मनेर गोलीबारी: कृषि मंत्री रामकृपाल यादव के समधी के घर पर खूनी हमला, 15 राउंड फायरिंग से दहला इलाका

कृषि मंत्री रामकृपाल यादव

बिहार की राजधानी पटना के मनेर थाना क्षेत्र में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। ताजा घटनाक्रम में, बिहार सरकार के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव के समधी राजेंद्र प्रसाद के घर पर हथियारबंद अपराधियों ने भीषण हमला कर दिया। शुक्रवार की देर रात ब्यापुर गांव में हुई इस वारदात में हमलावरों ने न केवल अंधाधुंध गोलीबारी की, बल्कि तलवारों और लाठी-डंडों से भी हमला किया। इस खूनी संघर्ष में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

अंधाधुंध फायरिंग और तलवारों से हमला

मिली जानकारी के अनुसार, यह सनसनीखेज घटना शुक्रवार रात करीब 9 बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि एक दर्जन से अधिक हथियारबंद हमलावरों ने राजेंद्र प्रसाद (मंत्री के समधी) के घर को घेर लिया और करीब 15 राउंड से अधिक गोलियां चलाईं। गोलीबारी की आवाज से पूरे ब्यापुर गांव में अफरा-तफरी मच गई। फायरिंग के बाद अपराधी घर में घुस गए और वहां मौजूद लोगों पर तलवार, ईंट-पत्थर और लाठी-डंडों से हमला कर दिया।

मनेर गोलीबारी कृषि मंत्री रामकृपाल यादव
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हमले में घायल और अस्पताल की स्थिति

इस हिंसक हमले में तीन लोग बुरी तरह जख्मी हुए हैं। घायलों की पहचान इस प्रकार है:

• पप्पू सिंह (राजेश कुमार): राजेंद्र सिंह के पुत्र, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद दानापुर के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है।

• मनीष उर्फ गुड्डू: स्वर्गीय भूपेंद्र सिंह के पुत्र, जिन्हें पटना एम्स में भर्ती कराया गया है।

• नीतीश उर्फ बबलू: इनकी हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है और इनका भी इलाज पटना एम्स में चल रहा है।

नामजद आरोपियों पर पुलिस की कार्रवाई

मनेर थाना पुलिस घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची और घटनास्थल से कई खाली खोखे बरामद किए। परिजनों ने इस मामले में मुकेश, दीपक (पिता स्व. सत्येंद्र) और प्रिंस समेत अन्य के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस के मुताबिक, यह मामला पुराने आपसी विवाद से जुड़ा प्रतीत होता है। मनेर थानाध्यक्ष रजनीश सिंह ने बताया कि हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है और इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

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बिहार की कानून-व्यवस्था पर उठते सवाल

हाई-प्रोफाइल परिवार से जुड़ी इस घटना ने एक बार फिर बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब सत्ताधारी दल के मंत्री के करीबी रिश्तेदार ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या होगा? सोशल मीडिया पर घटना का एक कथित वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें फायरिंग की आवाज सुनी जा सकती है। फिलहाल, पुलिस वीडियो की सत्यता और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है।

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Patna Police का ‘ऑपरेशन क्लीन’: 80 लाख की नशीली सिरप के साथ अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, 6 गिरफ्तार

Patna

बिहार की राजधानी Patna में नशीली दवाओं के सौदागरों के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी चोट की है। Patna Police की विशेष टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए ‘खांटी सिरप’ (कोडीन युक्त कफ सिरप) की एक विशाल खेप पकड़ी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की कीमत लगभग 80 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के मुख्य सरगना सहित 6 शातिर तस्करों को दबोचने में कामयाबी हासिल की है। यह पूरी कार्रवाई पटना सिटी के मालसलामी और दीदारगंज थाना क्षेत्रों में अंजाम दी गई।

Patna Police
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डाक पार्सल और मसालों की आड़ में ‘सफेद जहर’ की सप्लाई

तस्करों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए तस्करी का बेहद शातिर तरीका अपनाया था। जब्त की गई सिरप की बोतलों को डाक विभाग के फर्जी पार्सल और तेज पत्तों की बोरियों के नीचे छिपाकर लाया जा रहा था। पुलिस ने छापेमारी के दौरान कुल 4485 लीटर प्रतिबंधित सिरप बरामद की, जो 289 अलग-अलग कार्टन में पैक थी। जांच में पता चला है कि यह खेप हिमाचल प्रदेश की एक फार्मा कंपनी से फर्जी कागजातों के जरिए मंगवाई गई थी और इसे पटना के स्थानीय बाजारों के साथ-साथ सीमावर्ती जिलों में सप्लाई किया जाना था।

सरगना ‘गन्नी’ सहित 6 तस्कर पुलिस की गिरफ्त में

इस ऑपरेशन की सबसे बड़ी सफलता गिरोह के मास्टरमाइंड सूर्यप्रकाश उर्फ ‘गन्नी’ की गिरफ्तारी है। गन्नी पटना के कदमकुआं इलाके का रहने वाला है और लंबे समय से शहर में नशीली दवाओं के वितरण नेटवर्क को नियंत्रित कर रहा था। उसके साथ गिरफ्तार किए गए अन्य पांच आरोपियों में ट्रक ड्राइवर और लोकल एजेंट शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों का जाल बिहार के कटिहार, सहरसा और वैशाली तक फैला हुआ था। ये लोग हिमाचल से माल मंगवाकर उसे ऊंचे दामों पर युवाओं और नशेड़ियों को बेचते थे।

हिमाचल प्रदेश से बिहार तक जुड़ा तस्करी का नेटवर्क

वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि बिहार में नशीली दवाओं की जड़ें अन्य राज्यों से जुड़ी हैं। डीएसपी डॉ. गौरव कुमार ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि गिरोह के सदस्य हिमाचल प्रदेश के इंडस्ट्रियल एरिया से सीधे संपर्क में थे। ट्रक (टाटा 407) और अन्य वाणिज्यिक वाहनों का उपयोग कर वे चेकपोस्टों को पार कर जाते थे क्योंकि ऊपर से डाक पार्सल या किराने का सामान लदा होता था। पुलिस अब उन कंपनियों की भी जांच कर रही है जहां से यह सिरप बिना वैध लाइसेंस के रिलीज किया गया था।

युवाओं के भविष्य पर प्रहार: बिहार में ‘खांटी’ का बढ़ता चलन

बिहार में शराबबंदी के बाद से कोडीन युक्त कफ सिरप (जिसे स्थानीय भाषा में ‘खांटी’ कहा जाता है) की मांग नशे के विकल्प के रूप में बढ़ी है। यह न केवल स्वास्थ्य के लिए घातक है, बल्कि युवाओं को अपराध की ओर भी धकेल रहा है। पटना पुलिस की इस कार्रवाई से ड्रग माफियाओं की कमर टूटी है। एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि ‘मिशन सुरक्षा’ के तहत शहर के स्कूल-कॉलेजों और झुग्गी बस्तियों में सक्रिय छोटे डीलरों पर भी नकेल कसी जाएगी।

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Patna Police का ‘ऑपरेशन क्लीन’

पुलिस की अपील

पटना पुलिस की यह उपलब्धि नशा मुक्त बिहार के संकल्प की ओर एक बड़ा कदम है। पुलिस ने एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी जारी है। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उनके आस-पास ऐसी कोई संदिग्ध गतिविधि या नशीली दवाओं की बिक्री दिखे, तो तुरंत पुलिस हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें।

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