₹15,000 करोड़ निवेश पर मचा बवाल — तमिलनाडु सरकार बोली ‘वादा पक्का’, Foxconn ने कहा ‘नया नहीं है’

तमिलनाडु सरकार

तमिलनाडु सरकार और ताइवान की इलेक्ट्रॉनिक्स दिग्गज कंपनी Foxconn के बीच ₹15,000 करोड़ के निवेश को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। जहाँ एक ओर राज्य सरकार दावा कर रही है कि यह ऐतिहासिक निवेश तमिलनाडु में लाखों नौकरियों के अवसर खोलेगा, वहीं Foxconn ने स्पष्ट किया है कि “कोई नया निवेश” चर्चा में नहीं आया था।

विवाद की शुरुआत कैसे हुई?

यह विवाद 13 अक्टूबर को तब शुरू हुआ जब मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और उद्योग मंत्री टी.आर.बी. राजा़ ने घोषणा की कि Foxconn कंपनी राज्य में ₹15,000 करोड़ का नया निवेश करेगी। यह घोषणा उस बैठक के बाद की गई थी जिसमें Foxconn के नए भारत प्रतिनिधि रॉबर्ट वू (Robert Wu) ने हिस्सा लिया था। राजा़ ने इसे “तमिलनाडु के औद्योगिक इतिहास का सबसे बड़ा इंजीनियरिंग रोजगार सृजन प्रोजेक्ट” बताया और कहा कि यह निवेश 1 लाख से अधिक इंजीनियरिंग नौकरियाँ पैदा करेगा।

Foxconn का जवाब — “नई डील नहीं हुई”

मुख्यमंत्री की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद Foxconn की ओर से एक बयान जारी हुआ जिसमें कंपनी ने कहा, “बैठक में किसी नए निवेश पर चर्चा नहीं हुई। यह हमारी पहले से चल रही परियोजनाओं की निरंतरता मात्र है।”

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Foxconn के बयान से राज्य सरकार के दावे पर सवाल उठ खड़े हुए और सोशल मीडिया पर यह चर्चा छा गई कि क्या सरकार ने निवेश को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया।

राज्य सरकार का पलटवार — “एक साल से चल रही मेहनत अब रंग लाई”

तमिलनाडु सरकार ने तुरंत स्पष्टीकरण जारी किया। मंत्री राजा़ ने कहा कि यह “नया निवेश नहीं, बल्कि पहले से चल रही वार्ताओं का परिणाम है”, जिसे अब आधिकारिक रूप से सार्वजनिक किया गया है। उन्होंने कहा, “Foxconn इसे ‘नया निवेश’ नहीं कह सकती क्योंकि बातचीत एक साल से चल रही थी, लेकिन यह पहली बार है जब कंपनी ने आधिकारिक रूप से प्रतिबद्धता जताई है। यह तमिलनाडु के लिए एक ऐतिहासिक पल है।”

राजा़ ने यह भी कहा कि Foxconn की यह परियोजना राज्य की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को नई दिशा देगी, और चेन्नई, होसूर तथा कांचीपुरम जैसे औद्योगिक इलाकों में नए संयंत्रों की संभावना को मजबूत करेगी।

Foxconn की भारत में भूमिका

Foxconn पहले से ही भारत में Apple iPhone असेंबली के लिए चेन्नई के पास स्रीपेरुंबुदुर (Sriperumbudur) में एक बड़ी यूनिट चला रही है। हाल के महीनों में कंपनी ने कर्नाटक और तेलंगाना में भी अपने निवेश बढ़ाए हैं।

तमिलनाडु सरकार का कहना है कि ₹15,000 करोड़ का यह निवेश कंपनी के सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट निर्माण के विस्तार से जुड़ा है। हालांकि Foxconn ने अब तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

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निवेश पर राजनीति भी गरमाई

विपक्षी दल AIADMK और BJP ने राज्य सरकार पर “राजनीतिक लाभ के लिए निवेश आंकड़े बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने” का आरोप लगाया है। विपक्ष का कहना है कि सरकार को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि Foxconn के साथ एमओयू (MoU) कब साइन हुआ और क्या इसके तहत कोई नई यूनिट स्थापित होने जा रही है या नहीं।

वहीं, उद्योग मंत्री राजा़ ने विपक्ष के आरोपों को “भ्रम फैलाने वाला” बताया और कहा कि तमिलनाडु सरकार अपने निवेश प्रतिज्ञाओं पर पारदर्शिता और सत्यनिष्ठा के साथ कायम है।

आर्थिक विशेषज्ञों की राय

अर्थशास्त्रियों का मानना है कि यह विवाद तकनीकी शब्दों का मामला है — जहाँ Foxconn इसे “नई प्रतिबद्धता” नहीं मान रही, वहीं सरकार “पुष्ट की गई निवेश योजनाओं” को सार्वजनिक रूप से घोषणा योग्य मान रही है। चेन्नई स्थित उद्योग विश्लेषक एस. राजगोपाल का कहना है, “सरकार और कंपनी दोनों सही हैं — Foxconn ने निवेश की योजना पहले बनाई थी, लेकिन अब यह औपचारिक रूप से तय हो गई है। यह निवेश तमिलनाडु को भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स हब के रूप में और मजबूत करेगा।”

आगे क्या?

राज्य सरकार ने कहा है कि परियोजना के शुरुआती चरण की औपचारिक प्रक्रिया अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही (FY26 Q1) से शुरू होगी। इसके तहत निर्माण, मशीनरी इंस्टॉलेशन और स्थानीय सप्लाई चेन तैयार करने का काम एक साथ चलेगा। Foxconn और सरकार के बीच सहमति के दस्तावेजों को अंतिम रूप देने के लिए एक संयुक्त समन्वय समिति गठित की जाएगी।

₹15,000 करोड़ के इस निवेश को लेकर जारी विवाद ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि भारत में बड़े औद्योगिक समझौते केवल कॉरपोरेट घोषणाओं से नहीं, बल्कि राजनीतिक दृष्टिकोण और सार्वजनिक धारणा से भी प्रभावित होते हैं।भले ही Foxconn इसे “नया निवेश” न मान रही हो, लेकिन तमिलनाडु सरकार के लिए यह एक राजनीतिक और औद्योगिक जीत के रूप में देखा जा रहा है — जो आने वाले वर्षों में राज्य की आर्थिक दिशा तय कर सकती है।

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Bihar Election 2025 : 6 और 11 नवंबर की जंग, नए नियम और चुनाव का नया रूप

Bihar Election

Bihar Election 2025 में बिहार विधानसभा चुनाव सिर्फ एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि नवाचार, पारदर्शिता और राजनीतिक बदलाव की महाकुंभ भी है। चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि 6 नवंबर और 11 नवंबर को दो चरणों में वोटिंग होगी और 14 नवंबर को वोटों की गिनती होगी। इस बार ECI ने कई नए सुधार लागू किए हैं—हर बूथ पर 100% webcasting, EVM पर रंगीन फोटो और बड़े फॉन्ट, तथा हर बूथ में अधिकतम 1,200 वोटर की सीमा—सब बदलाव इस चुनाव को पारदर्शी बनाने की दिशा में हैं।

बदलाव की दिशा

इस चुनाव में आयोग ने 17 नई पहल पेश की हैं, जिन्हें आगे राज्य या राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रयोग किया जा सकता है। इनमें से एक है बूथों पर mobile deposit facility, जिससे voters लाइन में खड़े न हों और जरूरी formalities तुरंत पूरी हो सकें। साथ ही, Voter Information Slip (VIS) जारी की जाएगी जिसमें QR कोड और बड़े फॉन्ट में बूथ और मतदान जानकारी दी जाएगी। और SC/ST मतदाताओं के लिए Braille VIS (ब्रेल भाषा में सूचना) का प्रावधान रखा गया है ताकि व्हिज़ुअली इम्पेयर्ड मतदाता भी सहज रूप से भाग ले सकें।

कौन-कौन मैदान में

इस चुनाव में NDA के नेता Nitish Kumar, Chirag Paswan, Upendra Kushwaha, Jitan Ram Manjhi जैसे पुराने और नए चेहरे मैदान में हैं। बदले की हवा में Tejashwi Yadav (RJD) और कांग्रेस हिस्सा ले रही है। इसके अलावा, राजनीतिक रणनीतिकार Prashant Kishor की Jan Suraaj Party भी नए एजेंडा लेकर खड़ी है, जिसमें पार्टी संरचना, उम्मीदवार चयन और clean politics जैसे मुद्दे मुख्य हैं।

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चुनौतियाँ और विवाद:

चुनाव से पहले SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया ने विवादों को जन्म दिया है। करीब 65 लाख मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाये जाने की खबर आई है, जिसे विपक्ष ने गंभीर रूप से उठाया है। इस विवाद को SC में चुनौती दी गई है, जहां सवाल यह उठाए गए हैं कि यह प्रक्रिया निहित स्वार्थ को बढ़ावा नहीं दे रही हो। चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि Aadhaar को वोटर पहचान हेतु प्रमाण नहीं माना जाएगा; सचमुच दस्तावेज जांच प्रक्रिया कड़ी होगी।

जनता की उम्मीद और चुनाव का मायना

इस चुनाव में 7.42 करोड़ से अधिक वोटर हिस्सा लेंगे, और लगभग 90,712 बूथ तैयार किए गए हैं। निर्णायक बदलावों के साथ—100% webcasting, mobile deposit facility, ब्रेल VIS, बड़े फॉन्ट वाले VIS और रंगीन फोटो वाले EVM—यह चुनाव “Mother of All Elections” कहा जा रहा है।

अब सवाल है—क्या इन नए कानूनों, सुधारों और डिजिटल पहल के बीच जीत सिर्फ वोटों की होगी, या जनता की आवाज़ व विकास की उम्मीद भी संजोएगी भारत की राजनीति को नया चेहरा देगा?

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तमिलनाडु में थलापति विजय की रैली में भगदड़ से 39 की मौत, 40 से अधिक घायल, भीड़ प्रबंधन पर उठे सवाल

थलापति विजय

करूर (तमिलनाडु), 27 सितंबर 2025 – दक्षिण भारत के सुपरस्टार और अब राजनीति में सक्रिय अभिनेता थलापति विजय की करूर में आयोजित चुनावी रैली शनिवार को दर्दनाक हादसे में तब्दील हो गई। उनकी पार्टी तमिझगा वेत्री कड़गम (TVK) की इस रैली में भगदड़ मचने से कम से कम 39 लोगों की मौत हो गई और 40 से अधिक लोग घायल हो गए। मृतकों में 17 महिलाएं और 10 बच्चे शामिल हैं। यह त्रासदी न केवल राज्य की राजनीति को हिला गई है, बल्कि भीड़ प्रबंधन और प्रशासनिक लापरवाही पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

हादसे की वजहें : भीड़, बिजली गुल और अफरा-तफरी

स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, आयोजन स्थल पर करीब 30,000 लोगों के आने का अनुमान था। लेकिन विजय की लोकप्रियता इतनी ज्यादा निकली कि 60,000 से अधिक लोग करूर पहुंच गए। मैदान में खड़े लोगों के लिए न तो पर्याप्त जगह थी, न ही कोई व्यवस्थित निकास मार्ग। विजय को दोपहर 12 बजे मंच पर पहुंचना था, लेकिन वे लगभग 7 घंटे देर से शाम 7 बजे आए। इस बीच, तेज धूप और लंबे इंतजार से भीड़ बेचैन हो चुकी थी। जैसे ही विजय का प्रचार वाहन मैदान में दाखिल हुआ, अचानक बिजली गुल हो गई और पूरे इलाके में अंधेरा छा गया। घबराहट में लोग धक्का-मुक्की करने लगे।

बेहतर नज़ारा पाने के लिए कुछ लोग पास के पेड़ पर चढ़ गए थे। अचानक शाखा टूट गई और वे नीचे खड़े लोगों पर गिर पड़े। इससे भगदड़ और तेज हो गई। विजय को देखते ही हज़ारों समर्थक उनकी एक झलक पाने के लिए बैरिकेड तोड़कर मंच की तरफ दौड़ पड़े। तभी पूरा नियंत्रण बिगड़ गया। कुछ ही मिनटों में मैदान चीख-पुकार से भर गया। लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे और दम घुटने से दर्जनों लोगों की जान चली गई।

थलापति विजय

विजय की प्रतिक्रिया : “यह मेरा व्यक्तिगत नुकसान है”

हादसे के दौरान विजय मंच पर मौजूद थे। उन्होंने पहले तो एम्बुलेंस के लिए रास्ता बनाने की अपील की, लेकिन जल्द ही जब उन्हें मौतों का अंदेशा हुआ तो उन्होंने कार्यक्रम रोक दिया। बाद में शोक जताते हुए उन्होंने कहा – “आज जो कुछ हुआ, उसने मेरा दिल तोड़ दिया है। मैं अपने प्रशंसकों को खो चुका हूँ, यह मेरे लिए व्यक्तिगत नुकसान है। हर प्रभावित परिवार के साथ मैं खड़ा हूँ।” विजय ने अपनी पार्टी की ओर से मृतकों के परिवारों को 20 लाख रुपये और घायलों को 5 लाख रुपये देने की घोषणा की।

सरकार की कार्रवाई और मुआवजा

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने इस हादसे को “अत्यंत दर्दनाक” बताते हुए न्यायिक जांच आयोग गठित करने की घोषणा की। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये और घायलों को 1 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा –”यह केवल एक हादसा नहीं बल्कि एक चेतावनी है कि भीड़ प्रबंधन में कितनी खामियां हैं। सरकार दोषियों को बख्शेगी नहीं।” पुलिस ने इस मामले में TVK के महासचिव एन. आनंद समेत आयोजकों के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया है।

राष्ट्रीय नेताओं की संवेदनाएँ

इस हादसे ने पूरे देश को हिला दिया है।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा – “तमिलनाडु की इस त्रासदी ने पूरे राष्ट्र को दुखी किया है। मेरी संवेदनाएँ पीड़ित परिवारों के साथ हैं।”
  • कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लिखा – “राजनीतिक रैली को सुरक्षित बनाने की जिम्मेदारी नेताओं और प्रशासन की है। यह त्रासदी टाली जा सकती थी।”
  • राज्यपाल आर.एन. रवि ने इसे “मानवीय आपदा” करार देते हुए पीड़ित परिवारों को सांत्वना दी।

थलापति विजय

पीड़ित परिवारों का दर्द

रामलक्ष्मी नाम की एक महिला, जिनके भाई की इस हादसे में मौत हो गई, रोते हुए बोलीं – “हम तो बस विजय को देखने आए थे, लेकिन हमें उसका शव लेकर लौटना पड़ा। यह मौतें रोकी जा सकती थीं अगर इंतजाम पुख्ता होते।” वहीं घायल मुरुगन ने अस्पताल में कहा – “हम घंटों खड़े थे। अचानक लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे। मैं बच गया लेकिन मेरे साथ आए दो दोस्त अब नहीं रहे।”

राजनीतिक पृष्ठभूमि और असर

विजय ने इस साल अपनी पार्टी तमिझगा वेत्री कड़गम (TVK) लॉन्च की थी। उनकी लोकप्रियता को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा था कि 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में वे बड़ा असर डाल सकते हैं। करूर की यह रैली उसी प्रचार अभियान का हिस्सा थी और इसे उनकी अब तक की सबसे बड़ी जनसभा माना जा रहा था। लेकिन इस त्रासदी ने विजय की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष पहले ही भीड़ प्रबंधन की लापरवाही का ठीकरा TVK पर फोड़ रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह हादसा विजय के चुनावी अभियान के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।

हादसे के बाद बढ़ी सुरक्षा

हादसे के बाद विजय के चेन्नई स्थित घर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस ने भविष्य की रैलियों के लिए भीड़ प्रबंधन को लेकर नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। करूर की यह त्रासदी सिर्फ एक राजनीतिक रैली में हुआ हादसा नहीं है, बल्कि भीड़ प्रबंधन की गंभीर लापरवाही की मिसाल भी है। विजय की लोकप्रियता ने रैली को भले ही ऐतिहासिक बना दिया हो, लेकिन असंगठित तैयारी ने इसे मौत का मंजर बना दिया।

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भारत के राष्ट्रीय राजमार्गों का रिकॉर्ड विस्तार : 2.87 लाख करोड़ रुपये के बजट के साथ निर्माण में तेजी

राष्ट्रीय राजमार्गों

भारत ने पिछले दस वर्षों में राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण और विस्तार में अभूतपूर्व प्रगति की है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार, 2014 में देश में राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई 91,287 किलोमीटर थी, जो अब बढ़कर 1,46,204 किलोमीटर हो गई है। इस दौरान 830 से अधिक प्रमुख परियोजनाओं को पूरा किया गया और औसतन निर्माण की गति 35 किलोमीटर प्रतिदिन तक पहुंच गई। इस उपलब्धि ने भारत को दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क संचालक देश बना दिया है।

हाल की चुनौतियाँ और धीमी गति

हालांकि, हाल के आंकड़े बताते हैं कि वित्त वर्ष 2024-25 में निर्माण की गति 29 किलोमीटर प्रतिदिन रह गई, जो पिछले वर्ष 34 किलोमीटर प्रतिदिन से कम है। इस दौरान कुल 10,660 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण हुआ। निर्माण की इस धीमी गति के पीछे मौसम की अनिश्चितताएँ, भूमि अधिग्रहण की जटिलताएं और परियोजना निष्पादन में चुनौतियाँ मुख्य कारण माने जा रहे हैं।

राष्ट्रीय राजमार्गों

बजट और निवेश

वित्त वर्ष 2025-26 में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के लिए कुल ₹2.87 लाख करोड़ का बजट आवंटित किया गया है। इसमें राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के लिए ₹1.87 लाख करोड़ शामिल हैं। यह बजट पिछले वर्ष की तुलना में 2.41 प्रतिशत अधिक है और इसके जरिए सरकार ने सड़क नेटवर्क के विकास, रखरखाव और नई परियोजनाओं के क्रियान्वयन को प्राथमिकता देने का स्पष्ट संदेश दिया है।

भविष्य की रणनीति और लक्ष्य

सरकार ने 2030 तक राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण की गति को 100 किलोमीटर प्रतिदिन तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। इस दिशा में आधुनिक मशीनरी, डिजिटल निगरानी और तकनीकी नवाचारों का इस्तेमाल किया जा रहा है। सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत परियोजनाओं में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाकर तेजी लाने का प्रयास किया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा धीमी गति के बावजूद दीर्घकालिक रणनीति और वित्तीय समर्थन भारत को विश्व स्तर पर सड़क निर्माण और बुनियादी ढांचे में अग्रणी बना सकती है।

CareEdge रेटिंग्स के अनुसार, 2025-26 में निर्माण की गति 27-29 किलोमीटर प्रतिदिन रह सकती है। निर्माण गतिविधियों में इस संभावित गिरावट के बावजूद, लंबी अवधि में निवेश और तकनीकी उपाय सड़क विकास को मजबूत बनाएंगे।

आर्थिक और सामाजिक प्रभाव

राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के विस्तार ने न केवल आर्थिक गतिविधियों को तेज किया है, बल्कि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बेहतर सड़क नेटवर्क से परिवहन लागत घट रही है, माल और सेवाओं की आपूर्ति समय पर हो रही है, और व्यापार व उद्योगों के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं। ईस्ट-वेस्ट और नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के निर्माण ने देश के विभिन्न हिस्सों को जोड़कर आर्थिक गति को और बढ़ावा दिया है।

राष्ट्रीय राजमार्गों

सड़क परियोजनाओं में सुरक्षा और टिकाऊपन पर भी ध्यान दिया गया है। आधुनिक संकेतक, फाटक, पुल और टोल प्लाजा न केवल यात्रा को सुरक्षित बनाते हैं, बल्कि निर्माण की गुणवत्ता को भी सुनिश्चित करते हैं। ठोस और टिकाऊ सामग्री का इस्तेमाल, डिजिटल निगरानी और जीपीएस आधारित ट्रैकिंग से निर्माण प्रक्रिया की निगरानी आसान और पारदर्शी बनी है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की इस उपलब्धि की सराहना की गई है। दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क और तेजी से बढ़ती राष्ट्रीय राजमार्ग लंबाई ने भारत को वैश्विक बुनियादी ढांचा विकास में अग्रणी बनाने में मदद की है।

निष्कर्ष

पिछले एक दशक में भारत ने राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण और विस्तार में रिकॉर्ड प्रगति की है। ₹2.87 लाख करोड़ के बजट के साथ, सरकार ने सड़क निर्माण की गति बढ़ाने, नेटवर्क को मजबूत बनाने और ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों को जोड़ने का स्पष्ट संदेश दिया है। चुनौतियां अभी भी हैं, लेकिन दीर्घकालिक दृष्टिकोण और वित्तीय समर्थन के कारण यह क्षेत्र आने वाले वर्षों में और तेजी से विकसित होने की संभावना रखता है।

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पीएम मोदी का ओडिशा दौरा : ₹60,000 करोड़ के पैकेज से स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास और कौशल विकास को बड़ी सौगात

पीएम मोदी

पीएम मोदी ने शनिवार को ओडिशा को अब तक की सबसे बड़ी विकास सौगात देते हुए ₹60,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इन परियोजनाओं में स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास और ग्रामीण आवास जैसे अहम क्षेत्र शामिल हैं। मोदी ने कहा कि ये कदम “विकसित भारत, विकसित ओडिशा” की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।

स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा निवेश

ओडिशा के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएँ मुहैया कराने के लिए पीएम मोदी ने एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज (बेरहामपुर) और वीआईएमएसएआर (संबलपुर) को सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों में अपग्रेड करने की आधारशिला रखी। इन अस्पतालों में आधुनिक ट्रॉमा केयर यूनिट्स, मातृ एवं शिशु देखभाल केंद्र, डेंटल कॉलेज और बेड क्षमता में बढ़ोतरी होगी। मोदी ने कहा कि अब ओडिशा के मरीजों को जटिल इलाज के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

ग्रामीण आवास में 50,000 परिवारों को पक्का घर

आवास योजना के तहत प्रधानमंत्री ने अंत्योदय गृह योजना के 50,000 लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र वितरित किए। इसके तहत कमजोर वर्गों — जैसे विकलांग, विधवा, और प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों — को पक्के मकान और आर्थिक सहायता दी जाएगी। पीएम मोदी ने कहा – “गरीब का सपना है अपना घर। हमारी सरकार यह सपना पूरा करने के लिए हर संभव मदद कर रही है।”

पीएम मोदी

शिक्षा और अनुसंधान में ₹11,000 करोड़ का निवेश

प्रधानमंत्री ने आठ IITs (तिरुपति, पलक्कड़, भिलाई, जम्मू, धारवाड़, जोधपुर, पटना और इंदौर) के विस्तार का शिलान्यास किया। इस पर करीब ₹11,000 करोड़ का निवेश होगा। इससे अगले चार वर्षों में 10,000 नए छात्रों के लिए सीटें तैयार होंगी और आठ नए रिसर्च पार्क बनाए जाएंगे। मोदी ने कहा कि ये कदम भारत को नवाचार और अनुसंधान का वैश्विक केंद्र बनाएंगे।

कौशल विकास और युवाओं पर फोकस

युवाओं को रोजगार और प्रशिक्षण के अवसर देने के लिए पीएम मोदी ने ओडिशा स्किल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट फेज-II की शुरुआत की। इसके तहत संबलपुर और बेरहामपुर में वर्ल्ड स्किल सेंटर्स खोले जाएंगे। यहाँ छात्रों को एग्रीटेक, नवीकरणीय ऊर्जा, रिटेल, समुद्री क्षेत्र और हॉस्पिटैलिटी जैसे उभरते क्षेत्रों में ट्रेनिंग मिलेगी। इसके साथ ही 130 उच्च शिक्षा संस्थानों में मुफ्त वाई-फाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना से प्रतिदिन 2.5 लाख छात्रों को मुफ्त डेटा पैक का लाभ मिलेगा।

पीएम मोदी

 

डबल इंजन सरकार उम्मीदें पूरी कर रही है

बीजेपी सांसद बैजयंत जय पांडा ने कहा कि ओडिशा को जो विकास चाहिए था, वह अब डबल इंजन सरकार से पूरा हो रहा है। “आज स्वास्थ्य से लेकर शिक्षा, आवास से लेकर कौशल विकास तक हर क्षेत्र में बड़े प्रोजेक्ट शुरू हुए हैं। यह ओडिशा के सुनहरे भविष्य की नींव है।”

विकसित भारत, विकसित ओडिशा

मोदी ने कहा कि ये सभी प्रोजेक्ट मिलकर ओडिशा को आत्मनिर्भर बनाएंगे और युवाओं को नए अवसर देंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएँ और राज्य को विकास की नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएँ। कुल मिलाकर, पीएम मोदी का यह दौरा केवल परियोजनाओं का शिलान्यास भर नहीं, बल्कि ओडिशा के लिए एक समग्र विकास पैकेज साबित हुआ है, जिसमें ₹60,000 करोड़ से अधिक का निवेश स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल और आवास जैसी मूलभूत ज़रूरतों को पूरा करने पर केंद्रित है।

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DU Politics में ABVP का जलवा! आर्यन मान अध्यक्ष बने, जानिए क्यों इतना अहम है ये पद

DU Politics

DU Politics : दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2025-26 के नतीजे घोषित हो चुके हैं और इस बार के परिणामों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि डीयू का छात्र किसी एक छात्र संगठन के पक्ष में पूरी तरह से नहीं, बल्कि मुद्दों और उम्मीदवारों के आधार पर वोट देता है। एक … Read more

UN में भारत-पाकिस्तान में तीखी नोकझोंक: शरीफ के झूठे दावों पर भारत का पलटवार, कहा – “ड्रामेबाजी से सच नहीं बदलता”

UN में भारत-पाकिस्तान में तीखी नोकझोंक

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र में भारत और पाकिस्तान आमने-सामने आ गए। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में भारत पर कई गंभीर आरोप लगाए, वहीं भारत ने तुरंत जवाब देकर पाकिस्तान को आतंकवाद का आइना दिखाया।  शरीफ का भाषण: पुराने राग, नए झूठ 24 मिनट के संबोधन में शरीफ ने … Read more

उत्तर प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला और लोकतंत्र की नई कहानी – Caste को Police Records से हटाया जाए?

उत्तर प्रदेश सरकार

अभी हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक अहम फैसला लिया है जो इस राज्य और देश के भविष्य में एक बड़ा बदलाव लाएगा।आइए जानते हैं क्या है वो फैसला,ऐसी क्या जरूरत आन पड़ी इस फैसले की और इसका भविष्य में क्या होगा प्रभाव! शुरुआत: कब और क्यों बदलाव की मांग उठी? लंबे वक्त … Read more

भारत के सामने नई मुश्किल : सऊदी-पाक डिफेंस डील से बढ़ेगा दबाव, लेकिन है एक बड़ा मौका भी

सऊदी-पाक डिफेंस डील

सऊदी-पाक डिफेंस डील – सऊदी अरब और पाकिस्तान ने हाल ही में एक अहम रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसने पूरे दक्षिण एशिया और खाड़ी क्षेत्र में नए राजनीतिक और कूटनीतिक समीकरण खड़े कर दिए हैं। भारत के लिए यह समझौता केवल पड़ोसी पाकिस्तान और पश्चिम एशिया की राजनीति का मामला नहीं है, बल्कि … Read more

Defence Minister Rajnath Singh ने खारिज किया ट्रंप का दावा, कहा भारत की कार्रवाई किसी हस्तक्षेप से नहीं टलेगी

Defence Minister Rajnath Singh

Defence Minister Rajnath Singh ने बुधवार को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण हालात में उन्होंने हस्तक्षेप कर संघर्ष को रोका था। राजनाथ सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत … Read more