Bhagalpur EO Murder Case: मुख्य आरोपी रामधनी यादव एनकाउंटर में ढेर, बिहार पुलिस की बड़ी कार्रवाई

Bhagalpur EO Murder Case

बिहार के भागलपुर जिले में कानून-व्यवस्था और अपराधियों के बीच चल रही जंग ने आज एक नया मोड़ ले लिया है। सुल्तानगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) कृष्ण भूषण कुमार की सनसनीखेज हत्या के मुख्य आरोपी रामधनी यादव को बिहार पुलिस ने एक मुठभेड़ में मार गिराया है। महज 24 घंटे के भीतर हुई इस कार्रवाई ने राज्य के प्रशासनिक गलियारों और आम जनता के बीच गहरी चर्चा छेड़ दी है।

दफ्तर में घुसकर की गई थी अधिकारी की हत्या

यह पूरी घटना 28 अप्रैल 2026 की दोपहर को शुरू हुई, जब सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय गोलियों की तड़तड़ाहट से गूँज उठा। कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार अपने चैंबर में विभागीय कार्यों में व्यस्त थे, तभी बाइक सवार हमलावरों ने दफ्तर में घुसकर उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस हमले में कृष्ण भूषण कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। दिनदहाड़े एक सरकारी अधिकारी की दफ्तर के भीतर हत्या ने सरकार और पुलिस प्रशासन की साख पर बड़े सवाल खड़े कर दिए थे।

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पुलिस की त्वरित कार्रवाई और एनकाउंटर का घटनाक्रम

हत्याकांड के तुरंत बाद भागलपुर एसएसपी के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। वैज्ञानिक साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मुख्य शूटर के रूप में रामधनी यादव की पहचान की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी जिले के सीमावर्ती इलाके से भागने की फिराक में है।

बुधवार (29 अप्रैल) की सुबह जब पुलिस ने घेराबंदी की, तो आरोपी रामधनी यादव ने खुद को घिरा देख पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं, जिसमें रामधनी गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मुठभेड़ में तीन पुलिसकर्मी भी हुए घायल

पुलिस और अपराधियों के बीच हुई इस मुठभेड़ में बिहार पुलिस के तीन जवान भी घायल हुए हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी के पास से अत्याधुनिक हथियार बरामद किए गए हैं। घायल पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करने के लिए यह जवाबी कार्रवाई अनिवार्य थी।

Bhagalpur EO Murder Case

प्रशासनिक खेमे में आक्रोश और सुरक्षा की मांग

EO कृष्ण भूषण कुमार की हत्या के बाद बिहार प्रशासनिक सेवा संघ (BASA) ने गहरा रोष व्यक्त किया था। अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों के बीच इस एनकाउंटर को पुलिस की “त्वरित न्याय” (Instant Justice) की नीति के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, मानवाधिकार कार्यकर्ता इस तरह की घटनाओं पर पैनी नजर रखे हुए हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर पुलिस की इस कार्रवाई को सराहा जा रहा है।

निष्कर्ष: क्या बिहार में लौट रहा है कानून का राज?

भागलपुर की यह घटना एक तरफ जहां प्रशासनिक सुरक्षा में बड़ी चूक को दर्शाती है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस की 24 घंटे के भीतर की गई कार्रवाई अपराधियों के लिए एक सख्त चेतावनी है। कृष्ण भूषण कुमार एक ईमानदार अधिकारी के रूप में जाने जाते थे, और उनकी हत्या ने पूरे सूबे को झकझोर दिया था। फिलहाल, पुलिस मामले के अन्य पहलुओं और इस साजिश में शामिल अन्य लोगों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

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Mumbai Kalma Attack: ‘कलमा पढ़ो’ बोलकर 2 सिक्योरिटी गार्ड्स पर जानलेवा हमला! US रिटर्न टीचर के घर से मिले खौफनाक ISIS कनेक्शन

Mumbai Kalma Attack

मुंबई से सटे मीरा रोड (Mira Road) इलाके में एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना घटी है, जिसने स्थानीय पुलिस से लेकर महाराष्ट्र की एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) तक की नींद उड़ा दी है। नया नगर इलाके में ड्यूटी कर रहे दो बेगुनाह सिक्योरिटी गार्ड्स पर सिर्फ इसलिए चाकुओं से ताबड़तोड़ वार कर दिया गया, क्योंकि उन्होंने एक अनजान शख्स के कहने पर अपना धर्म बताने और ‘कलमा’ (Kalma) पढ़ने से इनकार कर दिया था।

सुनने में यह किसी आम आपराधिक घटना जैसी लग सकती है, लेकिन जब पुलिस ने हमलावर को गिरफ्तार किया और उसके घर की तलाशी ली, तो जो सबूत सामने आए, उसने इस पूरी वारदात को एक आतंकी साजिश (Terror Plot) से जोड़ दिया। आइए विस्तार से जानते हैं कि उस खौफनाक सुबह असल में क्या हुआ था और कैसे एक साइंस पढ़ाने वाला टीचर कट्टरपंथ की राह पर निकल पड़ा।

सुबह 4 बजे का वो खौफनाक मंज़र: ‘धर्म पूछा और फिर घोंपा चाकू’

यह पूरी वारदात सोमवार (27 अप्रैल 2026) की सुबह करीब 4 बजे की है।

मीरा रोड ईस्ट के नया नगर इलाके में वॉकहार्ट अस्पताल के ठीक पीछे एक ‘अस्मिता ग्रैंड बिल्डिंग’ का कंस्ट्रक्शन चल रहा है। वहां राजकुमार मिश्रा और सुब्रतो रमेश सेन नाम के दो सिक्योरिटी गार्ड्स अपनी नाइट ड्यूटी कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, तभी 31 साल का जैब जुबैर अंसारी (Zaib Zubair Ansari) वहां पहुंचा।

शुरुआत में उसने गार्ड्स से पास की किसी मस्जिद का पता पूछा। जब गार्ड्स ने जानकारी न होने की बात कही, तो उसने अचानक उनका नाम और धर्म पूछना शुरू कर दिया। बात यहीं नहीं रुकी, आरोपी ने उन पर इस्लामिक ‘कलमा’ पढ़ने का दबाव डाला। जब गार्ड्स ने इसका विरोध किया, तो अंसारी ने अचानक एक धारदार हथियार (चाकू) निकाला और उन पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में राजकुमार मिश्रा गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि सुब्रतो सेन को मामूली चोटें आईं।

सिर्फ 90 मिनट में गिरफ्तारी: कौन है हमलावर जैब अंसारी?

वारदात को अंजाम देकर हमलावर वहां से फरार हो गया, लेकिन घायल अवस्था में सुब्रतो सेन ने पुलिस को सूचना दी।

पुलिस की टीम तुरंत हरकत में आई और इलाके के CCTV फुटेज खंगालने शुरू किए। घटना के महज 90 मिनट (डेढ़ घंटे) के भीतर पुलिस ने आरोपी जैब जुबैर अंसारी की पहचान कर उसे मीरा रोड स्थित उसके किराये के फ्लैट से दबोच लिया।

जब पुलिस ने उसकी बैकग्राउंड चेक की, तो अधिकारी भी हैरान रह गए। जैब अंसारी कोई अनपढ़ अपराधी नहीं, बल्कि एक उच्च शिक्षित युवक है। वह साइंस ग्रेजुएट है और 2019 में अमेरिका (US) से भारत लौटा था। वह मीरा रोड में अकेला रहता था और इंटरनेट के जरिए छात्रों को ऑनलाइन केमिस्ट्री (Chemistry) और मैथ की क्लास देता था।

‘लोन वुल्फ’ अटैक की साजिश और घर से मिले खौफनाक सबूत

कहानी में सबसे बड़ा और खतरनाक मोड़ तब आया जब पुलिस आरोपी के घर की तलाशी लेने पहुंची।

वहां से पुलिस को कुछ ऐसी हस्तलिखित (Handwritten) डायरियां और नोट्स मिले, जिनमें ‘ISIS’, ‘लोन वुल्फ अटैक’ (अकेले दम पर किया जाने वाला आतंकी हमला), ‘जिहाद’ और ‘गाजा’ (Gaza) जैसे भड़काऊ शब्द लिखे हुए थे। सबसे खौफनाक बात यह थी कि आरोपी ने इन नोट्स में इस चाकूबाजी को ISIS से जुड़ने का अपना “पहला कदम” (First Step) बताया था। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि उसके मकान मालिक ने उसे 5 मई तक फ्लैट खाली करने का नोटिस दिया हुआ था, जिसे लेकर वह मानसिक तनाव में भी था।

Mumbai Kalma Attack
The Times Of India

ATS के हाथ में कमान: क्या किसी बड़े नेटवर्क का मोहरा है आरोपी?

मामले की गंभीरता और आतंकी एंगल (Terror Angle) सामने आते ही इस केस की जांच तुरंत महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) को भी सौंप दी गई है।

फिलहाल जैब अंसारी के खिलाफ नया नगर पुलिस स्टेशन में हत्या के प्रयास और दो समुदायों के बीच धार्मिक नफरत फैलाने (BNS Section 196-1) की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। एटीएस अब आरोपी के मोबाइल फोन, लैपटॉप, उसके इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और कॉल डिटेल्स की फोरेंसिक जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वह सच में इंटरनेट के जरिए विदेशी कट्टरपंथी आकाओं के संपर्क में था?

Apnivani की बात

मीरा रोड की यह घटना एक बार फिर इस बात का सबूत है कि कट्टरपंथ और आतंकवाद की कोई शक्ल या डिग्री नहीं होती। एक अमेरिका से लौटा हुआ होनहार साइंस टीचर अगर ‘लोन वुल्फ’ बन सकता है, तो हमें अपने आस-पास और सोशल मीडिया के प्रति बहुत सतर्क रहने की जरूरत है। पुलिस और एटीएस की मुस्तैदी से एक बहुत बड़ी साजिश समय रहते नाकाम हो गई।

आपकी राय:

एक पढ़े-लिखे युवा का इस तरह कट्टरपंथ की राह पकड़ लेना हमारे समाज की कितनी बड़ी विफलता है? इस पूरे मामले पर आपकी क्या राय है? अपनी प्रतिक्रियाएं कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें!

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White House Dinner Attack On Trump: ट्रंप के कार्यक्रम में चली गोलियां! बाल-बाल बचे अमेरिकी राष्ट्रपति, जानिए इस खौफनाक साजिश का पूरा सच

White House Dinner Attack On Trump

अमेरिकी राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी और खौफनाक खबर सामने आ रही है। शनिवार रात (25 अप्रैल 2026) वाशिंगटन डीसी में आयोजित ‘व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर’ (White House Correspondents’ Dinner) में अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट गूंज उठी।जिस वक्त यह हमला हुआ, वहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप और प्रशासन के कई बड़े नेता मौजूद थे। गोलियों की आवाज सुनते ही पूरे हॉल में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए टेबल के नीचे छिपने लगे। ‘ApniVani’ की इस विशेष इंटरनेशनल रिपोर्ट में आइए विस्तार से जानते हैं कि क्या इस हमले में राष्ट्रपति ट्रंप को कोई नुकसान पहुंचा है, हमलावर का क्या हुआ और क्या इसके पीछे ईरान (Iran) का हाथ है?

बाल-बाल बचे राष्ट्रपति ट्रंप, एक ऑफिसर को लगी गोली

सबसे बड़ा सवाल जो हर कोई पूछ रहा है कि क्या ट्रंप सुरक्षित हैं? आपको बता दें कि सीक्रेट सर्विस (Secret Service) ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत राष्ट्रपति ट्रंप और उनके परिवार को कवर किया और उन्हें सुरक्षित वहां से बाहर (Evacuate) निकाल लिया।राहत की बात यह है कि इस जानलेवा हमले में डोनाल्ड ट्रंप या किसी अन्य नेता की जान नहीं गई है। हालांकि, गोलीबारी में एक लॉ-एनफोर्समेंट ऑफिसर को गोली लगी है, लेकिन गनीमत रही कि गोली उसके बुलेटप्रूफ जैकेट (Bullet-resistant vest) पर लगी, जिससे उसकी जान बच गई। घटनास्थल पर मौजूद सुरक्षा बलों ने तुरंत एक्शन लेते हुए एक संदिग्ध हमलावर को पकड़ लिया है और फिलहाल उसे हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की जा रही है।

क्या ईरान युद्ध है हमले की वजह या कोई अंदरूनी विवाद?

हमलावर ने यह खौफनाक कदम क्यों उठाया, इसका कोई आधिकारिक खुलासा अभी पुलिस ने नहीं किया है, लेकिन शक की सुई दो बड़ी वजहों पर घूम रही है।

  • पहला और सबसे बड़ा कारण ‘ईरान’ से जुड़ा है। दरअसल, हमले वाले दिन (शनिवार) ही सुबह राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बड़ा फैसला लेते हुए ईरान के साथ होने वाली ‘शांति वार्ता’ (Peace Talks) को अचानक रद्द कर दिया था और सोशल मीडिया पर लिखा था कि “सारे पत्ते हमारे हाथ में हैं।” इसके अलावा, ईरान को लेकर दिए गए ट्रंप के कड़े बयानों से वहां भारी तनाव है।
  • दूसरा कारण अमेरिका के अंदरूनी राजनीतिक और इमिग्रेशन (Immigration) से जुड़े कड़े फैसले भी हो सकते हैं, जिससे देश का एक वर्ग खासा नाराज है। लेकिन जब तक एफबीआई (FBI) और सीक्रेट सर्विस की जांच पूरी नहीं होती, असली वजह कह पाना मुश्किल है।
Donald Trump - White House Dinner Attack On Trump
Credit – Mathrubhumi

ट्रंप के पास अब राष्ट्रपति के तौर पर कितना समय बचा है?

इस हमले के बाद लोगों के मन में यह सवाल भी आ रहा है कि डोनाल्ड ट्रंप का कार्यकाल अब कितना बचा है। ट्रंप ने 20 जनवरी 2025 को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी। उनका यह चार साल का कार्यकाल 20 जनवरी 2029 को खत्म होगा। यानी उनके पास अभी भी राष्ट्रपति के रूप में करीब 2 साल और 9 महीने (लगभग 33 महीने) का समय बाकी है।

ApniVani की बात

अमेरिका जैसे देश में, जहां सुरक्षा को सबसे कड़ा माना जाता है, वहां देश के सबसे बड़े नेताओं की मौजूदगी में गोलियां चलना एक बहुत बड़ी सुरक्षा चूक है। यह हमला सिर्फ ट्रंप पर नहीं, बल्कि अमेरिकी लोकतंत्र पर भी एक सीधा वार है। देखना यह होगा कि इस घटना के बाद अमेरिकी प्रशासन, खासकर सीक्रेट सर्विस, अपनी सुरक्षा रणनीतियों में क्या बड़े बदलाव करती है।

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Palamu BJP Leader Son Road Accident: मेदिनीनगर-औरंगाबाद रोड पर दर्दनाक हादसा, स्कॉर्पियो ने ड्यूटी जा रहे जूनियर इंजीनियर को रौंदा, बीजेपी नेता के घर पसरा मातम

Palamu BJP Leader Son Road Accident

झारखंड के पलामू जिले से एक बेहद ही दुखद खबर सामने आई है, जिस से पूरा इलाक़ा शोक में है। आज कल तेज रफ्तार बहुत सारी जिंदगी ले रहा है, ये एक्सीडेंट भी उनमें से एक है।

मेदिनीनगर-औरंगाबाद मुख्य मार्ग पर हुई एक भीषण टक्कर में एक युवा जूनियर इंजीनियर की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतक युवक इलाके के जाने-माने बीजेपी नेता का बेटा था। घटना के बाद से ही इलाके में कोहराम मचा हुआ है और परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। ‘ApniVani’ की इस विशेष स्थानीय रिपोर्ट में आइए जानते हैं कि यह दर्दनाक हादसा आखिर कैसे हुआ।

ड्यूटी पर जा रहा था होनहार युवा, रास्ते में बिछी थी मौत

प्राप्त जानकारी और मौके से आ रही तस्वीरों के अनुसार, मृतक पेशे से एक जूनियर इंजीनियर था और हमेशा की तरह अपनी बाइक से अपनी ड्यूटी पर जा रहा था। किसी को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि घर से निकला यह युवा अब कभी वापस लौट कर नहीं आएगा।

हादसा पलामू के अति-व्यस्त मेदिनीनगर-औरंगाबाद रोड पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक बेकाबू सफेद रंग की स्कॉर्पियो ने इंजीनियर की बाइक को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कॉर्पियो खुद भी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक गहरे गड्ढे (खाई) में जा घुसी।

बीजेपी नेता आकाश पांडे के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

इस हादसे ने जिस परिवार को अपना शिकार बनाया है, वह पलामू का एक जाना-माना राजनीतिक परिवार है।

दुर्घटना का शिकार हुआ यह जूनियर इंजीनियर, स्थानीय बीजेपी (BJP) नेता आकाश पांडे का होनहार बेटा था। जैसे ही आकाश पांडे और उनके परिजनों को इस मनहूस घटना की खबर मिली, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। बेटे की खून से लथपथ लाश देखकर परिजनों की चीख-पुकार से वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। जिस घर में बेटे की तरक्की की बातें होती थीं, वहां अब सिर्फ मातम का सन्नाटा है।

Palamu BJP Leader Son Road Accident
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मौके पर पहुंची पुलिस, सड़क पर लगा लोगों का जमावड़ा

दिनदहाड़े हुए इस भीषण सड़क हादसे के तुरंत बाद मेदिनीनगर-औरंगाबाद मार्ग पर भारी भीड़ जमा हो गई। क्षतिग्रस्त काली बाइक और गड्ढे में गिरी स्कॉर्पियो इस बात की गवाही दे रही थीं कि टक्कर कितनी खौफनाक रही होगी।

स्थानीय लोगों की सूचना पर पलामू पुलिस की टीम तुरंत दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने भीड़ को सड़क से हटाकर यातायात सुचारू करवाया और युवक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि इस हादसे में गलती किसकी थी और क्या स्कॉर्पियो का ड्राइवर नशे में था या ओवरस्पीडिंग कर रहा था।

तेज रफ्तार बन रही है ‘काल’

पलामू की यह घटना सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि हर उस इंसान के लिए एक चेतावनी है जो सड़क पर निकलता है। तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी हर दिन अनगिनत जिंदगियां लील रही है। ‘ApniVani’ परिवार इस दुख की घड़ी में बीजेपी नेता आकाश पांडे और उनके परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता है। प्रशासन को भी चाहिए कि वह ऐसे संवेदनशील हाईवे पर वाहनों की गति को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाए, ताकि फिर किसी घर का चिराग न बुझे।

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Patna NEET Student Suicide Sherghati: पटना में शेरघाटी के छात्र ने लगाई फांसी! कोचिंग का बहाना कर मौत को गले लगाने के 3 दर्दनाक सच

Patna NEET Student Suicide Sherghati

बिहार में मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे छात्रों पर पढ़ाई का दबाव जानलेवा बनता जा रहा है। ताज़ा और बेहद दर्दनाक मामला राजधानी पटना से सामने आया है, जहां शेरघाटी के रहने वाले एक छात्र ने फंदे से लटककर अपनी जान दे दी।

मृतक छात्र का नाम सौरभ बताया जा रहा है, जो पिछले कई सालों से नीट (NEET) परीक्षा की तैयारी कर रहा था। लेकिन परीक्षा का दबाव और असफलता का डर उसके लिए इतना भारी पड़ गया कि उसने अपनी जीवन लीला ही समाप्त कर ली। ‘News 11 भारत’ की रिपोर्ट के आधार पर ‘ApniVani’ आपको बता रहा है इस खौफनाक घटना का पूरा सच, कि कैसे एक झूठ बोलकर इस छात्र ने मौत को गले लगा लिया।

पटना के फ्लैट में चचेरे भाइयों के साथ रहता था सौरभ

शेरघाटी का रहने वाला सौरभ अपने डॉक्टर बनने के सपने को पूरा करने के लिए राजधानी पटना आया हुआ था।

रिपोर्ट के अनुसार, वह पटना में एक फ्लैट लेकर अपने दो चचेरे भाइयों के साथ रह रहा था और नीट की कड़ी तैयारी कर रहा था। शेरघाटी में बैठे परिवार वालों को उम्मीद थी कि उनका बेटा एक दिन डॉक्टर बनकर गांव लौटेगा, लेकिन उन्हें क्या पता था कि पटना से उसके डॉक्टर बनने की खबर नहीं, बल्कि उसके सुसाइड की मनहूस खबर आएगी।

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‘तबीयत खराब है’ का बहाना और फिर उठाया खौफनाक कदम

मंगलवार का दिन इस परिवार के लिए सबसे मनहूस साबित हुआ।

सौरभ ने सुबह अपने चचेरे भाइयों से अचानक कहा कि उसकी तबीयत कुछ खराब लग रही है, इसलिए वह आज कोचिंग नहीं जाएगा। उसके दोनों भाई उसे फ्लैट पर ही छोड़कर कोचिंग चले गए। जब वे कोचिंग से वापस लौटे, तो अंदर का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। सौरभ ने घर में ही फंदे से लटककर अपनी जान दे दी थी। ‘तबीयत खराब है’ का वो बहाना असल में उसका आखिरी फैसला था।

कई सालों से कर रहा था तैयारी, पास न होने का था भारी दबाव

आखिर सौरभ ने इतना खौफनाक कदम क्यों उठाया? इसके पीछे का सबसे बड़ा और कड़वा सच है— परीक्षा का मानसिक दबाव।

परिजनों और उसकी मां के अनुसार, सौरभ पिछले कई सालों से लगातार नीट की तैयारी कर रहा था, लेकिन उसे परीक्षा में सफलता नहीं मिल पा रही थी। बार-बार पास न हो पाने के कारण वह भारी मानसिक तनाव और अवसाद (Depression) में चला गया था। इसी सदमे और दबाव के कारण उसने दुनिया को अलविदा कहना ही बेहतर समझा।

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ApniVani का कड़ा संदेश

सौरभ की मौत ने एक बार फिर हमारी शिक्षा व्यवस्था और माता-पिता के लिए एक गंभीर चेतावनी दी है। परीक्षा में पास होना ही जिंदगी की इकलौती सफलता नहीं है। बच्चों पर ‘डॉक्टर’ बनने का लगातार दबाव उन्हें अंदर से तोड़ रहा है। ‘ApniVani’ परिवार इस दुख की घड़ी में सौरभ के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता है।

आपकी क्या राय है?

क्या प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार मिल रही असफलता के कारण छात्रों का इस तरह टूट जाना समाज की विफलता है? इसे रोकने के लिए कोचिंग संस्थानों और सरकार को क्या कदम उठाने चाहिए? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर दें।

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Ara Sahar Murder News: शादी का कार्ड बांटने निकले युवक का रेता गया गला! ‘प्रेम-प्रसंग’ की खौफनाक साजिश के बड़े राज

Ara Sahar Murder News

बिहार के आरा (भोजपुर) जिले में अपराध थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिस घर में शादी के मंगल गीत गाए जा रहे थे, वहां अब मातम की चीखें गूंज रही हैं। अगले हफ्ते जिस युवक के सिर पर सेहरा सजने वाला था, कुछ अज्ञात हत्यारों ने धारदार हथियार से उसका गला रेतकर बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया।

यह खौफनाक वारदात सहार थाना क्षेत्र के नोनउर गांव के बधार (खेतों के इलाके) में हुई है, जहां बुधवार की सुबह युवक का खून से लथपथ शव बरामद किया गया। घटना की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। ‘ApniVani’ की इस विशेष क्राइम रिपोर्ट में आइए इस रूह कंपा देने वाले हत्याकांड, उस आखिरी फोन कॉल और ‘प्रेम-प्रसंग’ के 4 सबसे बड़े अनसुलझे राज के बारे में विस्तार से जानते हैं।

बेंगलुरु से अपनी शादी के लिए गांव लौटा था युवक

जिस युवक की हत्या हुई है, उसकी जिंदगी के अगले कुछ दिन बहुत खास होने वाले थे।

परिजनों के अनुसार, मृतक युवक बेंगलुरु (Bengaluru) में रहकर काम करता था और अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। अगले ही हफ्ते उसकी शादी तय थी, जिसके लिए वह महज दो दिन पहले ही खुशी-खुशी अपने गांव लौटा था। पूरे घर में रिश्तेदारों का आना-जाना शुरू हो गया था और शादी की तैयारियां अपने जोरों पर थीं। किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि उसकी यह वापसी मौत के सफर में बदल जाएगी।

‘कार्ड बांटने जा रहा हूँ’ और वो आखिरी फोन कॉल

मंगलवार के दिन युवक अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को शादी का निमंत्रण देने घर से निकला था।

परिवार वालों का कहना है कि उसे मोबाइल पर किसी का फोन आया था। फोन कटने के बाद उसने घर में बताया कि वह सहार थाना क्षेत्र के ‘नाढ़ी गांव’ में शादी का कार्ड बांटने जा रहा है। वह अपनी बाइक से निकला, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। जब उसका फोन स्विच ऑफ आने लगा, तो परिवार वालों की चिंता बढ़ गई। और फिर अगली सुबह (बुधवार) नोनउर गांव के बधार से उसका कटा हुआ शव मिलने की मनहूस खबर आई।

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‘प्रेम-प्रसंग’ का खूनी एंगल: साली से शादी का विवाद

आखिर अपनी ही शादी का कार्ड बांट रहे एक बेगुनाह युवक की किसी से क्या दुश्मनी हो सकती है? यहीं पर इस कहानी का सबसे खतरनाक एंगल सामने आता है।

परिजनों ने सीधा आरोप लगाया है कि इस हत्या के पीछे एक बहुत गहरी और पुरानी साजिश है। जानकारी के अनुसार, गांव के ही एक युवक की ‘साली’ से मृतक की अक्सर फोन पर बातचीत होती थी। दोनों के बीच शादी की बात भी चली थी, लेकिन किसी वजह से वह रिश्ता तय नहीं हो पाया। परिजनों का सख्त आरोप है कि उसी पुरानी रंजिश और ‘प्रेम-प्रसंग’ के विवाद में फोन करके उसे धोखे से बुलाया गया और फिर मौत के घाट उतार दिया गया।

गले पर धारदार हथियार के निशान और पुलिस का एक्शन

घटनास्थल का नजारा बहुत ही वीभत्स था। अपराधियों ने सिर्फ हत्या नहीं की, बल्कि अपना गुस्सा निकालने के लिए धारदार हथियार (जैसे चाकू या रेती) से उसका गला काटा है।

शव मिलने के तुरंत बाद सहार थाना की पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए आरा सदर अस्पताल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस हत्याकांड को सिर्फ एक एंगल से नहीं देख रहे हैं। प्रेम-प्रसंग के साथ-साथ आपसी रंजिश और कॉल डिटेल्स (CDR) की गहराई से जांच की जा रही है, ताकि असली हत्यारों तक जल्द से जल्द पहुंचा जा सके।

ApniVani की बात

आरा में हुई यह वारदात बिहार की कानून-व्यवस्था (Law and Order) और समाज में गिरते मानवीय मूल्यों की एक बहुत ही डरावनी तस्वीर पेश करती है। एक तरफ घर में हल्दी की रस्में चल रही थीं और दूसरी तरफ कुछ दरिंदे मौत की साजिश रच रहे थे। ‘ApniVani’ मांग करता है कि भोजपुर पुलिस इस मामले की त्वरित (Speedy) जांच करे और दोषियों को ऐसी सख्त सजा दे कि फिर कोई किसी के घर की खुशियां इस तरह न उजाड़ सके।

आपकी क्या राय है?

आजकल ‘प्रेम-प्रसंग’ या आपसी रंजिश में इस तरह की खौफनाक हत्याएं आम क्यों हो गई हैं? क्या आपको लगता है कि पुलिस इन हत्यारों को जल्द पकड़ पाएगी? अपनी बेबाक राय नीचे कमेंट बॉक्स में या हमारे सोशल मीडिया पेज पर आकर ज़रूर दें!

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LIC Bima Sakhi Yojana 2026: महिलाओं के लिए LIC का मेगा ऑफर! 10वीं पास के लिए हर महीने 7 हज़ार कमाने के 4 शानदार फायदे

LIC Bima Sakhi Yojana 2026

आज के समय में हर महिला आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर (Independent) बनना चाहती है। लेकिन घर-परिवार की जिम्मेदारियों के चलते अक्सर उनके लिए बाहर जाकर 9 से 5 की फुल-टाइम नौकरी करना संभव नहीं हो पाता।

महिलाओं की इसी परेशानी को दूर करने और उन्हें एक नई पहचान देने के लिए देश की सबसे भरोसेमंद बीमा कंपनी ‘भारतीय जीवन बीमा निगम’ (LIC) ने एक बेहद ही शानदार योजना शुरू की है। इस योजना का नाम है— ‘LIC बीमा सखी योजना’ (LIC Bima Sakhi Yojana)।

अगर आप भी एक महिला हैं और घर बैठे एक सम्मानजनक करियर के साथ-साथ अच्छी खासी कमाई करना चाहती हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है। ‘ApniVani’ की इस विशेष फाइनेंस रिपोर्ट में आइए इस योजना की गहराई तक चलते हैं और समझते हैं कि इससे कैसे जुड़ा जा सकता है।

आखिर क्या है ‘LIC बीमा सखी’ योजना का असली मकसद?

एलआईसी की ‘बीमा सखी’ योजना मुख्य रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी (Semi-urban) इलाकों की महिलाओं के लिए डिज़ाइन की गई है।

इस योजना के तहत चुनी गई महिलाओं को LIC का अधिकृत ‘महिला करियर एजेंट’ (Women Career Agent – MCA) बनाया जाता है। इनका मुख्य काम अपने आसपास के इलाकों में लोगों को जीवन बीमा के प्रति जागरूक करना और उन्हें उनके परिवार की जरूरत के हिसाब से LIC की पॉलिसियां सुरक्षित करने में मदद करना होता है। सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें आपको किसी बॉस के अंडर काम नहीं करना है; आप अपने समय और सुविधा के अनुसार पार्ट-टाइम (Part-time) या फुल-टाइम काम कर सकती हैं।

हर महीने फिक्स स्टाइपेंड के साथ तगड़ा कमीशन (कमाई का गणित)

अक्सर एजेंट के काम में शुरुआत में पैसे नहीं मिलते, लेकिन LIC ने अपनी ‘बीमा सखियों’ को सपोर्ट करने के लिए एक बहुत ही शानदार ‘स्टाइपेंड’ (Stipend) यानी भत्ते की व्यवस्था की है।

  • पहला साल: ट्रेनिंग पूरी करने के बाद काम शुरू करते ही महिलाओं को पहले साल में हर महीने ₹7,000 का फिक्स स्टाइपेंड मिलता है।
  • दूसरा और तीसरा साल: अगर आपका काम अच्छा रहता है और बेची गई कम से कम 65% पॉलिसियां चालू रहती हैं, तो दूसरे साल ₹6,000 और तीसरे साल ₹5,000 प्रति माह दिए जाते हैं।

कहानी यहीं खत्म नहीं होती! इस फिक्स पैसे के अलावा आप जितनी भी बीमा पॉलिसियां बेचेंगी, उस पर आपको LIC की तरफ से अलग से ‘कमीशन’ (Commission) भी मिलेगा। यानी आपकी कमाई की कोई लिमिट नहीं है, आप सालाना लाखों रुपये तक आसानी से कमा सकती हैं।

कौन सी महिलाएं कर सकती हैं आवेदन? (पात्रता और शर्तें)

LIC ने इस योजना से जुड़ने के लिए बहुत ही आसान नियम और शर्तें रखी हैं, ताकि गांव-कस्बों की ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को इसका लाभ मिल सके:

  • उम्र सीमा: आवेदन करने वाली महिला की उम्र कम से कम 18 वर्ष और अधिकतम 70 वर्ष होनी चाहिए।
  • शैक्षणिक योग्यता: बहुत ज्यादा पढ़ा-लिखा होना जरूरी नहीं है। अगर महिला ने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से सिर्फ 10वीं कक्षा (10th Pass) पास की है, तो वह आवेदन करने के लिए पूरी तरह से योग्य है।
  • शर्त: पहले से काम कर रहे मौजूदा LIC एजेंट या रिटायर्ड कर्मचारी इस योजना के तहत दोबारा इस ‘एमसीए’ (MCA) एजेंसी के लिए आवेदन नहीं कर सकते।

बीमा सखी बनने का पूरा प्रोसेस क्या है? (ऑनलाइन अप्लाई)

अगर आप इस योजना का हिस्सा बनना चाहती हैं, तो इसका प्रोसेस अब पूरी तरह से ऑनलाइन कर दिया गया है।

आपको कहीं भी धक्के खाने की ज़रूरत नहीं है। सबसे पहले LIC की आधिकारिक वेबसाइट (licindia.in) पर जाएं और वहां ‘Agent / Advisor’ या ‘Bima Sakhi’ वाले पोर्टल पर क्लिक करें। वहां आपको अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरना होगा और आधार कार्ड, 10वीं की मार्कशीट और बैंक पासबुक जैसे जरूरी डाक्यूमेंट्स अपलोड करने होंगे। फॉर्म अप्रूव होने के बाद आपको ब्रांच से बुलावा आएगा और एक छोटी सी ट्रेनिंग के बाद आपको आधिकारिक तौर पर ‘बीमा सखी’ बना दिया जाएगा।

ApniVani की बात

‘LIC बीमा सखी योजना’ उन सभी माताओं और बहनों के लिए एक संजीवनी बूटी की तरह है, जो घर के कामकाज के साथ-साथ अपनी एक अलग पहचान बनाना चाहती हैं। इसमें न तो कोई इन्वेस्टमेंट (खर्च) है और न ही कोई रिस्क। अगर आपके आस-पास, मोहल्ले या रिश्तेदारी में कोई ऐसी महिला है जिन्हें इस योजना की सख्त जरूरत है, तो इस आर्टिकल को उनके व्हाट्सएप (WhatsApp) पर तुरंत शेयर करें ताकि वो भी आर्थिक आज़ादी की तरफ अपना पहला कदम बढ़ा सकें!

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Rohtas School Beef Controversy: सरकारी स्कूल के मिड-डे मील में मिला 10 किलो बीफ! हेडमास्टर समेत 3 हिरासत में, जानिए खौफनाक सच

Rohtas School Beef Controversy

सरकारी स्कूलों में गरीब बच्चों को पोषण देने के लिए ‘मिड-डे मील’ (Mid-Day Meal) योजना शुरू की गई थी। नियम के मुताबिक शाकाहारी बच्चों को फल और मांसाहारी बच्चों को हफ्ते में एक दिन अंडा (Egg) देने का प्रावधान है। लेकिन बिहार के रोहतास जिले से एक ऐसी भयावह खबर सामने आई है, जिसने पूरे … Read more

Kedarnath Kapat Opening 2026 Live: बस कुछ पलों का इंतज़ार! 15 क्विंटल फूलों से सजा बाबा का दरबार, देखें live

Kedarnath Kapat Opening 2026 Live

“अकाल मृत्यु वो मरे जो काम करे चांडाल का, काल भी उसका क्या बिगाड़े जो भक्त हो महाकाल का!”
अगर आप भी शिव भक्त हैं, तो आज का दिन आपके लिए किसी बड़े उत्सव से कम नहीं है। सर्दियों के 6 महीने तक भारी बर्फबारी के कारण बंद रहने वाले ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग ‘श्री केदारनाथ धाम’ (Sri Kedarnath Dham) के कपाट आज सुबह खुलने जा रहे हैं।

अब से बस कुछ ही देर में पूरे विधि-विधान और सेना के बैंड की धुनों के बीच बाबा का दरबार आम भक्तों के लिए खोल दिया जाएगा। ‘ApniVani’ की इस ‘Live’ और ब्रेकिंग रिपोर्ट में आइए जानते हैं कपाट खुलने से ठीक पहले मंदिर की भव्य सजावट, मौसम का मिजाज और इस पावन पल की 4 सबसे अद्भुत बातें।

15 क्विंटल ताज़े फूलों से हुआ बाबा का अद्भुत श्रृंगार

कपाट खुलने के इस पावन अवसर के लिए केदारनाथ मंदिर को एक नई नवेली दुल्हन की तरह सजाया गया है।
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अनुसार, मंदिर के प्रांगण और गर्भगृह को सजाने के लिए खास तौर पर ऋषिकेश और देश के अन्य हिस्सों से 15 क्विंटल (1500 किलो) से ज्यादा ताज़े गेंदे और अन्य सुगन्धित फूल मंगवाए गए हैं। बर्फ की सफेद चादर के बीच पीले और नारंगी फूलों से सजा बाबा का मंदिर देखते ही बन रहा है।

रावल जी का प्रवेश और वैदिक मंत्रोच्चार का माहौल

कपाट खोलने की प्रक्रिया कोई साधारण ताला खोलने जैसी नहीं होती, बल्कि यह एक बहुत ही कड़े और पवित्र विधि-विधान का हिस्सा है।
सबसे पहले मुख्य पुजारी (रावल जी) और प्रशासन के आला अधिकारी मंदिर के मुख्य द्वार पर पहुंचेंगे। इसके बाद सेना (Army) की मराठा लाइट इन्फेंट्री और गढ़वाल राइफल्स का बैंड अपनी धुन बजाएगा। वैदिक मंत्रोच्चार और स्वस्तिवाचन के साथ शुभ मुहूर्त में मंदिर का मुख्य ताला खोला जाएगा।

‘पंचमुखी डोली’ ने किया मंदिर में प्रवेश

शीतकाल (सर्दियों) के दौरान बाबा केदार की पूजा उनके शीतकालीन गद्दीस्थल ‘ओंकारेश्वर मंदिर’ ऊखीमठ में होती है।
वहां से बाबा की ‘पंचमुखी उत्सव डोली’ (Utsav Doli) कई किलोमीटर का पैदल सफर तय करके कल शाम ही केदारनाथ धाम पहुंच चुकी थी। आज कपाट खुलते ही सबसे पहले इसी उत्सव डोली को मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा और उसके बाद बाबा की ‘समाधि पूजा’ संपन्न होगी।

Kedarnath Kapat Opening 2026 Live
Credit – Pilgrimage Tour Packages

माइनस डिग्री तापमान में भी भक्तों का ‘जुनून’

केदारनाथ में इस वक़्त मौसम बहुत ही सर्द है। तापमान माइनस (-2°C से -4°C) में गोते लगा रहा है और पहाड़ों पर ताज़ा बर्फबारी भी हुई है।
लेकिन बाबा के भक्तों के जुनून के आगे यह कड़ाके की ठंड भी हार मान गई है। कपाट खुलने के साक्षी बनने के लिए हज़ारों की संख्या में श्रद्धालु (Devotees) रात से ही मंदिर के बाहर लाइन में लगकर ‘बम-बम भोले’ के जयकारे लगा रहे हैं। प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए अलाव और गर्म पानी की पूरी व्यवस्था की है।

ApniVani का संदेश

चार धाम यात्रा (Char Dham Yatra 2026) का यह सबसे अहम पड़ाव आज से शुरू हो रहा है। बाबा केदारनाथ के कपाट खुलने के साथ ही पूरी केदार घाटी एक बार फिर से शिव के रंग में रंग गई है। जो भक्त वहां नहीं पहुंच पाए हैं, वो घर बैठे टीवी और इंटरनेट के माध्यम से इस अद्भुत पल के लाइव दर्शन कर सकते हैं।

‘ApniVani’ परिवार की ओर से सभी देशवासियों को बाबा केदारनाथ के कपाट खुलने की ढेरों शुभकामनाएं!

ॐ नमः शिवाय! क्या आप भी इस साल बाबा केदारनाथ के दर्शन करने की प्लानिंग कर रहे हैं? कमेंट बॉक्स में ‘हर हर महादेव’ ज़रूर लिखें!

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Manipur Earthquake 2026: सुबह-सुबह कांपी धरती! 5.2 की तीव्रता वाले झटके से दहला मणिपुर, जानें ग्राउंड रिपोर्ट की बड़ी बातें

Manipur Earthquake 2026

मंगलवार (21 अप्रैल 2026) की सुबह पूर्वोत्तर भारत के लोगों के लिए दहशत लेकर आई। जब ज्यादातर लोग अपने घरों में गहरी नींद सो रहे थे, तभी अचानक धरती में एक तेज़ हलचल महसूस की गई। पंखे और खिड़कियां हिलने लगे, जिसके बाद लोग अपनी जान बचाने के लिए बदहवास होकर घरों से बाहर सड़कों पर निकल आए।

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) की आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, मणिपुर में एक मध्यम लेकिन काफी शक्तिशाली भूकंप (Earthquake) आया है। ‘ApniVani’ की इस ब्रेकिंग न्यूज़ रिपोर्ट में आइए जानते हैं कि इस भूकंप का केंद्र कहाँ था, इसकी गहराई कितनी थी और क्या इससे राज्य में कोई बड़ा नुकसान हुआ है?

रिक्टर स्केल पर 5.2 की तीव्रता: कहाँ था भूकंप का केंद्र?

भूकंप की ताकत का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसकी झटके पड़ोसी राज्यों और म्यांमार सीमा तक महसूस किए गए।

NCS के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल (Richter Scale) पर 5.2 मापी गई है। यह झटका आज सुबह ठीक 5:59 बजे (5:59:33 IST) आया था। इस खौफनाक भूकंप का केंद्र (Epicenter) मणिपुर के ‘कामजोंग’ (Kamjong) जिले में स्थित था। झटके इतने तेज़ थे कि कामजोंग के साथ-साथ उखरूल (Ukhrul) और राजधानी इंफाल (Imphal) के कुछ हिस्सों में भी लोगों ने इस कंपन को साफ महसूस किया।

ज़मीन के 62 किलोमीटर नीचे से उठी ‘सिस्मिक वेव’

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो हर भूकंप की एक गहराई होती है जो उसकी तबाही तय करती है।

मौसम और भूकंप विज्ञान विभाग के अनुसार, मणिपुर में आए इस भूकंप की गहराई ज़मीन की सतह से 62 किलोमीटर नीचे (Depth: 62 Km) थी। विज्ञान की भाषा में इसे ‘मॉडरेटली डीप’ (Moderately Deep) सिस्मिक इवेंट कहा जाता है। अक्सर जो भूकंप ज़मीन के बहुत ज्यादा करीब (10-15 किमी) होते हैं, वो ज्यादा तबाही मचाते हैं। 62 किलोमीटर गहराई होने के कारण इसकी ताकत सतह तक आते-आते थोड़ी कम हो गई थी।

क्या हुआ है कोई बड़ा नुकसान? (ग्राउंड रिपोर्ट)

भूकंप की खबर फैलते ही प्रशासन तुरंत अलर्ट मोड पर आ गया। कामजोंग और आसपास के पहाड़ी जिलों में पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने मुआयना करना शुरू कर दिया है।

राहत की बात यह है कि अभी तक इस प्राकृतिक आपदा में किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान (No Casualties) या किसी बड़ी इमारत के गिरने की कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है। हालांकि, अचानक आए झटके से स्थानीय निवासियों में कुछ देर के लिए ‘पैनिक’ (Panic) ज़रूर फैल गया था, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह से सामान्य और नियंत्रण में है।

पूर्वोत्तर भारत (North-East) में क्यों आते हैं इतने भूकंप?

अक्सर आपने सुना होगा कि पूर्वोत्तर भारत (असम, मणिपुर, मिज़ोरम) में भूकंप के झटके सबसे ज्यादा आते हैं। इसके पीछे एक बहुत बड़ा भौगोलिक कारण है।

भारत का यह हिस्सा ‘सिस्मिक ज़ोन-5’ (Seismic Zone V) में आता है, जिसे दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप संभावित क्षेत्रों (Highly Active Fault Lines) में गिना जाता है। यहाँ ‘इंडियन टेक्टोनिक प्लेट’ (Indian Tectonic Plate) लगातार ‘यूरेशियन प्लेट’ (Eurasian Plate) के नीचे खिसक रही है, जिसके दबाव की वजह से अक्सर ज़मीन के अंदर की ऊर्जा इस तरह भूकंप के रूप में बाहर निकलती रहती है।

ApniVani की अपील

प्राकृतिक आपदाएं कभी बता कर नहीं आतीं। हालांकि इस भूकंप से मणिपुर में कोई नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन ‘आफ्टरशॉक्स’ (Aftershocks – भूकंप के बाद के छोटे झटके) की संभावना हमेशा बनी रहती है। ‘ApniVani’ अपने सभी पाठकों से अपील करता है कि अगर आप ऐसे संवेदनशील इलाकों में रहते हैं, तो हमेशा एक ‘इमरजेंसी किट’ तैयार रखें और झटके महसूस होने पर तुरंत किसी खुले मैदान की तरफ भागें।

शेयर करें: भगवान का शुक्र है कि मणिपुर में सब सुरक्षित हैं। इस अहम और ताज़ा जानकारी को अपने दोस्तों और परिवार के व्हाट्सएप ग्रुप्स (WhatsApp Groups) में तुरंत शेयर करें ताकि किसी भी तरह की अफवाह (Rumour) न फैले। सटीक और सच्ची खबरों के लिए ‘ApniVani’ से जुड़े रहें!

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