Nitish Kumar Launch Bihar Diary & Calendar 2026: ‘सात निश्चय-3’ के साथ विकसित बिहार का नया रोडमैप जारी!

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Patna, 2 January 2026: नए साल के अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने Bihar के विकास को एक नई ऊंचाई देने के लिए ‘Bihar Diary 2026’ और ‘राजकीय कैलेंडर 2026’ का विमोचन किया है। पटना स्थित ‘संकल्प’ कक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य की जनता को नए साल की शुभकामनाएं देते हुए बिहार की नई विकास नीति ‘सात निश्चय-3.0’ की झलक पेश की।

यह कैलेंडर सिर्फ तारीखें बताने वाला पन्ना नहीं है, बल्कि यह 2025 से 2030 तक के ‘विकसित बिहार’ के संकल्प का एक विजुअल दस्तावेज है।

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क्या है इस साल के कैलेंडर में खास?

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (IPRD) द्वारा प्रकाशित इस कैलेंडर के हर पन्ने पर बिहार की बदलती तस्वीर और भविष्य के लक्ष्यों को दर्शाया गया है।

थीम: इस बार के कैलेंडर की मुख्य थीम ‘सात निश्चय-3’ है।

विजुअल्स: कैलेंडर के 12 पन्नों पर राज्य की प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की शानदार तस्वीरें लगाई गई हैं।

अंतिम पृष्ठ: कैलेंडर के आखिरी पन्ने पर बिहार के ‘सुपर फूड मखाना’ को जगह दी गई है, जो अब बिहार की वैश्विक पहचान बन चुका है।

सात निश्चय-3.0: विकसित बिहार के 7 स्तंभ

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सात निश्चय-1 और 2 की सफलता के बाद अब ‘सात निश्चय-3’ के जरिए बिहार को देश के सबसे विकसित राज्यों की श्रेणी में लाया जाएगा। इसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

दोगुना रोजगार – दोगुनी आय: युवाओं के लिए 1 करोड़ नौकरियों और स्वरोजगार के अवसरों का लक्ष्य।

समृद्ध उद्योग – सशक्त बिहार: MSME और निजी निवेश को बढ़ावा देना।

खेती से खुशहाली: चौथे कृषि रोडमैप के जरिए किसानों की आय बढ़ाना।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा: युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना।

सुलभ स्वास्थ्य सेवा: गांवों तक बेहतर मेडिकल सुविधाएं और ‘नो प्राइवेट प्रैक्टिस’ नीति का कड़ाई से पालन।

आधुनिक बुनियादी ढांचा: नए एक्सप्रेस-वे, मेट्रो विस्तार और स्मार्ट शहरों का निर्माण।

सबका सम्मान – आसान जीवन: तकनीक और नवाचार के जरिए सुशासन (Good Governance)।

युवाओं और महिलाओं के लिए खास क्या है?

इस नए रोडमैप में जाति आधारित गणना 2023 में पहचाने गए 94 लाख गरीब परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। महिलाओं के लिए ‘मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना’ के तहत आर्थिक मदद को और सरल बनाया गया है। साथ ही, फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए बिहार में नए फिल्म सिटी के निर्माण का विज़न भी इस डायरी में साझा किया गया है।

नीतीश सरकार का यह कैलेंडर 2026 यह संदेश देता है कि सरकार अब ‘सर्वांगीण विकास’ (All-round Development) की ओर कदम बढ़ा चुकी है। चाहे वो मखाना का निर्यात हो या आईटी पॉलिसी 2024, बिहार अब रुकने वाला नहीं है।

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FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न):

• बिहार डायरी 2026 कहाँ से मिलेगी? यह सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के काउंटरों और प्रमुख सरकारी कार्यालयों में वितरण के लिए उपलब्ध होगी।

• सात निश्चय-3 कब तक चलेगा? यह योजना 2025 से 2030 तक के लिए तैयार की गई है।

क्या आप सात निश्चय-3 के तहत आने वाली नई नौकरियों की लिस्ट देखना चाहते हैं? मुझे बताएं, मैं पूरी जानकारी दे दूँगा।

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Bihar PACS Membership Campaign 2026: अब पंचायत स्तर पर मिलेंगी 25+ सरकारी सेवाएं, जानें कैसे बनें सदस्य!

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बिहार के ग्रामीण विकास और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में नीतीश सरकार ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। 2 जनवरी 2026 से राज्य के हर पंचायत में पैक्स (PACS) सदस्यता सह जागरूकता अभियान की शुरुआत होने जा रही है। अब पैक्स केवल खाद और बीज तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि ये गांव के “मिनी सचिवालय” और “सर्विस सेंटर” के रूप में काम करेंगे।

पैक्स अब सिर्फ एक समिति नहीं, बल्कि ‘मल्टी-सर्विस सेंटर’ है

सहकारिता मंत्री प्रमोद कुमार के अनुसार, बिहार में पैक्स को कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के रूप में विकसित किया गया है। अब राज्य के किसान और ग्रामीण निवासी एक ही छत के नीचे 25 से अधिक डिजिटल और बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।

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पैक्स में मिलने वाली प्रमुख 25 सेवाएं:

पैक्स अब हाई-टेक हो चुके हैं। यहाँ मिलने वाली प्रमुख सेवाओं की सूची इस प्रकार है:

• बैंकिंग सेवाएं: आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AePS) के जरिए पैसे निकालना और जमा करना।

• डिजिटल इंडिया सेवाएं: पैन कार्ड, आधार अपडेट, और बिजली बिल का भुगतान।

• कृषि इनपुट: खाद, उन्नत बीज और कीटनाशकों की उपलब्धता।

• जन औषधि केंद्र: सस्ती और जेनेरिक दवाओं की बिक्री (302 पैक्स को मंजूरी)।

• अन्न भंडारण: ‘विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना’ के तहत गोदाम की सुविधा।

• प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र: मिट्टी जांच और आधुनिक खेती का प्रशिक्षण।

• पेट्रोल और डीजल डीलरशिप: चुनिंदा पैक्स पर अब पेट्रोल पंप भी खुल रहे हैं।

• एलपीजी वितरण: ग्रामीण इलाकों में गैस सिलेंडर की आसान पहुंच।

• सब्जी आउटलेट: ‘तरकारी’ ब्रांड के तहत ताजी सब्जियों का विपणन।

• बीमा और पेंशन: फसल बीमा (PMFBY) और ई-श्रम पंजीकरण जैसी सुविधाएं।

2 जनवरी से सदस्यता अभियान: आप कैसे जुड़ सकते हैं?

बिहार में वर्तमान में लगभग 1.38 करोड़ पैक्स सदस्य हैं। सरकार का लक्ष्य इस संख्या को और बढ़ाना है ताकि सहकारी लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

• योग्यता: आवेदन करने वाला व्यक्ति उसी पंचायत का स्थाई निवासी होना चाहिए।

• आयु सीमा: आवेदक की उम्र 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।

• प्रक्रिया: आप ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से सदस्य बन सकते हैं। 2 जनवरी से आपके पंचायत मुख्यालय पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे।

किसानों को क्या होगा सीधा फायदा?

• MSP पर धान खरीद: इस सीजन में अब तक 9.53 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है, जिसका भुगतान सीधे किसानों के बैंक खाते में 48 घंटे के भीतर किया जा रहा है।

• गोल्ड लोन की सुविधा: बिहार स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक के माध्यम से अब पैक्स के जरिए गोल्ड लोन भी दिया जा रहा है।

• बिचौलियों से मुक्ति: डिजिटल होने के कारण अब खाद-बीज की कालाबाजारी पर रोक लगेगी।

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बदल रहा है ग्रामीण बिहार

पैक्स का डिजिटलीकरण और 25 सेवाओं का एकीकरण बिहार के गांवों के लिए गेम-चेंजर साबित होने वाला है। यदि आप भी एक किसान हैं या ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं, तो 2 जनवरी के अभियान का हिस्सा जरूर बनें और पैक्स के सदस्य बनकर इन सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं।

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सावधान! पटना-आरा रोड आज से 7 महीने के लिए बंद: शिवाला से कन्हौली तक ‘नो एंट्री’, जानें अब किस रास्ते से जाना होगा?

पटना

अगर आप आज पटना से आरा, बिहटा या कोइलवर जाने का प्लान बना रहे हैं, या फिर उधर से पटना आ रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। घर से निकलने से पहले यह खबर नहीं पढ़ी, तो आप घंटों जाम में फंस सकते हैं या आपको आधे रास्ते से लौटना पड़ सकता है।

बिहार की राजधानी पटना में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए चल रहे निर्माण कार्यों के चलते पटना-आरा मुख्य मार्ग पर आज से बड़ा बदलाव किया गया है।

पटना

क्या है पूरा मामला?

आज यानी 18 दिसंबर 2025 से पटना जिला प्रशासन ने शिवाला चौक से कन्हौली तक के रास्ते को पूरी तरह से बंद कर दिया है। यह कोई एक-दो दिन की बात नहीं है, बल्कि यह रूट अगले 7 महीनों तक बंद रहेगा।

प्रशासन द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, इस रूट पर सभी प्रकार के वाहनों (दोपहिया, चार पहिया और भारी वाहन) का परिचालन पूरी तरह से रोक दिया गया है।

रास्ता क्यों बंद किया गया है?

शायद आप सोच रहे होंगे कि इतना व्यस्त रास्ता इतने लंबे समय के लिए क्यों बंद किया गया? दरअसल, यह परेशानी आपके भविष्य के सफर को आसान बनाने के लिए है।

इस रूट पर दानापुर-बिहटा एलिवेटेड रोड (Elevated Road) का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। शिवाला से कन्हौली के बीच पिलर और स्पैन चढ़ाने का काम होना है। चूंकि यह रास्ता संकरा है और ट्रैफिक का दबाव बहुत ज्यादा रहता है, इसलिए सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक को रोकना पड़ा है ताकि निर्माण कार्य तेजी से पूरा हो सके।

अब पटना-आरा आने-जाने के लिए कौन सा रास्ता लें?

घबराने की जरूरत नहीं है! प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए रूट डायवर्जन (Traffic Diversion) का प्लान तैयार किया है। अगर आपको पटना से बिहटा/आरा जाना है या उधर से आना है, तो आप इन दो वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल कर सकते हैं:

1. पहला रास्ता: मनेर-दानापुर रूट

अगर आप सगुना मोड़ या दानापुर स्टेशन की तरफ जाना चाहते हैं, तो यह रास्ता आपके लिए बेहतर है।

रूट: बिहटा चौक ➡️ मनेर ➡️ दानापुर कैंट ➡️ सगुना मोड़/पटना।

किसे फायदा: यह रूट उन लोगों के लिए सही है जो उत्तरी पटना या गंगा किनारे वाले इलाकों से आ-जा रहे हैं।

2. दूसरा रास्ता: नौबतपुर-एम्स रूट

अगर आप अनीसाबाद, फुलवारी शरीफ या पटना बाईपास की तरफ जाना चाहते हैं, तो इस रास्ते को चुनें।

रूट: बिहटा-सरमेरा मोड़ ➡️ नौबतपुर ➡️ एम्स (AIIMS) पटना ➡️ फुलवारी शरीफ।

किसे फायदा: दक्षिण पटना या बाईपास होकर जाने वालों के लिए यह सबसे बेस्ट रूट है।

पटना

यात्रियों के लिए कुछ जरूरी टिप्स

अगले 7 महीनों तक इस रूट पर थोड़ी परेशानी हो सकती है, इसलिए स्मार्ट ट्रैवलिंग के लिए इन बातों का ध्यान रखें:

Google Maps का इस्तेमाल करें: घर से निकलने से पहले मैप पर लाइव ट्रैफिक जरूर चेक करें। डायवर्जन की वजह से वैकल्पिक रास्तों पर भी भीड़ बढ़ सकती है।

समय लेकर निकलें: आम दिनों के मुकाबले अब आपको सफर में 30 से 45 मिनट का एक्स्ट्रा समय लग सकता है।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट: अगर संभव हो तो इस दौरान अपनी कार के बजाय ट्रेन (पटना-आरा मेमू) का इस्तेमाल करें, जो ट्रैफिक जाम से बचने का सबसे अच्छा तरीका है।

दोस्तों, विकास के लिए थोड़ी परेशानी तो उठानी पड़ती है। यह एलिवेटेड रोड बनने के बाद पटना से बिहटा का सफर मिनटों में तय होगा। तब तक के लिए, कृपया ट्रैफिक नियमों का पालन करें और पुलिस द्वारा बताए गए डायवर्जन रूट का ही इस्तेमाल करें।

इस जानकारी को अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ WhatsApp और Facebook पर जरूर शेयर करें ताकि कोई भी जाम में न फंसे!

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तेज प्रताप यादव की पार्टी में बड़ा एक्शन! राष्ट्रीय प्रवक्ता संतोष रेणु निष्कासित, लगा यह गंभीर आरोप

तेज प्रताप यादव

बिहार की राजनीति में हमेशा चर्चा में रहने वाले तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) एक बार फिर सुर्खियों में हैं। अपनी नई पार्टी ‘जनशक्ति जनता दल’ (Janshakti Janta Dal) के जरिए राजनीतिक जमीन तलाश रहे तेज प्रताप ने आज एक कड़ा फैसला लेते हुए अपनी ही पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संतोष रेणु (Santosh Renu) को बाहर का रास्ता दिखा दिया है।

यह खबर इसलिए भी अहम है क्योंकि संतोष रेणु, तेज प्रताप के बेहद करीबी माने जाते थे। आखिर ऐसा क्या हुआ कि रातों-रात इतना बड़ा फैसला लेना पड़ा? आइए जानते हैं पूरा मामला विस्तार से।

तेज प्रताप यादव

क्यों हुई संतोष रेणु पर कार्रवाई?

पार्टी सूत्रों और आधिकारिक बयान के मुताबिक, संतोष रेणु पर भ्रष्टाचार के बेहद गंभीर आरोप लगे हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने पुलिस बहाली (Police Recruitment) के नाम पर कई अभ्यर्थियों से लाखों रुपये की वसूली की है।

तेज प्रताप यादव, जो अपनी नई पार्टी को ‘साफ-सुथरी छवि’ वाली पार्टी के रूप में प्रोजेक्ट कर रहे हैं, ने इस मामले को ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत लिया। जैसे ही यह मामला उनके संज्ञान में आया, उन्होंने तुरंत प्रभाव से संतोष रेणु को पद से हटाने और पार्टी से निष्कासित करने का आदेश जारी कर दिया।

आरोपों की मुख्य बातें:

• पुलिस बहाली में धांधली: संतोष रेणु पर आरोप है कि उन्होंने युवाओं को पुलिस में नौकरी दिलाने का झांसा दिया।

• पैसों का लेनदेन: पीड़ितों का दावा है कि नौकरी के बदले उनसे मोटी रकम की मांग की गई थी।

• पार्टी की छवि को नुकसान: पार्टी हाईकमान का मानना है कि ऐसे कृत्यों से संगठन की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं।

तेज प्रताप यादव का कड़ा संदेश

इस कार्रवाई के जरिए तेज प्रताप यादव ने बिहार की जनता और अपने विरोधियों को एक स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की है। उन्होंने साफ कर दिया है कि उनकी पार्टी ‘जनशक्ति जनता दल’ में भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है, चाहे वह व्यक्ति कितने भी ऊंचे पद पर क्यों न हो।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आरजेडी (RJD) से अलग होने के बाद तेज प्रताप अपनी एक अलग और सख्त प्रशासक वाली छवि बनाना चाहते हैं। यह कदम उसी रणनीति का हिस्सा माना जा सकता है।

तेज प्रताप यादव

संतोष रेणु का राजनीतिक भविष्य?

संतोष रेणु, जो अब तक टीवी डिबेट्स और सोशल मीडिया पर तेज प्रताप यादव का पुरजोर बचाव करते नजर आते थे, अब खुद सवालों के घेरे में हैं। पुलिस बहाली के नाम पर ठगी का आरोप न केवल उनका राजनीतिक करियर खत्म कर सकता है, बल्कि उन पर कानूनी कार्रवाई की तलवार भी लटक सकती है।

क्या संतोष रेणु इन आरोपों पर कोई सफाई देंगे? या फिर यह मामला पुलिस जांच की ओर जाएगा? यह देखना दिलचस्प होगा।

क्या इससे बिहार की राजनीति में बदलाव आएगा? कमेंट करके जरूर बताएं!

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पटना में ठेकेदार रिशु श्री के 9 ठिकानों पर छापेमारी, करोड़ों के लेन-देन की जांच तेज

पटना

बिहार की राजधानी पटना में गुरुवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चर्चित ठेकेदार रिशु श्री उर्फ़ रिशु रंजन सिन्हा से जुड़े कुल 9 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग, कमीशनखोरी और कथित बेनामी संपत्ति के मामले में की गई है।

सूत्रों के मुताबिक ED इस छापेमारी के जरिए कई राज्यों में फैले नेटवर्क की जांच कर रही है, जो सरकारी ठेकों, ट्रांसफर–पोस्टिंग और कमीशन के नाम पर भारी रकम के लेन-देन से जुड़ा बताया जा रहा है।

पटना

कहां-कहां हुई छापेमारी

ईडी की रेड बिहार के अलावा कई राज्यों में फैली:

  • •पटना (बिहार) – मुख्य ठिकाने
  • •दिल्ली–एनसीआर
  • •सूरत और अहमदाबाद (गुजरात)
  • •पानीपत (हरियाणा)

छापेमारी एक साथ कई टीमों द्वारा की गई ताकि दस्तावेज़ों और डिजिटल डेटा को बिना देरी जब्त किया जा सके।

किस मामले में कार्रवाई

  • •रिशु श्री पर आरोप है कि वह सरकारी विभागों में ठेके दिलाने और पोस्टिंग–तबादला कराने के नाम पर भारी कमीशन वसूलता था।
  • •ईडी का मानना है कि इस पैसे को बेनामी संपत्तियों और व्यापारों में निवेश कर सफेद किया जाता था।
  • •कार्रवाई PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम) के तहत की जा रही है।

किन अधिकारियों और नेटवर्क पर भी रेड

  • •सामान्य प्रशासन विभाग के अंडर सेक्रेटरी विनोद कुमार सिंह
  • •रिशु श्री का चार्टर्ड अकाउंटेंट
  • कुछ ट्रैवल एजेंट और कारोबारी, जिनके जरिए पैसा घूमाने की आशंका है
  • जांच टीम मानती है कि इन्हीं कड़ियों के जरिये अवैध धन का लेन-देन चल रहा था।
  • पटना

छापे में क्या मिला

अभी तक रेड में:

  • •नकदी
  • •महत्वपूर्ण फाइलें और दस्तावेज़
  • •डायरी और मोबाइल-लैपटॉप जैसे डिजिटल उपकरण
  • •अवैध लेन-देन और संपर्कों से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं।
  • पिछली कार्रवाई में भी करीब 10–12 करोड़ रुपये नकद, प्रॉपर्टी पेपर और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मिल चुके हैं।

क्यों बढ़ी कार्रवाई? —

रिशु श्री का नाम पहले भी IAS संजीव हंस से जुड़े कथित टेंडर और मनी लॉन्ड्रिंग घोटाले में सामने आया था। उसी जांच के बाद ईडी ने उसकी गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई और अब यह बड़ा एक्शन किया गया है।

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बिहार में नई सरकार का बड़ा फैसला जानिए किसे मिला कौन-सा विभाग

बिहार

बिहार में नई एनडीए सरकार के शपथ ग्रहण के बाद मंत्रालयों का बँटवारा आधिकारिक रूप से जारी कर दिया गया है। इस बार सबसे बड़ा और चौंकाने वाला फैसला रहा—उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को गृह मंत्रालय (Home Department) की कमान देना। लगभग 20 साल में यह पहली बार है जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गृह विभाग अपने पास नहीं रखा। गृह मंत्रालय राज्य की कानून-व्यवस्था, पुलिस प्रशासन, खुफिया विभाग और आंतरिक सुरक्षा का सबसे महत्वपूर्ण और प्रभावशाली विभाग माना जाता है, जिसे अब सम्राट चौधरी संभालेंगे। राजनीतिक तौर पर इसे भाजपा के लिए भी बड़ी जीत समझा जा रहा है।

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कैबिनेट में किसे मिला कौन-सा विभाग — पूरी सूची-

उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी

गृह मंत्रालय (Home Department)

(कानून-व्यवस्था, पुलिस, सुरक्षा और आंतरिक प्रशासन की जिम्मेदारी)

1. विजय कुमार सिन्हा (उपमुख्यमंत्री)

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भूमि एवं राजस्व विभाग

खान एवं भू-तत्त्व विभाग

2. मंगल पांडे

स्वास्थ्य विभाग

विधि विभाग

3. दिलीप जयसवाल

उद्योग विभाग

4. नितिन नवीन

पथ निर्माण विभाग

नगर विकास एवं आवास विभाग

5. रामकूपाल यादव

कृषि विभाग

6. संजय टाइगर

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श्रम संसाधन विभाग

7. अरुण शंकर प्रसाद

पर्यटन विभाग

कला, संस्कृति एवं युवा विभाग

8. सुरेन्द्र मेहता

पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग

9. नारायण प्रसाद

आपदा प्रबंधन विभाग

10. रमा निषाद

पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग

11. लखेन्द्र पासवान

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग

12. श्रेयसी सिंह

सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (आईटी विभाग)

खेल विभाग

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13. प्रमोद चंद्रवंशी

सहकारिता विभाग

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग

सरकार के फैसले का संकेत: सुरक्षा और विकास पर बड़ा फोकस-

राज्य सरकार ने जिन विभागों का बँटवारा किया है, उससे ये साफ दिखाई देता है कि आने वाले समय में कानून-व्यवस्था, बुनियादी ढाँचा, स्वास्थ्य सेवाएँ, पर्यटन, आईटी और कृषि सुधार सरकार की प्राथमिकता में रहेंगे।गृह मंत्रालय उपमुख्यमंत्री को सौंपे जाने से यह भी संकेत मिलता है कि सरकार अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाने के मूड में है।

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नीतीश कुमार का इस्तीफा😱—लेकिन 20 नवंबर को सीएम……:-Bihar Political Earthquake:

नीतीश कुमार

बिहार की राजनीति एक बार फिर बड़े भूचाल का सामना कर रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को अपने पूरे मंत्रिपरिषद के साथ राज्यपाल को अचानक इस्तीफा सौंप दिया, साथ ही विधानसभा भंग करने की भी सिफारिश कर दी। इस कदम ने न सिर्फ राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी, बल्कि यह सवाल भी खड़ा कर दिया—आखिर इस “पॉलिटिकल रीसेट” की जरूरत क्यों पड़ी?

नया पावर इक्वेशन:

NDA के साथ वापसी, साझा सत्ता का फॉर्मूला तैयार सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार एक बार फिर NDA के सपोर्ट से मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। BJP–JDU के बीच 50-50 सत्ता साझेदारी पर सहमति बन चुकी है और लोजपा, HAM समेत अन्य घटक दलों को भी नई सरकार में जगह मिलने की संभावना है।
20 नवंबर को पटना के गांधी मैदान में होने वाला भव्य शपथ ग्रहण समारोह राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियाँ बनाएगा—जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई बड़े नेता शामिल होंगे।

नीतीश कुमार

10वीं बार CM—नीतीश का नया रिकॉर्ड और सत्ता का संकेत

नीतीश कुमार अपने राजनीतिक करियर में 10वीं बार मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने जा रहे हैं—जो उन्हें बिहार की राजनीति का सबसे स्थिर और प्रभावशाली चेहरा साबित करता है। नई कैबिनेट में इस बार युवा चेहरों और अनुभवी नेताओं का मिश्रण देखने को मिल सकता है, ताकि प्रशासनिक गति और विकास एजेंडा दोनों मजबूत किया जा सके।

विपक्ष का वार बनाम NDA का जवाब

जहाँ विपक्ष इसे “कुर्सी बचाने की राजनीति” बता रहा है, वहीं समर्थकों का दावा है—
“स्थिरता, सुशासन और गठबंधन धर्म के लिए यह रीसेट जरूरी था।”
बिहार के लोग अब यह देखना चाहते हैं कि नई सरकार अगले पाँच साल का रोडमैप कितनी मजबूती से तय करती है।

जनता की नज़रें विकास पर

नई सरकार की चुनौती साफ है—
रोजगार, शिक्षा, अपराध नियंत्रण, बाढ़ प्रबंधन और बुनियादी ढांचे जैसे बड़े मुद्दों पर ठोस काम।
20 नवंबर के बाद बिहार की दबंग राजनीति में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है—क्या यह अध्याय उम्मीदों को सच करेगा, या फिर सिर्फ समीकरणों का खेल बनेगा?

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बिहार में RJD की नवनिर्वाचित विधायक-बैठक: तेजस्वी यादव को विधायक दल का नेता चुना गया

बिहार

17 नवंबर 2025 — बिहार की सियासत में आज RJD (राष्ट्रीय जनता दल) ने एक अहम मोड़ लिया है। सोमवार को पटना स्थित तेजस्वी यादव के सरकारी आवास (पोलो रोड) पर हुई सांसदों और नवनिर्वाचित विधायकों की समीक्षा बैठक में, तेजस्वी यादव को सर्वसम्मति से RJD विधायक दल का नेता चुना गया। इस फैसले के साथ ही वह बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाने की दिशा में अग्रसर हो गए हैं।

बैठक का माहौल और उपस्थित लोग

बैठक में RJD के शीर्ष नेता मौजूद थे — जिनमें पार्टी के संरक्षक लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, सांसद मीसा भारती, जगदानंद सिंह और मंगनीराम मंडल जैसे वरिष्ठ नेता शामिल थे। इस प्रकार की व्यापक भागीदारी इस बात का संकेत देती है कि RJD अपने भविष्य की रणनीति को बेहद गंभीरता से ले रही है और तेजस्वी यादव पर भरोसा बरकरार रखना चाहती है।

चुनावी हार की समीक्षा

बैठक में RJD ने हाल ही में संपन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव में अपने निराशाजनक प्रदर्शन का गहराई से मंथन किया। पार्टी ने 143 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन सिर्फ 25 सीटें ही जीतीं। इस हार के कारणों पर चर्चा करते हुए, नेताओं ने यह माना कि RJD चुनावी संदेश को लोगों तक ठीक तरह से नहीं पहुंचा पाई।

विशेष रूप से, पार्टी के अंदर मतदान रणनीति, प्रचार की गहराई और मिशन-मैसेजिंग पर सवाल उठे। कुछ स्रोतों के मुताबिक, EVM की गड़बड़ी, चुनाव आयोग की भूमिका और सीमांचल क्षेत्र में अन्य पार्टियों की बढ़ती ताकत को भी जिम्मेदार माना गया है।

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नेता प्रतिपक्ष की स्थिति पुख्ता

तेजस्वी यादव के विधायक दल के नेता चुने जाने के साथ ही, वह बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह योग्य बन गए हैं। चूंकि बिहार विधानसभा में कुल 243 सीटें हैं, और किसी दल को नेता प्रतिपक्ष का दर्जा पाने के लिए कम-से-कम 10% यानी लगभग 25 सीटें चाहिए होती हैं, तो RJD का 25 विधायकों के बतौर पहुंच बनाना खास महत्व रखता है। नेता प्रतिपक्ष बनने पर तेजस्वी को विधान सभा में अहम भूमिका मिलेगी — वह सरकार को घेरने, उसकी नीतियों पर आपत्तियाँ उठाने और जनता-विरोधी कदमों की आलोचना करने का संवैधानिक दायित्व निभाएंगे।

आगे की राह और रणनीति

बैठक में सिर्फ हार का आकलन ही नहीं किया गया, बल्कि आगामी राजनीतिक रणनीति को भी आकार देने की पहल की गई है। Outlook की रिपोर्ट के अनुसार, तेजस्वी यादव ने MLAs (जीते हुए विधायकों) से एकजुटता बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को यह संदेश दिया है कि अब RJD को एक जिम्मेदार, रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाने की आवश्यकता है — न कि सिर्फ हार का रोना रोने की।साथ ही, कुछ रिपोर्ट्स यह भी कह रही हैं कि RJD चुनावी नतीजों पर अदालत में चुनौती देने की तैयारी कर रही है, खासकर उन आरोपों के संबंध में कि चुनाव में अनियमितताएँ हुई थीं।

इस कदम का मतलब साफ है: RJD सिर्फ भीतर-मंथन में ही नहीं फँसी है, बल्कि अगली लड़ाई की तैयारी भी शुरू कर चुकी है।

राजनीतिक मायने और असर

तेजस्वी यादव को फिर से विधायक दल का नेता बनाने का निर्णय यह दर्शाता है कि RJD ने उनपर अपना पुल-फिर से लगाया है, भले ही चुनाव में बड़ी निराशा रही हो।लालू प्रसाद यादव और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी इस बात की पुष्टि करती है कि परिवार और शीर्ष नेतृत्व ने तेजस्वी की पकड़ को मजबूत किया है।

इसका अर्थ यह भी है कि RJD भविष्य में कांग्रेस और अन्य गठबंधन सहयोगियों के साथ अपनी भूमिका को फिर से खड़ा करने की योजना बना रही है।विपक्ष में मजबूत उपस्थिति के साथ, RJD अब सरकार की नीतियों को चुनौती देने, जनहित के मुद्दों को उठाने और संभावित अगली चुनावी रणनीति बनाने में मध्यवर्ती भूमिका निभा सकती है।

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बिहार बोर्ड 2026 डेटशीट जल्द जारी होगी: कक्षा 10वीं–12वीं के छात्र रहें तैयार, जानें क्या है पूरी अपडेट

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बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) जल्द ही कक्षा 10वीं (मैट्रिक) और 12वीं (इंटरमीडिएट) की 2026 बोर्ड परीक्षा डेटशीट जारी करने वाला है। लाखों छात्र इस घोषणा का इंतज़ार कर रहे हैं, और बोर्ड ने संकेत दिया है कि समय सारणी जल्द ही ऑनलाइन उपलब्ध होगी।

कब जारी होगी डेटशीट?

पिछले कई सालों के ट्रेंड को देखते हुए, उम्मीद है कि BSEB दिसंबर 2025 की शुरुआत में ही 2026 की परीक्षा डेटशीट जारी कर देगा। पिछले साल (2025 परीक्षा के लिए) डेटशीट 7 दिसंबर 2024 को जारी हुई थी। इस बार भी लगभग इसी समय डेटशीट आने की संभावना है।

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परीक्षाएं कब होंगी?

रिपोर्ट्स और पिछले पैटर्न के अनुसार: कक्षा 12 की परीक्षाएं: फरवरी 2026 की शुरुआत में. कक्षा 10 की परीक्षाएं: फरवरी 2026 के मध्य में कुछ शैक्षणिक पोर्टलों का अनुमान है कि 10वीं की परीक्षा 17 फरवरी 2026 से 25 फरवरी 2026 के बीच हो सकती है।

परीक्षा का समय क्या रहेगा?

बीएसईबी हर साल की तरह इस बार भी परीक्षाएं दो शिफ्टों में कर सकता है:

  • पहली पाली: सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक.
  • दूसरी पाली: दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक.

थ्योरी परीक्षाओं के साथ बोर्ड जल्द ही प्रैक्टिकल परीक्षा की तारीखें भी जारी करेगा। प्रैक्टिकल परीक्षा स्कूलों में ही आयोजित की जाएंगी।

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डेटशीट कहां से डाउनलोड करें?

जैसे ही डेटशीट जारी होगी, छात्र इसे यहां से PDF फॉर्म में डाउनलोड कर सकेंगे:

biharboardonline.com

biharboardonline.bihar.gov.in

छात्रों को सलाह है कि वे नियमित रूप से वेबसाइट चेक करते रहें और पढ़ाई का टाइमटेबल पहले से तैयार कर लें।

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