज नहीं—ये सनातन अस्मिता, सांस्कृतिक जागरण और हिंदू समाज की एकजुटता का प्रतीक है।”
10,000 से अधिक अतिथि, देशभर के संत–महंत, आध्यात्मिक हस्तियाँ, विभिन्न अखाड़ों के प्रमुख, और राष्ट्रीय नेता इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे।
अयोध्या का यह आयोजन धार्मिक महत्व के साथ-साथ भारत की civilizational identity और global cultural leadership का भी संकेत माना जा रहा है।

25 November बनेगा नया ‘धार्मिक Independence Day’ ?

भारत की आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक गौरव के लिए यह समारोह एक नया आध्यात्मिक पल माना जा रहा है।
राम मंदिर के शिखर पर धर्मध्वज का फहरना— नये भारत के आध्यात्मिक जागृति का नया अध्याय खोलने जा रहा है।

Read more

साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान, केएल राहुल बने नए कप्तान | जानिए  कौन कौन है टीम का हिस्सा

साउथ अफ्रीका

भारत और साउथ अफ्रीका के बीच होने वाली तीन मैचों की घरेलू वनडे सीरीज के लिए BCCI ने टीम इंडिया का ऐलान कर दिया है। सबसे बड़ा बदलाव—केएल राहुल को कप्तानी सौंपी गई है, क्योंकि नियमित कप्तान शुबमन गिल गर्दन की चोट की वजह से बाहर हो गए हैं।

इस फैसले के साथ ही राहुल एक बार फिर वनडे टीम की कमान संभालते नजर आएंगे। वहीं रोहित शर्मा और विराट कोहली टीम में बतौर बल्लेबाज शामिल रहेंगे।

युवा खिलाड़ियों को मौका-

इस सीरीज में युवाओं पर भी भरोसा जताया गया है। नीतीश कुमार रेड्डी और हर्षित राणा को पहली बार वनडे टीम में शामिल किया गया है। दोनों खिलाड़ियों ने IPL और घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करते हुए चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा है। इसके अलावा रुतुराज गायकवाड़ और तिलक वर्मा ने भी स्क्वॉड में अपनी जगह पक्की की है।

साउथ अफ्रीका

पंत की धमाकेदार वापसी-

विकेटकीपिंग विभाग में बड़ी खबर यह है कि ऋषभ पंत धमाकेदार वापसी कर रहे हैं। वो न सिर्फ टीम में लौटे हैं बल्कि उप-कप्तान की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। उनके अलावा ध्रुव जुरेल को तीसरे विकेटकीपर के तौर पर चुना गया है।

गेंदबाजी यूनिट-

तेज गेंदबाजी में इस बार अनुभव और युवाओं का संतुलन देखने को मिलेगा।अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा तेज गेंदबाजी का नेतृत्व करेंगे। स्पिन विभाग में कुलदीप यादव और रविंद्र जडेजा की मजबूत जोड़ी मौजूद रहेगी। जसप्रीत बुमराह को इस सीरीज के लिए आराम दिया गया है।

भारत की वनडे टीम – vs South Africa

  • •रोहित शर्मा
  • •यशस्वी जायसवाल
  • •विराट कोहली
  • •तिलक वर्मा
  • •केएल राहुल (कप्तान एवं विकेटकीपर)
  • •ऋषभ पंत (उप-कप्तान एवं विकेटकीपर)
  • •ध्रुव जुरेल
  • •वॉशिंगटन सुंदर
  • •रविंद्र जडेजा
  • •कुलदीप यादव
  • •नीतीश कुमार रेड्डी
  • •हर्षित राणा
  • •रुतुराज गायकवाड़
  • •प्रसिद्ध कृष्णा
  • •अर्शदीप सिंह

Read more

Honda ने रोक दिया Activa e: और QC1 का प्रोडक्शन — जानें क्या है बड़ी वजह

Honda

Honda ने अपने दो इलेक्ट्रिक स्कूटर्स Activa e: और QC1 का प्रोडक्शन फिलहाल रोक दिया है। यह फैसला भारतीय इलेक्ट्रिक स्कूटर मार्केट में बड़ी खबर माना जा रहा है, क्योंकि Honda की इन ईवीज़ से शुरुआत में काफी उम्मीदें थीं।

Honda ने कुछ महीने पहले ही अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर्स लॉन्च किए थे। लॉन्च के बाद लगता था कि Honda EV मार्केट में बड़ी एंट्री करेगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं।खबरों के मुताबिक, दोनों स्कूटर्स की सेल उम्मीद से बहुत कम रही। लॉन्च के बाद से मिलाकर केवल कुछ हजार यूनिट्स ही बिक पाईं। इसके चलते डीलर्स के पास अनबिके स्कूटर्स का बड़ा स्टॉक जमा होने लगा। कंपनी के लिए इतने बड़े स्टॉक को संभालना मुश्किल हो रहा था, इसलिए Honda ने फिलहाल नई यूनिट्स बनाना बंद करने का फैसला किया।

Honda

प्रोडक्शन रोकने की मुख्य वजहें

•कम बिक्री — ग्राहक बड़ी संख्या में यह स्कूटर खरीदने नहीं आए।

•डीलर्स पर भारी इन्वेंटरी — अनबिके स्कूटर्स के कारण स्टॉक बढ़ गया।

•बढ़ता मार्केट कम्पटीशन — कई कंपनियां सस्ते और ज्यादा रेंज वाले ईवी दे रही हैं।

•कॉस्ट कंट्रोल की जरूरत — कम मांग के बीच ज्यादा प्रोडक्शन कंपनी के लिए घाटे का सौदा था।

मार्केट पर इसका असर

Honda जैसा बड़ा ब्रांड जब प्रोडक्शन रोकता है, तो इंडस्ट्री में हलचल होना तय है। बहुत से लोग Activa e: के इंतजार में थे, लेकिन अब उन्हें या तो दूसरे ब्रांड्स देखने होंगे या Honda की नई अपडेट का इंतजार करना पड़ेगा।

Honda

यह साफ है कि EV मार्केट में अब सिर्फ नाम नहीं, बल्कि —

  • कीमत + रेंज + फीचर्स = ग्राहक का भरोसा
  • इन सबके बिना कोई भी स्कूटर नहीं चल पाएगा।
  • आगे Honda क्या करने वाली है?
  • Honda फिलहाल अपने बचे हुए स्टॉक को बेचने और नई रणनीति तैयार करने में लगी है।

संभव है कि कंपनी भविष्य में—

लंबी रेंज, कम कीमत, बेहतर फीचर्स के साथ अपने ईवी फिर से मार्केट में उतारे। ग्राहकों के लिए सलाह अगर आप Honda का इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने की सोच रहे थे, तो थोड़ा रुक जाएं।अभी यह साफ नहीं है कि प्रोडक्शन कब शुरू होगा।

Honda

इस समय आपके पास दो विकल्प हैं:

1. दूसरे ब्रांड्स के ईवी देखें (Ola, Ather, TVS आदि)

2. Honda की अगली घोषणा का इंतजार करें

Read more

G-20 शिखर सम्मेलन में PM मोदी ने दिखाई भारत की मजबूत वैश्विक नेतृत्व क्षमता

G-20 शिखर

Summary (bullets points में)

  • PM मोदी दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में आयोजित G-20 शिखर सम्मेलन 2025 में शामिल हुए, जहाँ उनका भव्य स्वागत किया गया।
  • सम्मेलन की थीम “एकजुटता, समानता और स्थिरता” रही, जिसमें जलवायु, आर्थिक सहयोग और ग्लोबल साउथ पर प्रमुख चर्चा हुई।
  • PM मोदी ने विकासशील देशों की चुनौतियों, हरित ऊर्जा, कर्ज संकट और समावेशी विकास पर भारत का मजबूत पक्ष रखा।
  • युवाओं के लिए ‘नेल्सन मंडेला बे टारगेट’ और महिलाओं के लिए नौकरी व वेतन अंतर कम करने जैसे बड़े फैसले लिए गए।
  • PM मोदी ने अफ्रीका के विकास को महत्वपूर्ण बताते हुए ‘अफ्रीका स्किल्स मल्टीप्लायर इनिशिएटिव’ को समर्थन दिया।
  • उन्होंने कई वैश्विक नेताओं से द्विपक्षीय मुलाकातें कीं, जिससे भारत के रणनीतिक और आर्थिक रिश्तों को नई मजबूती मिली।
  • G-20 शिखर

PM मोदी की दक्षिण अफ्रीका यात्रा-

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग दौरे पर हैं, जहाँ वे 21 से 23 नवंबर तक हो रहे G-20 शिखर सम्मेलन 2025 में हिस्सा ले रहे हैं। यह सम्मेलन इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि इसे पहली बार अफ्रीकी धरती पर आयोजित किया जा रहा है। PM मोदी की मौजूदगी ने इस आयोजन पर दुनिया का खास ध्यान खींचा है। उनके आगमन पर दक्षिण अफ्रीका ने भव्य और पारंपरिक तरीके से स्वागत किया, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हैं।

सम्मेलन की थीम और मुख्य मुद्दे-

इस वर्ष G-20 शिखर सम्मेलन की थीम “एकजुटता, समानता और स्थिरता” रखी गई है। सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन, हरित ऊर्जा में निवेश, वैश्विक अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, ग्लोबल साउथ के विकास, और महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। PM मोदी ने इन सभी मुद्दों पर भारत का दृष्टिकोण रखते हुए कहा कि दुनिया को आगे ले जाने के लिए आपसी सहयोग, समावेशी विकास और पारदर्शिता की जरूरत है। उन्होंने ग्लोबल साउथ के राष्ट्रों पर बढ़ते आर्थिक दबाव और कर्ज संकट पर भी गंभीर चिंता जताई।

ग्लोबल साउथ की आवाज बने PM मोदी-

प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मेलन में विकासशील देशों के हितों की मजबूती से वकालत की। उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ की चुनौतियों को वैश्विक प्राथमिकता बनाया जाना चाहिए। PM मोदी ने अफ्रीकी देशों के विकास और कौशल प्रशिक्षण को भविष्य की जरूरत बताते हुए “अफ्रीका स्किल्स मल्टीप्लायर इनिशिएटिव” का जोरदार समर्थन किया। इस पहल के तहत अगले दस वर्षों में अफ्रीका में 10 लाख प्रशिक्षित ट्रेनर्स तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे महाद्वीप की युवा आबादी को नई दिशा मिलेगी।

G-20 शिखर

सम्मेलन में हुई बड़ी और ऐतिहासिक घोषणाएँ-

इस G-20 शिखर सम्मेलन में कई ऐसे फैसले लिए गए, जिनका असर आने वाले वर्षों में दुनिया के सामाजिक और आर्थिक ढांचे पर पड़ेगा।

सबसे पहले युवाओं के लिए ‘नेल्सन मंडेला बे टारगेट’ अपनाया गया, जिसके तहत शिक्षा, रोजगार और प्रशिक्षण से वंचित युवाओं की संख्या को बड़े पैमाने पर कम करने के प्रयास किए जाएंगे।दूसरा बड़ा फैसला महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को लेकर आया। सदस्यों ने 2030 तक “पुरुषों और महिलाओं के रोजगार में अंतर को 25%” तक कम करने का लक्ष्य रखा। साथ ही 2035 तक जेंडर वेज गैप, यानी वेतन समानता की दिशा में 15% अंतर कम करने और महिलाओं के खिलाफ हिंसा को समाप्त करने का संकल्प लिया गया।अमेरिका की अनुपस्थिति के बावजूद सभी देशों ने सम्मेलन की संयुक्त घोषणा को मंजूरी दी, जिसे विशेषज्ञ कूटनीतिक सफलता मानते हैं।

द्विपक्षीय मुलाकातें और रणनीतिक साझेदारी-

इस यात्रा के दौरान PM मोदी ने कई विश्व नेताओं से मुलाकातें कीं, जिनमें ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज विशेष रूप से शामिल रहे। इन बैठकों में रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, निवेश और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सामरिक संतुलन जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच संबंध भी इस यात्रा के बाद और अधिक मजबूत हुए हैं।

भारत की वैश्विक छवि और मजबूत-

PM मोदी के नेतृत्व और भारत की सकारात्मक भूमिका ने इस G-20 शिखर सम्मेलन में देश की वैश्विक छवि को और सुदृढ़ किया है। भारत को न सिर्फ एक उभरती अर्थव्यवस्था के रूप में, बल्कि एक समाधान देने वाले, स्थिर और जिम्मेदार राष्ट्र के रूप में भी देखा जा रहा है।अफ्रीकी देशों में कौशल विकास, जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए ठोस प्रयास और ग्लोबल साउथ के लिए आवाज उठाना भारत के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय प्रभाव का बड़ा संकेत है।

Read more

प्रगति मैदान में दिल्ली ट्रेड फेयर लगी जबरदस्त भीड़, हर राज्य की संस्कृति और नवाचार का प्रदर्शन

दिल्ली

राजधानी दिल्ली के प्रगति मैदान में इस समय ‘दिल्ली ट्रेड फेयर 2025’ पूरे शबाब पर है। 14 नवंबर से शुरू हुआ यह मेला रोजाना हजारों लोगों को अपनी ओर खींच रहा है। परिवारों, छात्रों, व्यापारियों और घरेलू खरीदारों—सबकी भारी भीड़ यहां देखने को मिल रही है। यह मेला 27 नवंबर तक जारी रहेगा।

इस बार मेले की थीम ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ रखी गई है, जो देश की एकता, संस्कृति और विविधता को एक मंच पर दिखाती है।

क्या है इस बार का खास आकर्षण?

  • मेले में इस बार कई राज्यों को पार्टनर और फोकस स्टेट के रूप में चुना गया है:
  • पार्टनर स्टेट – बिहार, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश
  • फोकस स्टेट – झारखंड

इन राज्यों के पवेलियन सबसे ज्यादा भीड़ आकर्षित कर रहे हैं। लोग यहां की पारंपरिक कलाएं, हस्तशिल्प, लोकनृत्य, हैंडलूम उत्पाद, बांस कला, मधुबनी पेंटिंग, राजस्थानी ज्वेलरी, और महाराष्ट्र की वारली आर्ट जैसी चीजें बड़ी उत्सुकता से देख रहे हैं। टेक्नोलॉजी और ‘विकसित भारत @2047’ का दमदार प्रदर्शन

दिल्ली

इस बार मेले में भारत के भविष्य को दिखाने वाला एक बड़ा सेक्शन बनाया गया है, जिसमें—

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
  • साइबर सिक्योरिटी
  • डीप टेक
  • स्टार्टअप इनोवेशन
  • डिजिटल इंडिया मिशन

जैसे क्षेत्रों में देश की उपलब्धियों और नए प्रयोगों को प्रदर्शित किया जा रहा है। छात्रों और युवा उद्यमियों के लिए यह सेक्शन काफी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

भीड़ क्यों इतनी ज्यादा है?

  • त्योहारी सीजन के बाद शॉपिंग का बढ़ता रुझान
  • राज्यों के पवेलियन का सुंदर सेटअप
  • खाने-पीने के स्टॉल, आर्टवर्क, होम डेकोर, हैंडीक्राफ्ट की बड़ी रेंज
  • बच्चों के लिए मनोरंजन

मेले में सप्ताहांत पर तो पैरों रखने की जगह तक नहीं मिल रही।

आम लोगों के लिए जरूरी जानकारी

मेला कब तक खुला है?

  • 19 नवंबर से 27 नवंबर तक आम जनता के लिए खुला.
  • समय: सुबह 10 बजे से शाम 7:30 बजे तक
  • प्रवेश बंद: शाम 5:30 बजे
  • टिकट कीमतें
  • Week के दिन (Mon–Fri):
  • वयस्क: ₹80
  • बच्चे: ₹40
  • सप्ताहांत (Sat–Sun) और छुट्टी:
  • वयस्क: ₹150
  • बच्चे: ₹60
  • दिल्ली

फ्री एंट्री:

  • वरिष्ठ नागरिक
  • दिव्यांगजन
  • टिकट कहां से खरीदें?
  • 55 मेट्रो स्टेशनों से
  • ‘सारथी’ ऐप
  • ITPO की आधिकारिक वेबसाइट से ऑनलाइन बुकिंग

प्रगति मैदान कैसे पहुंचें?

सबसे नजदीकी मेट्रो स्टेशन: सुप्रीम कोर्ट (ब्लू लाइन).ट्रैफिक देखते हुए—मेट्रो से यात्रा करना सबसे बेहतर विकल्प माना जा रहा है।

क्यों खास है दिल्ली ट्रेड फेयर 2025?

यह मेला सिर्फ व्यापार या खरीदारी का मंच नहीं है, बल्कि—

  • भारत की कला
  • संस्कृति
  • परंपरा
  • नवाचार
  • राज्यों की विविधता
  • सरकारी अभियानों की झलक

सब कुछ एक ही जगह दिखाने वाला एक विशाल सांस्कृतिक उत्सव बन चुका है।परिवारों के लिए घूमने का शानदार मौका है, और व्यापारियों के लिए नए बिजनेस अवसर भी।

Read more

भागलपुर में नवान्न (नेमान) पर्व की रौनक, चूड़ा–दही–गुड़ की खरीदारी से बाजार गुलजार | पूरी परंपरा जानिए

भागलपुर

Summary (bullets points)

•भागलपुर में आज नवान्न (नेमान) पर्व बड़ी श्रद्धा और खुशी के साथ मनाया गया, लोगों ने नए अन्न को पहले अग्नि देव को अर्पित किया।

•सूजागंज और तिलकामांझी बाजारों में सुबह से भीड़ रही, चूड़ा–दही–गुड़ की खूब खरीदारी हुई।

•घर-घर में नए चूड़ा से बना प्रसाद तैयार किया गया और परिवारों ने मिलकर त्योहार मनाया।

•यह पर्व नई फसल के स्वागत और प्रकृति के प्रति धन्यवाद का प्रतीक है, जिससे लोगों का अपनी परंपराओं से जुड़ाव दिखा।

भागलपुर, 23 नवंबर (रविवार):

भागलपुर में आज पारंपरिक नवान्न (नेमान) पर्व बड़ी आस्था और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। यह पर्व नई फसल के स्वागत और प्रकृति के प्रति धन्यवाद देने का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि आज के दिन “नया अन्न” सबसे पहले अग्नि देवता को अर्पित किया जाता है और उसके बाद ही परिवार के लोग इसे ग्रहण करते हैं।

भागलपुर

बाजारों में खूब रही भीड़

सुबह से ही शहर के प्रमुख बाजार—सूजागंज और तिलकामांझी—में खूब रौनक देखने को मिली। चूड़ा, दही, गुड़ और पूजा-सामग्री की जमकर खरीदारी होती रही। दुकानों के बाहर ग्राहकों की लंबी कतारें दिखीं और कई जगह चूड़ा व गुड़ के स्टॉक दोपहर तक लगभग खत्म होने की स्थिति में आ गए।

दुकानदारों ने बताया कि इस बार नवान्न की खरीदारी पिछले साल की तुलना में अधिक रही। कतरनी चूड़ा, जिसे इस दिन खास तौर पर खरीदा जाता है, की अच्छी बिक्री हुई।

क्या है नवान्न पर्व की परंपरा?

नवान्न का अर्थ है—नया अन्न।

धान की नई कटाई होने के बाद पहली बार इससे तैयार चूड़ा को पूजा में चढ़ाया जाता है। परिवार के लोग स्नान करने के बाद नए चूड़ा में दही, गुड़, दूध और केले मिलाकर प्रसाद तैयार करते हैं। इसके बाद उस प्रसाद को ‘स्वाहा’ मंत्र के साथ अग्नि में अर्पित किया जाता है।

मान्यता है कि अग्नि देव को अर्पित किया गया अन्न देवताओं तक पहुंचता है और घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है।

कृषि और परंपरा से जुड़ा पर्व

नवान्न केवल धार्मिक रीति नहीं, बल्कि किसानों की मेहनत और प्रकृति के आशीर्वाद का उत्सव भी है। बिहार, झारखंड, बंगाल और ओडिशा सहित कई राज्यों में यह पर्व अलग-अलग नामों से मनाया जाता है। यह लोगों को अपनी जड़ों और परंपराओं से जोड़ने वाला पर्व है। भागलपुर में भी परिवारों ने सुबह से ही पूजा की तैयारियां कीं और नए अन्न की पहली भेंट अग्नि को समर्पित की। घर-घर में चूड़ा–दही–गुड़ का प्रसाद बनाया गया और बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने मिलकर त्योहार का आनंद लिया।

भागलपुर में आज पूरे दिन नवान्न पर्व का उल्लास साफ दिखा—चाहे बाजारों की भीड़ हो या घर-घर में पूजा की सुगंध। यह पर्व एक बार फिर लोगों को प्रकृति, फसल और अपनी सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने का काम करता दिखा।

Read more

स्मृति मंधाना–पलाश मुच्छल की शादी टली: पिता को हार्ट अटैक, परिवार ने लिया बड़ा फैसला

स्मृति मंधाना

भारतीय क्रिकेट टीम की स्टार बल्लेबाज़ स्मृति मंधाना और म्यूजिक कंपोज़र पलाश मुच्छल की शादी, जो 23 नवंबर को होने वाली थी, परिवार में अचानक आई मेडिकल इमरजेंसी की वजह से अनिश्चितकाल के लिए पोस्टपोन कर दी गई है।

यह फैसला तब लिया गया जब शादी की रस्मों के बीच स्मृति के पिता श्रीनिवास मंधाना को अचानक हार्ट अटैक आया और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाना पड़ा।

स्मृति मंधाना

क्या हुआ था घटना के समय?

शादी की सभी तैयारियां महाराष्ट्र के सांगली स्थित मंधाना फार्महाउस में ज़ोरों पर थीं। मेहंदी, हल्दी, संगीत तक की रस्में शुरू हो चुकी थीं। परिवार, रिश्तेदार और करीबी दोस्त सभी मौजूद थे।सुबह नाश्ते के दौरान स्मृति के पिता को अचानक बेचैनी और स्वास्थ्य बिगड़ने के संकेत दिखे। शुरुआत में इसे सामान्य परेशानी समझा गया, लेकिन कुछ ही मिनटों में हालत गंभीर हो गई। तुरंत एम्बुलेंस बुलाई गई और उन्हें नज़दीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

अभी कैसी है तबीयत?

अस्पताल सूत्रों और परिवार के करीबी लोगों के अनुसार:

•श्रीनिवास मंधाना की हालत अब स्थिर है

•डॉक्टरों की एक टीम लगातार मॉनिटरिंग कर रही है

•अगले 48 घंटे बेहद जरूरी बताए जा रहे हैं

परिवार ने मीडिया को स्पष्ट किया है कि शादी फिलहाल टाल दी गई है, और नई तारीख बाद में तय की जाएगी।

रस्में और जश्न सब रुका

शादी से पहले होने वाले सभी कार्यक्रम—मेहंदी, हल्दी और संगीत—काफी उत्साह के साथ शुरू हुए थे।यहाँ तक कि ब्राइड vs ग्रूम टीम के बीच एक फ्रेंडली क्रिकेट मैच भी खेला गया था, जिसने शादी के माहौल को और खास बना दिया था। लेकिन पिता की तबीयत बिगड़ने के बाद परिवार ने सब तैयारियाँ रोक दीं।

स्मृति का रुख: “पापा के बिना शादी नहीं”

स्मृति मंधाना के बिजनेस मैनेजर तुहिन मिश्रा ने बताया कि स्मृति किसी भी हालत में पिता के स्वस्थ होने का इंतज़ार करना चाहती हैं।

स्मृति मंधाना

उन्होंने साफ कहा:

“स्मृति अपने पापा के बिना शादी नहीं करेंगी। जब तक वे पूरी तरह ठीक नहीं हो जाते, शादी नहीं होगी।” परिवार ने इस कठिन समय में प्राइवसी की अपील की है।

आगे क्या?

अभी शादी की अगली तारीख तय नहीं की गई है। परिवार पहले उनके स्वास्थ्य सुधार पर ध्यान देगा। फैंस, क्रिकेट जगत और म्यूजिक इंडस्ट्री—सबने सोशल मीडिया पर स्मृति के पिता के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।

Read more