Sensex-Nifty में हाहाकार! साल 2026 के पहले हफ्ते में ही क्यों डूबे निवेशकों के पैसे? जानें क्या है असली वजह

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नए साल का जश्न अभी खत्म भी नहीं हुआ था कि भारतीय शेयर बाजार के गलियारों से निवेशकों के लिए चिंता भरी खबर सामने आई है। साल 2026 के पहले हफ्ते के आखिरी कारोबारी सत्रों में Sensex (सेंसेक्स) और Nifty (निफ्टी) में हल्की लेकिन डराने वाली गिरावट दर्ज की गई। जहां निवेशक उम्मीद कर रहे थे कि बाजार नई ऊंचाइयों को छुएगा, वहीं वैश्विक अनिश्चितताओं ने इस रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। आइए जानते हैं क्या है Sensex-Nifty बाजार की इस गिरावट के पीछे की 5 बड़ी वजहें और क्या आपको अभी शेयर बेचना चाहिए या खरीदना?

बाजार में गिरावट के 5 प्रमुख कारण

वैश्विक बाजारों में मंदी की आहट: अमेरिकी फेडरल रिजर्व और यूरोपीय बाजारों से आने वाले संकेत सकारात्मक नहीं रहे हैं। ब्याज दरों में बदलाव की आशंका ने निवेशकों के मन में डर पैदा कर दिया है।

प्रॉफिट बुकिंग (Profit Booking): पिछले कुछ हफ्तों में कई शेयरों ने अच्छा रिटर्न दिया था। ऐसे में बड़े निवेशकों (FIIs) ने अपना मुनाफा वसूलना शुरू कर दिया है, जिससे बाजार नीचे आया।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल: अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने भारतीय बाजार के सेंटिमेंट को प्रभावित किया है।

भू-राजनीतिक तनाव: दुनिया के कुछ हिस्सों में चल रहे तनाव ने सप्लाई चेन को लेकर फिर से चिंताएं बढ़ा दी हैं।

आईटी और बैंकिंग सेक्टर में सुस्ती: निफ्टी के भारी भरकम शेयर जैसे TCS, Infosys और HDFC Bank में कमजोरी ने सूचकांक को नीचे खींचने का काम किया।

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अगले हफ्ते क्या होगा?

बाजार के जानकारों का मानना है कि यह गिरावट केवल एक ‘हेल्दी करेक्शन’ हो सकती है। अगर सोमवार को बाजार फिर से संभलता है, तो हमें रिकवरी देखने को मिल सकती है। हालांकि, रिटेल निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे हड़बड़ी में कोई फैसला न लें।

विशेषज्ञ की सलाह: “बाजार में जब गिरावट हो, तब अच्छी कंपनियों के फंडामेंटल्स चेक करें। गिरावट हमेशा खरीदारी का मौका लेकर आती है, बशर्ते आप लंबी अवधि (Long Term) के लिए निवेश कर रहे हों।”

निवेशक अब क्या करें?

SIP चालू रखें: बाजार गिरने पर आपके SIP का फायदा बढ़ जाता है क्योंकि आपको कम कीमत पर ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं।

पेनी स्टॉक्स से बचें: इस अनिश्चितता के दौर में छोटे और कमजोर फंडामेंटल्स वाले शेयरों (Penny Stocks) से दूर रहें।

सेक्टर पर नजर: इस हफ्ते ऑटो और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर पर नजर रखें, वहां कुछ हलचल देखी जा सकती है।

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2026 की शुरुआत थोड़ी चुनौतीपूर्ण रही है, लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को देखते हुए यह उम्मीद है कि बाजार जल्द ही वापसी करेगा। अगर आप शेयर बाजार में नए हैं, तो हमेशा किसी वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।

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BSEB 12th Practical Admit Card 2026: बिहार बोर्ड इंटर प्रैक्टिकल का एडमिट कार्ड जारी, छात्र 9 जनवरी तक जरूर कर लें ये काम!

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बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों का इंतज़ार खत्म कर दिया है। बोर्ड ने 12वीं कक्षा की प्रैक्टिकल परीक्षाओं (Practical Exams) के लिए एडमिट कार्ड आधिकारिक तौर पर जारी कर दिए हैं।

यदि आप भी इस साल इंटर की परीक्षा देने वाले हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि बिना एडमिट कार्ड के किसी भी छात्र को लैब (Laboratory) में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

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प्रैक्टिकल परीक्षा का पूरा शेड्यूल

बिहार बोर्ड द्वारा जारी आधिकारिक कैलेंडर के अनुसार, इंटर की प्रैक्टिकल परीक्षाएं निम्नलिखित तिथियों पर आयोजित की जाएंगी:

एडमिट कार्ड मिलने की अंतिम तिथि: 9 जनवरी, 2026 तक (अपने स्कूल/कॉलेज से)।

प्रैक्टिकल परीक्षा शुरू होने की तिथि: 10 जनवरी, 2026।

प्रैक्टिकल परीक्षा समाप्त होने की तिथि: 20 जनवरी, 2026।

एडमिट कार्ड कैसे प्राप्त करें?

बिहार बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि छात्र स्वयं ऑनलाइन एडमिट कार्ड डाउनलोड नहीं कर सकेंगे। इसकी प्रक्रिया नीचे दी गई है:

स्कूल/कॉलेज के माध्यम से: सभी प्लस टू स्कूलों और कॉलेजों के प्रधान (Principal) अपनी यूजर आईडी और पासवर्ड का उपयोग करके बोर्ड की वेबसाइट [Seniorsecondary.biharboardonline.com] से एडमिट कार्ड डाउनलोड करेंगे।

हस्ताक्षर और मुहर: डाउनलोड करने के बाद स्कूल प्रशासन एडमिट कार्ड पर अपने हस्ताक्षर और मुहर लगाएगा।

छात्रों को वितरण: छात्र अपने संबंधित स्कूल या कॉलेज जाकर 9 जनवरी तक अपना एडमिट कार्ड प्राप्त कर सकते हैं।

सावधान! बिना स्कूल की मुहर और प्रिंसिपल के हस्ताक्षर के एडमिट कार्ड मान्य नहीं माना जाएगा। इसलिए कार्ड लेते समय मुहर जरूर चेक करें।

छात्रों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश

समय पर पहुंचें: अपनी शिफ्ट के अनुसार कम से कम 30 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचें।

जरूरी दस्तावेज: एडमिट कार्ड के साथ अपना स्कूल आईडी कार्ड या आधार कार्ड साथ रखें।

प्रैक्टिकल कॉपी: अपनी तैयार की गई प्रैक्टिकल फाइल/कॉपी ले जाना न भूलें, क्योंकि इस पर अंक (Marks) मिलते हैं।

कोविड/स्वास्थ्य प्रोटोकॉल: चूंकि जनवरी में ठंड और बीमारी का प्रकोप होता है, इसलिए मास्क और गर्म कपड़े पहनकर ही केंद्र पर जाएं।

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थ्योरी परीक्षा का क्या?

बता दें कि यह एडमिट कार्ड केवल प्रैक्टिकल विषयों (जैसे Physics, Chemistry, Biology, Geography आदि) के लिए है। मुख्य सैद्धांतिक (Theory) परीक्षा के लिए बोर्ड अलग से फाइनल एडमिट कार्ड जारी करेगा, जो जनवरी के अंतिम हफ्ते में आने की संभावना है।

बिहार बोर्ड की परीक्षाओं में प्रैक्टिकल के अंक आपकी ओवरऑल परसेंटेज को सुधारने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। इसलिए 9 जनवरी तक अपना एडमिट कार्ड सुरक्षित प्राप्त कर लें और 10 जनवरी से शुरू होने वाली परीक्षाओं के लिए अपनी फाइलें तैयार रखें।

क्या आपको एडमिट कार्ड लेने में कोई समस्या आ रही है? हमें कमेंट बॉक्स में बताएं या अपने स्कूल के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।

ऐसी ही बिहार बोर्ड की हर छोटी-बड़ी अपडेट के लिए हमारे ब्लॉग को ‘Allow Notification’ करें और अपने दोस्तों के साथ इस पोस्ट को WhatsApp पर शेयर करें!

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America vs Venezuela: क्या छिड़ने वाली है जंग? वो 5 बड़ी वजहें जिसने दोनों देशों को बना दिया एक-दूसरे का ‘सबसे बड़ा दुश्मन’!

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दुनिया अभी रूस-यूक्रेन और इजरायल-हमास युद्ध की आग से बाहर निकली भी नहीं थी कि अब अमेरिका महाद्वीप (Americas) में एक नया ‘युद्ध’ सुलगने लगा है। अमेरिका (USA) और वेनेजुएला (Venezuela) के बीच तनाव अब अपने चरम पर है। बात अब सिर्फ प्रतिबंधों (Sanctions) तक सीमित नहीं रही, बल्कि अब धमकियों, प्लेन ज़ब्ती और ‘तख्तापलट’ (Regime Change) तक पहुँच गई है।

हाल ही में अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो (Nicolas Maduro) की नाक के नीचे से उनका प्लेन ज़ब्त कर लिया, तो वहीं अमेरिका में ‘BOLIVAR Act’ पास करके वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था का गला घोंटने की तैयारी कर ली गई है।

आज के इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि आखिर क्यों दुनिया का सबसे ताकतवर देश (America) और दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाला देश (Venezuela) आमने-सामने हैं। क्या वाकई में वहां जंग होने वाली है?

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BOLIVAR Act: अमेरिका का सबसे घातक वार

ताजा विवाद की सबसे बड़ी जड़ है अमेरिका द्वारा लाया गया BOLIVAR Act। हाल ही में अमेरिकी संसद (House of Representatives) ने इस बिल को पास किया है।

इस कानून का मकसद साफ है—वेनेजुएला की मादुरो सरकार को आर्थिक रूप से पूरी तरह खत्म कर देना।

इस एक्ट के तहत, अमेरिकी सरकार को किसी भी ऐसी कंपनी या व्यक्ति के साथ बिजनेस करने से रोका जाएगा जो मादुरो सरकार के साथ काम करती है। अमेरिका का कहना है कि मादुरो ने चुनाव (Elections) चोरी किए हैं और अपनी जनता पर अत्याचार कर रहे हैं, इसलिए उन्हें सत्ता में रहने का कोई हक नहीं है। वेनेजुएला ने इसे “अपराध” और “लूट” करार दिया है और कहा है कि अमेरिका उनके देश को गुलाम बनाना चाहता है।

Ya Casi Venezuela’ और Erik Prince की एंट्री

इस लड़ाई में एक नया और खतरनाक मोड़ तब आया जब Erik Prince (Blackwater के संस्थापक और पूर्व अमेरिकी नेवी सील) ने एंट्री ली।

  • सोशल मीडिया पर एक कैंपेन चल रहा है—”Ya Casi Venezuela” (वेनेजुएला लगभग आज़ाद है)।
  • खबरों के मुताबिक, Erik Prince वेनेजुएला में मादुरो की सरकार गिराने के लिए फंड (चंदा) इकट्ठा कर रहे हैं।
  • उनका मकसद एक प्राइवेट आर्मी या ऑपरेशन के जरिए मादुरो को सत्ता से हटाना है।
  • मादुरो सरकार ने इसे एक आतंकी साजिश बताया है और आरोप लगाया है कि अमेरिका भाड़े के सैनिकों (Mercenaries) का इस्तेमाल करके वेनेजुएला पर हमला करना चाहता है।

राष्ट्रपति का प्लेन ज़ब्त: अमेरिका की खुली चुनौती

  • शायद इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ होगा जब एक देश ने दूसरे देश के राष्ट्रपति का प्लेन ही ज़ब्त कर लिया हो।
  • कुछ समय पहले, अमेरिका ने डोमिनिकन रिपब्लिक (Dominican Republic) में खड़े निकोलस मादुरो के Dassault Falcon 900EX जेट को ज़ब्त कर लिया और उसे उड़ाकर फ्लोरिडा ले आया।
  • अमेरिका का दावा है कि यह प्लेन अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन करके खरीदा गया था।

वेनेजुएला ने इसे “हवाई डकैती” (Piracy) कहा है।

यह घटना मादुरो के लिए एक बहुत बड़ी शर्मिंदगी और अमेरिका की तरफ से एक सीधा संदेश थी कि “हम तुम तक कहीं भी पहुँच सकते हैं।”

तेल (Oil) का खेल: असली लड़ाई खजाने की

राजनीति अपनी जगह है, लेकिन असली लड़ाई ‘काले सोने’ यानी कच्चे तेल की है। आपको जानकर हैरानी होगी कि वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार (Proven Oil Reserves) है—सऊदी अरब से भी ज्यादा!

अमेरिका चाहता है कि वेनेजुएला में एक ऐसी सरकार हो जो अमेरिका के पक्ष में हो, ताकि तेल की सप्लाई पर उनका प्रभाव बना रहे।

मादुरो ने अमेरिका को तेल देने के बजाय चीन (China), रूस (Russia) और ईरान (Iran) से हाथ मिला लिया है, जो अमेरिका को बिल्कुल पसंद नहीं है।

क्या अब युद्ध (War) होगा?

मौजूदा हालात बहुत नाजुक हैं। अमेरिका ने वेनेजुएला पर 900 से ज्यादा प्रतिबंध लगा रखे हैं। जवाब में मादुरो ने अपनी सेना को अलर्ट पर रखा है और किसी भी विदेशी घुसपैठ का जवाब देने की कसम खाई है।

हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमेरिका सीधे अपनी सेना शायद ही भेजे, लेकिन वह Proxy War (विद्रोहियों को हथियार देकर लड़वाना) या आर्थिक नाकाबंदी के जरिए मादुरो को घुटने टेकने पर मजबूर कर सकता है।

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आखिर कौन जीतेगा और क्या होगा परिणाम

अमेरिका और वेनेजुएला की यह लड़ाई सिर्फ दो देशों की नहीं, बल्कि विचारधारा और संसाधनों की लड़ाई है। एक तरफ मादुरो हैं जो सत्ता छोड़ने को तैयार नहीं, और दूसरी तरफ अमेरिका है जो अपने पड़ोस में रूस-चीन का दखल बर्दाश्त नहीं कर सकता।

आने वाले दिन वेनेजुएला की जनता के लिए बहुत भारी पड़ने वाले हैं। देखना होगा कि क्या ‘BOLIVAR Act’ मादुरो को झुका पाता है या यह तनाव किसी बड़े युद्ध में बदल जाएगा।

दोस्तों, आपको क्या लगता है? क्या अमेरिका का दूसरे देशों की राजनीति में दखल देना सही है? कमेंट में अपनी राय जरूर लिखें!

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Patna High Court New Era : CJI सूर्यकांत ने बिहार को दी 302 करोड़ की सौगात, 7 मेगा प्रोजेक्ट्स से बदलेगी न्याय की सूरत

Patna High Court

3 जनवरी 2026 बिहार की न्यायिक व्यवस्था के इतिहास में आज का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने अपने दो-दिवसीय पटना दौरे के दौरान Patna High Court परिसर में 302.56 करोड़ रुपये की लागत वाली 7 बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का शिलान्यास किया। यह केवल ईंट और पत्थर की इमारतें नहीं, बल्कि बिहार के आम आदमी को तेज, पारदर्शी और आधुनिक न्याय दिलाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।

किन 7 बड़े प्रोजेक्ट्स की रखी गई आधारशिला?

पटना हाई कोर्ट को वर्ल्ड-क्लास बनाने के लिए जिन सात परियोजनाओं का शिलान्यास हुआ है, उनमें शामिल हैं:

  • IT बिल्डिंग: अदालतों को पेपरलेस बनाने और डिजिटल सुनवाई को बढ़ावा देने के लिए एक अत्याधुनिक सेंटर।
  • ADR भवन और ऑडिटोरियम: आपसी सुलह (Mediation) और कानूनी चर्चाओं के लिए विशेष केंद्र।
  • प्रशासनिक ब्लॉक: हाई कोर्ट के कामकाज को व्यवस्थित करने के लिए ‘नर्वस सिस्टम’ की तरह काम करेगा।
  • मल्टी-लेवल कार पार्किंग: वकील और फरियादियों की पार्किंग समस्या का स्थाई समाधान।
  • अस्पताल भवन: हाई कोर्ट परिसर के भीतर ही चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता।
  • आवासीय परिसर: कोर्ट के कर्मचारियों के लिए आधुनिक निवास स्थान।
  • एडवोकेट जनरल ऑफिस एनेक्सी: सरकारी वकीलों के कामकाज के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर।

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“टेक्नोलॉजी अब विलासिता नहीं, संवैधानिक अधिकार है”

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए CJI सूर्यकांत ने तकनीक के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नई IT बिल्डिंग के बनने से पटना हाई कोर्ट “Paper-heavy” (कागजों के बोझ) से निकलकर “Data-informed” और “User-centric” बनेगा। उनके संबोधन की कुछ मुख्य बातें:

  • सभ्यता की याद: सीजेआई ने बिहार को भारत की सभ्यतागत स्मृति का केंद्र बताया।
  • बढ़ती मांग: उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी और जटिल होते मुकदमों के लिए न्यायपालिका का अपग्रेड होना अनिवार्य है।
  • मानवीय न्याय: अस्पताल भवन के महत्व पर उन्होंने कहा कि न्याय मशीनों द्वारा नहीं, इंसानों द्वारा दिया जाता है, इसलिए उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है।

गया को भी मिली बड़ी सौगात

CJI ने केवल पटना ही नहीं, बल्कि गया के लिए भी एक बड़ी सुविधा का डिजिटल माध्यम से उद्घाटन किया। गयाजी में न्यायिक अधिकारियों के लिए एक नवनिर्मित जजेज गेस्ट हाउस को जनता की सेवा में समर्पित किया गया। इसके अलावा, बिहार ज्यूडिशियल एकेडमी के नए कैंपस का भी भूमि पूजन संपन्न हुआ।

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निष्कर्ष: बिहार के लिए क्यों है यह खास?

इन प्रोजेक्ट्स के पूरा होने के बाद पटना हाई कोर्ट उत्तर भारत के सबसे आधुनिक हाई कोर्ट्स में से एक होगा। 302 करोड़ रुपये का यह निवेश न केवल वकीलों और जजों की कार्यक्षमता बढ़ाएगा, बल्कि बिहार के आम नागरिक के लिए ‘तारीख पर तारीख’ के दौर को कम करने में भी मदद करेगा।

क्या आप इन बदलावों के बारे में और जानकारी चाहते हैं? हमें कमेंट्स में बताएं!

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Dharamshala Ragging Horror: 19 साल की पल्लवी की दर्दनाक मौत, 3 सीनियर छात्राओं पर आरोप! क्या बेटियां भी हो रही हैं इतनी क्रूर?

Ragging

कॉलेज को हम शिक्षा का मंदिर मानते हैं, जहाँ बच्चे अपने सुनहरे भविष्य के सपने लेकर जाते हैं। लेकिन जब यही मंदिर किसी मासूम के लिए “मौत का घर” बन जाए, तो सवाल उठना लाज़मी है। हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के खूबसूरत शहर धर्मशाला से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने हर माता-पिता का दिल दहला दिया है। Govt Degree College, Dharamshala की 19 वर्षीय छात्रा पल्लवी अब हमारे बीच नहीं रही।

आरोप है कि पल्लवी की मौत किसी बीमारी से नहीं, बल्कि Ragging के नाम पर दिए गए मानसिक और शारीरिक टॉर्चर की वजह से हुई है। और सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि उसे सताने वाले कोई लड़के नहीं, बल्कि उसकी ही अपनी सीनियर ‘दीदी’ (Senior Girls) थीं।

आज के इस ब्लॉग में हम जानेंगे इस रोंगटे खड़े कर देने वाले मामले की पूरी सच्चाई और उठाएंगे वो सवाल जिससे समाज नजरें चुरा रहा है—क्या लड़कियां भी अब संवेदना खोकर क्रूर होती जा रही हैं?

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2 महीने का वो दर्दनाक सफर (The Incident)

पल्लवी, जो अपने परिवार की लाडली थी, बड़े अरमानों के साथ धर्मशाला के गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज में पढ़ने गई थी। लेकिन उसे नहीं पता था कि वहां उसका सामना शिक्षा से पहले खौफ से होगा।

रिपोर्ट्स और परिजनों के आरोपों के मुताबिक, पल्लवी के साथ कॉलेज में उसकी तीन सीनियर छात्राओं—हर्षिता (Harshita), आकृति (Aakriti) और कोमोलिका (Komolika)—ने रैगिंग की थी।

यह घटना करीब दो महीने पहले की बताई जा रही है। कहा जा रहा है कि रैगिंग के दौरान पल्लवी को इतना गहरा सदमा (Trauma) लगा कि वह बीमार पड़ गई। दो महीने तक वह जिंदगी और मौत के बीच झूलती रही, लेकिन अंत में यह जंग हार गई और उसने दुनिया को अलविदा कह दिया।

रैगिंग या टॉर्चर? (Details of Allegations)

रैगिंग के नाम पर सिर्फ परिचय (Introduction) नहीं होता। कई बार यह ‘Intro’ कब ‘Insult’ और ‘Torture’ में बदल जाता है, पता ही नहीं चलता।

पल्लवी के मामले में भी आरोप है कि सीनियर छात्राओं ने उसे मानसिक रूप से बुरी तरह प्रताड़ित किया।

उसे डराया-धमकाया गया।

ऐसे काम करने पर मजबूर किया गया जिससे उसकी आत्म-सम्मान (Self-respect) को ठेस पहुंची।

इस घटना ने पल्लवी के दिमाग पर इतना गहरा असर डाला कि वह डिप्रेशन में चली गई और उसकी शारीरिक हालत भी बिगड़ती गई।

बेटियां क्यों बन रही हैं इतनी पत्थर-दिल? (A alarming trend)

आमतौर पर हम सुनते हैं कि “लड़के शैतान होते हैं” या रैगिंग में लड़कों का ग्रुप ज्यादा आक्रामक होता है। लेकिन पल्लवी का केस समाज के लिए एक ‘वेक-अप कॉल’ (Wake-up Call) है।

आरोपी छात्राओं—हर्षिता, आकृति और कोमोलिका—ने जिस तरह एक जूनियर लड़की के साथ व्यवहार किया, वह दिखाता है कि संवेदनहीनता (Insensitivity) का जेंडर से कोई लेना-देना नहीं है।

क्या ‘कूल’ दिखने की होड़ में लड़कियां अपनी ममता और दया भूल रही हैं?

क्या सीनियर होने का पावर लड़कियों को भी “बुली” (Bully) बना रहा है?

“Women Support Women” का नारा देने वाला समाज आज यह देखकर सन्न है कि एक लड़की ही दूसरी लड़की की मौत की वजह बन गई।

कानून और पुलिस की कार्रवाई (Police Action)

पल्लवी की मौत के बाद पुलिस प्रशासन भी हरकत में आ गया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

रैगिंग (Ragging) भारत में एक दंडनीय अपराध है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की गाइडलाइंस के मुताबिक:

अगर रैगिंग साबित होती है, तो आरोपी छात्रों को कॉलेज से निकाला जा सकता है।

उन्हें सरकारी नौकरी मिलने में भी दिक्कत आ सकती है।

IPC की गंभीर धाराओं के तहत जेल की सजा भी हो सकती है।

हिमाचल प्रदेश में वैसे भी रैगिंग के खिलाफ सख्त कानून हैं (आपको ‘अमन काचरू’ केस याद होगा), लेकिन इसके बावजूद ऐसी घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं।

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कॉलेज प्रशासन पर उठते सवाल

इस पूरी घटना में कॉलेज प्रशासन (College Administration) भी सवालों के घेरे में है।

क्या कॉलेज में Anti-Ragging Committee सक्रिय थी?

जब दो महीने पहले घटना हुई, तो क्या किसी ने पल्लवी की सुध ली?

सीनियर छात्राओं पर पहले कार्रवाई क्यों नहीं की गई?

अगर समय रहते कॉलेज प्रशासन जाग जाता, तो शायद आज पल्लवी जिंदा होती।

सवाल?

19 साल की पल्लवी तो चली गई, लेकिन वह अपने पीछे कई सवाल छोड़ गई है। यह सिर्फ एक छात्र की मौत नहीं है, यह उस भरोसे की मौत है जो एक माता-पिता सिस्टम पर करते हैं।

हर्षिता, आकृति और कोमोलिका जैसे छात्रों को (अगर दोषी साबित हों) ऐसी सजा मिलनी चाहिए जो नजीर बने। साथ ही, हमें यह भी सोचना होगा कि हम अपनी बेटियों को कैसी शिक्षा दे रहे हैं—सिर्फ डिग्रियां या इंसानियत भी?

पल्लवी को इंसाफ दिलाने के लिए इस खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। रैगिंग ‘मजाक’ नहीं, ‘अपराध’ है!

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Nitish Kumar Launch Bihar Diary & Calendar 2026: ‘सात निश्चय-3’ के साथ विकसित बिहार का नया रोडमैप जारी!

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Patna, 2 January 2026: नए साल के अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने Bihar के विकास को एक नई ऊंचाई देने के लिए ‘Bihar Diary 2026’ और ‘राजकीय कैलेंडर 2026’ का विमोचन किया है। पटना स्थित ‘संकल्प’ कक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य की जनता को नए साल की शुभकामनाएं देते हुए बिहार की नई विकास नीति ‘सात निश्चय-3.0’ की झलक पेश की।

यह कैलेंडर सिर्फ तारीखें बताने वाला पन्ना नहीं है, बल्कि यह 2025 से 2030 तक के ‘विकसित बिहार’ के संकल्प का एक विजुअल दस्तावेज है।

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क्या है इस साल के कैलेंडर में खास?

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (IPRD) द्वारा प्रकाशित इस कैलेंडर के हर पन्ने पर बिहार की बदलती तस्वीर और भविष्य के लक्ष्यों को दर्शाया गया है।

थीम: इस बार के कैलेंडर की मुख्य थीम ‘सात निश्चय-3’ है।

विजुअल्स: कैलेंडर के 12 पन्नों पर राज्य की प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की शानदार तस्वीरें लगाई गई हैं।

अंतिम पृष्ठ: कैलेंडर के आखिरी पन्ने पर बिहार के ‘सुपर फूड मखाना’ को जगह दी गई है, जो अब बिहार की वैश्विक पहचान बन चुका है।

सात निश्चय-3.0: विकसित बिहार के 7 स्तंभ

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सात निश्चय-1 और 2 की सफलता के बाद अब ‘सात निश्चय-3’ के जरिए बिहार को देश के सबसे विकसित राज्यों की श्रेणी में लाया जाएगा। इसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

दोगुना रोजगार – दोगुनी आय: युवाओं के लिए 1 करोड़ नौकरियों और स्वरोजगार के अवसरों का लक्ष्य।

समृद्ध उद्योग – सशक्त बिहार: MSME और निजी निवेश को बढ़ावा देना।

खेती से खुशहाली: चौथे कृषि रोडमैप के जरिए किसानों की आय बढ़ाना।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा: युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना।

सुलभ स्वास्थ्य सेवा: गांवों तक बेहतर मेडिकल सुविधाएं और ‘नो प्राइवेट प्रैक्टिस’ नीति का कड़ाई से पालन।

आधुनिक बुनियादी ढांचा: नए एक्सप्रेस-वे, मेट्रो विस्तार और स्मार्ट शहरों का निर्माण।

सबका सम्मान – आसान जीवन: तकनीक और नवाचार के जरिए सुशासन (Good Governance)।

युवाओं और महिलाओं के लिए खास क्या है?

इस नए रोडमैप में जाति आधारित गणना 2023 में पहचाने गए 94 लाख गरीब परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। महिलाओं के लिए ‘मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना’ के तहत आर्थिक मदद को और सरल बनाया गया है। साथ ही, फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए बिहार में नए फिल्म सिटी के निर्माण का विज़न भी इस डायरी में साझा किया गया है।

नीतीश सरकार का यह कैलेंडर 2026 यह संदेश देता है कि सरकार अब ‘सर्वांगीण विकास’ (All-round Development) की ओर कदम बढ़ा चुकी है। चाहे वो मखाना का निर्यात हो या आईटी पॉलिसी 2024, बिहार अब रुकने वाला नहीं है।

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FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न):

• बिहार डायरी 2026 कहाँ से मिलेगी? यह सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के काउंटरों और प्रमुख सरकारी कार्यालयों में वितरण के लिए उपलब्ध होगी।

• सात निश्चय-3 कब तक चलेगा? यह योजना 2025 से 2030 तक के लिए तैयार की गई है।

क्या आप सात निश्चय-3 के तहत आने वाली नई नौकरियों की लिस्ट देखना चाहते हैं? मुझे बताएं, मैं पूरी जानकारी दे दूँगा।

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Bihar PACS Membership Campaign 2026: अब पंचायत स्तर पर मिलेंगी 25+ सरकारी सेवाएं, जानें कैसे बनें सदस्य!

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बिहार के ग्रामीण विकास और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में नीतीश सरकार ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। 2 जनवरी 2026 से राज्य के हर पंचायत में पैक्स (PACS) सदस्यता सह जागरूकता अभियान की शुरुआत होने जा रही है। अब पैक्स केवल खाद और बीज तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि ये गांव के “मिनी सचिवालय” और “सर्विस सेंटर” के रूप में काम करेंगे।

पैक्स अब सिर्फ एक समिति नहीं, बल्कि ‘मल्टी-सर्विस सेंटर’ है

सहकारिता मंत्री प्रमोद कुमार के अनुसार, बिहार में पैक्स को कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के रूप में विकसित किया गया है। अब राज्य के किसान और ग्रामीण निवासी एक ही छत के नीचे 25 से अधिक डिजिटल और बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।

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पैक्स में मिलने वाली प्रमुख 25 सेवाएं:

पैक्स अब हाई-टेक हो चुके हैं। यहाँ मिलने वाली प्रमुख सेवाओं की सूची इस प्रकार है:

• बैंकिंग सेवाएं: आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AePS) के जरिए पैसे निकालना और जमा करना।

• डिजिटल इंडिया सेवाएं: पैन कार्ड, आधार अपडेट, और बिजली बिल का भुगतान।

• कृषि इनपुट: खाद, उन्नत बीज और कीटनाशकों की उपलब्धता।

• जन औषधि केंद्र: सस्ती और जेनेरिक दवाओं की बिक्री (302 पैक्स को मंजूरी)।

• अन्न भंडारण: ‘विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना’ के तहत गोदाम की सुविधा।

• प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र: मिट्टी जांच और आधुनिक खेती का प्रशिक्षण।

• पेट्रोल और डीजल डीलरशिप: चुनिंदा पैक्स पर अब पेट्रोल पंप भी खुल रहे हैं।

• एलपीजी वितरण: ग्रामीण इलाकों में गैस सिलेंडर की आसान पहुंच।

• सब्जी आउटलेट: ‘तरकारी’ ब्रांड के तहत ताजी सब्जियों का विपणन।

• बीमा और पेंशन: फसल बीमा (PMFBY) और ई-श्रम पंजीकरण जैसी सुविधाएं।

2 जनवरी से सदस्यता अभियान: आप कैसे जुड़ सकते हैं?

बिहार में वर्तमान में लगभग 1.38 करोड़ पैक्स सदस्य हैं। सरकार का लक्ष्य इस संख्या को और बढ़ाना है ताकि सहकारी लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

• योग्यता: आवेदन करने वाला व्यक्ति उसी पंचायत का स्थाई निवासी होना चाहिए।

• आयु सीमा: आवेदक की उम्र 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।

• प्रक्रिया: आप ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से सदस्य बन सकते हैं। 2 जनवरी से आपके पंचायत मुख्यालय पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे।

किसानों को क्या होगा सीधा फायदा?

• MSP पर धान खरीद: इस सीजन में अब तक 9.53 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है, जिसका भुगतान सीधे किसानों के बैंक खाते में 48 घंटे के भीतर किया जा रहा है।

• गोल्ड लोन की सुविधा: बिहार स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक के माध्यम से अब पैक्स के जरिए गोल्ड लोन भी दिया जा रहा है।

• बिचौलियों से मुक्ति: डिजिटल होने के कारण अब खाद-बीज की कालाबाजारी पर रोक लगेगी।

PACS

बदल रहा है ग्रामीण बिहार

पैक्स का डिजिटलीकरण और 25 सेवाओं का एकीकरण बिहार के गांवों के लिए गेम-चेंजर साबित होने वाला है। यदि आप भी एक किसान हैं या ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं, तो 2 जनवरी के अभियान का हिस्सा जरूर बनें और पैक्स के सदस्य बनकर इन सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं।

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बिहार में नौकरियों की महा-बहार: 5,500 लाइब्रेरियन और 7,000 विशेष शिक्षकों की बहाली पर लगी मुहर

बिहार

बिहार के शिक्षा विभाग ने नए साल की दहलीज पर राज्य के बेरोजगार युवाओं को एक बड़ी सौगात दी है। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट किया कि नीतीश सरकार राज्य के शैक्षणिक ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्री जी ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि बिहार में जल्द ही 5,500 लाइब्रेरियन और लगभग 7,279 विशेष शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होने वाली है। इस घोषणा के बाद उन लाखों अभ्यर्थियों के चेहरे पर खुशी लौट आई है, जो लंबे समय से रिक्तियों का इंतजार कर रहे थे।

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लाइब्रेरियन बहाली: 14 वर्षों का लंबा इंतजार होगा खत्म

बिहार के पुस्तकालयों की स्थिति सुधारने के लिए सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। आपको बता दें कि राज्य में साल 2010-11 के बाद से लाइब्रेरियन की कोई बड़ी बहाली नहीं हुई है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि विभागीय स्तर पर रोस्टर क्लीयरेंस का काम लगभग पूरा कर लिया गया है। इन 5,500 पदों पर नियुक्ति के लिए पात्रता परीक्षा (Librarian Eligibility Test) का आयोजन किया जा सकता है, जिसके बाद BPSC के माध्यम से अंतिम चयन होगा। यह कदम न केवल पुस्तकालयों को पुनर्जीवित करेगा, बल्कि डिग्री धारक युवाओं के करियर को भी नई दिशा देगा।

दिव्यांग बच्चों के लिए 7,000 विशेष शिक्षकों की नियुक्ति

समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) को धरातल पर उतारने के लिए बिहार सरकार अब विशेष बच्चों की पढ़ाई पर जोर दे रही है। राज्य के विभिन्न सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे दिव्यांग बच्चों की जरूरतों को पूरा करने के लिए 7,279 विशेष शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। इन शिक्षकों का मुख्य कार्य दिव्यांग छात्रों की विशिष्ट आवश्यकताओं को समझना और उन्हें सामान्य छात्रों के साथ मुख्यधारा में लाना होगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि इन पदों के लिए अधियाचना जल्द ही आयोग को भेजी जाएगी, ताकि समय रहते स्कूलों में शिक्षकों की कमी को पूरा किया जा सके।

BPSC TRE-4 और शिक्षा विभाग का आगामी रोडमैप

शिक्षक बहाली के क्षेत्र में बिहार पहले से ही देश में मिसाल पेश कर रहा है। इसी सिलसिले को जारी रखते हुए शिक्षा मंत्री ने BPSC TRE-4 (चौथे चरण की शिक्षक नियुक्ति) का भी जिक्र किया। उन्होंने संकेत दिया कि जनवरी 2026 के मध्य तक करीब 25,000 से अधिक रिक्तियों की सूची आयोग को सौंप दी जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले कुछ महीनों में शिक्षा विभाग के अंदर खाली पड़े सभी तकनीकी और गैर-तकनीकी पदों को भर लिया जाए, जिससे राज्य की शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता में क्रांतिकारी बदलाव आए।

बिहार

अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव और तैयारी की रणनीति

इन बड़े पदों पर होने वाली बहाली को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतियोगिता काफी कठिन होने वाली है। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक नोटिफिकेशन का इंतजार न करें, बल्कि अपने संबंधित विषयों की तैयारी अभी से शुरू कर दें। विशेष रूप से लाइब्रेरियन पद के लिए तकनीकी ज्ञान और सामान्य अध्ययन (General Studies) पर पकड़ बनाना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही, उम्मीदवारों को अपने दस्तावेजों, जैसे शैक्षणिक प्रमाण पत्र और आरक्षण संबंधी कागजों को अपडेट रखने की सलाह दी गई है ताकि आवेदन के समय किसी प्रकार की तकनीकी दिक्कत न हो।

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राजगीर के होटल में ‘गंदा धंधा’: आर्केस्ट्रा के नाम पर युवतियों से जबरन देह व्यापार, पुलिस की छापेमारी में 15 लड़कियां मुक्त

राजगीर

बिहार के पर्यटन स्थल राजगीर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ के एक नामी होटल में चल रहे सेक्स रैकेट का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने 15 युवतियों को नरक से आजाद कराया है और मौके से 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

कैसे हुआ इस बड़े रैकेट का खुलासा?

नालंदा पुलिस को पिछले कुछ समय से सूचना मिल रही थी कि राजगीर थाना क्षेत्र के धुर्वा मोड़ स्थित ‘आदित्या रेसिडेंसी’ (Aditya Residency) होटल में संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। सूचना की पुष्टि होने के बाद डीएसपी सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया और होटल पर अचानक दबिश दी गई।

पुलिस जब होटल के कमरों में दाखिल हुई, तो वहां का नजारा देख दंग रह गई। होटल के अलग-अलग कमरों में युवतियों को रखा गया था, जिनसे जबरन गलत काम कराया जा रहा था।

राजगीर

UP और बंगाल से बुलाई गई थीं लड़कियां

मुक्त कराई गई 15 युवतियों में से अधिकांश उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल की रहने वाली हैं। पूछताछ में युवतियों ने जो खुलासे किए, वे चौंकाने वाले हैं:

आर्केस्ट्रा का झांसा: लड़कियों को अच्छी कमाई और आर्केस्ट्रा में डांस के नाम पर राजगीर बुलाया गया था।

मारपीट और धमकी: युवतियों का आरोप है कि होटल संचालक उन्हें डरा-धमकाकर और उनके साथ मारपीट कर जबरन देह व्यापार के धंधे में धकेलता था।

बंधक जैसा व्यवहार: उन्हें होटल से बाहर निकलने की अनुमति नहीं थी और उन पर कड़ी नजर रखी जाती थी।

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारियां

इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, होटल संचालक समेत 6 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। मुख्य आरोपी (होटल संचालक) फिलहाल फरार बताया जा रहा है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।

पुलिस ने क्या जब्त किया?

• कई आपत्तिजनक सामान।

• रजिस्टर और मोबाइल फोन (जिससे ग्राहकों से संपर्क साधा जाता था)।

• नकदी।

इलाके के होटलों में मचा हड़कंप

राजगीर जैसे पवित्र और पर्यटन स्थल पर इस तरह के अनैतिक कार्यों के खुलासे के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई के बाद राजगीर के अन्य होटल संचालकों में भी हड़कंप मच गया है। पुलिस प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है कि यदि किसी भी होटल में ऐसी गतिविधियां पाई गईं, तो होटल को सील करने के साथ-साथ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

राजगीर

आगे क्या होगा?

पुलिस ने सभी 15 युवतियों का मेडिकल परीक्षण करवा लिया है। अब उन्हें कोर्ट में पेश कर उनके बयान दर्ज कराए जाएंगे, जिसके बाद उन्हें उनके परिजनों को सौंपा जाएगा या सुरक्षा गृह भेजा जाएगा।

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Bihar NEET PG Round 2 Revised Allotment 2025: BCECEB ने जारी किया संशोधित रिजल्ट, छात्र 29 दिसंबर तक पूरा करें नामांकन

NEET PG

बिहार में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे उन तमाम पीजी अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी खबर है जो पिछले कुछ दिनों से असमंजस की स्थिति में थे। बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (BCECEB) ने NEET PG राउंड 2 के लिए संशोधित (Revised) सीट अलॉटमेंट परिणाम आधिकारिक तौर पर जारी कर दिया है। यह कदम विभाग द्वारा पहले जारी किए गए परिणाम में पाई गई तकनीकी खामियों को दूर करने के बाद उठाया गया है। अब राज्य के मेडिकल कॉलेजों में नामांकन की प्रक्रिया नए सिरे से तय किए गए नियमों और सुधारों के साथ शुरू हो गई है।

तकनीकी त्रुटियों के कारण पिछला परिणाम हुआ था रद्द

आपको बता दें कि BCECEB ने इससे पहले जो आवंटन सूची जारी की थी, उसमें सॉफ्टवेयर और डेटा प्रोसेसिंग से जुड़ी कुछ गंभीर तकनीकी त्रुटियां सामने आई थीं। छात्रों की ओर से उठाई गई चिंताओं और सिस्टम की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बोर्ड ने पिछले रिजल्ट को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया था। संशोधित सूची जारी होने के बाद अब उन सभी विसंगतियों को दूर कर लिया गया है, जिससे मेधावी छात्रों को उनकी रैंक के आधार पर सही कॉलेज और स्ट्रीम आवंटित की जा सके।

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अलॉटमेंट लेटर डाउनलोड करने की समय सीमा और प्रक्रिया

संशोधित परिणाम जारी होने के बाद छात्रों के पास अपना अलॉटमेंट लेटर डाउनलोड करने के लिए बहुत ही सीमित समय बचा है। आधिकारिक सूचना के अनुसार, अभ्यर्थी 29 दिसंबर 2025 तक बोर्ड की वेबसाइट से अपना प्रोविजनल अलॉटमेंट लेटर डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए उम्मीदवारों को अपने PGMAC आईडी और पासवर्ड का उपयोग करना होगा। विशेषज्ञों का सुझाव है कि छात्र अंतिम समय में वेबसाइट पर होने वाले भारी ट्रैफिक या सर्वर की समस्या से बचने के लिए जल्द से जल्द अपना लेटर प्राप्त कर लें।

नामांकन और रिपोर्टिंग के लिए अंतिम तिथि का रखें ध्यान

सीट आवंटन प्राप्त करने के बाद अगली सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया संबंधित मेडिकल कॉलेज में उपस्थिति दर्ज कराना और दस्तावेजों का सत्यापन (Document Verification) कराना है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि 28 और 29 दिसंबर 2025 को ही रिपोर्टिंग और नामांकन की प्रक्रिया संपन्न की जाएगी। यदि कोई अभ्यर्थी निर्धारित समय सीमा के भीतर आवंटित कॉलेज में नहीं पहुंचता है, तो उसका नामांकन रद्द कर दिया जाएगा। इसके साथ ही, देरी होने की स्थिति में उम्मीदवार की सिक्योरिटी मनी भी जब्त की जा सकती है, इसलिए समय का पालन करना अनिवार्य है।

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दस्तावेजों की तैयारी और छात्रों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश

नामांकन के समय छात्रों को अपने सभी शैक्षणिक और व्यक्तिगत दस्तावेजों के ओरिजिनल कॉपी के साथ-साथ उनके दो सेट फोटोकॉपी भी साथ रखने चाहिए। इसमें NEET PG का एडमिट कार्ड, रैंक कार्ड, MBBS की मार्कशीट, इंटर्नशिप पूर्ण होने का प्रमाण पत्र और आरक्षण संबंधी कागजात मुख्य रूप से शामिल हैं। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपना अलॉटमेंट लेटर डाउनलोड करने के बाद उस पर दिए गए सभी निर्देशों को ध्यान से पढ़ें, क्योंकि उसमें कॉलेज की विशेष रिपोर्टिंग शर्तों का उल्लेख होता है।

क्या आपको अपना पसंदीदा कॉलेज मिल गया है? या फिर आप मॉप-अप राउंड (Mop-up Round) का इंतजार कर रहे हैं? अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

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