बीजेपी में बड़ा झटका: पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह 6 साल के लिए निष्कासित, सिंह ने कहा कि ये पार्टी…

आरके सिंह

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए अपने वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया। इसके कुछ घंटे बाद ही आरके सिंह ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया। इस घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है, क्योंकि सिंह पिछले कई महीनों से पार्टी नेतृत्व और सरकार पर खुलकर सवाल उठा रहे थे।

क्यों हुई कार्रवाई? क्या थे आरोप?

बीजेपी ने आरके सिंह पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया था। पार्टी के अनुशासन समिति ने उन्हें कारण बताओ नोटिस भेजा था, जिसमें उनसे उनके हालिया बयानों पर जवाब मांगा गया था।

आरके सिंह पर मुख्य आरोप:

1. भ्रष्टाचार पर सरकार पर खुली आलोचना

सिंह ने बिहार में एक बड़े पावर प्रोजेक्ट को लेकर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। उनका दावा था कि भागलपुर में अडानी ग्रुप को दिए गए बिजली प्रोजेक्ट में 62,000 करोड़ रुपये का घोटाला है। पूर्व ऊर्जा मंत्री होने के कारण उनके आरोपों ने बिहार और केंद्र में एनडीए सरकार को असहज कर दिया था।

2. चुनाव के वक्त पार्टी के खिलाफ बयानबाजी

उन्होंने कई बार खुलकर कहा कि बीजेपी “अपराधियों को टिकट दे रही है”। इतना ही नहीं, उन्होंने मतदाताओं से यह तक कह दिया था कि अगर साफ-सुथरा उम्मीदवार न मिले तो NOTA दबा देना।

3. चुनाव आयोग और कानून व्यवस्था पर हमले

चुनाव के दौरान आरके सिंह ने चुनाव आयोग पर भी पक्षपात और आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया था। बीजेपी नेतृत्व का मानना था कि ऐसे बयान सीधे तौर पर पार्टी की छवि को नुकसान पहुँचा रहे थे।

आरके सिंह

आरके सिंह की प्रतिक्रिया : “मैंने अपराधियों के खिलाफ आवाज उठाई, क्या ये गलत है?”

पार्टी से निष्कासन के बाद आरके सिंह ने कहा कि उन्हें भेजे गए नोटिस में “पार्टी विरोधी गतिविधि” का कोई स्पष्ट उदाहरण नहीं दिया गया था।उन्होंने अपना इस्तीफा बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा को भेजते हुए कहा: “मैंने सिर्फ अपराधियों को टिकट देने का विरोध किया। अगर यह पार्टी विरोधी है, तो फिर मैं ऐसी पार्टी में नहीं रह सकता।”

“मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ बोल रहा था, यह देश के हित में था।” उनके तेवरों से साफ है कि वे कार्रवाई से नाराज़ हैं और भविष्य में किसी नई राजनीतिक दिशा के संकेत भी दे रहे हैं।

कौन हैं आरके सिंह?

  1. 1975 बैच के पूर्व IAS अधिकारी.
  2. भारत के गृह सचिव रहे.
  3. 2013 में BJP में शामिल हुए.
  4. 2014 और 2019 में आरा से सांसद चुने गए.
  5. मोदी सरकार में ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री रहे.
  6. 2024 लोकसभा चुनाव में आरा सीट हार गए.

आरके Singh को पार्टी के अनुभवी और कड़े प्रशासक नेताओं में गिना जाता था।

राजनीति में हलचल तेज, कई सवाल खड़े

बीजेपी के लिए यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब बिहार में पार्टी पहले से ही आंतरिक विवादों में घिरी है। आरके सिंह जैसे बड़े चेहरे को हटाने के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि:

  • कया बीजेपी में असंतोष बढ़ रहा है?
  • क्या पार्टी भविष्य में और कड़े अनुशासनात्मक कदम उठाने वाली है?
  • आरके सिंह किस राजनीतिक दिशा में जाएंगे?

आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में और हलचल देखने को मिल सकती है।

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जान लीजिए योजना की ये सच्चाई : PM Kisan Samman Nidhi -कहीं छूट ना जाए मौका…..

PM Kisan Samman Nidhi

PM Kisan Samman Nidhi योजना को छोटे और सीमांत किसानों की आमदनी स्थिर करने के लिए शुरू किया गया था—जहाँ हर साल ₹6,000 की राशि तीन किस्तों में सीधे DBT से किसानों के खाते में पहुंचती है। अगस्त 2025 में सरकार ने 20वीं किस्त जारी की, जिसमें 9.7 करोड़ किसानों को ₹20,500 करोड़ का भुगतान हुआ।अब नज़रें टिकी हैं 21वीं किस्त पर, जिसकी उम्मीद नवंबर के मध्य से दिसंबर–फरवरी के भुगतान चक्र में है। लेकिन ज़रूरी शर्तें—eKYC, आधार लिंकिंग, बैंक डिटेल अपडेट—पूरी नहीं होंगी, तो किस्त अटक सकती है।

कौन-से किसान होंगे लाभार्थी?

योजना का फायदा केवल उन्हीं किसानों को मिलता है जिनके पास खुद की दर्ज जमीन है और परिवार (पति-पत्नी, अविवाहित बच्चे) के नाम से कृषि रिकॉर्ड साफ अपडेट है। लेकिन—आयकर दाता, बड़े ज़मीनदार, सरकारी नौकरी/पेंशनधारी, विधायक-सांसद, और एनआरआई इस योजना के लिए पात्र ही नहीं हैं। योजना की एक खास बात यह भी है कि जिस किसान का डाटा सही है, उसकी किस्त बिना आवेदन के ही हर तिमाही खाते में आ जाती है।

PM Kisan Samman Nidhi

जमीनी हकीकत: राहत है… पर सवाल भी बहुत

PM-Kisan ने लाखों परिवारों को बीज, खाद, और बुवाई जैसे खर्चों में सीधा सहारा दिया है। कई रिपोर्टों में यह साफ है कि इससे छोटे किसानों की नकद ज़रूरतें काफी हद तक पूरी होती हैं और ग्रामीण बाज़ारों में भी आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ती हैं।

लेकिन दूसरी तरफ समस्याएँ भी हैं—

  • कई राज्यों में पात्रता-सत्यापन धीमा है।कुछ जगह गलत डाटा की वजह से अपात्र लोगों को किस्त,असली किसान को पैसा मिलने में देरी,और eKYC–आधार अपडेट न होने के कारण लाखों खाते “रोक” की स्थिति भी बन जाती है।

किसानों के लिए राहत… लेकिन सुधार की ज़रूरत

PM-KISAN छोटे किसानों के लिए एक स्थिर आर्थिक सहारा जरूर साबित हुई है, लेकिन अंतिम किसान तक पारदर्शी और तेज़ भुगतान पहुँचाना अभी भी चुनौती है।

सवाल वही है—

  • क्या 6,000 रुपये असली खेती की लागत का हल हैं, या सिर्फ शुरुआत?
  • क्या सरकार अगले फेज में राशि बढ़ाने या व्यवस्थाओं को और आसान बनाने पर काम करेगी?

किसानों की उम्मीदें ऊँची हैं—अब बारी सिस्टम की है कि वे इन उम्मीदों पर कितना खरा उतरता है।

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कितने मंत्री किसके? JDU-BJP जल्द तय करेंगे नई सरकार का फॉर्मूला |“जाने पूरी खबर”

सरकार

बिहार सरकार एनडीए की ऐतिहासिक जीत के बाद अब सरकार गठन की तैयारियाँ तेज़ हो गई हैं। नए मंत्रिमंडल के स्वरूप और नेतृत्व पर सहमति बनाने के लिए JDU और BJP के शीर्ष नेताओं के बीच दिल्ली और पटना में लगातार बैठकें हो रही हैं। सरकार दोनों दल चाहते हैं कि शपथ ग्रहण से पहले हर मुद्दे पर स्पष्ट और मजबूत फार्मूले पर मुहर लग जाए।

मंत्रिमंडल बंटवारे पर गहन चर्चा

चुनाव में 243 में से 202 सीटें जीतने के बाद एनडीए अब एक बड़े और संतुलित मंत्रिमंडल की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार 6 विधायक = 1 मंत्री का फॉर्मूला इस बार भी लागू हो सकता है। इसी आधार पर संभावित मंत्रियों का बंटवारा इस तरह दिख रहा है:

  • BJP – 16 मंत्री
  • JDU – 15 मंत्री
  • लोजपा (आर) – 3 मंत्री
  • HAM – 1 मंत्री
  • रालोमो (उपेंद्र कुशवाहा) – 1 मंत्री

पूर्व कैबिनेट में JDU के पास गृह, ग्रामीण विकास और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभाग थे। इस बार बदलाव की संभावना है। पार्टी के अंदर भी नए चेहरों को शामिल करने पर चर्चा चल रही है। उमेश कुशवाहा, श्याम रजक और कई नए विजयी विधायक मंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे हैं।

सरकार

नेतृत्व पर तस्वीर बिल्कुल साफ हालाँकि सीटों के हिसाब से BJP 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी है, जबकि JDU को 85 सीटें मिली हैं, लेकिन दोनों दलों ने एक सुर में यह साफ कर दिया है कि नीतीश कुमार ही बिहार के मुख्यमंत्री होंगे। JDU ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पर भी इसे दोहराया है, जबकि BJP की ओर से धर्मेंद्र प्रधान और प्रदेश नेतृत्व ने कहा कि— “एनडीए एकजुट है। नीतीश कुमार ही हमारे नेता और बिहार के सीएम होंगे।”

इस बयान ने उन सभी कयासों पर विराम लगा दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि बीजेपी बड़ी पार्टी होने के नाते नेतृत्व बदलना चाहेगी।

सरकार गठन की टाइमलाइन तय करने पर चर्चा

दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व के साथ हुई बैठक में शपथ ग्रहण समारोह की संभावित तारीख, मंत्रियों की सूची और विभागों के वितरण पर शुरुआती सुझाव साझा किए गए। पटना में बैठक में इन सुझावों को और परिष्कृत किया जा रहा है। माना जा रहा है कि अगले 2–3 दिनों में अंतिम सूची बनकर तैयार हो जाएगी। एनडीए नेतृत्व चाहता है कि इस बार सरकार गठन में जातीय संतुलन, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और युवा चेहरों को प्राथमिकता दी जाए।

पटना और दिल्ली में जश्न का माहौल

एनडीए की प्रचंड जीत के बाद दोनों दलों के दफ्तरों में जश्न जारी है। मिठाइयाँ बाँटी जा रही हैं, ढोल-नगाड़े बज रहे हैं और कार्यकर्ता “नीतीश कुमार जिंदाबाद” और “मोदी-नीतीश सरकार” के नारे लगा रहे हैं। दिल्ली में BJP कार्यालय पर मौजूद एक समर्थक का बयान काफी चर्चा में है:

“Nitish ji and Modi ji built Bihar over the last 20 years. जनता फिर से RJD को मौका देने के मूड में नहीं थी।”

सरकार

आगे क्या?

  • जल्द ही एनडीए विधायक दल की बैठक बुलाई जाएगी |
  • नीतीश कुमार को औपचारिक रूप से नेता चुना जाएगा |
  • उसके बाद राज्यपाल के सामने नई सरकार गठन का दावा पेश किया जाएगा |
  • मंत्रिमंडल की सूची अंतिम रूप से जारी कर दी जाएगी |

कुल मिलाकर, दिल्ली से पटना तक बैठकों का यह दौर एनडीए की मजबूती को दर्शाता है। दोनों दलों की कोशिश है कि 2025 की यह सरकार न सिर्फ राजनीतिक रूप से संतुलित बने, बल्कि बिहार के लिए स्थिर और सक्षम भी साबित हो।

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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों पर नेताओं की बयानबाज़ी तेज — कौन क्या बोला? पढ़िए पूरी रिपोर्ट

बिहार विधानसभा चुनाव 2025

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने पूरे राज्य की राजनीतिक हवा बदल दी है। एनडीए ने रिकॉर्ड बहुमत के साथ शानदार जीत दर्ज की है, वहीं महागठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा। नतीजों के बाद सत्ताधारी और विपक्षी दोनों खेमों के नेताओं ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। आइए जानते हैं किस नेता ने क्या कहा।

एनडीए नेताओं की बड़ी प्रतिक्रियाएं

नीतीश कुमार – “यह जनता का विश्वास और गठबंधन की एकजुटता की जीत” नतीजों के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार की जनता ने एनडीए के काम और विजन को भरपूर समर्थन दिया है। उन्होंने इस जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, एनडीए के सभी सहयोगियों और बिहार की जनता को दिया।

नीतीश कुमार ने कहा : ” हम सबकी एकजुट मेहनत और बिहार की जनता के विश्वास की जीत है। अब बिहार और तेज़ी से विकास करेगा।”

बिहार विधानसभा चुनाव 2025

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी – “यह सुशासन और विकास की जीत”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऐतिहासिक जीत को “विकास, सुशासन और सामाजिक न्याय” की जीत बताया।

उन्होंने ‘MY’ फॉर्मूले का जिक्र करते हुए कहा: “महिला (Women) और यूथ (Youth) — यही नया ‘MY’ समीकरण है जिसने बिहार में नई दिशा तय की है।” उन्होंने यह भी कहा कि बिहार की जनता ने जाति और भ्रम के नैरेटिव को खारिज करते हुए विकास की राजनीति को चुना।

चिराग पासवान – “विपक्ष का नैरेटिव पूरी तरह ध्वस्त”

लोजपा (रामविलास) अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा कि बिहार की जनता ने हर उस भ्रम को तोड़ दिया जिसे विपक्ष ने फैलाने की कोशिश की थी।

उन्होंने कहा: “बिहार के लोगों ने साबित कर दिया कि वे विकास और स्थिरता के साथ हैं।”

बिहार विधानसभा चुनाव 2025

रवि किशन – “जंगलराज को जनता ने फिर से खारिज किया”

भाजपा सांसद रवि किशन ने तीखा हमला करते हुए कहा कि जनता ने एक बार फिर “जंगलराज” को खारिज कर दिया है।

उनके अनुसार: “बिहार की जनता ने संस्कृति, सुरक्षा और विकास के लिए वोट किया है।”

देवेंद्र फडणवीस – “झूठे नैरेटिव से चुनाव नहीं जीते जाते”

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र में झूठ और अफवाहों पर टिकी राजनीति ज्‍यादा दिन नहीं चल सकती।

उन्होंने कहा : “इस चुनाव ने साबित किया कि जनता केवल काम और सच्चाई को देखती है।”

विपक्ष की प्रतिक्रियाएं

तेजस्वी यादव – “जनादेश का सम्मान करता हूं, लेकिन कई जगह गंभीर गड़बड़ियां हुईं” भारी हार के बावजूद राजद नेता तेजस्वी यादव ने अपनी राघोपुर सीट जीत ली।

नतीजों के बाद उन्होंने कहा : “मैं बिहार की जनता के फैसले का सम्मान करता हूं। लेकिन कई सीटों पर गिनती और बूथ प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। हमारी टीम इन मामलों की जांच करेगी।”

उन्होंने यह भी कहा : “महागठबंधन का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, लेकिन हम लड़ाई जारी रखेंगे। युवाओं और गरीबों की आवाज़ हम और मजबूती से उठाएँगे।” तेजस्वी ने एग्जिट पोल को “भ्रामक” बताया था, लेकिन नतीजों ने उनके दावों को झटका दिया।

वारिस पठान – “सेक्युलर वोटों के बंटवारे ने नुकसान किया”

AIMIM नेता वारिस पठान ने राजद पर हमला करते हुए कहा कि अगर महागठबंधन ने छोटे दलों से सहयोग किया होता तो कई सीटों का नतीजा अलग होता।

उन्होंने कहा : “सेक्युलर वोटों के बंटवारे से ही एनडीए को फायदा मिला।”

RJD नेता सुनील सिंह पर विवाद

आरजेडी नेता सुनील सिंह के द्वारा वोट गिनती में धांधली के आरोप लगाते हुए दिए बयान पर चुनाव आयोग ने कठोर रुख अपनाया है और उनके खिलाफ भड़काऊ बयान का मामला दर्ज किया गया है। यह विपक्ष पर बनी दबाव की स्थिति को और बढ़ाता है।

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Bihar Election Results 2025 LIVE : आज किसकी होगी ‘ताजपोशी’? – Final Verdict आने में कुछ ही पल

Bihar Election

Bihar Election 2025 का आज सबसे बड़ा दिन है—Result Day। पटना, गया, भागलपुर, पूर्णिया से लेकर सीमांचल तक सभी जिलों में मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम हैं। सुबह से ही राजनीतिक दलों के दफ्तरों में हलचल तेज हो गई है—कहीं जश्न की तैयारी, तो कहीं बेचैनी और अनुमानों की बारिश। टीवी स्टूडियोज, सोशल मीडिया और मोबाइल स्क्रीन पर हर सेकंड लोगों की नज़रें टिकी हुई हैं।

कौन बनाएगा सरकार?

243 सीटों के दो चरणों में हुए रिकॉर्ड मतदान के बाद अब असली परीक्षा आज है। NDA, महागठबंधन, जन स्वराज, और कई क्षेत्रीय दलों के बीच मुकाबला इस बार बेहद कड़ा रहा। बेरोज़गारी, शिक्षा, महिला सुरक्षा, किसान मुद्दे और जातीय समीकरण—इन सभी का जवाब आज जनता के फैसले में छिपा है। अब सवाल सिर्फ एक—क्या बिहार बदलाव की तरफ जाएगा या भरोसेमंद चेहरे को दोबारा मौका मिलेगा?

Bihar Election

Exit Poll बनाम Ground Reality — क्या उलटफेर तय है?

एक्ज़िट पोल ने कई संभावनाएँ जगाईं, लेकिन बिहार की राजनीति में उलटफेर आम बात है। राजनीतिक विशेषज्ञ भी मान रहे हैं कि इस बार मुकाबला किसी भी तरफ पलट सकता है। अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? क्या नई राजनीतिक ताकतें उभरेंगी? या फिर पारंपरिक समीकरण फिर से वापसी करेंगे?—यह सब कुछ आने वाले कुछ घंटों में साफ हो जाएगा।

लोकतंत्र का जश्न

आज का दिन सिर्फ नतीजों का नहीं, बल्कि लोकतंत्र के जश्न का है। बिहार के भविष्य की नई लकीर, नई नीतियाँ और नई दिशा—सब कुछ जनता की मुहर तय करेगी। अब बस काउंटिंग के हर राउंड का इंतज़ार है, क्योंकि The Final Verdict आने ही वाला है।

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बिहार एग्जिट पोल 2025 का रिजल्ट आया सामने : बन गई इस पार्टी की सरकार, जानिए पूरी खबर

एग्जिट पोल

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे और आखिरी चरण का मतदान 11 नवंबर को पूरा होने के बाद अब सबकी नज़र एग्जिट पोल के नतीजों पर है। चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, सभी एजेंसियां अपने एग्जिट पोल के आंकड़े 11 नवंबर की शाम 6:30 बजे के बाद ही जारी कर सकती थीं। इसके बाद सोमवार रात से लेकर 12 नवंबर की सुबह तक कई प्रमुख सर्वे एजेंसियों ने अपने अनुमान जारी किए हैं।

इस बार एग्जिट पोल्स में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को स्पष्ट बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करते हुए दिखाया गया है। वहीं, महागठबंधन (RJD, कांग्रेस आदि) पिछड़ता हुआ नजर आ रहा है। बिहार की कुल 243 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 122 है, और ज्यादातर सर्वेक्षणों में NDA को 130 से 209 सीटों तक मिलने का अनुमान लगाया गया है।

कौन-कौन सी एजेंसियां जारी कर रही हैं एग्जिट पोल?

बिहार चुनाव 2025 के एग्जिट पोल्स जारी करने वाली प्रमुख एजेंसियों में शामिल हैं:

  • Axis My India
  • Today’s Chanakya
  • CVoter
  • Jan Ki Baat
  • P-Marq
  • IPSOS
  • Matrize
  • People’s Pulse

इनमें से Axis My India और Today’s Chanakya जैसी प्रतिष्ठित एजेंसियों ने अपने विस्तृत विश्लेषण 12 नवंबर को सुबह जारी करने का ऐलान किया था। जबकि बाकी एजेंसियों ने 11 नवंबर की रात से ही अपने अनुमान पेश कर दिए थे।

एग्जिट पोल

अब तक क्या कहते हैं आंकड़े

अधिकांश एग्जिट पोल्स में NDA को भारी बढ़त दिखाई जा रही है:

  1. Matrize: NDA को 130–209 सीटें
  2. P-Marq: NDA को 167 सीटें, महागठबंधन को 70–102 सीटें
  3. DV Research: NDA को 137–152 सीटें
  4. Jan Ki Baat: NDA को 160 से अधिक सीटों की संभावना

वहीं, महागठबंधन को ज्यादातर सर्वेक्षणों में 70 से 100 सीटों के बीच दिखाया गया है। प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज का प्रदर्शन बेहद कमजोर बताया गया है।

मतदान और मतगणना की तारीखें

बिहार में दो चरणों में मतदान हुआ —

  • पहला चरण: 6 नवंबर 2025
  • दूसरा चरण: 11 नवंबर 2025

दूसरे चरण में लगभग 67% मतदान दर्ज किया गया, जो पिछले चुनावों की तुलना में थोड़ा अधिक है। वोटों की गिनती 14 नवंबर को होगी, और उसी दिन अंतिम नतीजे घोषित किए जाएंगे।

एग्जिट पोल हैं अनुमान, नतीजे नहीं

विशेषज्ञों के अनुसार, एग्जिट पोल केवल मतदान के बाद मतदाताओं के रुझान पर आधारित अनुमान होते हैं। ये नतीजों की गारंटी नहीं देते। बिहार जैसे राज्यों में कई बार एग्जिट पोल गलत साबित हुए हैं, इसलिए अंतिम फैसला 14 नवंबर को मतगणना के बाद ही तय होगा।

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Bihar Election 2025 : Phase 2 Voting खत्म, कौन बनेगा अगला Game-Changer?

Bihar Election 2025

Bihar Election 2025 के दूसरे और अंतिम चरण में 11 नवंबर 2025 को कुल 20 जिलों में 122 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ। इस चरण में लगभग 1,302 उम्मीदवार मैदान में थे और पूरे राज्य भर में सुरक्षा-साहायता के बीच मतदान सम्पन्न कराए गए।

कहां हुआ मतदान और क्या रहा माहौल?

इस चरण में सीमांचल, मिथिलांचल, मगध और अंग क्षेत्रों के जिलों—जैसे Seemanchal, गया, भागलपुर, कटिहार, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज—आदि पर केंद्रित मतदान हुआ। सुरक्षा-उपायों के तहत पोलिंग बूथों पर पैरामिलिट्री फोर्स, सीसीटीवी कैमरे और बम निरोधक दस्ते मौजूद रहे। मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ और शाम 5 बजे तक चलता रहा।

परिणाम की तारीख और आगे क्या?

मतगणना का दिन तय हो चुका है—14 नवंबर 2025 को मतों की गिनती और ऐलान होगा। अब पूरे बिहार की निगाहें इस फैसले पर टिकी हैं—क्या सत्ताधारी गठबंधन आगे बढ़ेगा या विपक्ष में बदलाव दिखेगा?

Bihar Election 2025

अगले 24-48 घंटों में राजनीतिक भविष्य तय हो सकता है—क्या आपने अपनी पसंद की रणनीति तैयार कर ली है?

चर्चा के केंद्र में सवाल

मतदान ने एक बार फिर उन सवालों को हवा दी हैं जो बिहार के चुनाव-चक्र पर लंबे समय से चल रहे हैं: क्या विकास और रोजगार जैसे मुद्दे जाति-सिमित राजनीति से ऊपर उठेंगे?क्या युवा, महिला और किसान-वर्ग की आवाज़ अब निर्णायक बनेगी?क्या शांतिपूर्ण लोकतंत्र और पारदर्शिता के लिए सिर्फ मतदान करना काफी होगा या उसके बाद ज़िम्मेदारी बनती है?

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RJD की रैली में उतरने लगा Deputy CM Samrat Chaudhary का हेलीकॉप्टर, मचा हड़कंप! जानिए फिर क्या हुआ

हेलीकॉप्टर

बिहार विधानसभा चुनाव के बीच एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का हेलीकॉप्टर सोमवार को भागलपुर के कहलगांव में गलती से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की चुनावी रैली में उतरने लगा। जैसे ही लोगों ने हेलीकॉप्टर को रैली स्थल के ऊपर मंडराते देखा, वहां अफरातफरी और जश्न दोनों का माहौल बन गया।

दरअसल, सम्राट चौधरी एनडीए प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार के लिए कहलगांव पहुंचे थे। लेकिन उनके पायलट ने गलती से RJD उम्मीदवार रजनीश यादव की रैली को ही एनडीए की सभा समझ लिया। उसी समय मंच पर भोजपुरी स्टार और राजद उम्मीदवार खेसारी लाल यादव भाषण देने की तैयारी में थे।

रैली में गूंजे RJD के नारे, फिर पलटा हेलीकॉप्टर

हेलीकॉप्टर

जैसे ही हेलीकॉप्टर नीचे उतरने लगा, राजद समर्थक खुशी से झूम उठे। कई लोग पार्टी के झंडे लहराने लगे और “लालू यादव ज़िंदाबाद” और “खेसारी लाल यादव जिंदाबाद” के नारे लगाने लगे। लेकिन तभी पायलट को अपनी गलती का एहसास हुआ। उसने तुरंत हेलीकॉप्टर को वापस हवा में उठा लिया और सही स्थान की ओर बढ़ गया। रैली स्थल पर मौजूद भीड़ हैरान रह गई — कुछ लोगों ने इसे “फिल्मी सीन” जैसा बताया।

वीडियो हुआ वायरल, सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि हेलीकॉप्टर मंच के पास उतरने ही वाला था, तभी अचानक वापस ऊपर चला जाता है। लोगों ने इस पर मज़ेदार कमेंट्स किए — किसी ने लिखा “RJD में भी BJP की एंट्री हो गई!”, तो किसी ने कहा “ऑपरेशन लोटस की शुरुआत हवाई रास्ते से”।

RJD ने लगाया आरोप, BJP ने बताया तकनीकी गलती

राजद नेताओं ने इसे “राजनीतिक साजिश” बताते हुए कहा कि यह उनके स्टार प्रचारक खेसारी लाल यादव की रैली को बाधित करने का प्रयास था। वहीं भाजपा की ओर से सफाई आई कि यह सिर्फ तकनीकी भूल थी — पायलट को रैली स्थल की सही पहचान नहीं हो पाई।

खेसारी लाल यादव की रैली में थोड़ी देर

हेलीकॉप्टर

इस घटना के कारण खेसारी लाल यादव के हेलीकॉप्टर को उतरने में थोड़ी देर हुई। हालांकि, कुछ मिनट बाद उनका हेलीकॉप्टर सुरक्षित उतरा और उन्होंने मंच से कहा — “सम्राट जी हमारे मंच पर नहीं आए, वरना स्वागत हम खुले दिल से करते!”

कहलगांव में गरम हुआ चुनावी माहौल

इस अजीबोगरीब वाकये ने कहलगांव के चुनावी माहौल में नई गर्मी भर दी है। दोनों दलों के समर्थकों के बीच सोशल मीडिया पर खूब मीम्स, ट्वीट और बहसें चल रही हैं।

घटना की मुख्य बातें

  • घटना स्थान: कहलगांव, भागलपुर (बिहार)
  • समय: सोमवार, 11 नवंबर 2025
  • हेलीकॉप्टर में थे: बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (भाजपा)
  • जहां उतरने लगे: RJD उम्मीदवार रजनीश यादव की रैली (खेसारी लाल यादव मौजूद)
  • वजह: पायलट की लोकेशन पहचान में गलती
  • नतीजा: अफरातफरी, हंसी-मज़ाक और वायरल वीडियो

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सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता, कहा – संसद में महिलाओं की मौजूदगी लगातार घट रही है

सुप्रीम कोर्ट

देश की सर्वोच्च अदालत ने संसद में महिलाओं की घटती भागीदारी पर गंभीर चिंता जताई है। सुप्रीम कोर्ट की दो-न्यायाधीशों वाली बेंच, जिसकी अध्यक्षता न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना कर रही थीं, ने सुनवाई के दौरान कहा कि महिलाओं को भारत का “सबसे बड़ा अल्पसंख्यक” कहा जा सकता है, क्योंकि उनकी उपस्थिति संसद में लगातार घट रही है।

जस्टिस नागरत्ना, जो वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट की एकमात्र महिला न्यायाधीश हैं, ने सख्त शब्दों में कहा, “जब महिलाएं देश की आधी आबादी हैं, तो उन्हें संसद में प्रतिनिधित्व देने के लिए सिर्फ आरक्षण का इंतज़ार क्यों किया जाए? बिना आरक्षण के भी राजनीतिक दल महिलाओं को टिकट क्यों नहीं देते?”

सुप्रीम कोर्ट

उन्होंने यह भी कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी केवल “संख्यात्मक प्रतिनिधित्व” का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह भारत के लोकतंत्र की गुणवत्ता और संतुलन से जुड़ा हुआ प्रश्न है।

सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी उस समय आई है जब देश में महिला आरक्षण विधेयक (जिसे नारी शक्ति वंदन अधिनियम कहा जाता है) के लागू होने की प्रक्रिया अभी प्रारंभिक चरण में है। संसद में महिलाओं की हिस्सेदारी फिलहाल 15% से भी कम है, जबकि स्थानीय निकायों में यह संख्या कहीं अधिक है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी राजनीतिक दलों पर दबाव बनाएगी कि वे स्वेच्छा से महिला उम्मीदवारों की संख्या बढ़ाएं, ताकि संसद में महिलाओं की आवाज़ और मज़बूत हो सके। यह टिप्पणी न केवल न्यायिक चेतावनी है, बल्कि भारतीय राजनीति में लैंगिक समानता की दिशा में एक अहम संदेश भी मानी जा रही है।

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राजस्थान सरकार के फैसले का मुसलमानों ने किया विरोध, वजह जान आप भी चौक जाएंगे

राजस्थान सरकार

राजस्थान सरकार ने राज्य के सभी सरकारी स्कूलों, कॉलेजों और मदरसों में ‘वंदे मातरम’ का रोजाना गायन अनिवार्य कर दिया है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि यह कदम छात्रों में देशभक्ति, अनुशासन और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करेगा।

देशभक्ति वर्ष की घोषणा

सरकार ने बताया कि ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ को खास बनाने के लिए पूरे साल को “देशभक्ति वर्ष” के रूप में मनाया जाएगा। इस दौरान सभी सरकारी संस्थानों में विशेष देशभक्ति कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

आदेश न मानने पर होगी कार्रवाई

शिक्षा मंत्री का स्पष्ट कहना है कि जो भी संस्थान इसे लागू नहीं करेगा, उसके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। सरकार का दावा है कि यह निर्णय किसी धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि राष्ट्र के सम्मान से जुड़ा है।

मुस्लिम संगठनों का कड़ा विरोध

इस फैसले पर कई मुस्लिम संगठनों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि राष्ट्रगीत के कुछ हिस्से उनके धार्मिक सिद्धांतों के खिलाफ हैं और इसे अनिवार्य बनाना धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला है। वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन खानू खान बुधवाली ने कहा कि सरकार असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।

राजनीतिक विवाद भी बढ़ा

विपक्षी दल कांग्रेस ने इस फैसले को भाजपा की “राजनीतिक चाल” बताया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि ‘वंदे मातरम’ हमेशा से राष्ट्र के गौरव का प्रतीक रहा है, लेकिन इसे जबरन लागू करना सही नहीं है।

सरकार का बचाव: फैसला राष्ट्रहित में राजस्थान सरकार का कहना है कि यह कदम पूरी तरह राष्ट्रहित में है। सरकार के अनुसार, यह आदेश न किसी धर्म के खिलाफ है, न किसी समुदाय को निशाना बनाता है—बल्कि देशभक्ति को मजबूत करने का प्रयास है।

सोशल मीडिया पर गर्म हुई बहस

सरकारी फैसले के बाद सोशल मीडिया पर तेज़ बहस छिड़ गई है। एक पक्ष इसे देशभक्ति की पहल बता रहा है, जबकि दूसरे पक्ष ने इसे धार्मिक दखलअंदाजी कहा है।

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