बिहार में नई सरकार का बड़ा फैसला जानिए किसे मिला कौन-सा विभाग

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बिहार में नई एनडीए सरकार के शपथ ग्रहण के बाद मंत्रालयों का बँटवारा आधिकारिक रूप से जारी कर दिया गया है। इस बार सबसे बड़ा और चौंकाने वाला फैसला रहा—उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को गृह मंत्रालय (Home Department) की कमान देना। लगभग 20 साल में यह पहली बार है जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गृह विभाग अपने पास नहीं रखा। गृह मंत्रालय राज्य की कानून-व्यवस्था, पुलिस प्रशासन, खुफिया विभाग और आंतरिक सुरक्षा का सबसे महत्वपूर्ण और प्रभावशाली विभाग माना जाता है, जिसे अब सम्राट चौधरी संभालेंगे। राजनीतिक तौर पर इसे भाजपा के लिए भी बड़ी जीत समझा जा रहा है।

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कैबिनेट में किसे मिला कौन-सा विभाग — पूरी सूची-

उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी

गृह मंत्रालय (Home Department)

(कानून-व्यवस्था, पुलिस, सुरक्षा और आंतरिक प्रशासन की जिम्मेदारी)

1. विजय कुमार सिन्हा (उपमुख्यमंत्री)

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भूमि एवं राजस्व विभाग

खान एवं भू-तत्त्व विभाग

2. मंगल पांडे

स्वास्थ्य विभाग

विधि विभाग

3. दिलीप जयसवाल

उद्योग विभाग

4. नितिन नवीन

पथ निर्माण विभाग

नगर विकास एवं आवास विभाग

5. रामकूपाल यादव

कृषि विभाग

6. संजय टाइगर

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श्रम संसाधन विभाग

7. अरुण शंकर प्रसाद

पर्यटन विभाग

कला, संस्कृति एवं युवा विभाग

8. सुरेन्द्र मेहता

पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग

9. नारायण प्रसाद

आपदा प्रबंधन विभाग

10. रमा निषाद

पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग

11. लखेन्द्र पासवान

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग

12. श्रेयसी सिंह

सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (आईटी विभाग)

खेल विभाग

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13. प्रमोद चंद्रवंशी

सहकारिता विभाग

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग

सरकार के फैसले का संकेत: सुरक्षा और विकास पर बड़ा फोकस-

राज्य सरकार ने जिन विभागों का बँटवारा किया है, उससे ये साफ दिखाई देता है कि आने वाले समय में कानून-व्यवस्था, बुनियादी ढाँचा, स्वास्थ्य सेवाएँ, पर्यटन, आईटी और कृषि सुधार सरकार की प्राथमिकता में रहेंगे।गृह मंत्रालय उपमुख्यमंत्री को सौंपे जाने से यह भी संकेत मिलता है कि सरकार अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाने के मूड में है।

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नीतीश कुमार का इस्तीफा😱—लेकिन 20 नवंबर को सीएम……:-Bihar Political Earthquake:

नीतीश कुमार

बिहार की राजनीति एक बार फिर बड़े भूचाल का सामना कर रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को अपने पूरे मंत्रिपरिषद के साथ राज्यपाल को अचानक इस्तीफा सौंप दिया, साथ ही विधानसभा भंग करने की भी सिफारिश कर दी। इस कदम ने न सिर्फ राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी, बल्कि यह सवाल भी खड़ा कर दिया—आखिर इस “पॉलिटिकल रीसेट” की जरूरत क्यों पड़ी?

नया पावर इक्वेशन:

NDA के साथ वापसी, साझा सत्ता का फॉर्मूला तैयार सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार एक बार फिर NDA के सपोर्ट से मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। BJP–JDU के बीच 50-50 सत्ता साझेदारी पर सहमति बन चुकी है और लोजपा, HAM समेत अन्य घटक दलों को भी नई सरकार में जगह मिलने की संभावना है।
20 नवंबर को पटना के गांधी मैदान में होने वाला भव्य शपथ ग्रहण समारोह राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियाँ बनाएगा—जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई बड़े नेता शामिल होंगे।

नीतीश कुमार

10वीं बार CM—नीतीश का नया रिकॉर्ड और सत्ता का संकेत

नीतीश कुमार अपने राजनीतिक करियर में 10वीं बार मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने जा रहे हैं—जो उन्हें बिहार की राजनीति का सबसे स्थिर और प्रभावशाली चेहरा साबित करता है। नई कैबिनेट में इस बार युवा चेहरों और अनुभवी नेताओं का मिश्रण देखने को मिल सकता है, ताकि प्रशासनिक गति और विकास एजेंडा दोनों मजबूत किया जा सके।

विपक्ष का वार बनाम NDA का जवाब

जहाँ विपक्ष इसे “कुर्सी बचाने की राजनीति” बता रहा है, वहीं समर्थकों का दावा है—
“स्थिरता, सुशासन और गठबंधन धर्म के लिए यह रीसेट जरूरी था।”
बिहार के लोग अब यह देखना चाहते हैं कि नई सरकार अगले पाँच साल का रोडमैप कितनी मजबूती से तय करती है।

जनता की नज़रें विकास पर

नई सरकार की चुनौती साफ है—
रोजगार, शिक्षा, अपराध नियंत्रण, बाढ़ प्रबंधन और बुनियादी ढांचे जैसे बड़े मुद्दों पर ठोस काम।
20 नवंबर के बाद बिहार की दबंग राजनीति में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है—क्या यह अध्याय उम्मीदों को सच करेगा, या फिर सिर्फ समीकरणों का खेल बनेगा?

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बिहार में RJD की नवनिर्वाचित विधायक-बैठक: तेजस्वी यादव को विधायक दल का नेता चुना गया

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17 नवंबर 2025 — बिहार की सियासत में आज RJD (राष्ट्रीय जनता दल) ने एक अहम मोड़ लिया है। सोमवार को पटना स्थित तेजस्वी यादव के सरकारी आवास (पोलो रोड) पर हुई सांसदों और नवनिर्वाचित विधायकों की समीक्षा बैठक में, तेजस्वी यादव को सर्वसम्मति से RJD विधायक दल का नेता चुना गया। इस फैसले के साथ ही वह बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाने की दिशा में अग्रसर हो गए हैं।

बैठक का माहौल और उपस्थित लोग

बैठक में RJD के शीर्ष नेता मौजूद थे — जिनमें पार्टी के संरक्षक लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, सांसद मीसा भारती, जगदानंद सिंह और मंगनीराम मंडल जैसे वरिष्ठ नेता शामिल थे। इस प्रकार की व्यापक भागीदारी इस बात का संकेत देती है कि RJD अपने भविष्य की रणनीति को बेहद गंभीरता से ले रही है और तेजस्वी यादव पर भरोसा बरकरार रखना चाहती है।

चुनावी हार की समीक्षा

बैठक में RJD ने हाल ही में संपन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव में अपने निराशाजनक प्रदर्शन का गहराई से मंथन किया। पार्टी ने 143 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन सिर्फ 25 सीटें ही जीतीं। इस हार के कारणों पर चर्चा करते हुए, नेताओं ने यह माना कि RJD चुनावी संदेश को लोगों तक ठीक तरह से नहीं पहुंचा पाई।

विशेष रूप से, पार्टी के अंदर मतदान रणनीति, प्रचार की गहराई और मिशन-मैसेजिंग पर सवाल उठे। कुछ स्रोतों के मुताबिक, EVM की गड़बड़ी, चुनाव आयोग की भूमिका और सीमांचल क्षेत्र में अन्य पार्टियों की बढ़ती ताकत को भी जिम्मेदार माना गया है।

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नेता प्रतिपक्ष की स्थिति पुख्ता

तेजस्वी यादव के विधायक दल के नेता चुने जाने के साथ ही, वह बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह योग्य बन गए हैं। चूंकि बिहार विधानसभा में कुल 243 सीटें हैं, और किसी दल को नेता प्रतिपक्ष का दर्जा पाने के लिए कम-से-कम 10% यानी लगभग 25 सीटें चाहिए होती हैं, तो RJD का 25 विधायकों के बतौर पहुंच बनाना खास महत्व रखता है। नेता प्रतिपक्ष बनने पर तेजस्वी को विधान सभा में अहम भूमिका मिलेगी — वह सरकार को घेरने, उसकी नीतियों पर आपत्तियाँ उठाने और जनता-विरोधी कदमों की आलोचना करने का संवैधानिक दायित्व निभाएंगे।

आगे की राह और रणनीति

बैठक में सिर्फ हार का आकलन ही नहीं किया गया, बल्कि आगामी राजनीतिक रणनीति को भी आकार देने की पहल की गई है। Outlook की रिपोर्ट के अनुसार, तेजस्वी यादव ने MLAs (जीते हुए विधायकों) से एकजुटता बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को यह संदेश दिया है कि अब RJD को एक जिम्मेदार, रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाने की आवश्यकता है — न कि सिर्फ हार का रोना रोने की।साथ ही, कुछ रिपोर्ट्स यह भी कह रही हैं कि RJD चुनावी नतीजों पर अदालत में चुनौती देने की तैयारी कर रही है, खासकर उन आरोपों के संबंध में कि चुनाव में अनियमितताएँ हुई थीं।

इस कदम का मतलब साफ है: RJD सिर्फ भीतर-मंथन में ही नहीं फँसी है, बल्कि अगली लड़ाई की तैयारी भी शुरू कर चुकी है।

राजनीतिक मायने और असर

तेजस्वी यादव को फिर से विधायक दल का नेता बनाने का निर्णय यह दर्शाता है कि RJD ने उनपर अपना पुल-फिर से लगाया है, भले ही चुनाव में बड़ी निराशा रही हो।लालू प्रसाद यादव और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी इस बात की पुष्टि करती है कि परिवार और शीर्ष नेतृत्व ने तेजस्वी की पकड़ को मजबूत किया है।

इसका अर्थ यह भी है कि RJD भविष्य में कांग्रेस और अन्य गठबंधन सहयोगियों के साथ अपनी भूमिका को फिर से खड़ा करने की योजना बना रही है।विपक्ष में मजबूत उपस्थिति के साथ, RJD अब सरकार की नीतियों को चुनौती देने, जनहित के मुद्दों को उठाने और संभावित अगली चुनावी रणनीति बनाने में मध्यवर्ती भूमिका निभा सकती है।

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बिहार बोर्ड 2026 डेटशीट जल्द जारी होगी: कक्षा 10वीं–12वीं के छात्र रहें तैयार, जानें क्या है पूरी अपडेट

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बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) जल्द ही कक्षा 10वीं (मैट्रिक) और 12वीं (इंटरमीडिएट) की 2026 बोर्ड परीक्षा डेटशीट जारी करने वाला है। लाखों छात्र इस घोषणा का इंतज़ार कर रहे हैं, और बोर्ड ने संकेत दिया है कि समय सारणी जल्द ही ऑनलाइन उपलब्ध होगी।

कब जारी होगी डेटशीट?

पिछले कई सालों के ट्रेंड को देखते हुए, उम्मीद है कि BSEB दिसंबर 2025 की शुरुआत में ही 2026 की परीक्षा डेटशीट जारी कर देगा। पिछले साल (2025 परीक्षा के लिए) डेटशीट 7 दिसंबर 2024 को जारी हुई थी। इस बार भी लगभग इसी समय डेटशीट आने की संभावना है।

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परीक्षाएं कब होंगी?

रिपोर्ट्स और पिछले पैटर्न के अनुसार: कक्षा 12 की परीक्षाएं: फरवरी 2026 की शुरुआत में. कक्षा 10 की परीक्षाएं: फरवरी 2026 के मध्य में कुछ शैक्षणिक पोर्टलों का अनुमान है कि 10वीं की परीक्षा 17 फरवरी 2026 से 25 फरवरी 2026 के बीच हो सकती है।

परीक्षा का समय क्या रहेगा?

बीएसईबी हर साल की तरह इस बार भी परीक्षाएं दो शिफ्टों में कर सकता है:

  • पहली पाली: सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक.
  • दूसरी पाली: दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक.

थ्योरी परीक्षाओं के साथ बोर्ड जल्द ही प्रैक्टिकल परीक्षा की तारीखें भी जारी करेगा। प्रैक्टिकल परीक्षा स्कूलों में ही आयोजित की जाएंगी।

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डेटशीट कहां से डाउनलोड करें?

जैसे ही डेटशीट जारी होगी, छात्र इसे यहां से PDF फॉर्म में डाउनलोड कर सकेंगे:

biharboardonline.com

biharboardonline.bihar.gov.in

छात्रों को सलाह है कि वे नियमित रूप से वेबसाइट चेक करते रहें और पढ़ाई का टाइमटेबल पहले से तैयार कर लें।

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